ITR-4INS@Hindi

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                           आयकर िववरणी 4 फामर् भरने क िलए अनुदेश


                                                       े
          ये अनुदेश इस िववरणी ूपऽ में ब्यौरों को भरने क िलए िदशािनदेर् श है ।कोई संदेह होने
                                         े
की िःथित में, कृ पया आयकर अिधिनयम, 1961 क संगत उपबंधों तथा आयकर िनयमावली, 1962
का अवलोकन करें ।
1.                          े
       कर िनधार्रण वषर् िजसक िलए यह फामर् लागू है
                 े                            े
       यह फामर् कवल कर-िनधार्रण वषर् 2010-11 क िलए ही लागू है । अथार्त यह िवत्त वषर्
2009-10 में अिजर्त आय से संबंिधत है ।

2.     इस फामर् का उपयोग कौन कर सकता है ।
                                                     े
       एक व्यिष्ट अथवा िहन्द ू अिवभािजत पिरवार होने क नाते इस फामर् का उपयोग कोई व्यिक्त कर
सकता है        जो संपित्त का कारोबार अथवा व्यवसाय कर रहा है ।

3.     अनुबंध रिहत फामर्
                 े
       इस फामर् क साथ कोई दःतावेज़ (िजसमें टी डी एस/टी सी एस ूमाण पऽ, लेखा परीक्षा िरपोटर्
भी शािमल है ) संलग्न नहीं करना चािहए । िववरणी ूाप्त करने वाले अिधकारी को अनुदेश िदया गया है
                े
िक वह इस फामर् क साथ संलग्न िकए गए सभी दःतावेज़ को उससे अलग कर दे तथा कर-िनधार्िरती
को उसे वापस कर दे ।

4.                                            े
       इस फामर् को िनम्निलिखत में से िकसी तरीक से आयकर िवभाग को ूःतुत िकया जा सकता
है :
  (i) कागज़ी रूप में िववरणी ूःतुत करक    े
                             े                    े
  (ii) िडिजटल हःताक्षर क अंतगर्त इलेक्शािनक तरीक से िववरणी ूःतुत करक      े
                          े                            े        े
  (iii) इलेक्शॉिनक तरीक से िववरणी में आंकड़े ूेिषत करक तथा उसक बाद फामर् आयकर
                                े
        िववरणी-V में िववरणी क ूःतुतीकरण का सत्यापन करना
  (iv) बार-कोडे ड कागज़ी िववरणी ूःतुत करक ।े
                                      े
        जहाँ 5 (iii) में उिल्लिखत तरीक से फामर् ूःतुत िकया जाता है , वहाँ आपको फामर् आयकर
        िववरणी-V की दो ूितयाँ तैयार करनी होंगी । आ.क.िव.V की एक ूित कर िनधार्िरती द्वारा
       िविधवत हःताक्षिरत होनी चािहए तथा साधारण डाक से पोःट बैग-1, इलैक्शािनक िसटी
       कायार्लय बंगलुरू-560100 (कनार्टक को भेजी जानी चािहए । दसरी ूित कर िनधार्िरती
                                                              ू
                 े         े
       द्वारा उसक िरकाडर् क तौर पर अपने पास रखी जा सकती है ।


5.     पावती भरना
                                                           े                                े
             जहाँ फामर् 5 (i) अथवा 5 (iv) में उिल्लिखत तरीक से भरा जाता है , वहाँ इस फामर् क साथ
संलग्न पावती िःलप िविधवत ् भरी जानी चािहए ।
6.                             े
             इस फामर् को भरने क िलए कोड
                         े                  े
             संगत कोडों क आधार पर िकस धारा क तहत िववरणी भरी जा रही है इसका ब्यौरा ूपऽ
 े
क 'भरने की िःथित' शीषर् में भरा जाना चािहए ।
                       े            े
        (i) उन धाराओं क िलए कोड िजनक अंतगर्त िववरणी दािखल की जाती है , िनम्नवत है :

बम सं.                   ै
                 िववरणी कसे भरी गई है                                         कोड
        i.                  े
                  धारा 139 क तहत िनयत ितिथ ( 31.7.2007) से पूवर् ःवैिच्छक रूप 11
                 से
     ii.                   े               े
                 धारा 139 क तहत िनयत ितिथ क बाद ःवैिच्छक रूप से                  12
     iii.                       े               े
                 धारा 142 ( 1) क अंतगर्त नोिटस क संबंध में                       13
      iv                   े                े
                 धारा 148 क तहत जारी नोिटस क संबंध में                           14
      v.                    े                े
                 धारा 153क क तहत जारी नोिटस क संबंध में                          15


7(i)                                                        े       े
             भाग-क-कारोबार ःवरूप में भरे जाने वाले कारोबार क ःवरूप क कोड िनम्नवत हैं :
क्षेऽ                 उपक्षेऽ                                                    कोड
  ( 1)                कृ िष आधािरत उद्योग                                        0101
िविनमार्ण             ऑटोमोबाइल तथा ऑटोपाट्सर्                                   0102
उद्योग                सीमेंट                                                     0103
                      डायमंड किटं ग                                              0104
                      सग्स तथा फामार्ःयूिटकल्स                                   0105
                       ं
                      कप्यूटर हाडर् वेयर सिहत इलेक्शॉिनक्स                       0106
                      इं जीिनयिरं ग सामान                                        0107
                      उवर्रक, रसायन तथा पेंट्स                                   0108
                      आटा तथा चावल िमलें                                         0109
                      खाद्य ूसंःकरण यूिनटें                                      0110
                      माबर्ल तथा मेनाइट                                          0111
                      कागज़                                                       0112
                      पेशोिलयम तथा पेशो रसायन                                    0113
                      िबजली तथा ऊजार्                                            0114
                      मुिण तथा ूकाशन                                             0115
                      रबड़                                                        0116
                इःपात                                       0117
                  र्
                शकरा                                        0118
                चाय तथा कॉफी                                0119
                वस्तर्, हथकरघा तथा िबजलीकरघा                0120
                तंबाकू                                      0121
                टायर                                        0122
                वनःपित तथा खाद्य तेल                        0123
                अन्य                                        0124
( 2) व्यापार    चेन ःटोसर्                                  0201
                         े
                खुदरा िवबता                                 0202
                       े
                थोक िवबता                                   0203
                अन्य                                        0204
( 3) आढ़ती       सामान्य आढ़ती                                0301
( 4) भवन        भवन िनमार्ता                                0401
िनमार्ता        संपदा एजेंट                                 0402
                ूापटीर् डे वेलपसर्                          0403
                अन्य                                        0404
(5)संिवदाकार िसिवल संिवदाकार                                0501
                उत्पाद शुल्क संिवदाकार                      0502
                वन संिवदाकार                                0503
                खनन संिवदाकार                               0504
                अन्य                                        0505
(6)             चाटर् डर् एकाउं टें ट्स, लेखा परीक्षक आिद   0601
   े
ूोफशनल           ै
                फशन िडज़ाइनर                                 0602
                        े
                िविध ूोफशनल                                 0603
                            े
                िचिकत्सा ूोफशनल                             0604
                निसर्ंग होम                                 0605
                िविशष्ट अःपताल                              0606
                अन्य                                        0607
( 7) सेवा क्षेऽ िवज्ञापन एजेंिसयाँ                          0701
                ब्यूटी पालर्र                               0702
                 ं
                कसल्टें सी सेवाएं                           0703
                    ू
                   किरयर सेवाएं                                                0704
                    ं
                   कप्यूटर ूिशक्षण/शैक्षिणक तथा कोिचंग संःथान                  0705
                   फौरै क्स डीलसर्                                             0706
                   आितथ्य सेवाएं                                               0707
                   होटल                                                        0708
                   सूचना ूौद्योिगकी आधािरत सेवाएं, बी पी ओ सेवा ूदाता          0719
                   िसक्योिरिट सेवाएं                                           0710
                   सॉफ्टवेयर डे वेलपमेंट एजेंिसयाँ                             0711
                   शांसपोटर् सर्                                               0712
                                  ू
                   शे वेल एजेंट, टर ऑपरे टसर्                                  0713
                   अन्य                                                        0714
    ( 8) िवत्तीय        ं  ं
                   बैंिकग कपिनयां                                              0801
सेवा क्षेऽ              ं
                   िचट फड्स                                                    0802
                   िवत्तीय संःथाएं                                             0803
                   िवत्तीय सेवा ूदाता                                          0804
                           ं
                   लीिज़ंग कपिनयाँ                                              0805
                   मनी लेंडसर्                                                 0806
                            ं        ं
                   गैर-बैंिकग िवत्त कपिनयाँ                                    0807
                   शेयर ॄोकसर्, सब शेयर ॄोकसर्, .इत्यािद                       0808
                   अन्य                                                        0809
( 9)                े
                   कबल टी वी ूोडक्शन्स                                         0901
मनोरं जन           िफल्म िडःशीब्यूशन                                           0902
उद्योग             िफल्म ूयोगशालाएं                                            0903
                   मोशन िफल्म िनमार्ता                                         0904
                   टे लीिवज़न चैनल्स                                            0905
                   अन्य                                                        0906


                 ू                                े                      े
      (ii) अनुसची एस.आई. 1 में उन धाराओं क िलए कोड जो उनमें उिल्लिखत आय क िलए कर की
           िवशेष दरें िविहत हैं , िनम्नवत ् हैं :
बम        आय का ःवरूप                                      धारा         कर की         धारा
सं.                                                                     दर            कोड
1                                   े
          मान्यता ूाप्त भिवंय िनिध क संिचत शेष पर कर       111          चौथी          1
                                                                            ू
                                                                        अनुसची
                                                                           े
                                                                          क भाग
                                                                          कके
                                                                          िनयम 9
                                                                          (1) के
                                                                          अनुसार
                                                                          संगिणत
                                                                          की जानी
                                                                          है
2   अल्पकािलक पूंजीगत अिभलाभ                            111क              10        1क
3   दीघर्कािलक पूँजीगत अिभलाभ ( सूची सिहत)              112               20        21
4                                     े
    दीघर्कािलक पूँजीगत अिभलाभ ( सूची क िबना)            112               10        22
5   िवदे शी मुिा में यूिनटों की खरीद से लाभांश, ब्याज   115क (1) (क) 20             5क1क
    तथा आय
6   रॉयल्टी अथवा तकनीकी सेवाओं से आय जहॉ                िवत्त अिधिनयम     50        चक
             े
    रॉयल्टी क मामले में करार 31.3.1961 से               की ूथम
                 े
    43म1.3.1976 क बीच और 29.2.1964 तथा                      ू   े
                                                        अनुसची क भाग
               े
    31.3.1976 क बीच िनंपन्न हआ है और करार
                             ु                          1 का पैरामाफ ई
     े
    कन्ि सरकार द्वारा अनुमोिदत है ।                     II
7   रॉयल्टी तथा तकनीकी सेवाओं से आय                     115 ( 1) ( 30               5क1ख1
                                                        ख) यिद करार
                                                        31.5.1997 को
                                                        अथवा उससे पूवर्
                                                        िनंपन्न हआ है
                                                                 ु
                                                        ।
8   रॉयल्टी तथा तकनीकी सेवाओं से आय                     115क (1)(ख)       20        5क1ख2
                                                        यिद करार
                                                        31.5.1997 को
                                                        अथवा उसके
                                                        बाद िकन्तु
                                                        1.6.2005 से
                                                        पूवर् िनंपन्न
                                                        हआ है ।
                                                         ु
9   रॉयल्टी तथा तकनीकी सेवाओं से आय                     115क (1)(ख)       10        5क1ख3
                                                               यिद करार
                                                               1.6.2005 को
                                                               अथवा उसके
                                                               बाद हआ है ।
                                                                    ु
10    िकसी अपतटीय िनिध द्वारा िवदे शी मुिा में यूिनटों 115क ख                10       5कख1क
               े
      की खरीद क संबंध में ूाप्त आय                             (1)(क)
11    िकसी अपतटीय िनिध द्वारा िवदे शी मुिा में यूिनटों 115 क ख               10       5कख1ख
               े
      की खरीद क हःतांतरण से उद्भत होने वाले (1)(ख)
                                ू
                                 े
      दीघर्कािलक पूँजीगत अिभलाभ क रूप में आय
12    िवदे शी मुिा में बांडों अथवा जी डी आर की खरीद से 115 क ग (1)           10       5कग
                            े
      आय अथवा िकसी अिनवासी क मामले में उनके
                े             े
      हःतांतरण क मामले में उनक हःतान्तरण से उद्भत
                                                ू
      पूँजीगत अिभलाभ
13    िवदे शी मुिा में जी डी आर की खरीद से आय अथवा             115 क ग क     10       5कगक
                   े             े
      िकसी िनवासी क मामले में उनक हःतान्तरण से                 (1)
      उद्भत पूँजीगत अिभलाभ
          ू
14                       े
      जीवन बीमा कारोबार क लाभ तथा अिभलाभ                       115ब          12.5     5ख
15    लॉटिरयों, शद्ब वगोर्ं, पहे िलयों, दौड़ों िजनमें घुड़दौड़,   115 ख         30       5खख
      काडर् गेम्स तथा अन्य ूकार का कोई खेल अथवा
      जुआ अथवा कोई अन्य ूकार की बाजी अथवा
      उसका ःवरूप चाहे जैसा कोई हो, शािमल है , से
      जीत
16    अिनवासी िखलाड़ी अथवा खेल संघों पर कर                      115 ख ख क     10       5खखक
17                      े
      भारतीय यूिनट शःट क िकसी ओपन एन्डे ड                      115 ख ख ख     10       5खखख
                      ं                ं
      इिक्वटी उन्मुख फड अथवा म्युचुअल फड की
      यूिनटों से ूाप्त आय पर कर
18    गुप्त दान                                                115 ख ख ग     30       5खखग
19    िनवेश आय                                                 115ड. ( क)    20       5ड.क
20                                े
      दीघर् कािलक पूँजीगत अिभलाभ क रूप में आय                  115ड. ( ख)    10       5ड.ख
21    दोहरा कराधान करार                                                               डीटीएए
                                         ू                                े
 (iii) वािषर्क सूचना िववरणी की अनुसची में िनम्निलिखत संव्यवहारों क ब्यौरे , यिद कोई हो,
             े                        े
       आपक द्वारा िवत्त वषर् 2008-09 क दौरान ूिवष्ट िकए गए हैं , ूिवष्ट िकए जाने हैं । ( यिद कोई
       संव्यवहार ूिवष्ट नहीं िकया गया है तो कृ पया इस मद में संगत कॉलम को खाली छोड़ दें )
बम सं.     कोड           संव्यवहार का ःवरूप
1          001                     ं  ं               ं
                         िकसी बैंिकग कपनी िजस पर बैंिकग िविनयमन अिधिनयम, 1949                  (1949
                         का 10) लागू होता है ( िजनमें उक्त अिधिनयम की धारा 51 में उिल्लिखत
                                            ं                             े
                         कोई बैंक अथवा बैंिकग संःथा भी शािमल हैं ) में आपक बचत खाते में िकसी
                                   ु
                         वषर् में कल दस लाख रूपए अथवा इससे अिधक की नकद जमा रािश
2          002           िकसी बिडट काडर् क संबंध में उठी िबलों में आपक द्वारा िकसी वषर् में कल दो
                               े          े                           े                      ु
                         लाख रूपए अथवा इससे अिधक का िकया गया संदाय
3          003              े
                         आपक म्यूचअल फड की यूिनटों की खरीद क िलए दो लाख रूपए अथवा
                                  ु   ं                     े
                         इससे अिधक रािश का िकया गया संदाय
4          004              े
                         आपक द्वारा बांडों की अिधूािप्त अथवा िकसी कपनी अथवा संःथा द्वारा जारी
                                                                   ं
                                         े
                         िकए गए ऋण पऽों क िलए 3 लाख रूपए अथवा इससे अिधक रािश का िकया
                         गया संदाय
5          005                 ं    े                                        े       े
                         िकसी कपनी क द्वारा जारी िकए गए शेयरों की अिधूािप्त क िलए आपक द्वारा
                         एक लाख रूपए अथवा इससे अिधक रािश का िकया गया संदाय
6          006           30 लाख रूपए अथवा इससे अिधक की मूल्यांिकत िकसी अचल संपित्त की
                            े
                         आपक द्वारा खरीद
7          007           30 लाख रूपए अथवा इससे अिधक की मूल्यांिकत िकसी अचल संपित्त की
                            े
                         आपक द्वारा िबबी ।
8          008                                                                   े
                         भारतीय िरजवर् बैंक द्वारा जारी िकए गए बांडों में िनवेश क िलए िकसी वषर् में
                                                              े
                         5 लाख रूपए अथवा इससे अिधक रािश का आपक द्वारा िकया गया संदाय


8.       कानून की संिक्षप्त ःकीम - इस फामर् को भरने से पूवर् आपको िहदायत दी जाती है िक
िनम्निलिखत को ध्यान से पढ़ लें -


(1)       ु
         कल आय की संगणना
                                                                      े
     (क) “ पूवर् वषर्” वह िवत्तीय वषर् (1 अूैल से 31 माचर् तक) है िजसक दौरान संगत आय अिजर्त
                                                                               े
           की गई है । “ कर-िनधार्रण वषर्” वह िवत्त वषर् होता है जो पूवर् वषर् क ठीक बाद आता है ।
          ु
     (ख) कल आय की संगणना िनम्निलिखत बम में िनम्नानुसार की जानी है                 :

                े                     े
     (i) आय क िनिम्निलिखत शीषोर्ं क अंतगर्त आय की सभी मदों को वगीर्कृत करें - ( क) वेतन (ख)
         “ गृह संपित्त से आय”;( ग) कारोबार अथवा व्यवसाय से लाभ और अिभलाभ;( घ) “पूँजीगत-
                                                            े
         अिभलाभ”; और ( ड.) “ अन्य ॐोतों से आय” । (आय क एक अथवा (क),(ख),(घ) तथा(ड.)
          े                       े
         क मदों में अिधक शीषोर्ं क अंतगर्त कोई आय नहीं हो सकती है )
           ू             े              े                             र्
  (ii) अनुसिचयों में आय क ूत्येक शीषर् क अंतगर्त चालू वषर् (अथार्त पूववतीर् वषर्) की कराधेय
                                          ू
        आय की संगणना अलग से करें । ये अनुसिचयां इस ूकार तैयार की गई हैं तािक आयकर
        अिधिनयम क उपबंधों क अनुसार आपको संगणना करने में मदद िमल सक । इन सांिविधक
                 े         े                                      े
        उपबंधों में यह िनिश्चत िकया गया है िक आपकी आय में क्या शािमल िकया जाना है , व्यय
              ू  े
        अथवा छट क तौर पर आप िकसका दावा कर सकते हैं और िकतना दावा कर सकते हैं ।
                                       े                                    े
  (iii) कानून द्वारा िविहत ूिबयाओं क अनुसार चालू वषर् की मदवार आय ( आयों) क सामने चालू
                                                                       े
        वषर् की मदवार क्षित ( क्षितयों) का ूिततुलन करें । ऐसे ूिततुलन क िलए अलग से एक
            ू
        अनुसची दी गई है ।
                                  े          र्                               े
 (iv) कानून द्वारा िविहत ूिबयाओं क अनुसार पूववतीर् कर-िनधार्रण वषर् (वषोर्ं) क ूिततुलन, क्षित
                           ू   ू                                 े
      (क्षितयों तथा/अथवा छट ( छटों) को अमेनीत िकया जाता है । इसक अितिरक्त, क्षित (क्षितयों)
                     ू   ू
      तथा/अथवा छट (छटों) की गणना करें िक भिवंय में उनका ूिततुलन िकया जा सक और          े
                                    े                                       े
        कानून द्वारा िविहत ूिबयाओं क अनुसार उन्हें अमेनीत िकया जाना है । इसक िलए
            ू
        अनुसिचयाँ अलग से दी गई हैं
          र्        े
  (v) उपयुक्त (iv) क पश्चात ् यथा उपलब्ध शीषर्वार अंितम पिरणामों का योग करें । इससे आपको
         ु
        कल सकल आय ूाप्त होगी ।
                                े                                       े
 (vi) कानून द्वारा िविहत ूिबया क अनुसार कुल सकल आय से आयकर अिधिनयम क अध्याय
                                                                    े
      VI क में उिल्लिखत कटौितयां घटाएं । यह पिरणाम कुल आय होगी । इसक अितिरक्त दर
                 े
        ूयोजनों क िलए कृ िषजिनत आय की संगणना करें ।


(2)         े               े
        कर क िलए ूभायर् आय क संबंध में आयकर, अिधभार, माध्यिमक एवं उच्च िशक्षा उपकर
        सिहत तथा ब्याज की संगणना


      (क) सकल आय पर दे य आयकर की संगणना करें । कर की िवशेष दरें कितपय िविनिदर् ष्ट मदों
                                                    े       े
           पर लागू हैं । कर संगणना की ूिबया में दर क ूयोजन क िलए यथा िविहत कृ िष जिनत
           आय को शािमल करें ।
                                     र्
      (ख) कानून द्वारा यथा िविहत उपयुक्त दे य कर पर अिधभार जोड़ें ।
      (ग) संदेय कर जमा अिधभार पर यथा िविहत माध्यिमक एवं उच्च िशक्षा उपकर सिहत
           िशक्षा उपकर जोड़े ।
                                                         े
      (घ) कानून द्वारा यथा िविहत वषर् अथवा दोहरे कराधान क दौरान ूाप्त बकाया रािश, अथवा वेतन
                   े
           अिममों क फलःवरूप राहत ( राहतों) का दावा करें और शेष कर तथा दे य अिधभार की
           संगणना करें ।
                                                        ु
      (ङ) कानून द्वारा यथा िविहत दे य ब्याज जोड़ें तािक कल कर, अिधभार तथा दे य ब्याज
                       े
           िनकाला जा सक ।
      (च)   पूवर् संदत्त कर, यिद कोई हो, जैसे “ ॐोत पर की गई कर कटौती”, “ अिमम कर” तथा “
            ःव िनधार्रण कर” की रािश को घटाएं । पिरणाम दे य कर (अथवा ूित अदायगी) होगा।


(3)     िववरणी दािखल करने की बाध्यताएं


      (क) ूत्येक व्यिष्ट और अिवभािजत िहन्द ू पिरवार को अपनी िववरणी दािखल करनी होगी यिद
            धारा 10 क अथवा धारा 10 ख अथवा धारा 10खक अथवा अध्याय VI- क( अथार्त ् यिद
                ू                      ू
            अनुसची 10 क की मद 6 की अनुसची 10 क की मद च द्वारा यथाविधर्त भाग ख-न झ की
                                     ु
            मद 10 में उिल्लिखत उसकी कल सकल आय) उस अिधकतम रािश से अिधक होती है जो
                  े                                        े
            आयकर क िलए ूभायर् नहीं है ( 65 वषर् से कम आयु क व्यिष्ट ( मिहलाओं से िभन्न) तथा
                                     े
            िहन्द ू अिवभािजत पिरवार क मामले में 1,60,000/-रू. तथा 65 वषर् से कम आयु की मिहला
             े                                                                 े
            क मामले में 1,90,000/-रू. तथा ऐसे व्यिष्ट जो िवत्तीय वषर् 2009-10 क दौरान िकसी समय
                                               े
            65 वषर् की आयु अथवा इससे अिधक आयु क मामले में 2,40,000/-रू.)
                                            े
      (ख) हािनयाँ, यिद कोई हों, ( इस फामर् क भाग ख-न झ की मद 15) को तब तक अमेनीत करने
            की अनुमित नहीं दी जाएगी जब तक िनयत ितिथ को अथवा इससे पूवर् िववरिणयाँ भरी
            नहीं जाती हैं ।
                                                                े
      (ग) धारा 10 क, 10 ख, 80 झ क, 80 झ क ख, 80 झ ख तथा 80 झ ग क अंतगर्त कटौती की
            अनुमित तब तक नहीं दी जाएगी जब तक िनयत ितिथ को अथवा उससे पूवर् िववरणी
            दािखल नहीं की जाती हैं ।

9.      इस फामर् की ःकीम
                                                                            े
        इस फामर् की ःकीम में कानून की ःकीम का अनुसरण िकया गया है जैसा िक इसक मौिलक
                                                                                   े
फामर् में ऊपर कहा गया है । इस फामर् को दो भागों में िवभक्त िकया गया है । इन भागों क ब्यौरे तथा
    ू
अनुसिचयाँ िनम्नवत हैं :-
      (i) भाग-क में पाँच उप ूभाग हैं जो िनम्नवत ् हैं :-
              (क) भाग क-सामान्य का मुख्य आशय अपेिक्षत पहचान वाली सामान्य सूचना तथा
                     अन्य आंकड़ों से है ।
                                                                  े
              (ख) भाग क-खघ का आशय िदनांक 31 माचर्, 2010 की िःथित क अनुसार तुलनपऽ
                     से है ।
              (ग)                                             े
                      भाग क-त तथा ढ का आशय िवत्त वषर् 2009-10क िलए लाभ तथा हािन लेखा के
                     संबंध में सूचना से है ।
                                                                  े
              (घ) भाग क-ण झ का आशय अन्य सूचना से है । धारा 44 कख क अंतगर्त यह लेखा
                              े
                     परीक्षा क िलए वैकिल्पक है अन्यथा जरूरी नहीं है
                                                            े                 े
            (ङ) भाग-क-धध का आशय व्यापारकृ त माल की ूमुख मद क माऽात्मक ब्यौरे क बारे
                  में सूचना से है । धारा           े                      े
                                           44 क ख क अंतगर्त लेखा परीक्षा क िलए यह
                  वैकिल्पक है अन्यथा ज़रूरी नहीं है ।
                                 े               े
  (ii) दसरा भाग अथार्त भाग ख कर क िलए ूभायर् आय क संबंध में कुल आय की रूपरे खा तय करने
        ू
                       े
     तथा कर की संगणना क बारे में है ।
              े
 (iii) भाग ख क बाद, यह है -
                            े                             े
   (क) इस फामर् में आंकड़ों क ूेषण को दशार्ने वाले ब्यौरे क िलए ःथान यिद अनुदेश संख्या 5 (iii)
                          े े
         में उिल्लिखत तरीक क अनुसार फामर् ूःतुत िकया गया है ।
                         े
   (ख) सांिविधक सत्यापन क िलए ःथान
   (ग)                     े
          ब्यौरों को भरने क िलए ःथान यिद कर िववरणी तैयारकतार् द्वारा िववरणी तैयार की गई है ।


                              ू               े
(iv) पृष्ठ 6 से 20 पर, 32 अनुसिचयाँ हैं , िजनक ब्यौरे िनम्नवत ् हैं -
                   ू                 े
      (क) अनुसची-ध : वेतन शीषर् क अंतगर्त आय की संगणना
                     ू                                  े
      (ख) अनुसची - ज त : गृह संपित्त से आय शीषर् क अंतगर्त आय की संगणना ।
             ू                                                      े
     (ग) अनुसची ख त कारोबार अथवा व्यवसाय ूाप्त लाभ और अिभलाभ शीषर् क अंतगर्त आय
           की संगणना ।
             ू                        े
     (घ) अनुसची घ त ड : आयकर अिधिनयम क अंतगर्त संयंऽ तथा मशीनरी पर मूल्य॑ास की
           संगणना ।
             ू                        े
     (ङ) अनुसची-ध ण क : आयकर अिधिनयम क अंतगर्त अन्य पिरसंपित्तयों पर मूल्य ॑ास की
           संगणना
             ू                        े
     (च) अनुसची ध ड त : आयकर अिधिनयम क अंतगर्त सभी पिरसंपित्तयों पर मूल्य॑ास का
           लेखा जोखा ।
             ू
     (छ) अनुसची ध ग ज : मूल्य ॑ास योग्य पिरसंपित्तयों की िॄबी पर माने गए पूँजीगत
           अिभलाभ की संगणना ।
             ू                   े                              ं
     (ज) अनुसची ड ध द : धारा 35 क अंतगर्त कटौती ( वैज्ञािनक अनुसधान पर व्यय )
             ू                              े
     (झ) अनुसची ग छ : पूँजीगत अिभलाभ शीषर् क अंतगर्त आय की संगणना ।
             ू                                      े
     (ञ) अनुसची ण ध : अन्य ॐोतों से ूाप्त आय शीषर् क अंतगर्त आय की संगणना ।
             ू                                                   े
     (ट) अनुसची ग म ठ क : चालू वषर् की क्षितयों का ूिततुलन करने क उपरांत आय का
           िववरण
             ू               र्
     (ठ) अनुसची ख च ठ क : पूववतीर् वषोर्ं से अमेनीत अनावशोिषत हािन का ूिततुलन करने के
           उपरांत आय का       िववरण
             ू
     (ड) अनुसची ग च ठ : भावी वषोर्ं में बढ़ाई जाने वाली क्षितयों का िववरण ।
             ू                    े
     (ढ) अनुसची -10क : धारा 10 क क अंतगर्त कटौती की संगणना
               ू                       े
       (ण) अनुसची-10 कक : धारा 10 क क क अंतगर्त कटौती की संगणना ।
               ू                    े
       (त) अनुसची-10 ख : धारा 10 ख क अंतगर्त कटौती की संगणना ।
               ू                       े
       (थ) अनुसची-10 खक : धारा 10 ख क क अंतगर्त कटौती की संगणना ।
               ू                     े               े             े
       (द) अनुसची- 80 छ : धारा 80 छ क अंतगर्त कटौती क िलए पाऽ दान क ब्यौरे ।
               ू                     े
       (ध) अनुसची -झक : धारा 80 झ क क अंतगर्त कटौती की संगणना ।
               ू                       े
       (न) अनुसची-80 झख : धारा 80 झ ख क अंतगर्त कटौती की संगणना ।
               ू                                      े
       (प) अनुसची-80 झग/ 80 झड. : धारा 80 झग/ 80 झ ड़ क अंतगर्त कटौती की संगणना
                ।
               ू                        े           ु
       (फ) अनुसची-VI क : अध्याय VI क क क अंतगर्त ( कल आय से) कटौती की संगणना ।
               ू                      े
       (ब) अनुसची-धन नद : धारा 80 ड. क अंतगर्त िरबेट की संगणना ।
               ू
       (भ) अनुसची- धत : जीवन साथी/नाबािलग बच्चे/पुऽ वघु अथवा कोई अन्य व्यिक्त अथवा
                                                                   ू
                व्यिक्तयों का संघ से उद्भत होने वाली आय िजसमें अनुसची ज त, ख त, ग छ तथा ण ध
                                         ू
                में शािमल की जानी है , का िववरण ।
               ू                                   े
       (म) अनुसची-धझ : ऐसी आय जो िवशेष दरों पर कर क िलए ूभायर् है , का िववरण
               ू                                                              े
       (य) अनुसची-झच : ऐसी साझेदार फमर् िजनमें कर-िनधार्िरती एक साझेदार है , क बारे में
                िववरण ।
       (र)        ू                      े
              अनुसची-धन नद : धारा 80 ड. क अंतगर्त िरबेट की संगणना ।


                 ू         ु                           ू
        (कक) अनुसची ड.झ : कल आय में शािमल न की गई आय (छट ूाप्त आय) का िववरण
                 ू                                                        े
        (खख) अनुसची-वािषर्क सूचना िववरणी : ऐसे संव्यवहार जो धारा 285 ख क क अंतगर्त
                                          े                              े
                    वािषर्क सूचना िववरणी क माध्यम से सूिचत िकए गए हैं , क बारे में सूचना ।
                 ू                                           े
        (गग) अनुसची-आयकर : अिमम कर तथा ःव कर िनधार्रण पर कर क भुगतान का
                    िववरण ।
                   ू
        (घघ) अनुसची -टी डी एस 1 : वेतन संबंधी ॐोत पर की गई कर कटौती का िववरण
                     ू
        ( ड.ड.) अनुसची-टी डी एस 2: वेतन से िभन्न आय पर ॐोत पर की गई कर कटौती का
                    िववरण
                 ू
        (चच) अनुसची टी डी एस : ॐोत पर संमहीत कर का िववरण ।

10.                   ू              े
        भागों तथा अनुसिचयों को भरने क िलए मागर्दशर्न
 (1)     सामान्य
        (i)                                       े
                    सभी मदें उनमें िनिदर् ष्ट तरीक से भरी जानी चािहएं अन्यथा िववरणी दोषपूणर् होने
                    अथवा िविधमान्य न होने क कारण वापस की जा सकती है ।
                                           े
        (ii)                    ू
                    यिद कोई अनुसची लागू नहीं है तो उसे काट कर िलखें “ लागू नहीं” ।
        (iii)                                         े
                    यिद कोई मद लागू नहीं है तो उस मद क सामने “ लागू नहीं” िलखें ।
         (iv)     यिद आंकड़े शून्य हों तो "शून्य" िलखें ।
         (v)    फामर् में यथा िनिदर् ष्ट को छोड़कर, ऐसे आंकड़ों समक्ष नकारात्मक आंकड़ों/हािन के
                आंकड़ों क िलए “---------” िलखें ।
                        े
                                 े
         (vi) सभी आंकड़े एक रूपए क िनकटतम तक पूणार्ंिकत होने चािहए । तथािप, कुल आय/हािन
             े               े
तथा दे य कर क आंकड़े उस रूपए क िनकटतम बहल तक पूणार्ंिकत होने चािहए ।
                                       ु

(2)                    ू              े
         भागों तथा अनुसिचयों को भरने क िलए बम
 (i)      भाग क
 (ii)         ू
          अनुसिचयाँ
 (iii)    भाग ख
 (iv)     सत्यापन
 (v)                             े                                            े
          टी आर पी तथा टी आर पी क ूित हःताक्षर से संबंिधत ब्यौरे यिद िववरण उसक द्वारा तैयार
की गई हैं ।




11.      भाग क-सामान्य
                   े
         इस फामर् क भाग - सामान्य में भरे जाने वाले अिधकांश ब्यौरे ःवतः ःपष्ट हैं । तथािप, भरे
जाने वाले नीचे उिल्लिखत कितपय ब्यौरों को इस ूकार बताया गया है ।
      (क) ई-मेल पता तथा फोन नं. वैकिल्पक हैं ।
                      े                           े                    े
      (ख) एक व्यिष्ट क मामले में, “ िनयोजक ौेणी” क िलए सरकारी ौेणी को कन्िीय सरकार/राज्य
                 े                                                    े
          सरकार क कमर्चािरयों में शािमल िकया जाएगा । सावर्जिनक क्षेऽ क उपबम ौेणी को
           े                                                  ं
          कन्िीय सरकार तथा राज्य सरकार की सावर्जिनक क्षेऽ की कपिनयों में शािमल िकया जाएगा
          ।
                        े                                         े
      (ग) उन धाराओं िजनक अंतगर्त अनुदेश सं. 9 (i) में िदए गए कोड क अनुसार िववरणी दािखल
                                      े
          की गई है / दािखल की जाएगी, क िलए कोड
                                          े
      (घ) यिद एक ूितिनिध की है िसयत से आपक द्वारा िववरणी दािखल की जा रही है तो कृ पया            “
                                 े
          ूितिनिध कर-िनधार्िरती क पैन” मद में अपने पैन का उल्लेख करना सुिनिश्चत कर लें । यिद
          िववरणी ूःतुत करने वाले                 े
                                        व्यिक्त क पैन की जानकारी नहीं है अथवा उसे भारत में पैन
                                                             े
          नहीं ूाप्त हआ है तो वह िववरणी पहली पंिक्त में पैन क िलए मद को खाली छोड सकता है ।
                      ु
                                                                                          े
          कृ पया .इस बात को ध्यान में रख लें िक इस फामर् की पहली पंिक्त में ूदिशर्त होने क कारण
          व्यिक्त का नाम भरें ।

12.      भाग ए-बी-एस तथा भाग ए-पी एंड एल
                                   े                                       े
      (क) 31 माचर्, 2010 की िःथित क अनुसार तुलन पऽ तथा िवत्त वषर् 2009-10 क दौरान आपके
                                                       े
          द्वारा िकए गए ःवािमत्व कारोबार अथवा व्यवसाय क संबंध में इन भागों में िदए गए
                                        े
          ूपऽों में िवत्त वषर् 2009-10 क िलए लाभ तथा हािन खातों को भरा जाना है , यिद
             े          े                            े
          आपक िलए वषर् क दौरान कारोबार अथवा व्यवसाय क खातों को रखना अपेिक्षत था ।
                       े                                     े
      (ख) यिद संपित्त क कारोबार से िभन्न मामलों में संपित्त क कारोबार अथवा व्यवसाय की खाता-
          बिहयों में लेखा नहीं रखा जा रहा है तो इस भाग में तुलन पऽ तथा लाभ और हािन को शािमल
          करने की जरूरत नहीं है ।
                                    े
      (ग) यिद कारोबार अथवा व्यवसाय क लेखों का लेखा परीक्षा कराना अपेिक्षत था तो इन भागों में
                                                  े
          भरे गए तुलन पऽ की मदों तथा लाभ और हािन क लेखों को मोटे तौर पर लेखा परीिक्षत
                                   े
          तुलन पऽ तथा लाभ और हािन क लेखों का िमलान िकया जाना चािहए ।
                े                                े
      (घ) वषर् क दौरान यिद कारोबार अथवा व्यवसाय क लेखों को रखना अपेिक्षत नहीं था तो “ कोई
                          े
          खाता नहीं” भाग क सामने इन भागों में उिल्लिखत ब्यौरों को भरें ।

13.      भाग-क-ण झ तथा भाग क - थ ध
                       े                                  े
      (क) धारा 44 क ख क अंतगर्त यिद कारोबार अथवा व्यवसाय क लेखों की लेखा परीक्षा कराना
          अपेिक्षत नहीं था तो इन भागों को भरना वैकिल्पक है ।
                       े                                   े
      (ख) धारा 44 क ख क अंतगर्त जहाँ कारोबार अथवा व्यवसाय क लेखों की लेखा परीक्षा कराना
          अपेिक्षत था, वहाँ इन भागों जो लेखा परीक्षकों द्वारा लेखा परीक्षा की िरपोटर् में सूचना दी जानी
          अपेिक्षत है , में भरे हए ब्यौरों की मोटे तौर पर िमलान लेखा परीक्षा िरपोटर् में यथा िनिदर् ष्ट
                                 ु
          ब्यौरे से की जानी चािहए ।
                                      े                                            े
      (ग) खरीदों को करों में शािमल करक दशार्या जाना चािहए तथा खरीद पर संदत्त करों क ब्यौरे को
          अलग से संगत पंिक्तयों में दशार्ना चािहए । तथािप, जहाँ खरीदों पर संदत्त िविभन्न करों के
                                                                             े
          ब्यौरों को अलग करना संभव न हो, वहाँ इनको शािमल करना चािहए और खरीद क ब्यौरों में
          उन्हें दशार्ना चािहए ।
                                    े           े
      (घ) भाग क-थ ध में, ूमुख मदों क संबंध में कवल माऽात्मक ब्यौरों को ूःतुत करना चािहए।

14.          ू
         अनुसिचयाँ


              ू               े
      (क) अनुसची एस यिद वषर् क दौरान एक से अिधक िनयोजक थे तो कृ पया अंितम िनयोजक का
           ब्यौरा दें । इसके                           े
                                   अितिरक्त, यिद वषर् क दौरान एक साथ एक से अिधक िनयोजक थे तो
           कृ पया उस िनयोजक का ब्यौरा            ूःतुत करें िजससे आपको अिधक वेतन िमला।
           िनयोजक (िनयोजकों) द्वारा जारी िकए गए टी डी एस ूमाण पऽ (ूमाण पऽों) ( फामर् 16)
                                    े
           में यथा िनिदर् ष्ट वेतन क ब्यौरों को भरें । तथािप, यिद फामर् सं. 16   में आय की संगणना
           सही ढं ग से नहीं की गई है तो कृ पया सही संगणना करें और इस मद में उसे भरें । इसके
                          े
          अितिरक्त, वषर् क दौरान यिद एक से अिधक िनयोजक थे तो कृ पया िभन्न-िभन्न िनयोजकों
              ु         े
          से कल वेतनों क संबंध में ब्यौरे इस मद में ूःतुत करें ।
           ू
   (ख) अनुसची ज त- यिद एकल गृह संपित्त कर िनधार्िरती द्वारा धािरत है जो ःवधािरत है
                           े                                    े
          तथा गृह संपित्त क िलए गए ऋण पर संदत्त ब्याज का कटौती क रूप में दावा िकया
                         ू
          जाएगा । इस अनुसची को भरे जाने की आवँयकता है । यिद तीन से अिधक गृह
                                   ू   े
          संपित्तयां हैं तो इस अनुसची क ूपऽ में अलग शीट में शेष संपित्तयों का ब्यौरा भरा
                              े
          जाएगा और इस िववरणी क साथ शीट को संलग्न करं । सभी संपित्तयों से ूाप्त
                   े                   ू
          आय/हािन क पिरणामों को इस अनुसची की अंितम पंिक्त में भरा जाएगा ।
          िनम्निलिखत िबंदओं को ःपंट करने की जरूरत है :-
                         ु
                                                           े
   (i) वािषर्क िकराया योग्य मूल्य का आशय उस रािश से है िजसक िलए गृह संपित्त को उिचत रूप
          से एक वषर् से दसरे वषर् तक वैकिल्पक आधार पर िकराये पर दे ने की आशा की गई है ।
                         ू
          ःथानीय ूािधकरण को संदत्त करों की कटौती तभी उपलब्ध होगी जब उक्त संपित्त िकसी
                     े
          िकरायेदार क कब्जे में है और ऐसा कर कर-िनधार्िरती द्वारा वहन िकया गया हो न िक
                                    े
          िकरायेदार द्वारा और वषर् क दौरान वाःतिवक रूप से उनका भुगतान िकया गया हो
   (ii)                            े                                े
          िकराये पर दी गई संपित्त क मामले में गैर-वसूलीकृ त िकराये क िलए कटौती उपलब्ध है ।
                                    र्
          यिद ऐसी कोई कटौती िकसी पूववतीर् कर-िनधार्रण वषर् में की गई है और ऐसा गैर-वसूलीकृ त
          िकराया वाःतिवक रूप से उसी कर-िनधार्रण वषर् में ूाप्त हआ है , इस ूकार गैर-वसूलीकृ त
                                                                ु
                           ू
          िकराये को इस अनुसची की मद 4 क में दशार्ना होगा ।
                ू
  (iii) इस अनुसची की मद 4 ख का संबंध भूतलक्षी ूभाव से िकराये की वृिद्ध से है । यहाँ उस पर
        िपछले वषर् ूाप्त अितिरक्त िकराए को दशार्ये और ूाप्त ऐसे बकाया िकराये पर 30% की दर
          से कटौती का दावा करे


         ू
( ग) अनुसची ख त -

              ू                                                           े
   (i) इस अनुसची में संगणना भाग क-लाभ और हािन की मद सं. 43 में दशार्ए गए क अनुसार
                           े
          कर से पूवर् लाभ क आधार पर शुरू की जानी है ।
               ू                                                          े
   (ii) इस अनुसची में उिल्लिखत मदों द्वारा शािमल न िकए गए जोड़ अथवा कटौती क िकसी मद
           े                 ू
          क मामले में इस अनुसची की अपिशष्ट मद सं. 21 और 26 में भरें ।
                                  े                                े
  (iii) यिद कारोबार अथवा व्यवसाय क लेखों को नहीं रखा जाता है तो आपक द्वारा उसमें की गई
                   े
          ूिविष्ट क अनुसार लाभ को भाग क-लाभ तथा हािन की मद संख्या 50 ध में भरें ।
                                        े
  (iv) यिद िनयम 7 क, 7 ख अथवा 7 ग क आधार पर कृ िष जिनत आय (चाय, कॉफी आिद क           े
                              े                                                  ू
       उत्पादन तथा िविनमार्ण क कारोबार में) को शािमल नहीं िकया जाता है तो इस अनुसची की
          मद सं. 5 ग में इसे शािमल नहीं िकया जाएगा ।
                                                                 े
   (v) क- 37 में व्यवसाय अथवा कारोबार से िनवल लाभ अथवा क्षित की कवल िवशेष मामलों
         संगणना की जानी                                     े                      े
                               है उदाहरणाथर् चाय, काफी आिद क उत्पाद तथा िविनमार्ण क कारोबार
          े
         क मामले में जहां िनयम 7क, 7ख अथवा 7ग लागू है अन्यथा क-36 में यथा संगिणत लाभ
                    े
         अथवा हािन क आंकड़े ूिवष्ट िकए जा सकते हैं I
  (vi) साझेदार की है िसयत से अन्य फमोर्ं से कर िनधार्िरती द्वारा वेतन, कमीशन, बोनस, ब्याज
              े                                         े              े
         आिद क रूप में अिजर्त आय िजसे ःवािमत्व कारोबार क लाभ तथा हािन क खाते में शािमल
                                   ू
         नहीं िकया गया है , को अनुसची       ख त में मद सं. क 23 में ूकट िकए जाने की
         आवँयकता है ।
                 ू
  (vii) इस अनुसची की मद सं. ग में कारोबार अथवा व्यवसाय ( सट्टा कारोबार तथा सट्टा
                                                                  े ु
        कारोबार से लाभ अथवा हािन से िभन्न)( मद क 37 तथा मद ख 41) क कल लाभ अथवा
                                                                      े
         हािन की संगणना करें । कृ पया यह नोट कर लें िक सट्टा कारोबार क संबंध में मद ख 41 में
         यिद शेष कोई हािन है तो उसका गैर सट्टा कारोबार से लाभ में ूिततुलन नहीं िकया जाएगा)
                                     े
         ऐसी िःथित में, मद सं. क 37 क आंकड़ों को ही म द ग में ूिवष्ट िकया जाएगा।


        ू                ू                 ू                       ू
(घ) अनुसची-डी पी एम, अनुसची डी ओ ए, अनुसची डी आई पी तथा अनुसची डी जे जी - सुिवधा
 े                         े
क कारण, आयकर अिधिनयम क अंतगर्त मूल्य ॑ास की गणना अनुमत्य है (िवद्युत उत्पादन करने
                  े                      े                       े
वाले िकसी उपबम क मामले को छोड़कर िजसक पास धारा 32 (1)(i) क अंतगर्त सीधी पद्धित क            े
आधार पर मूल्य ॑ास का                                                                   ू
                         दावा करने का िवकल्प हो सकता है ) को दो भागों में अथार्त ् अनुसची डी
पी एम ( संयंऽ तथा मशीनरी पर मूल्य ॑ास) और डी ओ ए (अन्य पिरसंपित्तयों पर मूल्य ॑ास) में
                            ू      े                  े                 ू
िवभक्त िकया गया है । इन अनुसिचयों क अनुसार मूल्य ॑ास क लेखा-जोखा को अनुसची डी ई पी में
                                                                      ू
दशार्ना होगा । मािनत अल्पकािलक पूंजीगत अिभलाभ, यिद कोई हो, तो उसे अनुसची -संयंऽ तथा
                                                                          ू
मशीनरी पर मूल्य ॑ास और अन्य पिरसंपित्तयों पर मूल्य ॑ास में यथा संगिणत अनुसची डी सी जी में
ूिवष्ट करना होगा ।


             ू                           े
(ड.) अनुसची ई.एस.आर.: धारा 35 क तहत कटौती (वैज्ञािनक अनुसधान पर व्यय) इस  ं
     ू     े                                   े                        े
अनुसची क कॉलम (2) में, कृ पया उस कटौती क ब्यौरे ूःतुत करें िजसक िलए आप इस धारा क           े
         े
उपबंधों क अंतगर्त पाऽ हैं । कॉलम (1) में, कृ पया धारा 35 द्वारा शािमल िकए गए व्यय की रािश को
ूिवष्ट करें यिद उन्हें लाभ तथा हािन लेखा से घटाया गया है । कृ पया इस बात को ध्यान में रखें िक उस
                    े                     े                          े
पूँजीगत पिरसंपित्त क संबंध में मूल्य ॑ास क िलए कोई कटौती नहीं है िजसक िलए धारा 35 (1)(iv)
 े
क अंतगर्त दावा िकया गया है ।


        ू
(च) अनुसची सी जी -
       (i) यिद एक से अिधक अल्पकािलक पूँजीगत पिरसंपित्त का हःतांतरण िकया गया है , तो सभी
                             े
              पिरसंपित्तयों क िलए संयुक्त संगणना की जाए। इसी ूकार, यिद एक से अिधक दीघर् कािलक
                                                                                  े
              पूँजीगत पिरसंपित्तयों का हःतांतरण िकया गया है तो सभी पिरसंपित्तयों क िलए संयुक्त
              संगणना करें ।
                         े
      (ii) इस ूयोजनाथर् कन्ि सरकार द्वारा अिधसूिचत िनम्निलिखत लागत मूल्य वृिद्ध सूचकांक के
                                                                               े
              आधार पर यिद आवँयक हो तो दीघर्कािलक पूँजीगत पिरसंपित्त की संगणना क िलए,
              अिधमहण की लागत तथा सुधार की लागत की सूची बनाई जा सकती है ।


बम           िवत्त वषर्               लागत      मूल्य बम सं.            िवत्त वषर्    लागत     मूल्य
सं.                                   वृिद्ध                                          वृिद्ध
1            1981-82                  100                15             1995-96       281
2            1982-83                  109                16             1996-97       305
3            1983-84                  116                17             1997-98       331
4            1984-85                  125                18             1998-99       351
5            1985-86                  133                19             1999-00       389
6            1986-87                  140                20             2000-01       406
7            1987-88                  150                21             2001-02       426
8            1988-89                  161                22             2002-03       447
9            1989-90                  172                23             2003-04       463
10           1990-91                  182                24             2004-05       480
11           1991-92                  199                25             2005-06       497
12           1992-93                  223                26             2006-07       519
13           1993-94                  244                27             2007-08       551
14           1994-95                  259                28             2008-09       582
                                                         29             2009-10       अिधसूिचत
                                                                                      िकया जाना है ।


                   ू
      (iii) इस अनुसची में उिल्लिखत धारा 54/54 ख/54घ/54 ड. ग/54 च/54 छ/54 छ क में
              पूँजीगत अिभलाभ           ू
                                   पर छट ूदान की गई है बशतेर् िक कितपय शतोर्ं को पूरा िकया जाए ।
              इन धाराओं में से कितपय धाराओं के                अंतगर्त दीघर्कािलक पूँजीगत अिभलाभ के
                            ू                                                       े
              संबंध में ही छट उपलब्ध है । अतः कृ पया यह सुिनिश्चत करें िक आप कानून क उपबंधों के
                                                  े
              अनुसार इन धाराओं में से िकन धाराओं क लाभों का सही ढं ग से दावा कर रहे हैं ।
      (iv)            ू                   ु
               इस अनुसची की मद सं. ग में कल अल्प कािलक पूँजीगत अिभलाभ तथा दीघर्कािलक
              पूँजीगत अिभलाभ ( मद क 4 तथा मद ख 5) संगणना की जाती है । कृ पया यह नोट कर लें
                                             े
              िक दीघर् कािलक पूँजीगत अिभलाभ क संबंध में मद ख 5 में यिद शेष में कोई हािन है तो उसे
                                        े
              अल्पकािलक पूँजीगत अिभलाभ क सामने ूिततुलन नहीं करें गे । ऐसी िःथित में, मद क 4
               े
              क आंकड़ों को ही मद ग में ूिवष्ट करें गे ।
        ू
(छ) अनुसची ण ध-

                      े                           े                      े
  (i) मद 1 क तथा 1 ख क सामने उस लाभांश तथा ब्याज क रूप में ूाप्त सकल आय क ब्यौरों की
                         ू
      ूिविष्ट करें िजसे छट ूाप्त नहीं है ।
               े
  (ii) मद 1 ग क सामने, मशीनरी, संयंऽ अथवा िकराये पर िदए गए फनीर्चर से ूाप्त सकल आय को
      दशार्ए और ऐसी आय को भी दशार्एं जहाँ उक्त मशीनरी, संयंऽ अथवा फनीर्चर को िकराये पर दे ने
                                                                       े
      से भवन से िकराया अलग नहीं है , यिद वह आय “ कारोबार अथवा व्यवसाय क लाभ तथा
                     े               े
      अिभलाभ” शीषर् क अंतगर्त आय कर क िलए ूभायर् नहीं है ।
                 े
 (iii) घुड़दौड़ों क ःवािमत्व तथा रखरखाव से ूाप्त आय की संगणना अलग से की जानी है क्योंिक
      घुड़दौड़ों के     ःवािमत्व तथा रखरखाव से हई हािन को िकसी अन्य ॐोत से ूाप्त आय में
                                              ु
                                                                            े
      समायोिजत नहीं िकया जा सकता है और उसे परवतीर् में समान आय में ूिततुलन क िलए अमेनीत
      िकया जा सकता है ।
                                                                                  े
              लाटिरयों, शब्द वगर् पहे िलयों, दौड़ों आिद की जीतें कर की िवशेष दरों क अध्यधीन हैं ,
            े
     अतः इसक िलएअलग से एक मद का ूावधान िकया गया है ।
               ू
 (iv) इस अनुसची की मद 5 में “ अन्य ॐोतों से ूाप्त आय” ( मद 1 छ+ मद 2+ मद 3+ मद 4 ग
             े                ु
      शीषर् क अंतगर्त ूभायर् कल आय की संगणना की जाती है ।) यिद मद 4 ग में घुड़दौडों के
      ःवािमत्व तथा रखरखाव से शेष में कोई हािन है तो मद 1छ, मद 2 तथा मद 3 की ही रािश को
      मद 5 में ूिवष्ट करें ।


         ू
( ज) अनुसची-ग म ढ क-

                                                         े
   (i) संगत पंिक्त में,शीषर्वार कॉलम 1 में चालू वषर् की कवल धनात्मक आय का उल्लेख करें ।
                                                                 र्
  (ii) चालू वषर् की कुल क्षित (क्षितयों) का उल्लेख करें यिद उपयुक्त बमशः कॉलम 2, 3 तथा 4 के
       ःथान पर गृह संपित्त, कारोबार अथवा व्यवसाय तथा अन्य ॐोत (घुड़दौडों से हई हािनयों से
                                                                                  ु
                                                     े       े                  े
       िभन्न) कोई हों । इन हािनयों का धारा 71 क उपबंधों क अनुसार अन्य शीषोर्ं क अंतगर्त आय
       े                                              े
      क सामने ूिततुलन िकया जाना है । संबंिधत शीषोर्ं क सामने ूिततुलन की रािश को संगत
      पंिक्तयों में, कॉलम 2, 3,तथा 4 में ूिवष्ट करना होगा ।
                                                    र्                      े
 (iii) कॉलम 5 में, शीषर्वार, संगत पंिक्तयों में उपयुक्त अंतर-शीषर् ूिततुलन क अंितम पिरणाम का
      उल्लेख करें ।
 (iv) कॉलम 2, 3 तथा 4 में से ूिततुिलत कुल हािन को पंिक्त vii में ूिवष्ट करना होगा ।
               े
  (v) ूिततुलन क िलए शेष हािन को पंिक्त viii में ूिवष्ट करना होगा ।

        ू
(झ) अनुसची ख च ढ क-
                                                   ू                                    े
   (i) कॉलम 1 में शीषर्वार, संगत पंिक्तयों में अनुसची ग म ठ क में हािन का ूिततुलन करने क बाद
                    े
      चालू वषर् की कवल धनात्मक आय का उल्लेख करें ।
  (ii) अमेनीत की गई हािनयों की रािश िजसका ूिततुलन िकया जा सकता है , उन्हें कॉलम 2 की
      संगत पंिक्तयों में ूिवष्ट िकया जाना है ।
                 े
 (iii) ूिततुलन क अंितम पिरणाम को कॉलम 3 में, संगत शीषर् में ूिवष्ट िकया जाएगा । कॉलम 3 क  े
                                                           ु
       योग को पंिक्त viii में ूिवष्ट िकया जाएगा िजससे सकल कल रािश ूाप्त होगी ।
            े                                                       े
 (iv) वषर् क दौरान अमेनीत की गई हािनयों की कुल रािश को पंिक्त VIII क कॉलम 2 में ूिवष्ट िकया
      जाएगा।


          ू
( ञ) अनुसची ग च ठ -
              ू          र्                                               े
   (i) इस अनुसची में, पूववतीर् वषर् से लाई गई हािनयों का लेखा-जोखा, वषर् क दौरान ूिततुलन तथा
                                          े
      भावी वषोर्ं की आय में ूिततुलन करने क िलए ूिवष्ट िकया जाना है ।
                                              े                       े
  (ii) “ गृह संपित्त” “ कारोबार अथवा व्यवसाय क लाभ तथा अिभलाभ” शीषर् क अंतगर्त हािनयाँ जो
       अल्पकािलक पूँजीगत हािन तथा दीघर्कािलक पूँजीगत हािन, अन्य ॐोतों से हािन (घुड़दौड़ से
                                े
       िभन्न हािन) को 8 वषोर्ं क िलए अमेनीत करने की अनुमित है ।
                      े                                       े
       तथािप, घुड़दौड़ क ःवािमत्व तथा रख-रखाव से हई हािनयों को कवल 4 कर िनधार्रण वषोर्ं क
                                                ु                                      े
िलए अमेनीत िकया जा सकता है ।


        ू
(ट) अनुसची 10 क

                    े               े
   (i) यिद इस धारा क अंतगर्त कटौती क िलए एक से अिधक उपबम पाऽ हैं तो कृ पया ूत्येक
            े                  े
      उपबम क िलए अलग से कटौती क ब्यौरे ूिवष्ट करें ।
                 े                                   े                          े
  (ii) धारा 10क क अंतगर्त लेखा परीक्षा िरपोटर् होने क नाते फाम सं. 56 की मद 17 क अनुसार
                 े             े
      िकसी उपबम क िलए इस धारा क अंतगर्त कटौती की रािश होगी ।


         ू
( ठ) अनुसची 10 क क-

                    े                               े
       यिद इस धारा क अंतगर्त एक से अिधक उपबम कटौती क िलए पाऽ है तो कृ पया ूत्येक
      े                  े
उपबम क िलए अलग से कटौती क ब्यौरे ूिवष्ट करें ।


        ू
(ड) अनुसची 10 ख-

                    े                         े                  े
   (i) यिद इस धारा क अंतगर्त एक से अिधक उपबम क िलए अलग से कटौती क ब्यौरे ूिवष्ट करें ।
                  े                                   े                        े
  (ii) धारा 10 ख क अंतगर्त लेखा परीक्षा िरपोटर् होने क नाते सं. 56 छ की मद 17 क अनुसार िकसी
            े              े               े
      उपबम क िलए .इस धारा क अंतगर्त कटौती क ब्यौरे ूिवष्ट करें ।




        ू
(ढ) अनुसची 10 ख क-

                    े                                   े                  े
   (i) यिद इस धारा क अंतगर्त एक से अिधक उपबम क िलए अलग से कटौती क ब्यौरे ूिवष्ट करें ।
                  े                                   े                        े
  (ii) धारा 10 ख क अंतगर्त लेखा परीक्षा िरपोटर् होने क नाते सं. 56 छ की मद 17 क अनुसार िकसी
            े              े               े
      उपबम क िलए .इस धारा क अंतगर्त कटौती क ब्यौरे ूिवष्ट करें ।


        ू
(ण) अनुसची 80 जी

             ू          े                                े               े
  (i) इस अनुसची में, आपक द्वारा िदए गए दान जो धारा 80 छ क अंतगर्त कटौती क िलए पाऽ हैं , के
      ब्यौरे भरने होंगे ।
               ू   े                                       े            े
  (ii) इस अनुसची क भाग क में, वे दान जो 100% तक कटौती क िलए पाऽ हैं , क ब्यौरे भरे जाने हैं
                         े                                        े ं
       । धारा 80छ(2) क साथ पिठत धारा 80 छ(1)(i) में उन दान क फडों/संःथाओं की सूची
                       े            े                    े
       शािमल है िजनक िलए दानकतार् क हाथ में 100 % कटौती क पाऽ हैं ।
                 ू   े                              े               े
 (iii) इस अनुसची क भाग ख में, वे दान जो 50% कटौती क िलए पाऽ हैं , क ब्यौरे भरे जाने हैं जहाँ
               ं
      ऐसे दान फडों/संःथाओं को िदए गए हैं िजन्हें इस ूयोजनाथर् िकसी ूािधकरण से अनुमोिदत
                                           े
      होना अपेिक्षत नहीं है । धारा 80द(2) क साथ पिठत धारा 80 छ( 1)(i) में भी ऐसे
       ं
      फडों/संःथाओं की सूची शािमल है ।
             ू   े
 (iv) इस अनुसची क भाग ग में उन फंडों/संःथाओं जो इस ूयोजनाथर् आयकर आयुक्त द्वारा
                                   े
      अनुमोिदत है को िदए गए दानों क ब्यौरे ।
                                                         े
  (v) जहाँ भाग-ग में उिल्लिखत सकल दान तथा धारा 80छ(2) क खंड (क) और खंड (ख) तथा खंड(
           े                                                 ु
      ग) क उपखंड (v),(vi),(vi क) और(vii) में उिल्लिखत दान कल आय की 10% से अिधक
                             े             े                         े
      होती है (अध्याय vI क क अन्य उपबंधों क अंतगर्त कटौती की संगणना क ूयोजनाथर् अिधक
      रािश पर ध्यान नहीं िदया जाएगा)


        ू              ू             ू
(त) अनुसची 80 झ क, अनुसची झ ख और अनुसची झ ग-

                                   े                               े
   (i) यिद इनमें से िकन्ही धाराओं क अंतगर्त एक से अिधक उपबम कटौती क िलए पाऽ हैं तो
                       ू                   े                  े
       कृ पया संगत अनुसची में ूत्येक उपबम क िलए अलग से कटौती क ब्यौरे ूिवष्ट करें ।
                                                े
   (ii) धारा 80 झ क /80 झ ख/80 झ ग तथा 80 झ ड. क अंतगर्त लेखा परीक्षा िरपोटर् होने के
                                          े                  े
        नाते फामर् सं. 10 ग ग ख की मद 30 क अनुसार िकसी उपबम क िलए कटौती की रािश होगी
        ।


         ू
( थ) अनुसची VI क-

   (i) अनुमत्य कटौितयों की कुल रािश को कुल सकल आय तक सीिमत िकया गया है । अनुमत्य
                 े         े                        े
       कटौितयों क ब्यौरों क िलए कृ पया अध्याय VI क क उपबंधों को दे खें ।
                                                      े                  े ू
  (ii) धारा 80 झ क, 80 झ ख और 80 झ ग तथा झ ड. क अंतगर्त कटौितयों क िलए अनुसची 80
      झ ख और 80 झ ग में यथा िनिदर् ष्ट रािश को भरें                         े
                                                             । धारा 80 झ घ क अंतगर्त दावा की
                                     ू
      जाने वाली कटौती की रािश इस अनुसची में ही भरी जाए ।
                                       े
 (iii) अन्य कटौितयाँ, जो उपलब्ध हैं , क ब्यौरे िनम्नवत ् हैं -

                            े
     (i) धारा 80 ग(इस धारा क अंतगर्त कटौितयों की कुछ मुख्य मदें हैं - जीवन बीमा में संदत्त
            अथवा जमा की गई रािश, सरकार द्वारा ःथािपत भिवंय िनिध में अंशदान, मान्यता ूाप्त
                                                                                  ं
            भिवंय िनिध में अंशदान, कर-िनधार्िरती द्वारा िकसी अनुमोिदत अिधविषर्ता फड में िकया
            गया अंशदान, राष्टर्ीय बचत ूमाण पऽ में अंशदान, िशक्षण शुल्क, आवासीय मकान की
                               े       े
            खरीद अथवा िनमार्ण क ूयोजन क िलए अदायगी/चुकौती तथा कई अन्य िनवेश)( पूरी
                  े
            सूची क िलए, कृ पया आयकर अिधिनयम की धारा 80 ग का अवलोकन करें ) (कृ पया यह
                                                               े
            भी नोट कर लें िक धारा 80 ग ग ड. में िकए गए ूावधान क अनुसार धारा 80 ग, 80 ग
                            े
            ग तथा 80 ग ग घ क अंतगर्त कटौती की सकल रािश एक लाख रूपए से अिधक नहीं
            होगी)
     (ii)                               ं                      े
            धारा 80 ग ग ग (कितपय पेंशन फडों में िकए गए अंशदान क संबंध में कटौती)
    (iii)                   े                                          े
            धारा 80 ग ग घ (कन्ि सरकार की पेंशन ःकीम में िकए गए अंशदान क संबंध में कटौती)
    (iv)                                      े
            धारा 80 घ ( िचिकत्सा बीमा ूीिमयम क संबंध में कटौती)
     (v)                               े                                        र्
            धारा 80 घ क (गुजारा भत्ता क संबंध में कटौती िजसमें आिौत जो िक एक पूणतः अपंग
            व्यिक्त है , का िचिकत्सा उपचार भी शािमल है )
    (vi)                                       े
            धारा 80 घ घ ख (िचिकत्सा उपचार आिद क संबंध में कटौती)
   (vii)                                                     े
            धारा 80 ड. (उच्चतर िशक्षा हे तु िलए गए ऋण ब्याज क संबंध में कटौती)
  (viii)                      ं                                        े
            धारा 80 छ (कितपय फडों, धमार्थर् संःथाओं आिद को िदए गए दान क संबंध में कटौती) ,
    (ix)                                     े
            धारा 80 छ छ ( अदा िकए गए िकराये क संबंध में कटौती)
     (x)                                                                       े
            धारा 80 छ छ ग ( िकसी व्यिक्त द्वारा राजनीितक दलों को िदए गए चंदों क संबंध में कटौती
    (xi)                                        े                   े
            धारा 80 ञ ञ क ( बायो-िडमेडेबल वेःट क संमहण तथा ूसंःकरण क कारोबार से ूाप्त
                    े
            अिभलाभ क संबंध में कटौती)
                                                                   े
  (xii) धारा 80 थ थ ख ( पाठ्य पुःतकों से िभन्न कितपय अन्य पुःतकों क लेखकों को रॉयल्टी
                   े
        आय आिद क संबंध में कटौती)
                                          े
(ii) धारा 80 द द ख ( पेटेंटों पर रॉयल्टी क संबंध में कटौती)
                                            े
(iii) (xiv) धारा 80 प(िकसी अपंग व्यिक्त क मामले में कटौती)

                                         े
 (i) धारा 88ड. में ूितभूित संव्यवहार कर क िलए ूभायर् संव्यवहार पर संदत्त ूितभूित संव्यवहार
                                                                               े
कर की िरबेट का ूावधान िकया गया है िजसे कर िनधार्िरती द्वारा कारोबार कायर्कलाप क दै रान
िनंपन्न िकया गया है ।
 (ii) यह िरबेट ऐसे संव्यवहरों से उद्भत होने वाले लाभ पर कर की औसत दर पर संगिणत आधार
                                     ू
                          ु
की रािश तक सीिमत है िजसे कल आय में शािमल िकया गया है ।
                                                                              े
 (iii) कृ पया यह नोट कर लें िक उन संव्यवहारों पर संदत्त ूितभूित संव्यवहार कर क संबंध में कोई
िरबेट            उपलब्घ नहीं है जो दीघर्कािलक/अल्पकािलक अिभलाभ से उत्पन्न होते हैं ।
               े                                े                       े
 (iv) इस धारा क अंतगर्त िरबेट का दावा िकया जा सकगा जैसा िक िनयम 20 क ख क अनुसार
फामर् सं.        10 घ ख तथा फामर् सं. 10 घ ग में संगिणत है ।


         ू
( द) अनुसची ध त झ

                                              े
  (i) पित-पत्नी, नाबािलग बच्चे आिद की आय क ब्यौरे ूःतुत करें यिद आयकर अिधिनयम क         े
                  े         े
      अध्याय V क उपबंधों क अनुसार उनकी आय आपकी आय में शािमल की जानी है ।
                ू
 (ii) इस अनुसची में िनंपन्न आय को संबंिधत शीषर् में शािमल करना होगा ।
                                े                                 े
(iii) धारा 10 (32) में क्लिबंग क ूयोजनाथर् नाबािलग बच्चों की आय क संबंध में 1500/-रू. तक
            ू
        की छट ूदान की गई है । अतः संबंिधत शीषर् में नाबािलग बच्चे की आय को शािमल करते
        समय नाबािलग बच्चे की आय से 1500/- को शािमल नहीं िकया गया है । तथािप, िविभन्न
                                                                 ु
        शीषोर्ं में यिद नाबािलग बच्चे की आय शािमल की जाती है तो कल 1500/-रू. िक अिधक की
              े
        रािश क बाहर नहीं रखा जाना चािहए ।


         ू
( ध) अनुसची ध झ-
         ु                                                           े
        कल आय में शािमल की गई आय का उल्लेख करें जो िवशेष दरों पर कर क िलए ूभायर् है ।
           े
संगत धारा क िलए कोड तथा करों की िवशेष दरें अनुदेश सं. 9 (iii) में िनिदर् ष्ट हैं ।


          ू
(न) अनुसची झ च-
                ू
     (i) इस अनुसची में ूत्येक फमर् को भरना होगा िजसमें आप साझेदार हैं ।
    (ii) यिद आप पाँच से अिधक फमोर्ं में साझेदार है तो आपको अलग से शीट संलग्न करनी होगी
            िजसमें उसी फामेर्ट में ब्यौरे दे ने होंगे ।
                 ू   े
    (iii) इस अनुसची क कॉलम (i) में, फमर् का नाम भरें तथा कालम 2 में फमर् िजसमें कर
         िनधार्िरती एक साझेदार है , की पैन संख्या भरें । कालम 3 तथा 4 में आयकर
                  े         े                        े
         अिधिनयम क उपबंधों क अनुसार यथा संगिणत फमर् क लाभ में शेयर की रािश
                                           े               ू
         ूःतुत करें । ऐसे शेयर पर साझेदार क हाथ में कर से छट ूाप्त है ।
    (iv) कॉलम (v) में, कृ पया उस फमर् िजसमें आप साझेदार हैं , में पूँजी शेष ( िजसमें पूँजी शािमल
                                         े
         है िजस पर आप ब्याज ूाप्त करने क पाऽ हैं ) की रािश ूःतुत करें ।


        ू
(प) अनुसची ड. झ-
                                                          ू              े
      आय जैसे कृ िष जिनत आय , ब्याज, लाभांश आिद जो कर से छट ूाप्त हैं , क ब्यौरे ूःतुत करें
।


        ू
(फ) अनुसची-वािषर्क सूचना िववरणी-
             ू                                             े
      इस अनुसची में, कृ पया अनुदेश सं. 9(iii) में बताए गए क अनुसार ब्यौरे भरें ।


        ू
(ब) अनुसची आयकर-
                ू                                                      े
     (i) इस अनुसची में आयकर अिमम की अदायगी तथा ःव कर-िनधार्रण पर आयकर क ब्यौरे
            भरें ।
      (ii) पावती अधपन्ने से बैंक शाखा ( 7 अंक का बी एस आर कोड ) जमा की तारीख, चालान
                                    े
            बम सं. तथा संदत्त रािश क ब्यौरे भरे जाने चािहए।


        ू
(भ) अनुसची टीडीएस-1 तथा टीडीएस-2


                     ू                              ं
        (i) इन अनुसिचयों में कटौतीकतार् (कटौतीकतार्ओ) द्वारा जारी िकए गए ( फामर् 16 अथवा
                                            े                            े
            फामर् 16 क) टी डी एस ूमाण पऽों क आधार पर कटौतीकृ त कर क ब्यौरे भरें ।
                               े                                                ू
       (ii) ूत्येक ूमाण पऽ क ब्यौरों को अलग से पंिक्तयों में भरें । यिद .इन अनुसिचयों में दी
             गई पंिक्तयां पयार्प्त नहीं हैं तो कृ पया उसी फामेर्ट में एक तािलका संलग्न करें ।
                                                                       े
      (iii) कृ पया यह नोट कर लें िक टी डी एस ूमाणपऽों को िववरणी फामर् क साथ संलग्न नहीं
             करना है ।




         ू
( म) अनुसची टीसीएस
                  ू
       (i) इस अनुसची में, समाहतार् द्वारा जारी िकए गए ( फामर् सं. 27घ) टी सी एस ूमाण पऽों के
                                             े
              आधार पर ॐोत पर की गई कर कटौती क ब्यौरे भरें ।
                       ू
       (ii) यिद इस अनुसची में दी गई गई पंिक्तयाँ पयार्प्त नहीं हैं तो कृ पया उसी फामेर्ट में अलग से
              एक तािलका संलग्न करें ।
      (iii)                                                               े
              कृ पया यह नोट कर लें िक टी डी एस ूमाण पऽों को िववरणी फामर् क साथ संलग्न नहीं
              करना है ।


             ु
  15. भाग ख-कल आय की संगणना


                                        े                          ू
        (i) इस भाग में, िविभन्न वषोर्ं क अंतगर्त संगिणत आय तथा अनुसची ग च ढ क और
                  ू                       े
              अनुसची ख च ठ क में ूिततुलन क अनुसार आय का लेखा-जोखा शािमल िकया जाना
              है ।
                                   ू      े
        (ii) ूत्येक ूिविष्ट जो अनुसिचयों क आधार पर भरी जानी है , को काट िदया गया है अतः
              यहाँ कोई और ःपष्टीकरण नहीं दे ना है ।

             ु
  16. भाग ख-कल आय पर कर दे यता की संगणना-


                                                                         े
  ( क) मद सं. 1क में, लागू दर पर संगिणत की जाने वाली सकल कर दे यता क ब्यौरे भरें । िजस दर
 पर कर की दे यता संगिणत की जानी है , वह दर िनम्नवत ् है :
                                                                            े
  (क) व्यिष्ट ( मिहला से िभन्न तथा वे व्यिष्ट िजनकी आयु िवत्त वषर् 2009-10 क दौरान िकसी
 समय 65                                                            े
             वषर् या इससे अिधक है ) तथा िहन्द ू अिवभािजत पिरवार क मामले में
आय ( रूपए में)                                     कर दे यता ( रूपए में)
1,60,000 रू. तक                                       शून्य
                         े
1,60,000रू.-3,00,000रू. क बीच में                     1,60,000रू. से अिधक आय का 10%
                         े
3,00,001रू.-5,00,000रू. क बीच में                     14000+3,00,000रू. से अिधक आय का 20%
5,00,000रू. से अिधक                                   54000+ 5,00,000रू. से अिधक आय का 30%
                                                                   े
 (ii) मिहलाओं ( ऐसी मिहलाओं से िभन्न िजन की उॆ िवत्त वषर् 2009-10 क दौरान िकसी भी समय
                          े
65 वषर् या इससे अिधक हो) क मामले में-
आय ( रूपए में)
                 आय (रूपये में)                                     कर दे यता (रूपये में)
1,90,000रू. तक                                        शून्य
                            े
1,90,000रू. से 3,00,000रू. क बीच                      1,90,000 रूपये से अिधक आय का 10%
                            े
3,00,001रू. 5,00,000 रूपये क बीच                      11,000+3,00,000 रूपये से अिधक का 20%
5,00,000 रूपये से अिधक                                51,000+5,00,000 रूपये से अिधक आय का
                                                   30%


                        े                                       े
  (iii) ऐसे व्यिष्टयों क मामले में िजनकी उॆ िवत्त वषर् 2009-10 क दौरान िकसी भी समय 65 वषर्
  या इससे अिधक हो-


आय ( रूपए में)                                    कर दे यता ( रूपए में)
2,40,000रू. तक                                    शून्य
                          े
2,40,001 से 3,00,000 रू. क बीच                    2,40,000रू. से अिधक आय का 10%
                            े
3,00,001रू. 5,00,000 रूपये क बीच                  6000+3,00,000 रू. से अिधक आय का 20%
5,00,000 रूपये से अिधक                            46,000+रूपये 5,00,000 रूपये से अिधक का
                                                  30%


(ख)                           े                          े
       मद सं.2 में, मद सं.1ग क दो ूितशत की दर से अिधभार क ब्यौरे भरें , यिद भाग ख             टी
आई की मद सं.11 क अनुसार कल आय 10 लाख रूपए से अिधक होती है । तथािप, कल आय में
                े        ु                                          ु
                                 े
अन्तर होने तथा 10 लाख रूपए होने क कारण ऐसा अिधभार अिधक नहीं होगा।
(ग)   मद सं.3 में, मद सं.1 ग तथा मद सं.2 में तीन ूितशत की दर से माध्यिमक एवं उच्च िशक्षा
सिहत िशक्षा उपकर की संगणना करें ।
(घ)                                                   े
        मद सं.5 क में, राहत का दावा करें , यिद, वषर् क दौरान ूाप्त वेतनों की बकाया रािश अथवा
        े                   े                 ू
अिममों क संबंध में धारा 89 क अंतगर्त यिद कोई छट है ।
(ड़)                                 े
       मद 11 ख में, कृ पया वेतन आय क संबंध में िनयोजक (िनयोजकों) द्वारा जारी िकए गए फामर्
                े                                                                    ू
16 तथा अन्य आय क संबंध में िकसी अन्य व्यिक्तयों द्वारा जारी िकए गए फामर् 16 क और अनुसची
                                                                े
टी.डी.एस.1, टी.डी.एस.2 तथा टी.सी.एस. में यथा ूिवष्ट फामर् 27 घ क अनुसार ब्यौरे ूःतुत करें ।


(च)                   ू                   े
       मद 16- .इस अनुसची में कृ पया बैंक क एम आई सी आर का उल्लेख करें यिद आप
                          े
इलेक्शॉिनक समाशोधन ूणाली क माध्यम से ूितदाय ूाप्त करना चाहते हैं । तथािप, सभी मामलों में
                          े
इलेक्शॉिनक समाशोधन ूणाली क माध्यम से ूितदाय जारी करना संभव नहीं है क्योंिक इलेक्शॉिनक
समाशोधन ूणाली की सुिवधा पूरे दे श में उपलब्ध नहीं है ।



17. सत्यापन
(क)    यिद िववरणी कागजी ूपऽ में या िडजीटलन हःताक्षर से इलेक्शािनक रूप में या
बारकोडे ड ूारूप में ूःतुत करनी है तो कृ पया सत्यापन में अपेिक्षत सूचना भरें । जो लागू न हों
उसे काट दें । कृ पया सुिनिँचत करें िक िववरणी जमा करने से पूवर् सत्यापन पर हःताक्षर हो ।
िववरणी पर हःताक्षर करने वाले व्यिक्त का पदनाम िलखें ।
(ख)    यिद अनुदेश सं. 5(iii) में उिल्लिखत ढं ग से इलेक्शािनक रूप में िववरणी ूःतुत करनी
हो तो कृ पया सत्यापन फामर् (फामर् आईटआर-) भरें ।
(ग)                                           ू
      कृ पया नोट करें िक िववरणी या संलग्न अनुसिचयों में गलत िववरण दे ने वाले िकसी भी
                                          े
व्यिक्त पर आयकर अिधिनयम 1961 की धारा 277 क अंतगर्त अिभयोजन चलाया जाएगा तथा
                             े
दोष िसद्ध होने पर उक्त धारा क अंतगर्त उस पर कठोर कारावास और अथर्दंड लगाया जाएगा ।

                                   े
18. कर िववरणी तैयारकतार् (टीआरपी) क संबंध में ब्यौरा(क) यह िववरणी 28 नवम्बर, 2006
                               े
की कर िववरणी तैयारकतार् योजना क अनुसरण में िकसी कर िववरणी तैयारकतार् (टीआरपी)
द्वारा भी तैयार की जा सकती है ।
                  े                            े                े
(ख) यिद िववरणी उसक द्वारा तैयार की गई है तो उसक द्वारा सत्यापन क नीचे मद सं.16 में
                                                            े
संगत ब्यौर भरे जाएं और उक्त मद में उपलब्ध ःथान पर िववरणी उसक द्वारा ूितहःताक्षिरत
की जाए ।

(ग) कर िववरणी तैयारकतार् करदाता से अिधकतम 250/-रूपये की फीस लेने का हकदार है ।
                                            े
कर िववरणी तैयारकतार् िनम्निलिखत तीन वषोर्ं क िलए सरकार से िनम्नानुसार ूितपूितर् का
हकदार है :-

   (i) पहले पाऽ कर िनधार्रण वषर् (पहला पाऽ कर िनधार्रण वषर् का आशय कर िनधार्रण वषर्
                                                 े
        से है यिद कम से कम तीन कर िनधार्रण वषर् क िलए िववरणी ूःतुत न की गई हो)
         े
        क िलए िववरणी में घोिषत आय पर संदत्त आय का 3%
   (ii) दसरे पाऽ कर िनधार्रण वषर् (दसरा पाऽ कर िनधार्रण वषर् का आशय पहले पाऽ कर
         ू                          ू
                                   े                          े
        िनधार्रण वषर् से ठीक पहले क कर िनधार्रण वषर् से है ) क िलए िववरणी में घोिषत आय
        पर संदत्त कर का 2%
  (iii) तीसरे पाऽ कर िनधार्रण वषर् (तीसरा पाऽ कर िनधार्रण वषर् का आशय दसरे पाऽ कर
                                                                       ू
                                   े                          े
        िनधार्रण वषर् से ठीक पहले क कर िनधार्रण वषर् से है ) क िलए िववरणी में घोिषत आय
        पर संदत्त कर का 1%

                                   े                                       े
(घ) इन तीन पाऽ कर िनधार्रण वषोर्ं क िलए, टीआरपी करदाता से उतनी रािश शुल्क क रूप में
ूाप्त करने का पाऽ होगा िजतनी रािश सरकार से उसे ूाप्त ूितपूितर् की रािश 250 रू. से
अिधक होगी ।

				
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posted:1/8/2011
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