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                उत्तराण्   िासन


    सह-स्टे ट ्टटरनल डि ट,
              उत्तराण्

         चतुर्थ संस्वरण

 सूचना वा अधिवार अधिधनयम-2005
 े
व अिीन प्राधिवारी द्वारा प्रवाधित सूचना

              भाग – एव

     23-लक्ष्मी र ,   ालनवाला, दे हरादन
                                      ू
                                        2



                                प्रस्तावना
                                  े                े
       सूचना अधिवार अधिधनयम-2005 व अनुच्छे द-4(1) व अटतगथत धनदे िालय
                                                     ु
व षागार एंव सेवायें उत्तरांचल द्वारा 17 बिटदओं पर मैनअल वा िद्वतीय संस्वरण तैयार
                                            ु
                          ु
िवया गया है । प्रत्येव मैनअल में वगीवृ त सूचना उपलिि वरायी गयी है जिसमें डम
                                                   ्
नागररवों द्वारा सूचना प्राप्त वरने हे तु िि भी डवेदन िवया िायेगा त डिार भूत
               ु                               ु
सूचनायें ्न मैनअलों में ही उपलब्ि ह िायेगी। मैनअल वा िद्वतीय संस्वरण तैयार
                                                              ु
वरने में यह प्रयास िवया है । िव बवभाग िव समस्त सूचनायें ्स मैनअल में संवधलत वर
               े
ली िाय। बवभाग व धलयें िहााँ यह एव अधभनव एंव चुनौधत पूणथ वायथ र्ा, सार् ही ्स
गुरतर भार व अघावधिव रूप से व्यवजस्र्त वरने हे तु एव सुणद अनुभव भी र्ा। ्सी
अविारणा से ्स वायथ व सम्पटन िवया गया।
                                         ु
      यह उल्लेणनीय है िव वतथमान में ि मैनअल वा िद्वतीय संस्वरण उभर वर डया
है वह एव प्रारजभभव अवस्र्ा है तर्ा ्से धनरटतर अद्यावधिव िवया िायेगा जिससे
   ु
मैनअलों व पुणथ रूप से वम््यूटरीवृ त वर िैिसा्ट में भी उपलब्ि
       वराने वी व्यवरर्ा वी िायेगी तािव िन सामाटय व बवभागीय िानवाररयां
          थ             े       ु
सुगमता पुवव प्राप्त ह सव। ्स मैनअल व तैयार वरने वा दाधयत्व श्री उद्वव भट्ट
सहायव व षाधिवारी व सौंपा गया र्ा तर्ा ्स वायथ में मुख्यतः श्री दे वेटद धसंह चौहान
सहायव लेणाधिवारी व श्री बविाल स मानी वायाथलय सहायव सह ाटा ्टरी डपरे टर
                              े
द्वारा पूणथ सहय ग िदया गया उनव प्रयासों वी सराहना वी िाती है ।

िदनांवः 19 धसतम्िर, 2011

                                                                 िरद चटर पा् े य
                                                                    धनदे िव।
                                           3



                                    बवषय सूची
क्र0                        सूचना वा बवषय/बववरण                  पृष्ठ संख्या
सं0
1   संगठन वी बवधिबियां वृ त्य और वतथव्यः-                             1
    (1) व षागार प्रभाग                                             1-126
       (2) बवत्तीय सांख्यवीय प्रभाग                                 127
2      अधिवाररयों और वमाथररयों वी िबियां और वतथव्यः-
                         े
       (1) ििट धनयंत्रव व रूप में उत्तरदाधयत्व एवं वतथव्य         128-134
                            े
       (2) व षागार वधमथयों व उत्तरदाधयत्व एवं वतथव्य              134-136
                                  े
       (3) स्टे ट ्टटरनल डििटर व उत्तरदाधयत्व एवं वतथव्य            136
3      बवधनिचय वरने वी प्रिवया मे पालन वी िाने वाली प्रिवया जिसमें 137-183
            ्
                                  े
       पयथवेक्षण और उत्तरदाधयत्व व माध्यम सजम्मधलत हैं
                     े
       (1) अधभलेणों व रण-रणाव एवं बवनषटीवरण वी प्रिक्रया          184-251
4                े        े
       वृ त्यों व धनवथहन व धलये स्वयं द्वारा स्र्ाबपत मापमानः-   252-255
       (1) व षागार प्रभाग                                           255
                                                            1

                           संगठन वी बवधिबियां वृ त्य और वतथवय
                                                            ्

               े                                                              े
         भारत व सबविान में ल वतंत्रात्मव गणराज्य में प्रत्येव ल व प्राधिवारी व वायथवरण में पारदधिथता और
              े        े                   े                                           े
उत्तरदाधयत्व व संविथन व धलए प्राधिवाररयों व धनयंत्रणािीन सूचना तव पहुंच सुधनज्चत वरने व धलए नागररवों व
       े                                                े        े
सूचना व अधिवार वी व्यावहाररव िासन पद्धधत स्र्ाबपत वरने व धलए एव वटदीय सूचना डय ग तर्ा राज्य सूचना
                                                 े
डय गों वा प्रधतपादन िवया गया है जिसमें ल वतंत्र व नागररवों से ऐसी सूचना िव पारदधिथता वी अपेक्षा वरता है ि
   े                             े                    े                 े
उसव वायथवरण तर्ा भिाचार व र वने व धलए सरवारों तर्ा उसव पररवरणों व िासन व प्रधत उत्तरदायी िनाया है
                    े                े                                           े
जिससे ल व िहतों जिसव अटतगथत सरवारों व दक्ष प्रचालन सीधमत राज्य बवत्तीय संसािनों व अधिवतम उपय ग और
ल वतंत्रात्मव डदिथ वी प्रभुता व िनाये रणते हुए नागररवों व वधतपय सुचना उपलब्ि वराने हे तु सूचना अधिवार
अधिधनयम-2005 िदनांव 12 अक्टू िर 2005 से प्रधतपािदत हुड।

                                                                                              ै
         ्सी तदात्म्य में धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरनल डििट द्वारा संविाधनव िदिा धनदे िों
 े                  े                                                े                    े
व अनुसार धनदे िालय व अिीन सगठनों जिला स्तरीय वायाथलयों/उप वायाथलयों व वायो एवं दाधयत्वों व धनषपादन हे तु
सूचना वा अधिवार 2005 वा बवभागीय मैनवल धनरूबपत िवया गया है जिसवा एव मात्र डिय यही है िव साफ सुर्रे
                 े                          े
प्रिासन से िनता व अधिवारों िव रक्षा वी िा सव।

                                                              े                    े                 े
         सूचना वा अर्थ िवसी भी ऐसी सामगी से है ि चाहे ररवािथ व रूप में ह , अधभलेण व रूप में ह , मेम व रूप में
ह , ई-मेल वी िक्ल में ह , जिसमें बवचारों व पवट िवया गया ह , सुझाव िदये गये हों, प्रेस बवज्ञधप्तयां िारी वी गयी हों,
                                                                                       े
पररपत्र िारी िवये गये हों, चाहें वे सरवारी डदे ि हों, गािियों वी लॉगिुक्स, पररय िनाओं व अनुिटि
                                                                              े
(CONTRACTS) ररप टथ , वागिात नमूने, म िल या ्लैक्टाधनव रूप में िवसी भी प्रवार व डंविे ि रणे िाते हों यह
सि सूचना वी पररिी में पररभाबषत होंगे।

         धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरनल डििट उत्तरांचल वी स्र्ापना िासनादे ि संख्या-
                                          े                      थ
5089/बव0सं0िा0/2001, िदनांव 19-िून, 2001 व द्नारा वी गयी है । पूववती राज्य उत्तर प्रदे ि में धनदे िालय व षागार एवं
बवत्तीय सांख्यवीय धनदे िालय, स्र्ानीय धनधि लेणा परीक्षा धनदे िालय तर्ा मुख्य लेणा परीक्षा अधिवारी सहवारी
                       े
सधमधतयों एवं पंचायतें व वायाथलय द्वारा िवये िाने वाले समस्त वायथ नवगिठत राज्य उत्तरांचल में ्स धनदे िालय व
                              े                       े                                     े
सौंपे गये हैं । ्स धनदे िालय व अिीन उि चारों संगठनों व वायो एवं दाधयत्वों व अलग-अलग प्रभाग व रूप में यर्ावत
रणा गया है । ्न चारों प्रभागों द्नारा िवये िा रहे वायो वा संजक्षप्त बववरण धनम्नवत हैं :-
व षागार प्रभाग
                     े
         स्वतटत्रता व िाद उत्तरांचल अबवभाजित राज्य उत्तर प्रदे ि वा अंग र्ा। प्रारभभ में व षागार रािस्व बवभाग वा
                                                                                         ु
िहस्सा रहा है । और यह व्यवस्र्ा वषथ 1965 तव चलती रही जिसमें िवसी वररष्ठ िि्टी वलेक्टर व वछ अधतररि वेतन
दे वर व षाधिवारी वा वायथ एवं दाधयत्व सौपा िाता र्ा। पहली िार सन ् 1965 में यह महसूस िवया गया िव रािस्व
                                      े
बवभाग वा वायथ अत्यधिव बवस्ताररत ह ने व वारण व षागार वायथ प्रणाली में समुधचत ध्यान नहीं िदया िा रहा है । ्सी
                                                                                                 े
तारतम्य व मध्य निर रणते हुये वषथ 1965 में व षागार धनदे िालय उ0प0 वी स्र्ापना वर उसे बवत्त बवभाग व अटतगथत
              े ु                                       ै
लाया गया, जिसव विल बवत्तीय वायथ संचालन हे तु बवत्तीय संविाधनव व्यवस्र्ा व सम्पूणथ प्रदे ि में धनदे िालय
                े                थ                                                         े
व षागार उ0प्र0 व माध्यम से एव मूतरूप िदया गया। यह उल्लेणनीय है िव सुठृढ बवत्तीय व्यवस्र्ा व बिना व ई भी
राज्य अर्ना राष्ट् समूदिाली नहीं िन सवता। ्सधलए बवत्तीय व्यवस्र्ा वा महत्व अधिव प्रासंधगव है , यही वारण है िव
                                                            2
                                                   े
प्रत्येव राज्य में बवत्तीय प्रिटिन व सुधनजित वरने व धलए बवत्तीय सेवा वा गठन िवया गया। वतथमान में ्स सेवा वे
अधिवारी जिला स्तर तर्ा राज्य स्तर पर बवधभटन बवभागों (पररषदों) प्राधिवरणों (धनगमों) बव्वबवद्यालयों में बवत्त
                                               ु                                    े
धनयंत्रव, बवत्तीय अधिवारी, बवत्तीय सलाहवार, संयि धनदे िव, अपर धनदे िव तर्ा धनदे िव व पदों पर वायथरत है ।
                                                                                 े
िासन स्तर पर बवत्त बवभाग, सधचवालय, प्रिासन बवभाग, ल व धनमाणथ, बविान सभा सधचवालय व अटतगथत बवधभटन
पदों पर तैनात िवये िाने वा प्राबविान है ।
                                            े                   े
        उत्तर प्रदे ि पुनगथठन अधिधनयम 2000 व अधिधनयम संख्या-29 व अिीन उत्तरांचल राज्य वी स्र्ापना वी गयी
                                                                       े                            े
जिसमें राज्य स्वरूप व पूणथ डयाम दे ते हुये बवधभटन बवभागों वी स्र्ापना व सार् उत्तरांचल बवत्त बवभाग व अिीन
धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें उत्तरांचल वा सूिन वर िासनादे ि संख्या-5098/बव.सं.िा./2001 बवत्त अनुभाग
िदनांव 19 िून, 2001 से संगठनात्मव ढांचा िनाया गया जिसमें व षागार एवं उप व षागार सम्िटिी अधिष्ठान,
                                                                                                      े
स्र्ानीय धनधि लेणा परीक्षा, सहवाररता एवं पंचायतें लेणा परीक्षा, ाटा सेटटर तर्ा सेवा सम्िटिी अधिष्ठान व वायो वे
पयथवेक्षण, धनयंक्षण डिद हे तु महामिहम राज्यपाल मह दय द्नारा व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरनल डि ट
                                      ू                     े
धनदे िालय वी स्र्ापना हे तु सहषथ स्वीवधत प्रदान वी गयी, जिसव अटतगथत धनदे िव व बवभागाध्यक्ष एवं ििट धनयंत्रव
अधिवारी घ बषत वर धनम्न पदों वी स्र्ापना वी गयी।
        (1)      धनदे िव
        (2)      अपर धनदे िव-2
        (3)         ु
                 संयि धनदे िव-4
        (4)      उप धनदे िव-4
        (5)      वैयबिव सहायव-4
        (6)      डिुधलबपव सह वटट ल डपरे टर-4
        (7)      लेणावार सह वररष्ठ ाटा ्टरी डपरे टर-3
        (8)      वररष्ठ सम्प्रेक्षव सह ाटा प्र सेधसंग अधसस्टें ट-2
        (9)      वायाथलय सहायव सह ाटा ्टरी डपरे टर-5
        (10)     वाहन चालव-4
        (11)     चपरसी-6
        (12)     सह वम््यूटर वक्ष सहायव अटे ट े ्ट सह ाव वाहव सह फराथि
                      े
         राज्य सरवार व लगभग समस्त भुगतान एवं प्राधप्तयां बवधभटन िनपदों में स्र्ाबपत व षागारों एवं
             े
उपव षागारों व माध्यम से ह ते हैं सार् ही स्टाम्पों वी डपूधतथ एव बवतरण वा दाधयत्व भी व षागारों व िदया गया है ।
         े
प्रदे ि व समस्त व षागारों एवं उपव षागारों पर धनयंत्रण एवं मागथदिथन वा दाधयत्व धनदे िालय वा है । सामाटयता प्रत्येव
                               ु                               ु
िनपद में एव जिला व षागार तर्ा वछ अिीनस्र् उपव षागार ह ते है । वछ िनपदों में एव से अधिव व षागार भी है ।
                                                                            े           े
सभी व षागारों वा नगद लेन दे न वा वायथ भारतीय स्टे ट िैंव द्नारा ररििथ िैंव व प्रधतधनधि व रूप में िवया िाता है तर्ा
                       ं
्सी वारण से ्टहें िैंिवग व षागार वहा िाता है । िवटतु उपव षागारों में वाफी ऐसे हैं ि नगद लेन दे न वा वायथ भी
                                                                                          े
स्वंय वरते हैं तर्ा नान िैंिवगं वहे िाते हैं । वतथमान में उत्तरांचल में धनम्नधलजणत बववरण व अनुसार 17 व षागार, 72
उपव षागार तर्ा नई िदल्ली में उत्तरांचल भुगतान एवं लेणा वायाथलय स्र्ाबपत हैं ।
                                                 3



    क्र0सं0              व षागार वा नाम                   अिीनस्र् उपव षागार
      1                        2                                   3
1             दे हरादन
                     ू                    1- मसूरी
                                          2- चवराता
                                          3- बववासनगर
                                                 े
                                          4- ऋबषवि
                                          5- त्यूनी                     ं
                                                              (नान िैंिवग)
                                          6- दे हरादन
                                                    ू                   ं
                                                              (नान िैंिवग)
2             रूरप्रयाग                   1- अगस्तमुनी        (नान िैंिवग)
                                          2- ऊणीमठ           (नान िैंिवग)
                                          3- िण ली           (नान िैंिवग)
                                          4- रूरप्रयाग
3             नरे टरनगर                   1- दे वप्रयाग      (नान िैंिवग)
                                          2- र्त्यू         (नान िैंिवग)
4             व टद्नार                    1- वालागढ
5             लैस ाउन                      ------
6             हररद्नार                    1- लक्सर
                                          2- हररद्नार
7             रू वी                       -----
8             चम ली                       1- वणथप्रयाग
                                          2- ि िीमठ
                                          3- चम ली           (नान िैंिवग)
                                          4- र्राली          (नान िैंिवग)
                                          5- प णरी           (नान िैंिवग)
                                          6- गैरसेंण         (नान िैंिवग)
                                          7- घाट            (नान िैंिवग)
                                          8- दे वाल         (नान िैंिवग)
                                          9- नारायणिग       (नान िैंिवग)
9             उत्तरवािी                   1- भटवा ी         (नान िैंिवग)
                                          2- ु ् ा          (नान िैंिवग)
                                          3- ि व ट          (नान िैंिवग)
                                          4- पुरौला        (नान िैंिवग)
                             4

10   पौ ी        1- श्रीनगर      (नान िैंिवग)
                 2- सतपुली       (नान िैंिवग)
                 3- र्ैलीसेंण    (नान िैंिवग)
                 4- िूमाव ट      (नान िैंिवग)
11   िटहरी       1- घनस्याली       (नान िैंिवग)

12   नैनीताल     1- िेतालघाट      (नान िैंिवग)
                          ु
                 2- व ्यावटौली (नान िैंिवग)
                 3- रामनगर
                 4- वालाढू गी      (नान िैंिवग)
                 5- हल्द्नानी
     अल्म ा      1- रानीणेत
                 2- द्नाराहाट       (नान िैंिवग)
                 3- चौणुिटया         (नान िैंिवग)
                 4- मौलेणाल          (नान िैंिवग)
                 5- धभक्यासैण         (नान िैंिवग)
                 6- लमग ा            (नान िैंिवग)
                       ु
                 7- तावला            (नान िैंिवग)
                 8- दटया
                 9- दे घाट
14   बपर्ौरागढ   1- िारचूला
                 2-   ी ीहाट
                 3- गंग लीहाट        (नान िैंिवग)
                 4- र्ल               (नान िैंिवग)
                 5- मुनस्यारी        (नान िैंिवग)
                 6- असव ट             (नान िैंिवग)
                 7- िेरीनाग
                 8- दे वलर्ल          (नान िैंिवग)
                 9- गनाईगंग ली        (नान िैंिवग)
15   िागेिवर
          ्      1- वपव ट            (नान िैंिवग)
                 2- गरू              (नान िैंिवग)
                 3- वा् ा            (नान िैंिवग)
                 4- िागेिवर
                                                        5

16         चम्पावत                            1- ल हाघाट       (नान िैंिवग)
                                              2- पाटी          (नान िैंिवग)
                                              3- टनवपुर
                                              4- चम्पावत        (नान िैंिवग)
17         उिमधसंह नगर                        1- िसपुर
                                              2- वािीपुर
                                              3- िािपुर
                                              4- गदरपुर
                                              5- िवच्छा
                                              6- धसतारगंि
                                              7- णटीमा
                                            8- रूरपुर
18         उत्तरांचल   भुगतान    एवं   लेणा ------
           वायाथलय नई िदल्ली
यग         18                                 72
                                                                                े
        सभी व षागारों एवं उपव षागारों वा वायथ उत्तरांचल व षागार धनयमावली, 2003 व अनुसार संचाधलत ह ता है ।
िासन द्नारा बवबवि अर्ोपायों द्नारा ि संसिान िुटाये िाते हैं । उनवा प्रिासन व बववास वायो में ििट डवंटनों वे
                         े
अनुरूप समुधचत सदपय ग ह सव तर्ा प्राधप्तयों एवं व्ययों वी सही-सही जस्र्धत समीक्षा एवं अनुश्रवण हे तु हर समय सही
                ु
                   े े
रूप में उपलब्ि ह सव व धलये प्रदे ि वी बवत्तीय प्रिटिन में ्न वायो हे तु व षागारों वी भूधमवा मुख्य है । प्रत्येव
सरवारी भुगतान अप्रत्यक्ष अर्वा प्रत्यक्ष रूप से व षागारों से धनयंबत्रत ह ता है । अतः भुगतानों में समयिद्नता एवं
                 े      े
िीध्रता व षागार व वायो व सम्पादन वी महत्वपूणथ वसौटी एवं उत्तरदाधयत्व है , जिसमें सार्-सार् गलत या वपटपूणथ
भुगतान र वने वा दाधयत्व भी सजम्मधलत है ।

                              े
        उपर ि उत्तरदाधयत्वों व क्रम में व षागारों व वषथ 1986-87 से चरणिद्न रूप से वम््यूटरीवरण िवया गया तर्ा
वषथ 1988 तव सभी व षागार वम््यूटरा्ज् िवये गये। िदनांव 01-08-98 से ˝धसगंल बवट ों धसस्टम˝ से डन ला्न
बिल पारण एवं चेव धनगथमन प्रणाली लागू हुयी जिससे व षागारों में बिल पारण, चेव धनगथत ह ना तर्ा लेणा िनाना उसी
                                                                   थ
समय सार्-सार् ह ने लगा। उत्तरांचल राज्य में भी समस्त 17 व षागार पूणतः वम््यूटराईज् हैं ।

                              े                                           े
        व षागार प्रत्येव वषथ व ििट सािहत्य व अपने वम््यूटर में एन0डई0सी0 व सहय ग से ्नटरनेट से एवं
      े
सी ी व माध्यम से ल     वरता है । ििट धनंयत्रव द्नारा अपने-अपने वायाथलयों व डंविटत ििट वी एव प्रधत व षागार
                                                              े
व भेिी िाती है । व षागार में ्से सम्िजटित डहरण बवतरण अधिवारी व व               में वम््यूटर पर फी िवया िाता है ।
                                         े                                      े
व षागार वा दाधयत्व है िव सम्िजटित बवभाग व धलये ििट सािहत्य में प्राबविाधनत ििट व सापेक्ष ही ििट धनयंत्रव
                                                                               े
द्नारा ििट वा डंवटन िवया गया ह और सम्िजटित डहरण बवतरण अधिवारी जिसवा हस्ताक्षर व नमूने व षागार में
                         े
अधभरजक्षत हैं वी िांच वरव सही पाये िाने पर उस सीमा तव ही दे यव व भुगतान हे तु प्रस्तुत िवया गया ह । व षागार
                       ै                                                                             े
स्तर पर ििट धनयंत्रण, वि फल , बवत्तीय अधभलेणों पर धनयंत्रण, लेणों वा धमलान, प्रिटिवीय सूचना प्रणाली व तहत
                                                         6
लेणा तैयार वरना, धनणयथ हे तु ितप्रधतित िुद्न डंव े प्राप्त वरना है । बवत्तीय डंव ों वी िुद्नता एवं सुरक्षा हे तु उच्च
तवनीव से युि साफटवेयर ˝ओररवल 9डई˝ स्र्ाबपत िवये िाने वी प्रिक्रया प्रर्म चरण में दे हरादन व षागार में
                                                                                        ू
        थ
सफलतापूवव सम्पटन वी िा चुवी है . िेष व षागारों में ्से स्र्ाबपत िवये िाने हे तु डव्यव उच्चीवत वम््यूटर
हा थ वेयर/साफटवेयर उपवरण          े                                        े
                                 व क्रय वी वायथवाही वी िा चुवी है । राज्य व बवत्तीय डंव ों व
अटतथराज्यीय/अटतथराष्ट्रीय स्तर पर माटयता हे तु डईएसओ 9001 वा प्रमाण पत्र प्रदान वराने वी िदिा में प्रर्म चरण में
                                                               े                                             े
दे हरादन व षागार व उि प्रमाण पत्र प्रदत्त वराया गया है । दे ि व सभी राज्यों में प्रारभभ से ही सरवारी सेववों व वेतन
       ू
                                                        े
्त्यािद एवं सेवाधनवृत्त रािवीय पेंिनरों व पेंिन भुगतान व धलये समुधचत ििट वा डंवलन, व्यवस्र्ा एवं ्सवे
                                                                                     े
धनयंत्रण वी समस्या रही। उत्तरांचल राज्य ने ्स िदिा में क्राजटतवारी, वदम िढाते हुए ्सव धलये एव बविेष वम््यूटर
   े                    े
पैवि बववधसत वरने एवं ्सव प्रय ग हे तु एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली लागू वरने वा बवधनिचय िवया। ्स
         े                          े                                     े                 े
प्रणाली व प्रभावी रूप से लागू वरने व धलये ्स िदिा में प्रारजभभव वायथवाही व समय तमाम प्रवार व गधतर िों जिसमें
बवधभटन वमथचारी सगंठनों, व षागार वमथचारी संगठन, बवधभटन पेंिनर संगठन एवं अटय स्तरों से अनेवों डिंवाओं
              े                  े                                               े
िैसे बवभागों व अधिवार वम ह िायेंग, समस्त बवत्तीय प्रिटि वा दाधयत्व व षागार स्तर व वमथचाररयों पर ड
िायेगा, समय से वेतन एवं पेंिन वा धमलना िंद ह िायेगा, लेणा वधमथयों में वटौधत वर दी िायेगी एवं पद समाप्त वर
                                                                                                े
िदये िायेंगे डिद मुख्य गधतर ि सामने डये। िासन स्तर पर तर्ा धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें व स्तर पर
               े                        थ                                                े
अनेवों िैठवों व िाद समस्त डंिवाऐं ि धनमूल र्ीं वा समािान वरते हुए िासन द्नारा राज्य गठन व 01 वषथ से भी
                                                              े
वम समय में प्रणाली हे तु डव्यव साफटवेयर एवं वम््यूटर उपवरणों व क्रय वी व्यवस्र्ा पूणथ वरते हुए िासनादे ि
संख्या 235/21/बव0अनु0-1/2001, िदनांव 06 िदसम्िर, 2001 धनगथत िवया गया और धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें
व सरवारी वमथचाररयों व समय से वेतन भुगतान एवं प्रभावी लेणा प्रणाली हे तु व षागारों में एवीवृ त भुगतान एवं लेणा
प्रणाली प्रर्म चरण में व षागा दे हरादन में 01 िनवरी, 2002 से तर्ा अटय सभी व षागारों में 01 अप्रैल, 2002 से लागू
                                     ू
                                े                              े
वरने वा दाधयत्व सौपा गया। िासन व ्स धनदे ि वा अनुपालन धनदे िव व द्नारा समयिद्नता से िवया गया और ्स
                         थ   े                                                  े             े
िासनादे ि में धनिहत प्रिवया व तहत राज्य वमथचाररयों एवं पेंिनरों वा भुगतान िैंव व माध्यम से उनव एवल णाते में
प्रत्येव दिा में अगले माह वी पहली तारीण तव िवया िाना सुधनधिचत िवया गया।

                                           े                                           े
        ्स प्रणाली व और अधिव उच्चीवृ त तरीव से उपय गी साफटवेयर ि उत्तरांचल महालेणावार व यहां राज्य वे
        े       े                                            े
डंव ों व संवलन व धलये "ओररवल 9डई" प्रय ग में लाया िा रहा है व समानाटतर उत्तरांचल व षागारों में ्स
                   े
साफटवेयर व अपनाने व धलये ्स िदिा में वायथ वरने वा उत्तरदाधयत्व भी धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें व सौंपा
                     े          े        े
गया र्ा, तािव राज्य व डय-व्ययव व डंव ों व धमलान महालेणावार में पुस्तामिवत डंव ों से ितप्रधतित रूप से
                   े
िवया िाना सभभव ह सव तर्ा प्रत्येव माह व षागारों से लेणा ि ि रों में भर वर महालेणावार वायाथलय में उपलब्ि
                                                       े                                        े
वराया िाता है , में लगने वाले श्रम एवं समय से िचा िा सव और व षागार वा लेणा यर्ा सी ी अर्वा नेट व माध्यम से
                               े
महालेणावार व उपलब्ि वराया िा सव। प्रर्मतः "ओररवल 9डई" साफटवेयर वा प्रय ग व षागार दे हरादन में िवया
                                                                                        ू
                थ                                                 े
गया र्ा। ्से पूणतः में सभी व षागारों में दे हरादन में सफल प्रय ग व तुरटत िाद िवया गया। उत्तरांचल वी भौग धलव
                                                ू
पररजस्र्धत व ध्यान में रणते हुए िन सामाटय वी सुबविा हे तु िासन द्नारा बवचर पराटत िातनादे ि संख्या
                                            े
1093/बव0अनु0-4/2003, िदनांव 16 फरवरी, 2002 व द्नारा दे हरादन में चवराता, पौ ी में िूमाव ट, चम ली में वणथप्रयाग
                                                           ू
एवं र्राली, उत्तरवािी में पुरौला, अल्म ा में रानीणेत एवं धभक्यासेंण, बपर्ौरागढ में ी ीहाट एवं िेरीनाग तर्ा नैनीताल
               ु
में हल्द्नानी वल 10 उपव षागारों व उच्चीवृ त वरते हुए यहां व षागार वी भांधत स्वंत्रत रूप से वायथ वरने वा अधिवार
प्रदत िवया िा चुवा है । उि 10 उपव षागारों व उच्चीवृ त वरने एवं व षागार वी भांधत स्वंत्रत रूप से वायथ प्रारभभ
                                                         7
वराने हे तु ्न 10 उपव षागारों व ितप्रधतित रूप से वम््यूटरीवृ त िवये िाने एवं व षागारों में प्रय ग ह रहे
                                                       े
साफटवेयर उपलब्ि वराने, तर्ा वम््यूटर उपवरणों व क्रय वरव स्र्ाबपत वर िक्रयािील वराने वा दाधयत्व
धनदे िालय वा र्ा, जिसे समयिद्ध रूप से पूणथ िवया िा चुवा है । ्न 10 उपव षागारों में बवधिवत रूप से वायथ वराने हे तु
                                               े
सम्िजटित तहसील में िक्रयािील िासवीय वायाथलयों व धलये डहरण बवतरण अधिवारी घ बषत वराने एवं डहरण
बवतरण अधिवारी व               े                                       े              े
                       डंवटन व धलये िासन व समुधचत प्रस्ताव भेिे िाने व उत्तरदाधयत्व व अिीन प्रस्तावों व
समय पर िासन भेिे िाने पर िासन द्नारा िासनादे ि संख्या 64/Xxvii(4)/2005, िदनांव 28 फरवरी, 2005 धनगथत वरते
                                             े
हुए यहां 01 मई, 2005 से वायथ प्रारम्भ वराने व धनदे ि िदये गये। प्रारम्भ में उपव षागार हल्द्नानी, रानीणेत तर्ा
            े
चवराता ि ्सव धलये पूणथ रूप से तैयार र्े, में 01 मई, 2005 से बवधिवत रूप से व षागार वी भांधत वायथ प्रारभभ वराया
गया है । िेष 5 उपव षागारों में डव्यव औपचाररवताओं व पूणथ वर िदनांव 01-04-2006 से बवधिवत वर िदया गया
                                                                                      े
है । िेष 02 (धभक्यासैंण व िेरीनाग) उपव षागारों में अधिसूचना एवं नांन िैंिक्रग न ह ने व वारण वायथवाही यर्ा िैठवों
                े
एवं पत्राचार वरव वी िा रही है , ि िीध्र ही पूणथ ह िायेगी ति यहां भी वायथ प्रारभभ वराया िायेगा।
        व षागार एवं धनदे िालय वी सम्पूणथ िक्रयावलाप वम््यूटर डिाररत ह िाने से वम््यूटर उपवरणों वी
                       े                                              े   े
ितप्रधतित िक्रयािीलता व धलये राज्य स्तर पर सम्िजटित फमों से अनुिटि वरव ्नव अनुरक्षण एवं िक्रयािील
िनाये रणने हे तु वाबषथव अनुिटि वरने वा महत्वपूणथ दाधयत्व भी धनदे िालय वा है ।
मुख्यालय स्तर पर व षागार प्रभाग द्नारा िवये िा रहे अटय वायथ धनम्नवत ् हैं :-

1-                                  े          े
        धनदे िालय व षागार अधिष्ठान व मुख्यालय व समस्त अधिष्ठान वा वायथ व नई िदल्ली जस्र्धत भुगतान एवं
                      े                   े
        लेणा वायाथलय व धनयुबि प्राधिवारी व रूप में समस्त वायथ।
2-               े                                                                     े
        प्रदे ि व व षागारों में तैनात सहायव व षाधिवारी/उपव षाधिवारी, बवत्त सेवा संवगथ व श्रेणी "ण" वे
                    े                                          े            े            े
        अधिवाररयों व समस्त अधिष्ठान वा वायथ, बवत्त सेवा संवगथ व श्रेणी "व" व अधिवाररयों व अववाि एवं
        िी0पी0एफ0 स्वीवृ धत वा वायथ, एवं पद टनधत हे तु तर्ा अटय सेवा सम्िजटित प्रवरणों में समीक्षाधिवारी वे
        रूप प्रस्ताव एवं िट्पणी िासन व प्रस्तुत वरना।
3-                े
         प्रदे ि व समस्त व षागारों, धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें व नई िदल्ली जस्र्त भुगतान एवं लेणा
        वायाथलय व ििट डवंटन एवं धनयंत्रण।
4-                                                                         े
         व षागार स्तर से बवधभटन बवभागों व एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली व अिीन वेतन समय पर भुगतान
                                                                           े
        वराना तर्ा अटय समस्त सरवारी भुगतान एवं पेंिन वा भुगतान वराना और ्सव लेणा वा रण-रणाव वा
        पयथवेक्षण।
5-      व षागारों व वम््यूटर माईवर चैवों वी डपूधतथ वराना।
6-      महालेणावार व प्रधतमाह द िार लेणा प्रेषण वा पयथवेक्षण एवं धनयंत्रण, रक्षा लेणा वा रण-रणाव एवं रक्षा
        पेंिनरों व भुगतान वी गयी पेंिन वी िनराधि व भारत सरवार से प्रधतमाह प्रधतपूधतथ वराना।
7-       स्टाम्पों वी डपूधतथ एवं बवतरण पर धनयंत्रण एवं पयथवेक्षण, ररििथ िैंव व भेिे िाने वाले माधसव लेणा सूचना,
                 ं
        नान िैंिवग उपव षागारों में वरें टसी चेस्ट वा रण-रणाव वा वायथ।
8-      पेंिनरों वी धिवायतों वा धनरावरण वा वायथ।
9-      गिन एवं वपटपूणथ भुगतान पर धनयंत्रण रणना एवं पयथवेक्षण वा वायथ।
10-                                                    े
        व षागारों/उपव षागारों वा धनरीक्षण, महालेणावार व डि ट प्रस्तरों वा धनस्तारण।
11-                                े
        व षागारों एवं उपव षागारों व भवन, िवराये वी स्वीवृ धत िासन से प्रदान वराना डिद।
                                                         8
12-              े
        प्रदे ि व समस्त 17 व षागार, भुगतान एवं लेणा वायाथलय नई िदल्ली तर्ा 10 उपव षागारों, जिटहें स्वतंत्र
                 े                                                                               े
        व षागार व रूप में पररवधतथत िवया गया है , में ितप्रधतित रूप से वम््यूटर डिाररत वायथ ह ने व वारण
        वम््यूटर स्र्ापना, ्नवा वाबषथव रण-रणाव एवं ितप्रधतित रूप से वायथिील रणने हे तु दै धनव रूप से पयथवेक्षण
        वा वायथ।

                                  े
        व षागार धनयम-4(1) व 4(2) व अिीन प्रत्येव जिले में एव व षागार ह गा। जिसव सामाटय प्रभार वलेक्टर वे
अिीन ह गा, ि उसवा तात्वाधलव प्रिासवीय धनयटत्रण अपने अिीनस्र् व षाधिवारी व सौंप सवता है , िवटतु
                                                                        े                         े
वायथवारी धनयटत्रण से वह अपने व मुि नहीं वर सवता। ्न धनयमों द्नारा या उसव अधिन धनिाथररत प्रिक्रया व उधचत
पररपालन तर्ा सरवार, महालेणावार एव ररिवथ िैंव डफ ्ज् या द्नारा व षागार से अपेजक्षत समस्त बववजणथयों
          े                                                                     े         े
(ररटनसथ) व धनज्चत समय पर प्रस्तुत वरने वा उत्तरदाधयत्व वलक्टर वा ह गा। ्स धनयम व उपिटिों व अिीन रहते
             े      े                             े
हुए व षागार व वायथ व धलये वलक्टर तर्ा व षाधिवारी व अलग-अलग उत्तरदाधयत्व उसी प्रवार ह गें िैसा उन धनयमों
 े
व अनुसार पररभाबषत ह जिटहें महालेणावार से परामिथ लेवर बवत्त मंत्री अनुम िदत वरें गे।

                                             े                      े
        बवत्त हस्त पुजस्तवा ण् -पांच भाग-एव व अध्याय-6 प्रस्तर-116 व अनुसार नये वलेक्टर (जिलाधिवारी) वी
धनयुबि वी िाती है , ति वलेक्टर (जिलाधिवारी) व तुरटत महालेणावार व उस धनयुबि वी ररपोट दे नी ह गी तर्ा
            े
महालेणावार व समक्ष अधतिेष र व वी िनराधि, यिद व ई ह , ि ग्रहण वी िाती है , व प्रमाजणत वी िायेगी।
                                  े                  े                                   े
उत्तरांचल व षागार धनयमावली, 2003 व धनयम संख्या-4(2) व अिीन व षागार वलेक्टर (जिलाधिवारी) व सामाटय
प्रभार में ह गा, ि अपने अिीनस्र् व षाधिवारी व तुरटत वायथपालव धनयटत्रण सौंपेगा िवटतु अपने व प्रिासधन ्
                               ें                                              े
धनयटत्रण से धनबवथिहत नहीं वर सवगे। वलेक्टर (जिलाधिवारी) ्स धनयमावली द्नारा या व अिीन बविहत प्रिक्रया वे
                े
समुधचत अनुपालन व धलये तर्ा सरवार, महालेणावार, तर्ा भारतीय ररिवथ िैंव द्नारा व षागार से अपेजक्षत सभी
           े                    े
बववरजणयों व समयधनष्ठ प्रस्तुधत व धलये उत्तरदायी होंगे।

                                    े               े                े      े
बवत्त हस्त पुजस्तवा ण् -पांच भाग-द व पररधिि-20 (व) व अनुसार व षागार व वायथ व सम्िटि में जिलाधिवारी वे
वतथव्य एव उत्तरदाधयत्व धनम्न हैं :-

1-                                                             े                े
        जिलाधिवारी मुख्य रूप से सारे िन वी प्राधप्त और भुगतान व उधचत लेणा वायथ व धलये और र व , स्टाम्प,
                                                                        े            े
        अफीम, प्रधतभूधतयां और अटय सरवारी सम्पबत्त वी सुरजक्षत परररक्षा व धलये सरवार व प्रधत उत्तरदायी हैं ।
2-                                        े
         अिीनस्र् अधिवारी व िवसी व षागार व डसटन वायथभार में धनयुि वर दे ने से जिलाधिवारी िवसी भी
                                                                                   े
        प्रवार से अपने उत्तरदाधयत्व से मुि नहीं ह िाते हैं । उनवा यह उत्तरदाधयत्व ववल स्टाम्प और अफीम वी र व
                                                         े
        िावी परररक्षा और अिीनस्र् अधिवाररयों/वमथचाररयों व अधनयधमत वायथ वा तुरटत पता लगाने तव ही
        सीधमत नहीं हैं । िजल्व यह भी उटहीं वा उत्तरदाधयत्व हैं िव बववरजणयों ठीव और सही हैं और उटहें समय वा
                े
        पािटदी व सार् प्रस्तुत िवया िाता है और महालेणावार तर्ा वरे टसी डिफसर द्नारा िारी िवये गये अनुदेि वा
                                े
        व षाधिवारी द्नारा व ाई व सार् पालन िवया िाता हैं ।
                                                             (बवत्तीय हस्त पुस्तवा ण् -पांच भाग द वा प्रस्तर-402)
                                          े
        बवत्त हस्त पुजस्तवा ण् -पांच भाग व प्रस्तर-411 में जिलाधिवारी व स्मरण रणना चािहये िव िि
                                                                                     े
महालेणावार द्नारा उनवा ध्यान िवसी अधनयधमतता वी ओर डवृ ि िवया िाता है , ति धनिी िांच व िाद प्राप्त अपी
         े                      े           ु
िानवारी व डिार पर वी गयी ररपोट व अधतररि और वछ नहीं, सटत षिनव माना िा सवता हें । यह पयाथप्त नहीं हें
                                                            9
िव वह अपने अिीनस्र् वमथचारी वा स्पिीवरण डगे िढा दें । ्स रीधत से तैयार वी गयी ररपाथट से सटदे ह पर पदाथ प
      े
िाने व वारण डगे चल वर अनेव िार और अधिव अधनयधमततायें हुयी हैं ।

3-                 े                                       े                   े
       जिलाधिवारी व धलये यह माटय हैं िव वह धनम्नधलजणत िात व सम्िटि में िांच वरव अर्वा समािान वर
                                                    े
       लेना चािहयें। ्स प्रवार वी िांच बवत्तीय वषथ व प्रर्म छः महीने में (उस तारीण में, जिस िदन वह स्वयं र व
                                                                        े
       िावी वा सत्यापन वरते हैं ) में वरना चािहये और वम से वम ऐसी िांच व िीच चार महीनों वा अटतर ह ना
       चािहये।

       (1)-      िव िटवटों द न एव तालव और द तालव में और अफीम और िमानतों वा वास्तबवव (स्टाव),
                        े                े
                 पंजिय व िेष और व षागार व िनात्मव और ऋणात्मव ज्ञाबपवा में िदणलाये गये िटवटों और
                       े
                 अफीम व िेष से धमलते हैं । ्स डिय वा एव प्रमाण पत्र िनात्मव और ऋणात्मव ज्ञाबपवा पर
                 धलण दे ना चािहये।
       (2)-                                 े                  े                    े
                 िव बिल और दसरे उसी प्रवार व प्रपत्र वा, ि िन व लेन-दे न में उपय ग व धलये हैं , वा भ् ार
                            ू
                                                                                                        े
                 (स्टाव) साविानी से िटद ताले में रणा िाता हैं और उसवा सत्यापन ऐसे प्रपत्र वी स्टाव िुव व िेष
                 से िवया िाता हैं ।
                                   े
                          व षागार व िनात्मव और ऋणात्मव ज्ञाबपवा में प्रत्येव महीनें में जिलाधिवारी अर्वा दसरे
                                                                                                          ू
                 रािपबत्रत अधिवारी द्नारा, ि उसवी अनुपजस्र्धत में र व लेणा में हस्ताक्षर वरता हैं , अपने हस्ताक्षर
                 से धनम्नधलजणत प्रमाण पत्र दे ना चािहयेः-

                                                                                               े
                              "प्रमाजणत िवया िाता हैं िव ्स ज्ञाबपवा में सजम्मधलत बवधभटन लेणे व ्धतिेष, से
                      व षागार में रणे गये बवधभटन स्टाव पंजिय और लेणा में िदणलाये गये अविेष धमलते हैं ।"
                              थ                    े
                          उपयुि प्रमाण पत्र धलणने व पूवथ जिलाधिवारी व उपव षागार अर्वा अपने अिीनस्र्
              े
       तहसील व प्रभारी अधिवाररय से तर्ा उन अधिवाररव व्यबियों से भी, जिनव िटवटे अधग्रम दी िा चुवी है ,
                                                           े
       ्सी प्रवार वा प्रमाण पत्र ले लेना चािहये। ज्ञाबपवा व ठीव समय पर भेिे िाने पर ्सवा व ई प्रभाव नहीं प ना
       चािहये। िवसी भी अप्राप्त प्रमाण पत्र वा उसमें उल्लेण वर दे ना चािहये।
                                                   े             े                   े
                          यिद िवसी महीने में जिले व पदभार िदलने व फलस्वरूप िटवट डिद व स्टाव वी िांच ह
                                े
       चुवी हैं , त अगले महीने व प्रर्म िदन िफर से स्टाव वी िांच, यिद धनयमानुसार यर् धचत ह , वरना डव्यव
                                           े
       नहीं हैं । ऐसी दिा में प्रमाण पत्र व अटत में धनम्नधलजणत ि    दे ना चािहयें

                 "मेरे द्नारा जिले वा वायथभार ग्रहण वरते समय"-प्रत्येव अधिवारी व , जिसव िटवटें िारी वी गयी
       हैं , लेणा अलग-अलग रणना चािहये और व षागार में िनात्मव ओर ऋणात्मव ज्ञाबपवा में ि िेष ह , उसमें
       धनम्नधलजणत ह ना चािहयेंःः-
       (1)-                  े
                 द हरे ताले व अटदर िेष
       (2)-                     े
                 मुख्य र वि या व पास िेष
       (3)-                                       े
                 र वि या/उपर वि या/सहायव र वि या व पास िेष
       (4)-                           े                           े
                 दसरे अधिवाररयों, जिनव िटवटे अधग्रम दी गयी हैं , व पास अविेष।
                  ू
                                                      10


4-                                    ु    े            े
        संसािन धनयम सग्राँह (ररसोस मैनअल) व प्रस्तर-19 व अनुसार जिलाधिवारी व . िि वह              मुख्यालय में
उपजस्र्त ह , जिला व षागार िेष वी िााँच वरनी चािहये और महालेणावार व प्रस्तुत िवये िाने वाले लेणा पर हस्ताक्षर
                                                 े                              े
वरना चािहये। िि वह महीने वी पहली तारीण में दौरे व िाहर ह , ति मुख्यालय पर जिले व अधिवारी वगथ में से ज्येष्ठ
                                                           े
रािपबत्रत अधिवारी व अर्वा अपने िवसी सहायव अर्वा उप प्रभाग व स्र्ायी प्रभारी अधिवारी व यह वतथव्य सौंप
दे ना चािहये। ऐसा अधिवारी व षागार वा प्रभारी अधिवारी नहीं ह गें।
5-                                                          े
        िासनादे ि संख्या-3215/दस-149. िदनांव 30 अगस्त 1990 व अटतगथत माधसव र व लेणे वी िााँच और उनव
प्रमाजणत वरने तर्ा र व लेणा पर हस्ताक्षर वरने वा वतथव्य जिलाधिवारी, िि स्वयं मुख्यालय पर उपजस्र्त ह , व
                                                       े
स्वयं पालन वरना चािहये और िि तव वी िारीररव अस्वस्र्ता व वारण वरने में असमर्थ हों।
                                    ु   े            े
        सािन धनयम सग्राँह (ररसोस मैनअ) व प्रस्तर-19 व अनुसार यिद मुख्यानय पर व षाधिवार व छ ड़वर
जिलाधिवारी अर्वा जिला अधिवारी वगथ में से व ई भी रािपबत्रत अधिवारी उपजस्र्त न ह और लेणा पत्रव हस्ताक्षर
      े
वरने व धलय ् तैयार वर िदये गये हों, ति व षाधिवारी व ही र व िावी वा सत्यापन वरना और लेणापत्रव पर
                                                                      े                 थ
हस्ताक्षर वरना चािहये। लेिवन िैसा िव ऊपर िताया िा चुवा हैं लेणापत्रव व मुख्य भाग पर उपयुि सभी अधिवाररयों
वा उपजस्र्धत व प्रमाजणत वरने दे ना चािहये और ज्यों ही व ई दसरा अधिवारी मुख्यालय पर लौट वर डता हैं , उसे
                                                           ू
                             े
तुरटत र व िावी व सत्याबपत वरव महालेणावार व तुरटत प्रेबषत वर दे ना चािहयें।

                                                                े
        िट्पणी- िि वभी र व िावी वा सत्यापन महीने वी पहली तारीण व ििाये िवसी अटय तारीण में िवया
                                           े
िाता हैं िि ्सवी ररपोट र व िावी बवतरजणयों व सामाटय प्रपत्र पर वरै टसी डिफसर व वर दे ना चािहयें।

6-                                 ु    े            े
     संसािन धनयम सग्राँह (ररसोस मैनअल) व प्रस्तर-19 व अनुसार र व लेणा, भुगतान वी िद्नतीय सूची और
    ू                                                                                           े
अनुसधचयााँ, ि िदन प्रधतिदन तैयार वी िाती रहती हैं और उनवी पुबि वरने वाले व्यय-पत्र व डगामी मास व प्रर्म
                                                        े                        ू
वायथ िदवस पर महालेणावार व भेि दे ना चािहये। (व्यय पत्र व सार् प्रर्म सूची और अनुसधचयााँ महीने वी 10 या 11
                                                                                  ू
वी तारीण में भेिी िा चुवी होंगी) िवसी जिला अधिवारी वा ओर से माधसव भुगतानों वी अनुसची और व्यय-पत्रों वे
                          े                                                           ू
सार् प्रर्म और दसरी सूची व सम्प्रेक्षण में अधनवायथ दे री व और र व िेष वा ररपोट और अनुसधचयों तर्ा पूरे पत्रवों व
                ू                                                                                              े
               े
सार् र व लेणा व सम्प्रेक्षण में दे री वी भी सरवार नापसटद वरे गी।

7-                            े                                       े
        वषथ में एव िार तहसील व िेषों वा सत्यापन एव रािपबत्रत अधिवारी व द्नारा ह ना चािहयें। यिद सभभव ह त
                                                                                      े
यह सत्यापन एव प्रंसबवदा अधिवारी द्नारा ह और उप-प्रभागीय व षागार रािपबत्रत अधिवाररयों व प्रभार में हों,
जिलाधिवारी वी िेष वा सत्यापन अपने िीतवालीन दौरे में वरना चािहयें। जिला अधिवाररयों व दे णना चािहये िव
जिला व षाधिवारी उपव षागारों वा धनरीक्षण वषथ में द िार धनयधमत रूप से िवया वरते हैं ।
8-      जिला अधिवारी व िि वह जिले वा वायथभार ग्रहण वरे अर्वा वायथभार से मुि ह ्स िात वा बविेष
रूप से ध्यान रणना चािहये िव भ् ार स्टाम्प (अफीम ड्न) वा पूरी तरह से सत्यापन वर धलया िायें और
                                                                                            े
प्रमाण पत्र, जिसवी भारग्राही अधिवारी से अपेक्षा वी िाती हैं , जिसमें र व , स्टाम्प और अफीम व िेष वी
                                                                                            े
जस्र्धत भी दी रहती हैं , अधनवायथ रूप से उसी िदन, िि िव वायथभार वा हस्ताटतरण ह , महालेणावार व पास
भेि दे ना चािहयें।
                                                    (बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पााँच भाग-एव वा प्रस्तर-115)
                                                   11
9-     गणना द्नारा र व          े         े
                          िावी व सत्यापन व धलये अपेजक्षत प्रिक्रया वा सबवस्तार स्पिीवरण संसािन
                       ु    े                                      े     े े            े
धनयम सग्राँह (ररसोस मैनअल) व प्रस्तर-20 में िदया हुड हैं । चााँदी व धसक्व व िीस में से ववल एव र्ैले
व तौलने वी डव्यवता हैं । यह अपेक्षा वी िाती हैं िव जिला अधिवारी 100 रूपयााँ या उससे अधिव
       े                                                                          े
मूल्य व प्रत्येव न ट व अपने हार् से धगने।ःा ्स अनुच्छे द में ितायी गयी प्रिक्रया व पालन वरने वे
अधतररक्त जिला अधिवारी व र व            िावी ररपोट और र व   िावी अर्वा पंजियों में जिनमें वह र व   िावी
                                    े          े
व सत्याबपत वरता हैं , िदये गये य ग व ठीव ह ने व सम्िटि में अपना समािान वर लेना चािहयें।
10−    प्रतयेव
           ्     जिला अधिवारी अर्वा जिला वमथयारी वगथ में से एव रािपबत्रत अधिवारी व , ि व षागार
                                                   े
वा प्रभारी न ह और जिला अधिवारी द्वारा ्सी प्रय िन व धलये चुना गया ह , धनक्षेप प्राधप्तयों वी पंिी में
्स डिय वा एव त्रैमाधसव प्रमाण पत्र धलण दे ना चािहये िव पंिी वा परीक्षण उसने स्वयं अपने डप ि ी
                                                                         े
साविानी से िवया हैं और यह िव पंिी प्रबवबियॉं अधिवतम साविानी और धनयधमतता व सार् वी िाती हैं ।
                            े                े                   े
डिय यह नहीं हैं िव परीक्षण ववल यंत्रवत ह और ववल वह सुधनजित वरने व धलये ह िव लेन−दे न वे
समय पर ही बिना चूव सारी डव्यव प्रबवबियॉं वर ली िाती हैं और उन पर संजक्ष्त हस्ताक्षर वर िदये
िाते हैं ।ःा लेिवन यह सुधनजित वर लेना चािहये िव व ई िन डव्ख्यव रूप से धनक्षेप में नहीं प ा हैं ,
                                  े
अर्वा उसे बिना िवसी उपयुक्त वारण व धनक्षेप में िमा नहीं रणा गया हैं ।
                                               बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−348
                                                  ्
11−                                                े
       यिद व षागार में सरवारी िन, स्टाम्प या अफीम व गिन अर्वम हाधन ह िायें त महालेणावार व
                                            े
तूरटत सूधचत वरना चािहये और प्रभागीय डयुक्त व माध्यम से िासन व                  ररपोट भेि दे ना चािहयें।
तत़प्चात यर्ासम्भव िी्र  ही पररजस्र्धतयों वी एव संिहता ररपोट, जिसमें हाधन वा प्रवार और सीमा वा
                                                           े
बविेष रूप से उल्लेण ह और मूलों अर्वा धनयाम वी उपेक्षा, जिनव वारण ्स हाधन व ह ना सम्भव हुड
                                                             े
हैं और वसूली वा सम्भावनाओं वा जिव वरना चािहये। जिला अधिवारी व हस्ताक्षर से महालेणावार व भेि
                                                            ें
दे ना चािहये तािव वह मामले वी ररपोट सरवार व सूमचनार्थ भेि सव।
                                               (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉंच भाग−द वा प्रस्तर−411)
                                                   ्
                                   े               े                े       े
बवतत हस्त पुजस्तवा ण् −पॉंच भाग−द व पररधिषट−20(ण) व अनुसार व षागार व वायों व सम्िटि में
   ्
            े
व षाधिवारी व वतथव्य एवं उत्तरदाधयत्व धनम्न हैं :

                                           े      े                             े
       वधतपय बविेष मामल में से, ि व षागार व वायथ व सामाटय संचालन और व षाधिवारी व वतथव्यों
पर प्रभाव                   े
            ालने वाले धनयम व ठीव−ठीव पालन िवये िाने से धभटन हैं और जिनमें व षाधिवारी बविेष रूप
से धनिी हस्तक्षेप अपेजक्षत हों, धनम्न धलजणत वा उल्लेण िवया िा सवता हैं :−
(1)−   यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी प्रत्येव राबत्र में मुख्य र वि या वी र व   िावी (िैलेनस ्न
                                                                                                  ्
       है ट ) वा सत्यापन िवया वरें ।
                                              (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉंच भाग−द वा प्रस्तर−459)
                                                  ्
(2)−   यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी द हरे ताले में िन धनवालने में वधतपय साविानी िरता वरें ।
                                                                   (संसािन धनयम सग ्रह वा प्रस्तर−14)
(3)−                                                   े                                े
       यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी पूवथ िदवस व दै धनव लेणा व मुख्यालय व षागार व चालान
       और व्यय−पत्र और दै धनव उपव षागार और तहसील लेणा पत्रवों वी सहायता से िॉच वर िदया वरें
       और अपना समािान वर िदया वरें िव (वयय) प्रत्येव मद वी पुबि उधचत व्यय−पत्र से ह ती हैं ,
                                        ्
                                                     12
                                 े                                       ू
        प्रत्येव चालान और तहसील व दै धनव लेणा वी प्रत्येव मद उपयुक्त अनुसची में सजम्मधलत वर ली
        िाती हैं , सभी पंजिय वा य ग र व                                                  े    े
                                               िही में ठीव−ठीव चढाया िाता हैं , लेणावार व पक्व धचठेठे
        (िैलेनस िीट) में उजल्लजणत अधभवृिद्व और वटौधतयों ठीव हैं , िव फलस्वरूप अजटतम िनराधि मुख्य
              ्
                 े
        र वि या व हार् वी र व        व स्टाम्प अविेष वा लेणा रजिस्टर (50−सी) से धमलती हैं , और अटत
        में, द नों र व                 े            े                              े
                           ििहय और पक्व धचटठ पर, उनव ठीव सुचारू धनधि में रणे िाने व प्रतीव रूप से
        हस्ताक्षर वरें ।
                                                (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−459)
                                                    ्
(4)−                                                                  े
        यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी सहायव व षाधिवारी (लेणा) व हार् वी र व           व स्टाम्प
        अविेष वा लेणा रजिस्टर (50−ए) द −तालव वक्ष में रणी गयी नवदी वा लेणा रजिस्टर (50−सी)
        पर हस्ताक्षर वरने से पूवथ वधतपय साविानी िरतें।
                                                (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−459)
                                                    ्
(5)−    यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी पेंिन रजिस्टर वी प्रत्येव प्रबवबि और पेंिन भुगतान डदे ि
         े           े
        व द न भागों व पीछे अपने संजक्ष्त हस्ताक्षर वरें ।
                                       (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−512 एवं 528)
                                           ्
(6)−                   े            े
        िवसी भी पेंिन व गलत भुगतान व धलये व षाधिवारी स्वयं उत्तरदायी हैं ।
                                                                 (सी0एस0डर0 वा प्रस्तर−947 (िी)(1))
(7)−    यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी धनक्षेप पंिी (ि पाजिट रजिस्टर) वी प्रत्येव प्रबवबि पर
                                                                         े               े
        संजक्ष्त हस्तारक्षर वरें , और दे णे िव व ठथ मद सक्षम प्राधिवारी व औपचाररव डदे ि व बिना धनक्षेप
         े                                                             े
        व रूप में िमा नहीं वी गयी है , और यह भी िव यिद िन सरवारी लेणा व िवसी िाने हुये िीषथव
         े
        व अटतगथत िमा ह सवता हैं , त उस िनराधि व प्रा्त वरने वा डदे ि दे ने वाले टयायालय अर्वा
        प्राधिवारी व तदनुसार ्स बवषयमें अभयावेदन (ररप्रिेनट) वरें ।
                                                          ्
                 (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−342)
                     ्
(8)−    यह अपेक्षा वी िाती है िव व षाधिवारी दे णे िव िहटदी अर्वा उदथ ू में धलणे वयय−पत्र पर उनवा
                                                                                 ्
                          े
        संजक्ष्त सार अंग्रिी में पृषठांिवत वर िदया िाता हैं ।
                                    ्
                                           (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−47 (ण))
                                               ्
(9)−                                                              ू   े           े   थ
        यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षधिवारी भुगतान वी सूची और अनुसची व भेिे िाने व पूव, अपना
                                                                             ु      े
        समािन वर लें िव डव्यव सभी व्यय−पत्र सलंग्न वर िदये गये है । माह में वछ समय व अटतर
               ू      े                            े
        से अनुसधचयों व व्यय−पत्रों वी सहायता से उसव द्वारा िॉच वी डिा वी िाती हैं ।
                                                                  े
              (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−462 व नीचे अंिवत िट्पणी संख्या−2 )
                  ्
                                                                  थ
(10)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी ्स सम्िटि में बविेष सतवता िरते िव रसीदी िटवट
        (रे वेनयु स्टाम्प) ्स प्रवार बवरूबपत वर िदये िायें िव उनवा उपय ग दिारा न ह पायें।
               ्                                                          ु
                                                 (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−561)
                                                     ्
(11)−   यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी स्लाई बिल और प्रेषण संक्रमण प्राधप्तयों पर हसताक्षर वरने
         े
        व पूवथ वधतपय साविानी िरते।
                                              (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−572)
                                                  ्
(12)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी स्ताई बिल और संक्रमण रसीद पर स्पषट अक्षरों में
                                                   13
       हस्ताक्षर वरें और िहॉ तव सम्भव हों, हस्ताक्षर में एव रूपता िनाये रणें।
(13)− यह अपेक्षा वी िाती है िव व षाधिवारी यह दे णें िव भुगतान ह ने वाले बिल वी सूचना सूची उसवे
       सामने ण ली िाती हैं , वह उनवी स्वयं िॉच वरें और संजक्ष्त हस्ताक्षर वर दें और उन पर तारीण
         ाल दें ।
                                                         े               े        े
(14)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारत अपने व षागार व नाम डहत बिलों व भुगतान व पूवथ
                                          े
       वधतपय साविानी िरतें।ःा उसे उस बिल व, जिसवी सूचना सूची ण गयी हैं िव अर्वा अिुद्व ह ,
                        ु  ू
       भुगतान वरने में वछ छट दे दी गयी है |
                                   (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग −द वा प्रसतर−576 एवं 577 )
                                       ्
                                                              े
(15)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी बिल और सूचना−सूची व प्रपत्र व अपने वब्िे में ताले में
       िटद रणें और प्रधतिदन प्रात: उनव िारी वरने में एव प्रवार वी नैजत्यव प्रिक्रया वा पालन वरें |

                                             (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग −द वा प्रस्तर−592)
                                                 ्
(16)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी दे णें िव सरवारी िटवट (रे वेनयू स्टाम्प) वी बिवी से प्रा्त
                                                                        ्
                                                                       े
       िनराधि वी रसीद सहायव व षाधिवारी (र व )/उपर वि या/सहायव र वि या व द्वारा सदै व पूणथ रूप
                                                              े
       से भरे हुये एव छपे प्रपत्र पर दी िाती हैं । ये िटवटें ववल मुख्य    ाव पालव/ ाव पालव व उनवे
       धलजणत मॉग पत्र पर ही िेचे िाते है ।
                                               (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−421)
                                                   ्
                                                    े                े
(17)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी िवसी िन व अनाधिवृ त ह ने व वारण महालेणावार द्वारा
       अस्वीवृ त िवये िाने पर उसवी वसूली ततपरता से और बिना िवसी डपबत्त और प्रधतवाद व सुने वरें
       और भबवषय में िि तव महालेणावार अपनी डपबत्त वाबपस न ले लें, ऐसे िन व भुगतान वरने से
       ्टवान वर दें ।
                                               (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−81)
                                                   ्
(18)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी िवसी रािपबत्रत अधिवारी व िढी हुयी अर्वा संि धित दर
       से िेतन दे ने वी मनाही हैं , िि तव धनदे िव, लेणा एवं हवादारी, उत्तराण् , दे हरादन अर्वा बवत्त
                                                                                       ू
       अधिवारी, ्रला चैव, उत्तराण्       सधचवालय, दे हरादन द्वारा वेतन पची िारी न वर दें ।
                                                         ू
                                              (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−114)
                                                  ्
                                                                                े        े
(19)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी एव प्रसंबवदा अधिवारी द्वारा डहत बिल व भुगतान व पूवथ
                                                                  ु
       उससे यह अपेक्षा वी िाती हैं िव वे दे णे िव धसबवल सबवथस रे गलेिन (सी0एस0डर0) वे
       डिटथ िवल−556 में धनिाथररत वटौधतयां बिल से वर ली गयी हैं ।
                                                                                   े
(20)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी िवसी ऐसे व्यबि द्वारा डहत िवये गये बिल व भुगतान वे
                                             े                             े
       धलये डवेदने पत्र दे ने वाले वी पहचान व सम्िटि में अपना समािान वरने व धलये बविेष रूप से
                                                                            े
       साविानी िरते ि सरवारी सेवा में न ह और संिदग्ि मामल में जिला अधिवारी व डदे ि प्रा्त
       वरें ।
                                (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−46 (सी) एवं ( ी))
                                    ्
                                            ु
(21)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी वछ पररजस्र्धतयों में अजटतम प्रमाण पत्र दें /प्रधतहस्ताक्षर वरें
       लेिवन उस अधिवारी व , जिसे अजटतम वेतन प्रमाण पत्र िदया िा चुवा ह , व ई वेतन भुगतान नहीं
                                                          14
       वरना चािहये, िि तव िव वह प्रमाण पत्र पहले समबपथत न वर िदया िायें।
                                                     (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−102)
                                                         ्
                                                                            ू
(22)− यह अपेक्षा वी िाती है िव व षाधिवारी िवसी लेणे में, पंिी में अर्वा अनुसची में या र व               िही में
       रिर से धमटाने वी मनाही वरें , उनवा सत्यापन वरे और उनमें वी गयी प्रतयेव िुिद्व पर अपने
                                                                          ्
                                                                              ु
       संजक्षपत हसताक्षर वरें और उन व्यय−पत्रों पर बविेष ध्यान दें और जिनमें वछ रदद िदल िवये िाने
                  ्
        े                                     े
       व धचटह िदणायी प ते ह और यिद ्स प्रवार व लेख्य पत्र िवसी वायाथलय में िहुिा डते रहते हों,
       त उस वायाथलयाध्यक्ष वा ध्यान ्न मामले वी ओर डवृ षट वरें ।
                                                      (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−83)
                                                          ्
                                                          े
(23)− यह अपेक्षा वी िाती है िव व षाधिवारी वायाथलयाध्यक्ष व ििाय िवसी धलबपव द्वारा हस्ताक्षर िवये
       हुये व्यय−पत्र अर्वा डदे ि पर िवसी भी पररजस्र्धत में उसे भुगतान नहीं वरना चािहये, यघबपत
                                                            े
       वायाथलयाध्यक्ष वी अनुपजस्र्धत में पत्रों पर धलबपव उनव वास्ते वृ ते हस्ताक्षरवा अभयस्त न ह और
                                               े
       न वह ऐसे व्यय पत्र अर्वा डदे ि, जिस पर ववल वायाथलय वी मुहर लगी हैं , पर ही व ई भुगतान
       वरें ।
                                                  (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−47 (िी))
                                                      ्
                                      थ                       े
       सरवार ने अस्र्ायी रूप से और पुनधचयार िवये िाने वी ितथ व सार् यिद डव्यव ह पेंिन
                ु                        े
       भ धगयों वछ वगो व पेंिन वा भुगतान ववल एव सील द्वारा हस्ताटतररत रसीद पर अधिवत वर
       िदया हैं ।
(24)− यह अपेंक्षा वी िाती है िव व षाधिवारी िवसी ऐसे दावे व स्वीवार नहीं वरे गा ि                      प्रत्यक्षत:
                                                   े
       बववादास्पद ह , लेिवन उस मामले व महालेणावार व पास बवचारार्थ भेिेगा।
                                                  (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−एव वा प्रस्तर−42 (सी))
                                                      ्
                                                                                     े
(25)− यह अपेक्षा वी िाती है िव व षाधिवारी यह दे णे वी िन प्रा्त वरने और भुगतान वरने व धलये
                े                                        े
       व षागार व िटद ह ने वी सूचना न िटस ि थ पर वायाथलय व िवसी ऐसे प्रमुण स्र्ान पर धचपवा दी
       िायें, िहॉ सि ल गों वी दृबि प ती ह और यह                िव वरै टसी न ट व भुनानें और छ टे धसक्वों और
             े
       तॉिे व धसक्व डिद वी स्लाई सम्िटिी अपेजक्षत सूचना भी प्रमुण रूप से ऐसे स्र्ान पर, िहॉ से
       सवथसािारण डम िनता िेर व−ट व वायाथलय में प्रवेि वरते हैं , धचपवा दी िाती हैं और यह िव ि
                                          े
       सुबविायें व षागार दे सवता हैं , उनव उपलब्ि वराये िाने में व ई पक्षपात नहीं िरता िाता हैं ।
                (बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−465 एवं 466)
                    ्
(26)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी रूपयें 500−00 (रूपयें पॉच सौ मात्र) या              उससे अधिव वे
       प्रेषण व प्राधप्त स्वीवृ धत स्वयं वरें ।
                                                       (बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−418)
                                                                 े
(27)− यह अपेक्षा वी िाती हैं िव व षाधिवारी प्रत्येव बवत्तीय वषथ व अटत में प्रत्येव सर्ानीय एवं नगर
                    े
       पाधलवा धनधि व िमा िेष वा सत्यापन वरें और हर माह ल व धनमाथण बवभाग, धसंचाई बवभाग, वन
       बवभाग, लघु धसंचाई, ग्रामीण अधभयटत्रण सेवा प्रण्           वी प्राधप्तयों और भुगतान वा सत्यापन वरें ।
                                                       (बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द वा प्रस्तर−367)
                    े                                                     े
(28)− जिला अधिवारी व प्रत्यायुक्त ( े लीगेट) प्रधतधनधि (ररप्रेिेटटे िटव) व रूप में व षाधिवारी अपने
       वतथव्य        े              े
                    व ठीव−ठीव पालन व धलये जिलाधिवारी मूल रूप से उत्तरदायी हैं । जिला अधिवारी
                                                  15
                                                                                े   थ
        व षाधिवारी से यह डिा वरता हैं िव व षागार सम्िटिी समस्त धनिाथररत धनयमों व पूणतया पालन
                                           े               े
        िवये िाने और व िागार सम्िटिी वायथ व नैजत्यव वायाथ व समस्त ब्यौरे पर व ा ध्यान रणेगा।
                                                                        े
        व षधिवारी से यह अपेक्षा वी िाती हैं िव वह भुगतान प्राधिवत वरने व पहले             े
                                                                                  र दावे व ठीव ह ने
         े                                    े              े
        व सम्िटि में अपना समािान वर लें और उसव पर् प्रदथ िन व धलये वही स्वयं उत्तरदायी ठहराये
              े                              ु
        िायेंग। व षधिवारी जिलाधिवारी सिहत संयक्त रूप से र व , न ट और अटय सरवारी सम्पबत्त वी
                                         े
        अक्षय अधभरक्षा (सेफ धसक्य ररटी) व धलये उत्तरदरायी हैं , लेिवन िवसी हाधन अर्वा गिन ह ने वी
                                                                           थ
        दिा में यिद यह पाया िाता हैं िव जिला अधिवारी ने प्रत्येव सािारण सतवता िरती हैं और धनयमों
        द्वारा ि बविेष वतथव्य उसे सौपे गये हैं , उनमें से उसवी िवसी व उपेक्षा नहीं वी हैं और न उसने
                              े
        व षागार सम्िटिी वायथ व संचालन में ि धनगरानी और धनयटत्रण व षाधिवारी सवयं वरते रहते हैं
                                                                            ्
        और जिसवी सरवार व षाधिवारी से अपेक्षा वरती हैं , उसमें व ई धिधर्लता िदणायी हैं , और यह िव
                        े                                        े
        हाधन अर्वा गिन ववल व षाधिवारी वी असाविानी अर्वा िेईमानी व वारण हुड हैं , त
                                                                             ें
        जिलाधिवारी व उत्तरदायी न ठहराया िायेगा, यिद व षाधिवारी यह स्पषट वर सव िव उसने अपने
                                             े              े
        वतथव्य धनवथहन व प्रत्येव िाणा में उसव पर् प्रदथ िन व धलये धनिाथररत समस्त धनयमों वा व ाई वे
        सार् पालन िवया हैं और उसने अपने अिीनस्र् वमथचाररयों से उसवा पालन वराया हैं ।
                                                           े
        िासनादे ि संख्या−एस−6515/दस, िदनांव 24 िुलाई 1970 व द्वारा बवत्त हस्त पुजस्तवण् −पॉच
       े            े                े      े                             े
भाग−द व पररधिषट−29 व अनुसार व षागार व वायथ व सम्िटि में सहायव व षाधिवारी व वतथव्य एवं
उत्तरदाधयत्व धनम्न हैं : −
(1)−    सहायव व षाधिवारी िासन द्वारा प्राधिवत िवये िाने पर रािपबत्रत अधिवाररयों, बविान म् ल तर्ा
                                          े       े
        संसद सदस्यों और सरवारी ऋण पत्रों व ब्याि व बिलों व छ वर रूपयें 200 (रूपयें द सौ मात्र)
            े
        तव व अटय बिल व पाररत वरें गे।
(2)−                                                                    े
        सहायव व षाधिवारी रूपयें 500 (रूपयें पॉच सौ मात्र) से वम िनराधि व सभी चालानों व पारण
              े
        वरें ग, िहॉ धनयमानुसार ऐसा डव्यव हैं ।
(3)−    सहायव व षाधिवारी नवद या चैव द्वारा प्रा्त सरवारी               े
                                                              ाव िटवट व मूल्य वी सभी रसीद पर
        हस्ताक्षर वरें गे।
(4)−                                            े
        सहायव व षाधिवारी लेणा अनुभाग वी े ली िैलटस िीट व तैयार वरें गे।
(5)−    सहायव व षाधिवारी दै धनव                                  े                े
                                      ाव ण लने और उस व षाधिवारी व हस्ताक्षर वरने व धलये
                                                                               े
        डदे ि/पृषठांवन अंिवत वरें गे। ि पत्र ग पनीय अंिवत हैं या ि व षाधिवारी व नाम से हैं , वह
                 ्
        सहायव व षाधिवावरी द्वारा नहीं ण ले िायेंगे।
(6)−    सहायव व षाधिवारी व षागार वायाथलय में प्रा्त अद्वथ िासवीय पत्र    वी पंजिवा रणेंगे, जिस पर
                                                         े
        धनदे िव, व षागार धनदे िालय, उत्तर प्रदे ि, लणनऊ व पररपत्र संख्या−588/ 65/ ी0टी0, िदनांव 21
                                        े
        िदसम्िर 1965 में धनगथत डदे िों व अनुसार वायथ9वाही वी िायेगी।
(7)−                                   े
        सहायव व षाधिवारी प्रत्येव माह व अटत में अधनस्ताररत पत्रों (अद्वथ िासवीय पत्रों व छ वर) वी
                                                                               े          े
        सूची तैयार वरें गे और उसे व षाधिवरी व प्रस्तुत वरें गे, जिससे उन पत्र व धनस्तारण व धलये उधचत
                                    ें
        तर्ा डव्यव वायथवाही वी िा सव।
(8)−                                                          े             े
        सहायव व षाधिवारी बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् −पॉच भाग−द व प्रस्तर−447 व अटतगथत िट्पणी
                              े                    े         े
        में धनिाथररत प्रणाली व अनुसार उपव षागारों व स्याहों व सार् प्रा्त प्रत्येव िाउचर व सधनरीक्षा
                                                    16
              े
        वरें ग।
(9)−                                    े                                                         े
        व षाधिवारी द्वारा दै धनव लेणों व परीक्षण पूवथ सहायव व षाधिवारी प्राधप्तयों तर्ा भुगतानों व सहायव
        (सि सीि यरी) प जस्टग िै यूल्स वी प्रबवबियों वी िॉच वरें गे और दे णेंगे िव उक्त प्रबवबिया ठीव है ।
                                              े                       े
(10)− व षाधिवारी द्वारा दै धनव लेण व परीक्षण व पूवथ सहायव व षाधिवारी वि ििहयों वी प्रधतबियों वे
                                                           ै
        य ग वी िॉच वरें गे तर्ा अपने व सटतुषट वर लेंगे िव वि ििहयां ठीव प्रवार से तैयार वी गयी हैं
        और ्स तथ्य वी पुबि में ििहयों पर हस्ताक्षर वरें गे।
(11)−                              ै    े                ै    े
        सहायव व षाधिवारी सा्तािहव वि िैलटस ररपोट, माधसव वि िैलटस ररपोट तर्ा माधसव वरे टसी
               े                                     े                             े
        वेरीिफविन जस्लप िनावर व षाधिवरी/ जिलाधिवारी व पास परीक्षण तर्ा हस्तारक्षर व धलये प्रस्तुत
              े
        वरें ग।
                             े                        े                       ै
(12)− व षाधिवारी/जिलाधिवारी व परीक्षण एवं हस्ताक्ष्र व पूवथ सहायव व षाधिवारी वि एवाउटट, धलस्ट
                                                                      थ     थ
        डभपेमेटट, बवधभनन िै यूलस तर्ा माधसव लेणे वी िॉच वरें गे और सतवता पूवव ्स ओर ध्यान
                       ्       ्
                                                                             े
        दें गे िव लेणे महीने वी धनिाथररत धतधर्यों तव व षागार द्वारा तैयार वरव सभी प्रवार से पूणथ
        महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन में पहुंच िायें। यिद ्समें व ई बवलम्ि ह ने वी सम्भावना दे ण
                                      ू
                                                                                     े
        प ती हैं त वह तुरटत ्स िात वी व षाधिवारी वी िानवारी में लायेंगे। महालेणावार व यहां लेणा
               े                                                      े
        भेिने व पूवथ धनदे िव, व षागार धनदे िालय, उत्तर प्रदे ि, लणनऊ व पररपत्र संख्या−5988/ एफ0
                                                     े
        डर0246/ ी0टी0/1969, िदनांव 30 अक्टू िर 1969 व अनुसार प्रत्येव वरे गा िव िै यूल्स में
        अंिवत सभी िाउचर वा ि् ल िनाता हैं , सम्िजटित िै यूल्स पर प्रमाजणत वरे गा िव िै यूल्य में
                                         े         े
        अंिवत सभी िाउचर नत्र्ी हैं और ्सव परीक्षण व िाद सहायव व षाधिवारी प्रत्येव िै यूल्स पर
        प्रमाजणत वरें गे िव उटहोंने प्रत्येव ि् ल में वम से वम ्स प्रधतित िाउचरों वा धमलान िै यूल्स
        से वर िदया हैं और उटहें ठीव पाया हैं ।
(13)− सहायव व षाधिवारी णाररिा, अस−सयाहा, मदों वी िॉच वरें गे, जिससे अधनयधमत मदों वा धनपटारा
                                   ्
                  ें                                           े
        िवया िा सव और वेतन भत्ता डिद सम्िटिी मदों वा उधचत समय व अटतगथत समाय िन िवया
             ें
        िा सव। ्स सम्िटि में वह समय−समय पर व षाधिवारी व वस्तुजस्र्धत से अवगत वराते रहें गे।
(14)− सहायव व षाधिवारी धनम्नधलजणत पंजिवाओं व रणेंगे, उनवी िॉच वरें गे और ्स सम्िटि में ि
                                                                   े
        अधनयधमतता पायी िायें, उटहें व षाधिवारी वी िानवारी में लायेग।
        (व) − उपजस्र्धत रजिस्टर।
        (ण) − डवजस्मव एवं धनिजटित अववाि पंजिव ।
        (ग) - पररलेणों (ररटनथस) वा रजिस्टर।
        (घ) - मुख्तारनामा (पावर डफ अटानी) रजिस्टर।
        (छ) -     उत्तर प्रदे ि/उत्तराण्   गिट, भाग-पॉच वी गा थ फा्ल।
                                े
(15)– सहायव व षाधिवारी व षागार व वमथचाररयों में सावथिधनव वायथ वा बवतरण व षाधिवारी वी
                                             े
        स्वीवृ धत से ्स प्रवार वरें गे िव उनव धनपटाने में अपररहायथ बवलम्ि न ह । वह यह भी सुधनजित
                                            े
        वरें गे िव िनता व अपना वायथ वरवाने व धलये व षागार में अपररहायथ ्रतीक्षा न वरना प े और
        िि वभी ऐसी विठनाई उत्पटन ह त व षाधिवारी व तुरटत अवगत वरायेंगे।
16-     यिद वभी व ई लेणावार/सहायव लेणावार अववाि पर ह या िवसी लेणावार/सहायव लेणावार वे
        पास िवसी वारण वि अधिव वायथ ्वठठा ह िायें त ऐसी पजःजस्र्धत में, सहायव व षाधिवारी
                                                            17
      एवबत्रत वायथ व अटय लेणावारों/सहायव लेणावारों में, ि उसे धनपटाने में समर्थ ह , िाटगे, जिससे
                              े
      सम्पूणथ वायथ धनजित समय व अटदर धनस्तारण ह िायें।
17-   सहायव व षाधिवारी लेणावारों/सहायव लेणावार द्वारा तैयार िवये गये बववरणों, पररलेण तर्ा उनवे
      द्वारा िवये गये सत्यापनों वी िुिद्व वी िॉच वरें गे ्स तथ्य वी पुबि में उन पर हस्ताक्षर वरवे
      व षाधिवारी व प्रस्तुत वरें गे।
18-   सहायव व षाधिवारी िवसी भुगतानादे ि पर हस्ताक्षर वरने और उसे व षाधिवारी व प्रस्तुत वरने से
                                                      े
      पूवथ प्रत्येव दावे वी ग्राहयता तर्ा पररिुद्वता व िाित अपने व भलीभॉधत सटतुषट वर लेंगे।
19-   सहायव व षाधिवारी बिल , चैवों, ररफ्               िाउचर डिद पर अंिवत भुगतान डदे िों वी िॉच वरते
      समय सम्िजटित धनिाथररत धनयम डिद वा व ाई से पालन वरें गे।
20-                              थ                                          े
      सहायव व षाधिवारी सतथवता पूवव समय-समय पर दे णते रहें गे िव महालेणावार व व षागार वी
                         े
      वाबषथव समीक्षा, उनव द्वारा उस व षागार वी धनरीद्वाण िट्पणी, म् लायुक्त, जिलाधिवारी वे
                                              ु
      धनरीक्षण िट्पणी, धनदे िव/अपर धनदे िव/संयक्त धनदे िव, व षागार एउवं बवत्त सेवायें, उत्तराण् ,
      दे हरादन वी धनरीक्षण डख्या तर्ा धनरीक्षव रािवीय वृत्त वायाथलय वी धनरीक्षण िट्पजणयों पर
             ू
      डव्यव और उधचत वायथवाही अबवलम्ि ह रही हैं और ्स वायथ में व ई धिधर्लता प्रतीत ह ती है ,
                              े
      त उसे तुरटत व षाधिवारी व समक्ष लायेंगे।
21-                                            े
      सहायव व षाधिवारी लेणावार /सहायव लेणावार व वायथ वी सामाटय दे णभाल तर्ा व षाधिवारी
      द्वारा धनिदथ षट अटय वायथ वरें गे।
22-   सहायव व षाधिवारी व सरवारी वमथचाररयों व समय से वेतनभुगतान एवं प्रभावी लेणा प्रणाली हे तु
                                                        े
      व षागार में लागू एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली व िासनादे ि संख्या-234/ बव0अनु0-1/2001,
                              े           े
      िदनांव 06 िदसम्िर 2001 व प्रस्तर-1 व अनुसार डहरण बवतरण अधिवारी घ बषत िवया गया है ।
                                                                             े
      सहायव व षाधिवारी ्स िात वा ध्यान रणेंगे िव बवभागीय डहरण बवतरण अधिवारी व माध्यम से
                                              े
      वायाथलयाध्यक्ष द्वारा प्रा्त प्रपत्र-1 व अनुसार भुगतान एवं लेणा प्रणाली हे तु नवधनयुक्त/स्र्ानाटतररत
      ह वर    डये    अधिवारी/वमथचारी            वे   सम्िटि      में     प्रर्म   िार   प्रा्त   सूचना    वे   डिार    पर
                                                            े
      अधिवारी/वमथचारी वा वेतन डहररत वरने एवं प्रस्तर-7 (ि) व अनुसार वायाथलयाध्यक्ष/बवभागीय
      डहरण बवतरण अधिवारी द्वारा प्रधतमाह व षागार व                                            े
                                                                              20 से 23 तारीण व मध्य वेतन अर्वा
      तद्समिनिी
           ् ्             भत्तें         में        ह ने              वाले       पररवतथन          तर्ा         उपजस्र्धत,
      धनलम्िन/सेवाधनवृबत्त/स्र्ानाटतरण/सेवामुबि/ वटौधतयों/िवस्तों वी संख्या डिद वी यर्ाव्यव
      सूचना धनिाथररत प्रपत्र-2 (1) एवं प्रपत्र-2 (2) में प्रा्त ह ने पर उनमें सम्िजटित लेणावार (बिल्स)
                                                   े                            े
      द्वारा यर्ा संि िन वर अधिवाररयों/वमथचाररयों व वेतन सम्िटिी चैव िासनादे ि व प्रस्तर-10 वे
                े                                                            े
      अनुसार उनव िैंव में णुले एवल णात में िमा वराया िा रहा हैं । िासनादे ि व प्रस्तर-7 ( ) वे
                                    े
      अनुसार डहरण बवतरण अधिवाररयों व माध्यम से वायाथलयाध्यक्ष व सैलरी एक्टें वेस रौल द प्रधतय
                                                                े
      में, प्रत्येव वमथचारी वी वेतन पची, िैंव ए वायस, वटौधतयों व िैड्यूल्स उपलब्ि वरायें िा रहे हैं ।

                                                              े
      िासनादे ि संख्या-ए-243/्स-5(3)/86, िदनांव 31 माचथ 1987 व द्वारा बवत्त हस्त पुजस्तवा ण् -
            े            े                े      े
पॉच भाग-एव व पररधिषट-29 व अनुसार व षागार व वायथ व सम्िटि में मुख्य र वि या/सहायव
                                                   े
व षाधिवारी (र व )/र वि या/उपर वि या/सहायव र वि या व वतथव्य एवं उत्तरदाधयत्व धनम्न है -
                                                18


(1)-                                          ै         े
       मुख्य र वि या/सहायव व षाधिवारी (र व ) वि अनुभाग व प्रभारी होंगे तर्ा ्स अनुभाग वे
        ु                           े
       विल संचालन हे तु व षाधिवारी व प्रधत उसी प्रवार उत्तरदायी होंगे, जिस प्रवार अटय अनुभाग वे
       प्रभारी सहायव व षाधिवारी।
(2)-   मुख्य र वि या/सहायव व षाधिवारी (र व ) द्वारा र वि या, उपर वि या और सहायव र वि या वे
                                         े
       मध्य वायथ वा बवज्ञािन व षाधिवारी व अनुम दन से धलजणत रूप में िवया िायेगा और सम्िजटित
       वमथचाररयों से न ट वरावर सुरजक्षत रणा िायेगा।
(3)-   द तालव में रणी नवदी, स्टाम्प एवं मूल्यावन पैवटों डिद वा उत्तरदायी मुख्य र वि या/सहायव
       व षाधिवारी (र व ) वा ह गा, परनतु व षाधिवारी बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द व अटय
                                     ्
                                             े
       िासवीय डदे िों में िदये गये धनदे िों व अनुसार अपने उत्तरदाधयत्व से मुक्त नहीं होंगे। द तालव
             े
       वक्ष व प्रत्येव एव ताले वी चािी व षाधिवारी अपने पास रणेंगे और प्रत्येव दसरे ताले वी चाभी
                                                                               ू
                                             े                                  े
       मुणय र वि या/सहायव व षाधिवारी (र व ) व पास रहे गी/ ्सी प्रवार उपव षागार व द तालव में
          ्
       रणी गयी नवदी, स्टाम्प व मूल्यावन पैवटों डिद वा उत्तरदाधयत्व उपर वि या वा ह गा। परटतु
       उपव षाधिवारी धनयमों में प्रबविाधनव अपने उत्तरदाधयत्व से मुक्त नहीं समझे िायेंगे। प्रत्येव एव
       ताले वी चाभी उपव षाधिवारी व प्रत्येव दसरे ताले वी चाभी उपर वि या अपने पास रणेगा।
                                             ू
(4)-   मुख्य र वि या/सहायव व षाधिवारी (र व ) अपने अिीनस्र् र वि या, उपर वि या और सहायव
       र वि या में से िवसी एव व व षागार से िन ले िाने तर्ा ले डने वा उत्तरदाधयत्व सौंपेगा, चाहे
       वह िन िवसी भी मद वा ह । ्सी प्रवार से िैंिवग उपव षागार में यह वायथ र वि या द्वारा िवया
       िायेगा। सामाटयतया ्स वायथ हे तु सिस्त्र पुधलस गादर सार् में िायेगा और रूपयें 10,000-00
                                                           े
       (रूपयें दस हिार मात्र) से अधिव िनराधि लाने/ले िाने व धलये र वि या/उपर वि या/सहायव
       र वि या द्वारा एव और वमथचारी ि व षागार व चतुर्थ श्रेणी वमथचारी भी ह सवता हैं , सार् ले
       िाया िायेगा।
       (व)-     र वि या/उपर वि या/सहायव र वि या पेंिन भुगतान एवं स्टाम्प बवक्रय से सम्िजटित
                          थ
                अधभलेण पूववत ् रणेंगे।
       (ण)-                                      े
                र वि या/उपर वि या/सहायव र वि या व पास वायथ वी समाधप्त पर अविेष स्टाम्प एवं
                िनराधि व हार् वी र व     व स्टाम्प अविेष वा लेणा रजिस्टर-फामथ 50 ए में अंिवत िवया
                िायेगा।
       (ग)-     प्रत्येव वमचाथरी वी िमानत से अधिव िनराधि, स्टाम्प व       िल लाव में रणा िायेगा,
                जिसवा बववरण द ताला वक्ष में रणी गयी नवदी वा लेणा रजिस्टर-फामथ 50 सी में अंिवत
                िवया िायेगा।
(6)-   मुख्य र वि या/सहायव व षाधिवारी (र व ) /र वि या/उपर वि या/ सहायव र वि या वी िमा से
                                                       े
       अधिव िनराधि व सुरक्षा हे तु प्रत्येव वायथ िदवस व अटत में द तालव वक्ष में रणा िायेगा/
       ्सवा लेणा ि णा ‘द ताला वक्ष में रणी गयी नवदी वा लेणा रजिस्टर-फामथ 50 सी’ में रणा
                                 ै        े
       िायेगा एवं मुख्य र वि या वि बवभाग व वमथचाररयों वी िमानत से अधिव िन एवं स्टाम्प डिद
       व                       े
              िल लाव में रणने व धलये उत्तरदायी होंगे। धसंगल लाव वी प्रत्येव डल्माररयों पर द ताले
       होंगे, जिनमें से एव ताले वी चाभी मुख्य र वि या और दसरे ताले वी चाभी सम्िजटित र वि या/
                                                          ू
                                                       19
                                े
       उपर वि या/सहायव र वि या व पास रहे गी।

(7)-   व षाधिवारी       ्स   िात   व     ध्यान   में        ं
                                                       रणेंःगे    िव    मुख्य   र वि या/सहायव   व षाधिवारी
                                               े
       (र व )/र वि या/उपर वि या/सहायव र वि या व पास नवदी, स्टाव, स्टाम्प बिक्री वी नवदी वा
       य ग उनवी िमानत वी िनराधि से अधिव न रहें । प्रत्येव वमथचारी वी िमानत से अधिव िनराधि
       व स्टाम्प व व षागार वे                                                      े
                                       िल लाव वक्ष में व षागार वार िार वी समाधप्त व िाद रण िदया
       िायेगा।
(8)-                                                      े                  े
       उपव षागारों में सािारणतया उपर वि या/सहायव र वि या व पास वायथ समाधप्त व उपराटत र व
       वा व ई भी िेष नहीं िचना चािहयें। उपव षाधिवारी यह सुधनजित वरें गे िव उपर वि या/सहायव
       र वि या वी सुरक्षा में छ े गये स्टाम्प एवं नवदी वा बववरण अविेष स्टाम्प एवं िनराधि व हार्
       वी र व      व स्टाम्प अविेष वा लेणा रजिस्टर-फामथ 50 ए में अंिवत िवया िाता हैं एवं सम्िजटित
       वमथचाररयों वी िमानत से अधिव अविेंषों व               िल लाव में रण िदया िाता हैं ।

              े
उपव षाधिवारी व वतथव्य एवं दाधयत्व धनम्न प्रवार हैं ।–

(1)-   उपव षाधिवारी यह सुधनजित वरें गे िव भारतीय स्टे ट िैंव वी मुख्य िाणा से रािवीय लेणा प्रा्त
       वर उसे संवधलत वरावर धनिाथररत समय पर दै धनव स्याहा सदर व षागार व भेंिेंगे।
(2)-   उपव षाधिवारी यह सुधनजित वरें गे िव वलेक्टर स्टाम्प द्वारा अधिवृ त लाईसेटस िुद्व स्टाम्प वै् र
       व स्टामप वी बिक्री वरायेंगे।
              ्
(3)-   उपव षाधिवारी यह सुधनजित वरें गे िव डम िनता व सीिे स्टाम्प वी बिक्री वरायेंगे।
(4)-   उपव षाधिवारी यह सुधनजित वरें गे िव स्टाम्प वी बिक्री से प्रा्त डय व उसी ही िदन भारतीय
       स्टे ट िैंग वी िाणा में िमा वरायेंगे।
(5)-   उपव षाधिवारी यह सुधनजित वरें गे िव उपर वि या वी हार् वी र व                 व स्टाम्प अविेष वा लेणा
       रजिस्टर-फामथ 50 ए एवं द ताला वक्ष में रणी गयी नवदी वा लेणा रजिस्टर फामथ 50 सी पर
       हस्ताक्षर वरें गे।
(6)-   उपव षाधिवारी यह सुधनजित वरें गे िव         िल लाव वी सुरक्षा वा प्रमाण पत्र सम्िजटित अधििॉसी
       अधभयटता, ल व धनमाथण बवभाग से प्रा्त वर यर्ा स्र्ान पर लटवा दें गे।
(7)-   उपव षाधिवारी ये सुधनजित वरें गे िव वररषठ पुधलस अिीक्षव एवं प्रधतसार धनरीक्षव, ररिवथ पुधलस
       लाईन से संतरी िीट वा नक्िा प्रा्त वर, उसे यर्ा स्र्ान पर लटा दें गे।
(8)-   उपव षाधिवारी यह सुधनजिम वरें गे िव स्टाक्प वमीिन वा िैड्यूल एवं स्टाम्प वा ्लस मा्नस
                  े
       मीम व माह व अजटतम वायथ िदवस व सदर व षागार व भेिंगे।

                 े
लेणावार (बिल्स) व वतथव्य एवं दाधयत्व धनम्न प्रवार हैं -

                                           े
       बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द व बपरधिषट-अठाईस एवं बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच
          ्
        े             े
भाग-एव व प्रस्तर-428 व अटतगथत बिल पारण धनम्न बिटदओं वा पालन वरनाःा सुधनजित वरें गे।
                                                 ु
(1)-   बिल धनिाथररत प्रपत्र पर िनाया गया हैं एवं िुद्व, सही रूप से प्रबवबियां वी गयी हैं ।
                                                          20
(2)-    बिल में फलूय      स्याही एवं रिर से न धमटाया गया ह एवं समस्त विटं ग सम्याबपत हों।
(3)-                                       े                       े
        अविेष वेतन बिल में समस्त वटौधतयों व िै यूल्स एवं प्राधप्त व चालान सलंग्न हैं ।
(4)-    बिल पर समस्त वगीवरण पूणथ हैं । बिल पर डय िनेत्तर/ डय िनागत/ भाररत/मतदे य अंिवत हैं ।
(5)-    बिल में डिंटन वा स्तम्भ अद्धयावधिव भरा गया हैं ।
(6)-                                                             े
        िासनादे ि संख्या-िी-1-1195/दस-16/94, िदनांव 06 िून 1994 व अनुसार ििट वा प्रमाण पत्र
        हस्ताक्षर सिहत अंिवत हैं ।
(7)-                                          े            े
        बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाम-एव व प्रस्तर-74 व अनुसार बिल वालातीत न हों।
(8)-                    े
        अविेष वेतन बिल व सार् समस्त वाधछथ त डदे ि सलंग्न हैं ।
(9)-    अविेष वेतन बिल में ओधमिन, ्स डिय वा प्रमाण पत्र िव वायाथलय अधभलेण                        में अविेष
        सम्िटिी प्रबवबि वर दी गयी हैं , अंिवत हैं ।
(10)-   यात्रा व्यय/स्र्ानाटतरण यात्रा व्यय/अववाि यात्रा सुबविा दे यव पर धनयम में उजल्लजणत समस्त
        प्रमाण अंिवत हैं एवे वाधछथ त सलंग्नव सलंग्न हैं ।
(11)-                                े            े                   े       े
        बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -3 व प्रस्तर-88 व अटतगथत पररधिषट-नौ व भाग-द व अटतगथत घ बषत
        धनयंत्रव अधिवारी द्वारा यात्रा व्यय/स्र्ानाटतरण यात्रा व्यय/अववाि यात्रा सुबविा दे यव प्रधतहस्ताक्षर
        हैं ।
(12)-   यात्रा व्यय/स्र्ानाटतरण यात्रा व्यय/अववाि यात्रा सुबविा दे यव में भुगतान वी गयी समस्त रसीदें
        सलंग्न हैं ।
(13)-                                                                             े         े
        यात्रा व्यय/स्र्ानाटतरण यात्रा व्यय/अववाि यात्रा सुबविा दे यव में अधग्रम व सम्िटि तव वाधछं त
        प्रमाण पत्र अंिवत हैं ।
(14)-                                                                 े         े
        स्र्ानाटतरण यात्रा व्यय/अववाि यात्रा सुबविा दे यव में पररवार व सदस्यों व सम्िटि में वाधछं त
        प्रमाण पत्र अंिवत हैं ।
(15)-   सर्ानानतरण यात्रा व्यय/अववाि यात्रा सुबविा दे यव में डदे ि वी प्रधत सलंग्न हैं ।
         ्     ्
(16)-                          े
        डवजस्मव दे यव प्रपत्र व सार् सि िाउचर सलंग्न हैं ।
(17)-   अधग्रम डवजस्मव व्यय डहररत वरने हे तु डहरण बवतरण अधिवारी हैं एवं वायाथलयाध्चयक्ष/धनयंत्रव
        अधिवारी वा अधग्रम डहररत वरने हे तु डदे ि सलंग्न हैं ।
(18)-                  े     े
        सहायता अनुदान व बिल व सार् िासनादे ि/स्वीवृ धत डदे ि सलंग्न हैं ।
(19)-                  े
        सहायता अनुदान व बिल सक्षम प्राधिवारी द्वारा प्रधतहस्ताक्षररत हैं ।
                       े
(20)- छात्रवृबत्त बिल व सार् सम्िजटित डदे ि सलंग्न हैं ।
(21)-                    े
        छात्रवृबत्त बिल व सक्षम प्राधिवारी द्वारा प्रधतहस्ताक्षररत हैं ।
                       े
(22)- छात्रवृबत्त बिल व सर् लाभागृिह वी सूची सलंग्न हैं ।
                                   ं            े
(23)- धनक्षेप से सम्िजटित डदे ि/सक्रमण प्रधतबि व चालान सलंग्न हैं ।
                                                           े
(24)- सामाटय भबवषय धनवाथह धनधि से 10 प्रधतित भुगतान दे यव व सार् महालेणावार वा प्राधिवार पत्र
        सलंग्न हैं ।
(25)- भवन धनमाथण अधग्रम/वाहन अधग्रम/वाहन अधग्रम/भवन मरम्मत अधग्रम/भूधम क्रय अधग्रम/ वम््यूटर
                                      े                       े
        अंधग्रम एवं अटय अधग्रम दे यव व सार् सक्षम प्राधिवारी व स्वीवृ धत डदे ि सलंग्न हैं ।
(26)- बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द                  े             े                   े
                                                          व प्रस्तर-428 व अनुसार लेणावार िन व दावे वे
                                                     21
                                                                                                  े
        सम्िटि में प्रस्तुत िवये गये बिल तर्ा िाउचर प्रा्त वरें गे तर्ा उनवी परीक्षा वरे गा और ्सव डद
        सहायव व षाधिवारी/व षाधिवारी व प्रस्तुत वरें गे। यिद दावे स्वीवायथ ह , प्राधिवारी उधचत ह ,
        हस्ताक्षर और प्रधतहस्ताक्षर, िहॉ डव्यव ह , सही और धनयधमत ह और प्राधप्त वी रसीद वैि
                                                                           े
        उटम चल (लीगल क्यूटेटस) ह , त बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-एव व प्रस्तर-47 (ग) में
        धनिाथररत िॉच पराटत भुगतानादे ि अंिवत िवया िायेगा।
(27)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव िासनादे िानुसार धनिाथररत बिल प्रस्तुत वरने
        वाली ‘बिल प्रस्तुतीवरण पंजिवा’ में ही बिल व षागार में प्रस्तुत िवया िा रहा हैं , जिसमें डहरण
                                                                                       े
        बवतरण अधिवारी द्वारा बिल प्रस्तुत वरने एवं चैव प्रा्त वरने हे तु अधिवृ त वाहव व फ ट एवं
        हस्ताक्षर प्रमाजणत हों।
(28)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव बिल पर व षागार से डहरण हे तु अधिवृ त
                            े                                                         े
        डहरण बवतरण अधिवारी व हस्ताक्षर व षागार में उपलब्ि ‘प्रमाजणत नमूना हस्ताक्षर’ व अनुसार
        सही हैं ।
(29)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव व षागार में पारण हे तु प्रस्तुत दे यव प्रपत्र वे
        स्तम्भ संख्या 1 से 20 तव सही एवं िुद्ध भरे हुये हैं ।
(30)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव व षागार में पारण हे तु प्रस्तुत दे यव पर लेणा
        सम्िटिी बववरण वी मुहर स्पषट लगी हैं ।
(31)-   व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव व षागार में पारण हे तु प्रस्तुत दे यव पर ििट
        वी वतथमान जस्र्धत एवं भुगतान वा बववरण िुद्ध एवं स्पषट भरा हैं ।
                                                                                               े
(32)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव व षागार में पारण हे तु प्रस्तुत दे यव व पृषठ
                      े
        भाग एवं अटदर व वाधछथ त स्तम्भ बवस्तृत एवं िुद्ध स्पषट रूप से भरे हैं ।
                                                                                               े
(33)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव व षागार में पारण हे तु प्रस्तुत दे यव व सार्
        वाधछथ त डदे ि एवं सलंग्नव सलंग्न िवये गये हैं ।
(34)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव दे यव व पाररत वर उस पर भुगतानादे ि
        अंिवत वर वम््यूटर में उसे सम्िजटित डहरण बवतरण वे              ी0 ी0ओ0 व   में वाधछथ त प्रधतबिया एवं
        पाररत दे यव वी िनराधि व ििट स्तम्भ में फी          वरें गे।
(35)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव डहरण बवतरण अधिवाररयों व धनिाथररत
        समय पर          ी0 ी0ओ0 ररक्साईलेिन बववरण पत्र उपलब्ि वराये एवं डहरण बवतरण अधिवारी से
                 े
        सत्यापन व प्चात ् तीन िदन में वाबपस प्रा्त ह रहा हैं ।
(36)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव िनराधि रूपयें 2,000-00 (रूपयें द हिार
        मात्र)                      े    े                                       े
                    से अधिव िनराधि व ठे वदारों, डपूधतथवताथ, गैर सरवारी व्यबियों व भुगतान एवाउटट पेयी
                              े      े
        चैव द्वारा तर्ा िनपद व िाहर व भुगतान िैंव         ाफट द्वारा िवये िाये।
(37)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव सरवारी वमथचाररयों व समय से वेतन
        भुगतान एवं प्रभावी लेणा प्रणाली हे तु व षागार में लागू ‘एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली’ वे
                                                                     े               े
        िासनादे ि संख्या-235/बव0अनु0-1/2001, िदनांव 06 िदसम्िर 2001 व प्रस्तर-7 (ण) व डिार
                               े                                                   े
        पर डहरण बवतरण अधिवारी व माध्यम से वायाथलायाध्यक्ष द्वारा प्रा्त प्रपत्र-1 व अनुसार भुगतान
                                                                                े
        एवं लेणा प्रणाली हे तु नवधनयुक्त/स्र्ानाटतररत ह वर डये अधिवारी/वमथचारी व सम्िटि में प्रर्म
                                                           22
                         े                                            े
       िार प्रा्त सूचना व डिार पर अधिवारी/वमथचारी वा वेतन डहररत वर उसव िैंव में णुले एवल
       णाते में िमा वराया िायेगा।
(38)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव सरवारी वमथचाररयों व समय से िेतन
       भुगतान एवं प्रभावी लेणा प्रणाली हे तु व षागार में लागू ‘एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली’ वे
                                                                    े              े
       िासनादे ि संख्या-235/बव0अनु0-1/2001, िदनांव 06 िदसम्िर 2001 व प्रस्तर-7(ि) व अनुसार
       वायाथलयाध्यक्ष/बवभागीय डहरण बवतरण अधिवारी द्वारा प्रधतमाह व षागार व 20 से 23 तारीण वे
       मध्य      वेतन       अर्वा     तद्सम्िटिी       भत्तें    में     ह ने    वाले        पररवतथन      तर्ा     उपजस्र्धत,
       धनलम्िन/सेवाधनवृबत्त/स्र्ानाटतरण/ सेवामुबि/वटौधतयों/िवस्त                       वी संख्या डिद वी सर्ाव्यव
       सूचना     धनिाथररत    प्रपत्र-2(1)   एवं   प्रपत्र-2(1)   में   प्रा्त   ह ने    पर    उनमें    यर्ा      संि िन   वर
                              े                            े            े          े
       अधिवाररयों/वमथचाररयों व वेतन सम्िटिी चैव िासनादे ि व प्रस्तर-10 व अनुसार उनव िैंव में
       णुले एवल णात में िमा वराना सुधनजित वरें गे।
(39)- व षागार लेणावार (बिल्स) ्स िात वा ध्यान दें गे िव सरवारी वमथचाररयों व समय से वेतन
       भुगतान एवं प्रभावी लेणा प्रणाली हे तु व षागारों में लागू ‘एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली’ वे
                                                                    े              े
       िासनादे ि संख्या-235/बव0अनु0-1/2001, िदनांव 06 िदसम्िर 2001 व प्रस्तर-7( ) व अनुसार
                              े
       डहरण बवतरण अधिवाररयों व माध्यम से वायाथलयाध्यक्ष व सैलरी एक्टें वेवस रौल द प्रधतय में,
                                                            े
       प्रत्येव वमथचारी वी वेतन पची, िैंव ए वायस, वटौधतयों व िैड्यूल्स उपलब्ि वरायें।
                  े
लेणावारा (पेंिन) व वतथव्य एवं दाधयत्व धनम्न प्रवार हैं -

(1)-   लेणवार (पेंिन) वा सवथप्रर्म यह दाधयत्व हैं िव पेंिन प्रा्त वरने डने वाले पेंिनर से अपना मृद ु
       एवं सौम्य व्यवहार रणें, उनवी समस्त जिज्ञासाओं व तत्वाल समािान वरें । उटहें अपेजक्षत सहय ग
       प्रदान वरें ।
(2)-                                                          े
       लेणावार (पेंिन) यह ध्यान रणेंगे िव पेंिनर वा समय से उनव िैंग में णुले एवल णाते में भुगतान
       सम्िटिी चैव िमा ह िायें।
(3)-   लेणावार (पेंिन) यह ध्यान रणेंगे िव संि धित, पुनरीजक्षत तर्ा राहत िढने पर अविेष वा तत्वाल
          े
       उनव िैंव में णुले एवल णाते में चैव िमा ह िायें।
(4)-   लेणावार (पेंिन) यह ध्यान रणेंगे िव                   धनदे िव, लेणा एवं हवदारी,                 उत्तराण् , दे हरादन,
                                                                                                                        ू
       वायाथलयाध्यक्ष तर्ा महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन से प्रा्त पेंिन प्राधिवार वी िॉच वरें गे।
                                                         ू
(5)-   लेणावार (पेंिन) यह ध्यान रणेंगे िव धनदे िव/अपर धनदे िव, लेणा एवं हवदारी उत्तराण् ,
       दे हरादन, उप महालेणावार/वररषठ लेणाधिवारी/ लेणाधिवारी, महालेणावार उत्तराण् , दे हरादन तर्ा
              ू                                                                           ू
                      े                                                              े
       चतुर्थ श्रेणी व पेंिन प्राधिवारी हे तु वायाथलयाध्यक्ष एवं डहरण बवतरण अधिवारी व प्रमाजणत नमूना
       हस्ताणर वी गा थ फा्ल अद्धयावधिवर रणेंगे। पेंिन प्राधिवर पत्र प्रा्त ह ने पर अधभलेण में उपलब्ि
       प्रमाधयणत नमूना हस्ताक्षर से उनवा धमलान वर डगामी वायथवाही वरें गे। अधभलेण में प्रमाजणत
       नमूना हस्ताक्षर न ह ने पर सम्िजटित प्राधिवारी व प्रमाजणत नमूना हस्ताक्षर भेिने हे तु तत्वाल
       पत्र भेंिेगे।
(6)-                                                                          े
       लेणावार (पेंिन) यह ध्यान रणेंगे िव पेंिन भुगतानादे ि ह ने पर 15 िदनों व अटदर पेंिन व
       व षागार में पेिन भुगतान प्रा्त वरने हे तु पत्र द्वारा सूधचत वरें गे िव पेंिन भुगतान वरने हे तु िवसी
                                                   23
                             े
        भी वायथ िदवस में, उनव नाम पेंिन भुगतानादे ि वी पृषठांिवत प्रधत, डहरण बवतरण अधिवारी द्वारा
        धनगथत अनजटतम पेंिन एवं अनजटतम सेवा धनवृबत्त/मृत्यु डनुत बषव भुगतान प्रमाण पत्र, राषटीयवृ त
        िैंव में एवल नाम से णुले िचत िैंव णाते वी पास िुव तर्ा द गवाह ि िव सरवारी वमथचारी
                        े
        अर्वा पेंिनर ह व सार् उपजस्र्त हों।
(7)-                                               े
        लेणावार (पेंिन) यह ध्यान रणेंगे िव पेंिनर व प्रर्म भुगतान हे तु उपजस्र्त ह ने पर धनिाथररत फामथ-
        एव व      भरवावर, समस्त औपचाररवतायें पूणथ वर पेंिनर व                        े
                                                                         व षाधिवारी व समक्ष डव्यव
        वायथवाही हे तु समस्त अधभलेण सिहत लेवर िायें।
(8)-                                         े           े
        बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द व अध्याय-21 व प्रस्तर-514 अनुसार पेंिन वा भुगतान
              े                                   े                                   े
        लेने व धलये पेंिन भ गी वी पहली उपजस्र्धत व समय व षाधिवारी पेंिन भुगतान डदे ि व वलेक्टर
                        े
        वाले अद्धथ भाग व स्तम्भ ‘धनवास स्र्ान’ में ऐसे अधतररक्त बववरण अंिवत वर लेगा, ि उसवी
                               े                                    ें
        अनुवती अनुपजस्र्धतयों व समय उसवी सहि धिनाख्त व सुधनजित वर सव। उसी प्रवार प्रधतबि
        िवये गये पते में डवप्यवतानुसार समय-समय पर पररवतथन भी िानने तर्ा उसे अंिवत िवये िाने
         े
        व सम्िटि में भी वदम उठाये िाने चािहयें।
(9)-                                         े            े             े
        बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द व अध्याय -21 व प्रस्तर-515 व अनुसार पेंिन भुगतान
        वा दावा वरने वाले िवसी पेंिन भ गी वी उपजस्र्धत पर बवतरण अधिवारी द्वारा उसे व्यैबिव धचनें वी
                                        े
        िांच वर ली िानी चािहये और रसीद व हस्ताक्षरों वा धमलान मूल भुगतान डदे ि पर धचपवाये गये
        प्रधतवृ धत (नमूना) हस्ताक्षर से वर लेना चािहयें। यिद व ई पेंिन भ गी अपने हस्ताक्षर न वर सवता
                       े       े                           े
        ह त रसीद पर उसव अगूठे व धनिान व पेंिन भुगतानादे ि व वलेक्टर वाले अद्धथ भाग पर पहले
        से धलये गये मूल धनिान से धमला लेना चािहये। सवथप्रर्म पेंिन लेने वाले पेंिन भ गी से यह भी
        अपेक्षा वी िानी चािहये िव वह उस डदे ि वी प्रधतधलबप प्रस्तुत वरें , जिसमें उसे अपनी पेंिन वी
        स्वीवृ धत सूधचत वी गयी हों।
(10)-                                        े           े             े
        बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द व अध्याय-21 व प्रस्तर-516 व अनुसार सावथिधनव रूप
        से उपजस्र्त न ह ने वाली मिहलाओं व पेंिन वा भुगतान वरने में बविेष ि णे वी ि जणम रहती हैं ।
        अत: ्न मामल                      े
                            में धिनाख्त व बवषय में बविेष ध्यान रणना चािहयें। ऐसी मिहलाओं वी
                                                              े                   े
        बववरणात्मव पंजियॉ, िि वह मूलत:तैयार वी िायें तर्ा ्न8व लगातार िीबवत रहने व सामधयव
                                                 े
        प्रमाण-पत्रों वी उस नगर, गॉव तर्ा परगने व द व्यबियों द्वारा प्रमाजणत िवये िाने चािहयें।
(11)-   लेणावार (पेंिन) यह ध्यान रणेंगे िव माह नवम्िर में िीवन वालीन प्रमाण पत्र एवं सेवाय िन न
                                             े
        वरने वा वा प्रमाण पत्र हे तु पेंिनर व व षागार में उपजस्र्त ह ने पर फामथ-8(1) एवं फामथ-8(2) में
                                                                 े
        समस्त औपचाररवतायें पूणथ वरवावर पेंिनर व लेवर व षाधिवारी व समक्ष उपजस्र्त होंगे।
(12)-   लेणावार (पोंिन) यह ध्यान रणेंगे िव माह नवम्िर में िीवन वालीन प्रमाण पत्र एवं सेवाय िन न
        वरने वा प्रमाण पत्र पेंिनर द्वारा िदये िाने पर पेंिन िाती रहें तर्ा िाद में पता लगता हैं िव पेंिनर
        वी मृत्यु ह गयी हैं त अधिव भेिी गयी पेंिन व िैंव से चैव/िैंव           ापट द्वारा मंगवावर तत्वाल
                  े   ं
        प्राधप्त व सुसगत लेणा िीषथव में िमा वरायेंगे। नाधमत व्यबि/वाररस व िीवन वालीन अविेष
        भुगतान वरें गे।
(13)-                                      े
        संवाधनवृत्त अधिवाररयों/वमथचाररयों व धचिवत्सा व्यय हे तु प्रधतपूधतथ प्रा्त ह ने पर उसवा दे यव
        प्रस्तुत वर भुगतान वरें ।
                                                          24
             े                               े                       े
लेणा अनुभाग व प्राटतीय डय एवं प्राटतीय व्यय व लेणावार/सहायव लेणावार व हे तु वतथवय एवं दाधयत्व
                                                                                ्
धनम्न प्रवार हैं :-

(1)-              ै
         प्रभारी/वि िुव ह ल् र प्राटतीय व्यय सहायव व षाधिवारी (बिल्स एवं चैक्स) से प्रा्त बिलों व
         मुख्य लेणा िीषथव वार छॉटवर, लेणा पुस्तांिवत हे तु लेणावार/सहायव लेणावार व दें गे। ्सी प्रवार
         उपव षागारों से प्रा्त दै धनव लेणा पुस्तांवन हे तु िदया िायेगा।
(2)-              ै                                                                े
         प्रभारी/वि िुव ह ल् र प्राटतीय डय िैंव से प्रा्त लेणा व स्व ल से धमलान वरव, प्रा्त चालानों
         व मुख्य लेणा िीषथव िार छांटवर, लेणा पुसतांवन हे तु लेणावार/सहायव लेणावार व दें गे। ्सी
         प्रवार उपव षागारों से प्रा्त दै धनव लेणा पुसतांवन हे तु िदया िायेगा।
(3)-              ै
         प्रभारी/वि िुव ह ल् र से प्रा्त लेणा व सम्िजटित लेणावार/ सहायव लेणावार वम््यूटर में उप
         मुख्य लेणा िीषथव, लघु िीषथव, उप िीषथव, व्यौरे वार लेणा प्रस्तांिवत वर वम््यूटर से वच्चा धचठठा
                                                    ै                            े          ै
         वा बप्रटट धनवाल वर उसवी हा थ वापी प्रभारी/वि िुव ह ल् र व उपलब्ि वरायेंग, प्रभारी/वि
                                  े         ै
         ह ल् र उसवा धमलान वर, उसव डिार पर वि िुव तैयार वरें गे।
(4)-              ै                                                        े             े
         प्रभारी/वि िुव ह ल् र प्राटतीय व्यय प्रत्येव माह 1से 10 तारीण तव व लेणा िटदी वरव धनिाथररत
         िदनांव व महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन व प्रेबषत वरें गे।
                                                ू
(5)-              ै                                                                 े
         प्रभारी/वि िुव ह ल् र प्राटतीय व्यय प्रत्येव माह 11 से अजटतम वायथ िदवस तव व लेणा िटदी
            ें
         वरव धनिाथररत िदनांव व              महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन व
                                                                          ू         प्रेबषत वरें गे। ्सी प्रवार
                  ै                                                              े
         प्रभारी/वि िुव ह ल् र प्राटतीय डय प्रत्येव माह 1 से अजटतम वायथ िदवस तव व लेणा िटदी वरवें
         धनिाथररत िदनांव व महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन व प्रेबषत वरें गे।
                                                         ू
(6)-                                            े
         लेणावार/सहायव लेणावार माधसव लेणा िटदी व प्चात ् मुख्य लेणा िीषथव वार उप मुख्य लेणा
         िीषथव, लघु िीषथव, उप िीषथव, ब्यौरे वार सूचना लेणावार (्नपुट) व                    बवत्तीय सॉख्यवीय
         धनदे िालय, उत्तराण् , दे हरादन व माधसव ्नपुट प्रेषण हे तु उपलब्ि वरायेंगे। लेणावार (ि पाजिट)
                                      ू
         धनिाथररत िदनांव पर माधसव ्नपुट बवत्तीय सॉख्यवीय धनदे िालय, उत्तराण् , दे हरादन व प्रेबषत
                                                                                      ू
         वरें गे।

                                       े
वधनषट धलबपव ( ाव प्रेषण एवं प्राधप्त) व वतथव्य एवं दाधयत्व धनम्न प्रवार हैं :-
    ्

(1)-                                             े
         वधनषठ धलबपव ( ाव प्रेषण एवं प्राधप्त ) व वतथव्य एवं दाधयम्व हैं िव वायाथलय में प्रा्त          ाव पर
         व षागार      वायाथलय,   दे हरादन
                                        ू     वी   म हर    अंिवत   वरें ,   ाव   पंिीवृ त/दस्ती/   सपी प सट/
                                                                                                    ्     ्
         िीमावृ त/पासथल हैं , पर उस पर प्राधप्त वा माध्यम पर सही वर धनिान अंिवत वरें । यिद प्रा्त           ाव
         पंिीवृ त/स्पी प स्ट/िीमावृ त/पासथल हैं , त उस पर उसवा नम्िर एवं िदनांव अंिवत वरें ।
(2)-                                            े                             े
         वधनषठ धलबपव ( ाव प्रेषण एवं प्राधप्त) व वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव ्सव प्चात ् ्् ै क्स रजिस्टर
         में                      ं                                                  े
               ाव अंिवत वर उसवा क्रमाम एवं िदनांव पत्र पर यर्ास्र्ान अंिवत वरें । ्सव प्चात ् सहायव
                                          े
         व षाधिवारी (अधिषठान) व पृषठांवन व धलये भेंिे। मुख्य व षाधिवारी से             ाव पर अंिवत पृषठांवन
                            े                                  ं
         पर हस्ताक्षर ह ने व प्चात ् वाबपस डने पर पत्र व उसी क्रमाव पर सम्िजटित सहायव वा नाम
         अंिवत वर, उसे      ाव प्रा्त वरायें।
(3)-                                            े
         वधनषठ धलबपत ( ाव प्रेषण एवं प्राधप्त) व वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव धनदे िव, लेणा एवं हवदारी,
                                                   25
                                                                                            े
       उत्तराण् , दे हरादन/महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन/वायाथलयाध्यक्ष से चतुर्थ श्रेणी व प्रा्त
                         ू                               ू
       पेंिन भुगतानादे ि, सेवाधनवृबत्त/मृत्यु ग्रैच्युटी भुगतानादे ि एवं राधिवरण भुगतानादे ि व पेंिन पंजिवा
       में अंिवत वरें तर्ा उसवा बववरण वम््यूटर में फी      वरें ।
(4)-                                          े
       वधनषठ धलबपव ( ाव प्रेषण एवं प्राधप्त) व वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव ‘िवाहर भवन पद्धधत’ एवं
           ्
       सरवारी अधिवाररयों/वमथचाररयों व समय से वेतन भुगतान तर्ा प्रभावी लेणा प्रणाली हे तु व षागार
                                              े
       में ‘एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली’ व लेणावार पेंिन एवं बिल्स से चैव प्रा्त ह ते ही अनुसेवव
       से सम्िजटित िैंव िाणा में िमा वरायें।
(5)-                                          े
       वधनषठ धलबपव ( ाव प्रेषण एवं प्राधप्त) व वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव भेिे िाने वाली       ाव व प्रेषण
                                               े
       पंजिवा में दिथ वर डठ िवल मीटर वी पररिी व अटदर वी                                   े
                                                                            ाव व अनुसेवव व माध्यम से
       िअवायें तर्ा डठ िवल मीटर वी परीिी से िाहर वी                 ाव व यर्ा पंिीवृ त/स्पी प स्त/ सािारण
        ाव से भेिें।
(6)-                                          े
       वधनषठ धलबपव ( ाव प्रेषण एवं प्राधप्त) व वतथवय एवं दाधयत्व हैं िव प्रेषण पंजिवा से िासवीय
           ्                                       ्                                                    ाव
             े
       िटवट व अविेष व प्रधतिदन सहायव व षाधिवारी से सत्यापन वरायें।

                    े
लेणावार (साण सीमा) व वतथव्य एवं दाधयत्व धनम्न प्रवार हैं :-

(1)-   बवत्त धनयंत्रव, ल व धनमाथण बवभाग/वन बवभाग/धसंचाई/लघु धसंचाई/ग्रामीण अधभयटत्रण सेवा
       (प्रण् )/िलागम      प्रिटि धनदे िालय से प्रा्त साण सीमा व िासनादे ि संख्या-615/ बव0अनु0-
                                      े           े
       3/2002, िदनांव 13 नवम्िर 2002 व प्रस्तर-7 व अनुसार लेणावार (साण सीमा) वा यह दाधयत्व
       ह गा तर्ा वे यह सुधनजित वरें गे िव साण सीमा वा डंिटन प्रा्त ह ते ही उसे वे सम्िजटित िैंव व
                               े             ू                       े              े
       अधिवतम तीन वायथ िदवसों व अटदर अव्य संसधचत वरें गे। िासनादे ि व प्रस्तर-6(4) व अनुसार
       साण सीमा वा उपय ग सम्िजटित त्रैमास/बवत्तीय वषथ में ही ह और िवसी भी दिा में असवा
                                                                           े
       उल्लघन न ह ने पाये, िवसी भी दिा में एव त्रैमास में डंििटत साण सीमा व अविेष वा उपय ग
                                                  े
       उगले त्रैमास में बिना िासन वी पूवथ अनुमधत व नहीं िवया िायें।
(2)-   लेणावार (साणसीमा) यह ध्यान रणेंगे िव िवसी भी ण्                                            ू
                                                                      व भारतीय स्टे ट िैंव में संसधचत साण
             े
       सीमा व अविेष से अधिव भुगतान न ह ने पाये। भुगतान अधिवता वी जस्र्धत में तत्वाल
       सम्िजटित ण्      े
                       व भुगतान िटद वराने से सम्िजटित वायथवाही वरें गे।
(3)-                                                      े
       लेणावार (साणसीमा) यह ध्यान रणेंगे िव प्रत्येव माह व प्रर्म स्ताह में ल व धनमाथण बवभाग/वन
       बवभाग/धसंचाई/लघु धसंचाई/ग्रामीण अधभयटत्रण सेवा (प्रण् )/िलागम प्रिटि धनदे िालय व पास
       िुव एवं सी0टी0डर0 प्रेबषत वरें गे।
(4)-   लेणावार (साणसीमा) यह ध्यान रणेंगे िव प्रत्येव माह वी 18 तारीण व ल व धनमाथण बवभाग/वन
                                                                                      े
       बवभाग/धसचाई/लघु धसंचाई/ग्रामीण अधभयटत्रण सेवा (प्रण् )/िलागम प्रिटि धनदे िालय व ण् ीय
                ै
       लेणावार/वधियर व षागार दे हरादन में ररक्ंसीईलेिन (समाि िन) हे तु व षागार में िैठव में उपजस्र्त
                                    ू
       ह ते हैं । ररक्ंसीईलेिन (समाि िन) हे तु प्रत्येव माह वी 18 तारीण व िैठव में उपजस्र्धत न ह ने पर
       सम्िजटित ण्      े
                       व भुगतान र वने वी वायथवाही वरें गे।
(5)-   लेणावार (साणसीमा) यह ध्यान रणेंगे िव िासनादे ि संख्या-ए-2-47/दस-10(9)/95, िदनांव 03
                                                     26
                  े           े
       माचथ 1997 व प्रस्तर-3 व अनुसार साण सीमा बवत्तीय वषथ वी समाधप्त पर व्यपगत मानी िायेगी।
                                                                         े         े
       साण सीमा जिस बवत्तीय वषथ में िारी वी गयी हैं , व ई ऐसी चैव ि वषथ व समाधप्त व पहले वाटी
       गयी ह लेिवन उसवा भुगतान िाद में िवया गया ह , त उसे चैव व उसी वषथ वी साण सीमा वे
                                            े
       समक्ष वाटा गया समझा िायेगा, जिस वषथ व धलये वह साण सीमा हैं । ्स प्रवार यिद साण सीमा से
       अधिव रूपया धनवल धलया गया ह त यह अधतररक्त राधि ओवर                 ापट मानी िायेगी और सम्िजटित
       ण्    े                              े
            व अधिवारी ्स बवत्तीय अधनयधमतता व धलये व्यबिगत रूप से उत्तरादायी माने िायेंगे।
(6)-   लेणावार (साण सीमा) यह ध्यान रणेंगे िव िासनादे ि संख्या-ए’-2-47/दस-10(9)/95, िदनांव 03
                  े           े                     े
       माचथ 1997 व प्रस्तर-4 व अनुसार ि पाजिट वायो व धलये प्रा्त िनराधि िमा साण सीमा
       ( ी0सी0एल0) वहलायेगी। ल व धनमाथण बवभाग/धसंचाई/वन/लघु धसंचाई/ग्रामीण अधभयंत्रण सेवा
                                                             े
       (प्रण् )/िलागम प्रिटिव धनदे िालय द्वारा ि पाजिट वायथ व धलये प्रा्त िनराधि अपने बवभाग वे
          ं
       सुसगत ‘वव् थस ि पाजिट लेणािीषथव’ में प्राधप्त लेवर सम्िजटित व षागार में लेणािीषथव ‘8782-
                              े
       रे धमटे टस’ में चालान व माध्यम से िमा वी िायेगी। सम्िजटित अिीक्षण अधभयटता/वन
                                                                                  े
       सरं क्षव/धनदे िव िलागम प्रिटि सम्िजटित व षाधिवारी व िमा साणसीमा िारी वरने व सार्
       िमा वरने वाली सस्ंर्ा वा नाम, वायथ वा बववरण, िमा िनराधि, िमा वरने वी धतधर्, लेणािीषथव
       एवं चालान संख्या सम्िजटित बववरण उपलब्ि वरायेंगे। िमा साण सीमा िारी वरने से पूवथ अिीक्षण
                                                                 े
       अधभयटता/वन सरं क्षव/धनदे िव िलागम प्रिटि से प्रा्त सूचना व डिार पर, िमा िनराधि वा
                                                                 े
       सत्यापन अपने अधभलेणों से वरने एवं ्स डिय वी प्रधतबि वरने व िाद ही िमा साण सीमा वा
       प्राधिवार पत्र भारतीय स्टे ट िैंव वी सम्िजटित िाणा व िारी वरें गे।
(7)-   लेणावार (साणसीमा) यह ध्यान रणेंगे िव िासनादे ि संख्या-ए’-2-47/दस-10(9)/95, िदनांव 03
                  े           े
       माचथ 1997 व प्रस्तर-5 व अनुसार िमा साण सीमा बवत्तीय वषथ वी समाधप्त पर व्ययगत नहीं ह गी
       अबपतु अगले बवत्तीय वषथ में अविेष िनराधि व अग्रेनीत वी िायेगी।
(8)-   लेणावार (साणसीमा) यह ध्यान रणेंगे िव िासनादे ि संख्या-ए-2-47/दस-10(9)/95, िदनांव 03
                  े           े
       माचथ 1997 व प्रस्तर-6 व अनुसार साण सीमा एवं िमा साण सीमा वी िनराधि वा एव दसरे में
                                                                                 ू
       अटतरण िवसी भी दिा में नहीं िवया िायेगा। साण सीमा एवं िमा साण सीमा वा अलग-अलग
       लेणा प्रपत्र-11 में व षागार में रणा िायेगा।
(9)-   लेणावार (साणसीमा) यह ध्यान रणेंगे िव िासनादे ि संख्या-ए-2-47/दस-10(9)/95, िदनांव 03
                  े           े
       माचथ 1997 व प्रस्तर-8 व अनुसार ल व धनमाथण बवभाग/धसंचाई/वन/लघु धसंचा्/ग्रामीण अधभयंत्रण
                                                                                       े
       सेवा (प्रण् ) / िलागम प्रिटि धनदे िालय द्वारा ि पाजिट वायथ हे तु प्रा्त िनराधि व सार्-सार्
                                                                  े
       बवभागीय रािस्व प्राधप्तयों व लेणा िीषथव ‘8782-रे धमटे टस’ व अटतगथत व षागार में िमा िवया
                                      े
       िाता हैं । बवभाग ि पाजिट वायथ व धलये प्राधप्तयों तर्ा अटया प्राधप्तयों   व लेणा िीषथव ‘8782-
                    े                                                  े
       रे धमटे टस’ व उप िीषथव में पृर्व-पृर्व िमा वरें । ि पाजिट वायथ व धल्ःे प्राधप्तयों वी ही िमा साण
       सीमा िारी वी िायेगी। अटय प्राधप्तयों वी िमा साण सीमा नहीं िारी वी िायेगी।
                                                      27
                      े
लेणावार (अधभलेणागार) व वतथव्य एवं दाधयत्व धनम्न प्रवार हैं :-

(1)-   लेणावार (अधभलेणागार) वा यह वतथत्य एवं दाधयत्व हैं िव प्राटतीय डय वी चालानों एवे
                                              े
       उपव षागारों से प्रा्त ह ने वाले लेणें व दै धनव स्याहा व प्रधतिदन वा मुठठा धसलवावर              माहवार
       िस्तों में िंिवावर अधभलेणागार में रणेंगे। िस्ते वा उपर         सम्िजटित माह एवं वषथ वा नाम स्पषट
       अक्षरों में धलणेंगे।
(2)-   लेणावार (अधभलेणागार) वा यह वतथत्य एवं दाधयत्व हैं िव अधभलेणागार में रजिस्टर डफ रजिस्टर
       तर्ा वीि ं ग रजिस्टर, व अद्धयावधिव रणेंगे।
(3)-   लेणावर (अधभलेणागार) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द
        े              े
       व प्रस्तर-1514 व अनुसार प्रत्येव वषथ माह िनवरी में वीि ं ग िवये िाने वाले अधभलेणों वी वीि ं ग
       सम्िटिी वायथवाही वरें गे।
(4)-   लेणावार (अधभलेणागार) वा यह वतथत्य एवं दाधयत्व हैं िव अधभलेणागार में रणे िाने वाले अधभलेणों
       व रै क्स में सुव्यवजस्र्त रणवायेंगे।
(5)-   लेणावार (अधभलेणागार) वा यह वतथत्य एवं दाधयत्व हैं िव िवसी अधभलेण वी मॉग पत्र द्वारा मॉग
       िवये िाने पर उसे तत्वाल उपलब्ि वरायेंगे।

                   े
लेणागार (अधिषठान) व वतथव्य एवं दाधयत्व धनम्न प्रवार हैं :-

(1)-                                                            ु   े
       लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव ििट मैनअल व अनुसार धनदे िव व षागार
       एवं बवत्त सेवायें, उत्तराण् , दे हरादन व माधसव िी0एम0-7 एवं िी0एम0-8, चालू बवत्तीय वषथ वा
                                            ू
       15 नवम्िर, 25 िनवरी तर्ा 25 माचथ व भेिे िाने वाला व्ययाधिक्य तर्ा डगामी बवत्तीय वषथ वा
       अनुमाधनत ििट 15 अक्टू िर तव भेिें।
(2)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भग-एव
        े          े             े
       व अध्याय-8 व प्रस्तर-173 व अनुसार प्रारूप संख्या-13 पर वटटीिैटसी रजिस्टर रणेंगे।
(3)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव वायाथलय प्रय गार्थ वी िाने वाली सामधग्रयों
       वी   णरीददारी      से   पूवथ धनयम   सग्रह,   बवत्तीय   हस्त   पुजस्तवा   एवं िासनादे िानुसार   समस्त
       औपचाररवतायें, व टे िन एवं टै ् र सम्िटिी प्रिवया पूणथ वरायें।
(4)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव अववाि यात्रा सुबविा अधग्रमा, यात्रा अधग्रम,
       वेतन अधग्रम ि भी डहररत िवये िायें, उनवा समाय िन चालू बवत्तीय वषथ में बवलम्ित 31 माचथ
       तव ह िायें।
(5)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें,
                                          े
       उत्तराण् , दे हरादन से प्रा्त ििट व अटतगथत ही व्यय िवया िायें।
                         ू
(6)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेंवायें,
                                              े
       उत्तराण् , दे हरादन व अधतररक्त िनराधि व डवंटन हे तु औधचत्य सिहत प्रस्ताव भेिे।
                         ू
(7)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-एव
        े             े
       व प्रस्तर-119 व अनुसार यात्रा बिल चैव पंजिवा रण रणाव वरें गे।
(8)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व है िव वम््यूटर स्टे िनरी तर्ा सामाटय स्टे िनरी वे
                                                       28
        स्टाव पंिी में प्राधप्त तर्ा धनगथमन वी अद्धयावधिव प्रबवबि वरें ।
(9)-    लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव िनरे टर लाग िुव, टे लीफ न पंजिवा, अटय
        उपवरणों वी लाग िुव पंजिवा वा रण रणाव वरें ।
(10)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें,
        उत्तराण् , दे हरादन/धनदे िव लेणा एवं हवदारी, उत्तराण् , दे हरादन
                          ू                                            ू              व अधिषठान से सम्िजटित
        समस्त ररटथ नस धनिाथररत समयावधि में भेिें।
(11)-   लेणावार    (अधिषठान)      वा    यह    वतथव्य    एवं   दाधयत्व      हैं   िव   सेवा   धनवृत्त   ह ने   वाले
                               े
        अधिवाररयों/वमथचाररयों व पेंिन प्रवरण/सामाटय भबवषय धनवाथह धनधि भुगतान सम्िटिी समस्त
        वायथवाही समयानुसार वरें ।
(12)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव अधिवाररयों/वमथचाररयों वा सलेक्िन ग्रे                 वे
        रूप में एव वेतन वृबद्ध अर्वा प्रौटनधत वा अगला वेतनमान दे य ह ते ही तत्वाल प्रस्तान सहायव
                                     े
        व षाधिवारी/मुख्य व षाधिवारी व सम्मुण रणें।
(13)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं अधिवाररयों/वमथचाररयों वी सेवापुजस्तवा में सेवा
        वा वाबषथव सत्यापन, अजिथत अववाि प्रबवबि, वेतन धनिाथरण/दे य अद्धयावधिव वेतन वृबद्ध, अधिवारी/
                 े                              े
        वमथचारी व व्यबिगत बववरण, सेवा पुजस्तवा व अटय डव्यव बववरण, सामाटय भबवषय धनवाथह
                                                             े
        धनधि/सामूिहव िीमा य िना/ग्रैच्युटी/ पाररवाररव पेंिन व नॉमावन हैं ।
(14)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव अधिवाररयों/वमथचाररयों वी सामाटय भबवषय
        धनवाथह धनधि वी पास िुव में अद्धयावधिव अधभदान एवं अधगथम वी वापसी वी अद्धयावधिव प्रधतबि
        वरें । अधग्रम लेने वी जस्र्धत में उसवी प्रबवबि धनिाथररत स्तम्भ में वरें । बवत्तीय वषथ वी समाधप्त पर
        उसवी लेणा िटदी वरें ।
(15)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन से प्रा्त
                                                                                        ू
                                                          े                       े
        सामनटय भबवषय धनवाथह धनधि वी लेणा पची में पास िुव व अनुसार अटतर हैं , त उसव समाय िन
         े
        व धलये महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन से पत्राचार वरें ।
                                             ू
(16)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन द्वारा
                                                                                        ू
        िवये गये धनरीक्षण िट्पणीयों वा धनिाथररत पंिी पर बववरण अंिवत वरें ।
(17)-   लेणवार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव माननीय उच्च टयायालय, उत्तराण् ,
        दे हरादन/माननीय ल व सेवा अधिवरण, उत्तराण् , दे हरादन/माननीय टयायालायों में दायर वादों वी
               ू                                           ू
        प्रभावी पैरवी वरें । याधचवा प्रा्त ह ते ही उसवा प्रस्तरवार नरे िटव तैयार वर, धनदे िव, व षागार एवं
                                            े
        बवत्त सेवायें, उत्तराण् , दे हरादन व माध्यम से सधचव, टयाय एवं बवधि परामिी, उत्तराण् ,
                                         ू
        दे हरादन से प्रधतिपर् दाजणल वरने हे तु अनुमधत प्रा्त वरें प्रधतिपर् दाजणल वरने सम्िटिी वायथवाही
               ू
        वरें । पंजिवा में दायर वादों में पैरवी वर उसवी िदनांव वार प्रगधत अंिवत वरें ।
(18)-   लेणावार (अधिषठान) वा यह वतथव्य एवं दाधयत्व हैं िव िासनादे िों/महालेणावार, उत्तराण् ,
                  े                                                                   े
        दे हरादन व पररपत्रों/धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें, उत्तराण् , दे हरादन व पररपत्रों वी अलग-
               ू                                                                   ू
        अलग गा थ फा्ल िनायें।
                                                 29
अनुसेवव:-

                               े                 े
       वायाथलय में धनयुक्त अनुसवव वायाथलय णुलने व धनयत समय से डिा घ्टा पूवथ डवर वायाथलय
            ु
ण ले, मेि, वधसथया, अल्माररयॉ, वम््यूटर वक्ष डिद वी सफाई वरें ।   वायाथलय में पानी पीने वी व्यवस्र्ा
                               े                             े
वरे । वायाथलय वावरी वी सफाई वरव उसे सुरजक्षत रणें। िैठव डिद व अवसर पर चाय/सुक्ष्म िलपान व
                                                      े
व्यवजस्र्त ढग से बवतररत वरे । लेणावर बिल्स एवं पेंिन व रजिस्टर, बिल्स, प्रपत्र-4 सहायव व षाधिवारी
 े                                         े      े                        े
व सम्मुण िॉच हे तु रणें, सहायव व षाधिवारी व िांच व प्चात ् उसे व षाधिवारी व सम्मुण हस्ताक्षर हे तु
                 े           े
रणे। व षाधिवारी व हस्ताक्षर व प्चात लेणावर (चैक्स) व          चैव िनाने हे तु समसत अधभलेण दें गे।
लेणावार (चैक्स) द्वारा चैव िनाने वे   प्चात, चैव सिहत समस्त अधभलेण व लेणावार बिल्स अर्वा पेंिन
व उपलब्ि वरायेंगे। अनुसेवव व ि भी मौजणव डदे ि िदये िायें उसवा तत्वाल अनुपालन वरें । वायाथलय
में धनिहत समस्त सामान वी समुधचत दे ण-भाल अनुसेवव द्वारा वी िायेगी, िवसी प्रवार वी ग ि ी ह ने पर
उसवी तत्वाल सम्िजटित सहायव व अधिवारी व सूचना दे गा।

                 े
व षागार वायाथलय व अधिवाररयों/वमथचाररयों वी िाबियों और वतथव्य


                                                                        े
       िासनादे ि संख्या-एस-3-2375/दस-34(68)/87, िदनांव 08 धसतम्िर 1998 व द्वारा व षागार
                                                                           े
प्रिासन व अःाजःव गधतमान िनाने हे तु बवत्तीय हस्वत पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-एव व अध्याय-द वे
                 े                े
प्रस्तर-12 ( ी) व अनुसार व षागार व वररषठम व षाधिवारी व वायाथलयाध्यक्ष घ बषत िवया गया हैं ।
       िासनादे ि संख्या-ए-2-970/दस-94-24(7)/95, िदनांव 28 िून 1996 तर्ा बवत्तीय धनयम ण् -
    े                         े
एव व प्रस्तर-19,29,31 एवं 34 व अनुसार वायाथलयाध्यक्ष बवधभटन अधिवारी प्रा्त हैं ।

सामग्री क्रय वरना:-
                                                                          े
       िासनादे ि संख्या-ए-1-2088/दस-96-15(1)/86, िदनांव 24 अक्टू िर 1996 व द्वारा बवत्तीय धनयम
                      े               े
सग्रह ण् -पॉच भाग-एव व पररधिषट-उटनीस व धनयम-4 में धनिाथररत रूपयें 500-00 (रूपयें पॉच सौ मात्र)
वी सीमा व िढावर रूपयें 2,500-00 (रूपयें द हिार पॉच सौ मात्र) वर िदया गया हैं तर्ा धनयम-9 में
धनिाथररत सीमा में धनिाथररत रूपयें 5,000-00 (रूपयें पॉच हिार मात्र) वी सीमा व िढावर रूपयें 15,000-00
(रूपयें पटरह हिार मात्र) वर िदया गया हैं ।
                                            ु
       समस्त वायाथलय उपय गी वस्तुये समसत मैनअल, बवत्तीय हस्त पुजस्तवा एवं िासनादे िों वा
अनुपालन वर क्रय वी िाती हैं । िासनादे ि संख्या-एस-3-499/दस-34(68)/87, िदनांव 05 फरवरी 1988 वे
             े
अटतगथत जिले व वररषठ व षाधिवारी/व षधिवारी (िैसी जस्र्धत ह ) में व षागार सम्िटिी समस्त व्यय हे तु
डहरण बवतरण घ बषत िवया गया र्ा। भारतीय स्टे ट िैंग से प्रा्त प्राटतीय डय/व्यय वा लेणा मुख्यच
लेणा िीषथव, उप मुख्य लेणा िीक्षथव, लघु िीषथव, उप िीषथव, ब्यौरे वार िीषथव वार लेणा पुस्तांिवत िवया
                                                                े
िाता हैं । उपव षागारों से प्रा्त दै धनव लेणा व पुस्तांिवत लेणे व सार् संवधलत वर, लेणे व माह में द
                                                          े
िार वायाथलय महालेणावार, उत्तराण् , दे हरादन व बविेष वाहव व माध्यम से भेिा िाता हैं ।
                                          ू
       माह में एव िार प्राटतीय डय प्राटतीय व्यय एवं पेंिन वा माधसव ्नपुट व बवत्तीय सॉख्यवीय
                                             े
धनदे िालय, उत्तराण् , दे हरादन व बविेष वाहव व माध्यम से भेिा िाता हैं । बवधभटन
                             ू                                                      बवत्तीय    धनयमों
                                                                  े
सग्रह, बवत्तीय धनयम तर्ा सेवा सम्िटिी धनयमों में प्रदत्त अधिवारी व अिीन व षागार अधिषठान वे
                                                   30
अधिवाररयों/वमथचाररयों वा वेतन, अववाि स्वीवृ धत, यात्रा दे यव, स्र्ानाटतरण यात्रा दे यव, अववाि यात्रा
सुबविा, बवधभटन अधग्रम सम्िटिी दे यव व डहररत, वाधछथ त वायथवाही तर्ा डदे ि पाररत वरना।

                 े                        े                              े        े
व षागार वायाथलय व ल व प्राधिवारी अर्वा उसव वधमथयों द्वारा अपने वृ त्यों व धनवथहन व धलये िाररत तर्ा
प्रय ग िवये िाने वाले धनयम, बवधनयम, अनुदेि, धनदे धिवा और अधभलेण वी सूचना।

                                                                        े          थ
        िासनादे ि संख्या-ए-1-3587/दस-10(28)/72, िदनांव 12 धसतम्िर 1984 व अटतगथत पूववती उत्तर
               े              े
प्रदे ि राज्य व दस व षागारों व सार् व षागार दे हरादन में भी िदनांव 01 फरवरी 1985 से चैव प्रणाली लागू
                                                   ू
                                                                        े
वी गयी र्ी। िासनादे ि संख्या-ए-1-1069/दस-10(28)/72, िदनांव 17 िून 1989 व द्वारा पूवथ से लागू चैव
         े
प्रणाली व स्र्ान पर िदनांव 01 धसतम्िर 1989 से ‘सरलीवृ त चैव प्रणाली’ लागू वी गयी र्ी। व षागार में
                              े
प्रस्तुत दे यवों व पारण वर उनव स्र्ान पर व षागार से बवत्त हस्त पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-एव वे
        े              े
अख्याय व प्रस्तर-45 घ व अटतगथत ‘नान7 धनग धियेबिल चैव’ धनगथत िवये िाते हैं । तत्समय धनदे िव,
                                                             े
मुरण एवं लेणन सामग्री, उत्तर प्रदे ि, ्लाहािाद से मांग पत्र व डिार पर चैव सम्पूधतथ वी िाती र्ी।
वतथमान में िदनांव 01 अप्रैल 2002 से व षागार में ‘मा्वर वाटटीधनवस स्टे िनरी चैव’ प्रय ग में लाये िा
                                                                  े
रहे हैं । धनदे िव, व षागार एवं बवत, सेवायें, उत्तराण् , दे हरादन व सम्पूधतथ डदे ि पर मा्वर वाटटीधनस
                                                               ू
                                                                                          े
स्टे िनरी चैव वी सम्पूधतथ मै0 साई धसक्य ररटी बप्रटटर धलधमटे , सी-40 ओणला औि धगव क्षेत्र, फि-02,
नयी िदल्ली से व षागार दे हरादन व वी िाती हैं । उत्तराण्
                             ू                                   े
                                                                व 20 व षागार व मा्वर वाटटीधनस
                          े          े
स्टे िनरी चैव सम्पूधतथ उनव मॉग पत्र व डिार पर व षागार दे हरादन से वी िाती हैं ।
                                                             ू
        िासनादे ि संख्या-ए-1-1680/दस-2001-10(23)/95, िदनांव 19 िुलाई 2001 सपिठत िासनादे ि
संख्या-165/बव0अनु0-04/2001, िदनांव 10 िनवरी 2002 तर्ा धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें,
                     े
उत्तराण् , दे हरादन व पररपत्र संख्या-1304/21(15)/प्राबव0/धन0व 0बव0से0/2003, िदनांव 19 धसतम्िर
                  ू
                                                   े                             े
2003 व षागार से पेंिन प्रा्त वर रहे बवधभटन श्रेणी व पेंिनर व ‘िवाहर भवन पद्धधत’ व अटतगथत
   े                                                                       े
उनव िैवों में णुले एवल णाते में पेिन/पाररवाररव पेंिन िमा वरने हे तु पेंिन व चैव प्रत्येव माह िदनों 25
                                                                                 े
से 28 तारीण तव सम्िजटित िैंव वी िाणा व प्रा्त वराये िाते हैं , जिससे पेंिन भ गी व णाते में
बवलम्ितम अगले माह वी पहली तारीण तव दे य िनराधि सम्िजटित णाते में िमा ह िायें। बवत्तीय वषथ वे
डरभभ में बवगत वषथ वा पेंिनर व भुगताधनत राधि वा बववरण उपलब्ि वराया िाता हैं । पेंिनर वी पेंिन
                                                           े        े
पुनरीजक्षत एवं संि धित ह ने पर दे य अविेष पेंिन व डगजणत वरव सीिे उनव िैंव में णुले िचत णाते
में िमा वरने हे तु चैव सम्िजटित िैंव वी िाणा व प्रा्त वराये िाते हैं ।
                े
        पेंिनर व प्रर्म भुगतान हे तु पेंिन प्रपत्र ह ने पर तत्वाल उसवी सूचना सम्िधघत पेंिनर व प्रा्त
                                                       े
पेंिन/सेवाधनवबत्त/मृत्यु डनुत बषव/राधिवरण भुगतानादे ि व डिार पर भुगतान प्रा्त वरने हे तु व षागार
                                                                          े
में यर्ावाधछथ त प्रपत्र /औपचाररवताओं सिहत व षागार में भुगतान प्रा्त वरने व धलये िवसी भी वायथ िदवस
में उपजस्र्त ह ने हे तु अनुर ि िवया िाता हैं ।
                                                                       े
        िासनादे ि संणया-1088/सताईस (3)पें0/2004, िदनांव 26 अगस्त 2004 व अनुसार बवत्तीय हस्त
                     ्
                        े             े
पुजस्तवा ण् -पॉच भाग-द व प्रस्तर-518 व अटतगथत व षागार से अपनी पेंिन प्रापत वरने वाले सभी
                                                                         ्
पेंिनर प्रतयेव वषथ नवम्िर माह में 20 तारीण तव अपना िीवन वालीन प्रमाण पत्र एवं सेवाय िन न वरने
           ्
वा प्रमाण पत्र हे तु व षागार                                     े
                               में मुख्य व षाधिवारी/ व षाधिवारी व समक्ष उपजस्र्त ह ते हैं । िीवन वालीन
                                                         31
प्रमाण   पत्र   एवं   सेवाय िन   न   वरने       वा   प्रमाण   पत्र   उपव षाधिवारी/सम्िजटित   िैंव   वे   सहायव
                                                                       े
महाप्रिटिव/िाणा प्रिटिव (िहॉ से पेंिनर अपनी पेंिन प्रापत वर रहे हैं ) व समक्ष उपजस्र्त ह वर भी दे
                                                       ्
सवते हैं ।
         िासनादे ि संख्या-िी-2-2337/दस-97, िदनांव 21 नवम्िर 1997 तर्ा अपर धनदे िव, बवत्तीय
                                        े
सॉख्यवी धनदे िालय, उत्तर प्रदे ि, लणनऊ व पररपत्र संख्या-वम््यूटर/125/97/8935, िदनांव 29 िदसम्िर
                          े
1997 में धनिहत प्रिक्रया व अनुवसार बवभागाध्यक्षों/ििट धनयंत्रव अधिवाररयों से डहरण बवतरण
                               े
अधिवाररयों व प्रा्त ििट एवं उसव सापेक्ष हुये                                            े
                                                          व्यय वा य िनावार ििट सािहत्य व अनुदान संख्या,
                                                                                     े
मुख्य लेणा िीषथव, उपमुख्या िीषथव, लघु िीषथव, उप िीषथव, ब्यौरे वार िीषथव एवं मानव मद व अनुसार
                े
रणरणाव व षागार व वम््यूटर में िवया िा रहा है । जिससे ििट सािहत्य में दिथये गये स्तरों वा सही एवं
ितप्रधतित धमलान ह रहा हैं ।

         व षागारों से सम्िजटित डहरण बवतरण अधिवाररयों व अनुदान संख्या, मुख्य लेणा िीषथव, उपमुख्य
                                                          े          े
िीषथव, लघु िीषथव, उप िीषथव, ब्यौरे वार िीषथव एवं मानव मद व अनुसार उनव माह डहररत िनराधियों वा
 ी0 ी0ओ0 ररक्साईलेिन बववरण पत्र डगामी माह में प्रर्म स्ताह में सत्यापन हे तु तीन प्रधतय में धनगथत
                                े
िवया िाता हैं , जिसमें सत्यापन व प्चात ् सम्िजटित डहरण बवतरण अधिवारी द्वारा व षागार व वाबपस
वी िाती हैं , एव प्रधत बवभागाध्यक्ष/ििट धनयंत्रव अधिवारी व भेिी िाती हैं तर्ा एव प्रधत डहरण बवतरण
                              े                                                                 ु
अधिवारी द्वारा वायाथलय प्रधत व रूप में वायाथलयाधभण में लेणा सम्परीक्षा एवं धनरीक्षण तर्ा ििट मैनअल में
धनिाथररत प्रपत्र व प्रेषण हे तु रणी िाती है ।
         िासनादे ि संणया-235/21/बव0 अनु0-1/2001, िदनांव 06 िदसम्िर 2001 द्वारा उत्तराचंल राज्य व
                      ्                                                                         े
व षागारों में लाईनैक्स फाक्स प्र ‘एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली’ लागू वी गयी र्ी, जिसमें िनपद वे
                                                                                    े
समस्त अधिवाररयों/वमथचाररयों वा डहरण बवतरण अधिवाररयों से प्रपत्र-एव पर प्रा्त सूचना व डिार पर
                           े
 ाटा िेस तैयार वर, वेतन उनव िैंव में णुले एवल िचत णाते में िमा िवया िा रहा हैं । डहरण बवतरण
                                                                   े
अधिवाररयों व माधसम पै-र ल, िैंव ए वा्स, अधनवायथ वटौधतयों/वसूधलयों व िैड्यूल्स उपलब्ि वराये िाते
                                                      े
हैं । अधिवाररयों/ वमथचाररयों व डहरण बवतरण अधिवाररयों व माध्यम से उनवी वेतन पची प्रधतमाह
उपलब्ि वरायी िाती है ।
                                                                      े           े
         िासनादे ि संख्या-235/बव0अनु0-1/2001, िदनांव 06 िदसम्िर 2001 व प्रस्तर-1 व अनुसार डहरण
                                                               े
बवतरण अधिवारी घ बषत िवया गया हैं । बवभागीय डहरण बवतरण अधिवारी व माध्यम से वायाथलयाध्यक्ष
                         े
द्वारा प्रा्त प्रपत्र-1 व अनुसार भुगतान एवं लेणा प्रणाली हे तु नवधनयुक्त/स्र्ानाटतररत ह वर डये
                 े                                    े
अधिवारी/वमथचारी व सम्िटि में प्रर्म िार प्रा्त सूचना व डिार पर अधिवारी/वमथचारी वा वेतन डहररत
                       े
वरने एवं प्रस्तर-7(अ) व अनुसार वायाथलयाध्यक्ष/बवभागीय डहरण बवतरण अधिवारी द्वारा प्रधतमाह व षागार
व                   े
    20 से 23 तारीण व मध्य वेतन अर्वा तद्सम्िटिी भत्तें में ह ने वाले पररवतथन तर्ा उपजस्र्धत
धनलम्िन/ सेवाधनवृबत्त/ स्र्ानाटतरण/वटौधतयों/ िवस्तों वी संख्या डिद वी यर्ाव्यव सूचना धनिाथररत
                                                                            े
प्रपत्र-2(1) में प्रा्त ह ने पर उनमें यर्ा संि िन वर अधिवाररयों/वमथचाररयों व वेतन सम्िटिी चैव
           े            े          े
िासनादे ि व प्रस्तर-10 व अनुसार उनव िैंव में णुले एवल णात में िमा वराया िा रहा हैं ।
         िासनादे ि संख्या-340/सताईस(5)/स्टाम्प/2004, िदनांव 18 नवम्िर 2004 एवं धनदे िव, व षागार
                                         े
एवं बवत्त सेंवायें, उत्तराण् , दे हरादन व पररपत्र संणया- 1628/21 (11) (ग)/स्टाम्प/ प्राबव0/ धन0व 0
                                      ू              ्
                                                      32
बव0से0/ 2004,                               े                                        े
                    िदनांव 02 िदसम्िर 2004 व द्वारा व षागार दे हरादन व उप धनयंत्रव, वटरीय मुरॉव
                                                                   ू
ि प , नाधसव र       तर्ा महा प्रिटिव, धसक्य ररटी बप्रटटीग प्रेस, है दरािाद से स्टाम्प डपूधतथ प्रा्त वरने हे तु
                                             े
न ल स्टाम्प ि प नाधमत िवया गया र्ा। प्रदे ि व 20 व षागार से स्टाम्प मॉग पत्र व संवधलत वर न ल
                                 े
स्टाम्प ि प द्वारा उप धनयंत्रव, वटरीय मुरॉव ि प , नाधसव र           तर्ा महा प्रिटिव, धसक्य ररटी बप्रटटीग प्रेस
                                                े
है दरािाद से स्टाम्प डपूधतथ प्रा्त वर, प्रदे ि व 20 व षागार व स्टाम्प वी सम्पूधतथ वी िाती हैं ।
        व षागारों से स्टाम्प बिक्री प्रत्येव वायथ िदवस माह वी 10 तारीण, अजटतम वायथ िदवस एवं िधनवार
व छ वर प्रात: 10:00 ििे से अपराहन 2:00 ििे तव वी िाती हैं । माह वी 10 तारीण, अजटतम वायथ
                                                                                              े
िदवस एवं िधनवार व प्रात:11:00 ििे तव वी स्टाम्प बिक्री वी िाती हैं । लाईसेटस स्टाम्प वै् र व ववल
स मवार एवं गुरूवार व ही स्टाम्प बिक्री वी िाती हैं ।
                                                                       े
        िासनादे ि संख्या-िीमा-768/दस-99/61/ए/99, िदनांव 16 िुलाई 1999 व द्वारा राज्य वमथचारी
                            े                            े
सामूिहव िीमा एवं िचत य िना व अटतगथत भुगतान प्रिवया वा बववटरीवरण वर िदनांव 01 अक्टू िर 1999
                                           े                    े
से सेवाधनवृत्त अर्वा मृतव अधिवारी/वमथचारी व सामूिहव िीमा य िना व दावे वा भुगतान व षागार वे
                               थ
माध्यम से िवया िा रहा हैं । पूववती िासनादे ि संख्या-िीमा-2084/दस-87-10/1987, िदनांव 31 िुलाई
1987    वे   अनुसार     संवाधनवृत्त   अर्वा   सेवा   से    अटयर्ा     पृर्व   ह ने   वाले   राज्य   सरवार    वे
                        े
अधिवाररयों/वम्रचाररयों व सामूिहव िीमा य िना सम्िटिी दावों वा धनिाथररत प्रारूप पर िी0डई0एस0
                                 े
फामथ-26 एवं मृत अधिवारी/वमथचारी व प्रवरण में िी0डई0एस0 फामथ संख्या-27 पर डहरण बवतरण
अधिवारी द्वारा दावा व षागार व         प्रेबषत िवया िाता हैं । व षागार से डहरण बवतरण अधिवारी व
                                                              े
िी0डई0एस0 फामथ-29 पर प्राधिवार पत्र धनगथत िवया िाता हैं , जिसव डिार पर डहरण बवतरण अधिवारी
                                                                                          े
सामाटय दे यव प्रपत्र पर बिल िनावर व षागार में प्रस्तुत िवया िाता है । व षागार से लाभार्ी व नाम
एवाउटट पेयी चैव धनगथत िवया िाता है ।
        िासनादे ि संख्या-1455/वाधमथव-2/2004, िदनांव 31 अगस्त 2001 सपिठत िासनादे ि संख्या-
                                        े
392/वाधमथव-2/2004, िदनांव 09 माचथ 2004 व अनुसार पदौटनधत में डरक्षण नीधत व लागू वरने वे
धलयें डरक्षण बवषयव र स्टर रणा िा रहा है ।
        िासनादे ि     संख्या-ए-1-3959/दस-3/1(6)/65,        िदनांव    23    िनवरी     1986   सपिठत     सं0-ए-1-
                                         े             े
1162/दस/3/1(6)/65, िदनांव 29 िुलाई 1998 व द्वारा िासन व बवरूद्ध अविेष दावों वी पूवथ लेणा परीक्षा
                                     े                े
वा वायथ महालेणावार से हटावर प्रदे ि व बवभागाध्यक्षों व वायाथलयों में धनयुक्त बवत्त एवं लेणा सेवा और
                       े
सहायव लेणाधिवारी सेवा व वररषठतम अधिवाररयों व सौपॉ गया र्ा। िासनादे ि संख्या-ए-1-2923/दस-
                                                े
3/1(6)/ 65, िदनांव 18 धसतम्िर 1985 द्वारा िासन व बवरूद्ध वालातीत अविेष दावों वी पूवथ लेणा परीक्षा
              े                े                                  े
वा वायथ िासन व बवभागाध्यक्षों व वायाथलयों में धनयुक्त बवत्त सेवा व वररषठतम अधिवारी स्वबववेवानुसार
                                                                          े
अपने वायाथलय में धनयुक्त वम से वम पॉच वषथ वा अनुभव रणने वाले अपने सम्वगथ व िवसी अधिवारी व
                               े                                         े
प्राधिवृ त वर सवते हैं । िासन व बवरूद्ध वालातीत दे यवों वी बवभागाध्यक्ष व वायाथलयों से पूवथ लेणा परीक्षा
ह ने पर डहरण बवतरण अधिवारी द्वारा प्रस्तुत दे यव एवं डदे ि वी प्रबवबष्ठ व षागार में िंजिवा में अंिवत
वी िा रही हैं ।
                                                                े
        िासनादे ि संख्या-806/वाधमथव-2-2002, िदनांव 15 िून 2003 व द्वारा बवत्तीय हस्त पुजस्तवा
ण् -द     भाग-द             े             े
                    से चार व मूल धनयम-56 व अटतगथत राज्यािीन सरवार सेवव वी अधिवषथता डयु
                   े
ल विहत में 58 वषथ व स्र्ान पर 60 वषथ वी गयी हैं ।
                                                       33
                                                                     े
         िासनादे ि संख्या-1844/वाधमथम-2-2002, िदनांव 09 अप्रैल 2003 व द्वारा रािवीय वमथचाररयों व
                                                        े                                े
45 वषथ वी डयु पूणथ वरने अर्वा 20 वषथ वी सेवा पूणथ वरने व प्चात ् स्वैजच्छव सेवाधनवृबत्त व सम्िटि में
                                          े             े
बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -द भाग-द से चार व मूल धनयम-56 व अनुसार जिस सरवारी सेवव ने 45
वषथ वी डयु पूणथ वर ली है अर्वा 20 वषथ वी सेवा पूणथ वर ली हैं वह धनयुबि प्राधिवारी व 03 माह वी
न िटस दे वर सेवाधनवृबत्त ह सवता हैं । 03 माह वी न िटस अवधि पूणथ ह ने पर ही सरवारी सेवा सेवा धनवृबत्त
                                                े                े
ह गा। बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -द भाग-द से चार व मूल धनयम-56(ग) व अटतगथत धनयुबि प्राधिवारी
                               े                                     े
चाहे त वह सरवारी सेवव व न िटस व बिना या अल्प अवधि वी न िटस पर न िटस व िदले में िवसी
िाररत वी भुगतान वरने वी अपेक्षा िवये बिना सेवाधनवृबत्त ह ने वी अनुज्ञा दे सवते हैं ।
                                                                        े
         िासनादे ि संख्या-ए-1-78/दस-92-10(14)/85, िदनांव 20 िनवरी 1992 व द्वारा िदनांव01अप्रैल 92
            े                                            े
से प्रदे ि व व षागारों में वतथमान प्रचधलत दे यव प्रपत्र व स्र्ान पर नये 6 दे यव प्रपत्र लागू िवये गये र्े।
                                                                   े
         सेवा धनवृबत्त अधिवाररयों/वमथचाररयों एवं पाररवाररव पेंिनर व धचिवत्सा व्यय हे तु प्रधतपूधतथ वा
भुगतान व षागार में दावा प्रा्त ह ने पर िवया िाता है ।
         िासनादे ि    संख्या-ए-1-1482/दस-96-10(4)/95,         िदनांव     10     धसतम्िर      1996      वे    अटतगथत
           े             े
सी0एस0डर0 व प्रस्तर-956 व अनुसार ‘यिद पेंिन वा डहरण एव वषथ से अधिव और द वषथ तव नहीं
                                                                े
िवया गया हैं , त पेंिन स्वीवृ त वरने वाले अधिवारी वी स्वीवृ धत व बिना ही सम्िजटित जिलाधिवारी वी
                    े                                                               े
अनुमधत से द वषथ तव व िवाया पेंिन वी िनराधि वा भुगतान एवं पेंिन डहरण पुन : िवया िा सवगा,
्सी प्रवार यिद पेंिन वा डहरण द            वषथ से अधिवर और छ: वषथ तव नहीं िवया गया, सम्िजटित
                                  े             े
म् लायुक्त वी अनुमधत से छ:वषथ तव व िवाया पेंिन व अविेष िनराधि वा भुगतान एवं पेंिन डहरण
                    े                            े                          े   थ
पुन: िुरू िवया िा सवगा, उक्त अवधि छ: वषथ से उपर व पेंिन अविेष भुगतान/पेंिन व पुनडहरण वे
प्रवरण में िासन वी स्वीवृ धत/डदे ि प्रा्त वरने होंगे।
                                                                         े
                     धनणथय वरने वी प्रिवया (पयथवेक्षण एवं उत्तरादाधयत्व व स्तर सिहत)
         व षागार अधिषठान,में अधिवाररयों एवं वमथचाररयों द्वारा ि अधिधनयम, धनयमावली, धनयंम सग्रह,
बवत्तीय धनयम सग्रह वायथ सम्पािदत वरने में प्रय ग लाये िाते हैं , उनवी सूची एवे संजक्ष्त बववरण धनम्न
प्रवार है :-
व0                   बववरण                              उपय धगता सम्िटिी बववरण
 सं0
1-       बवततीय धनयम सग्रह ण् - बवततीय अधिवारी वा प्रधतधनिायन सम्िजटित पुस्तव।
            ्                      ्
         एव
2-       बवततीय हस्त पुजस्तवा ण् - मूल
            ्                                  धनयम,    सहायव     धनयम,        सेवा    सम्िटिी,     वेतन
         द भाग द से चार                 धनिाथरण, व्यैबिव एवं बविेष वेतन वी स्वीवृ धत, डवासीय
                                        िवराया     वा धनिाथरण     तर्ा    वसूली,      प्रधतधनयुबि, सेवा
                                        समाधप्त,   धनलम्िन,    िीवन      धनवाथह    भत्ता,    सेवाधनवृबत्त,
                                        अधिवषथता डयु वा धनिाथरण, धभटन-धभटन सेवाओं वा
                                        वगीवरण, मानदे य, िुल्व वा भुगतान, बवधभटन प्रवार वे
                                        दे य   अववाि,       वायथभार    ग्रहण      वाल,      िाहय    सेवा,
                                        िारणाधिवार, प्रधतवर भत्तें।
                                              34

3-   बवततीय
        ्      धनयम     सग्रह यात्रा भत्ता धनयमावली, दै धनव भत्ता, वाहन भत्ता, अजणत
     ण् -तीन                  भारतीय सेवायें (यात्रा भत्ता) धनयमावली, सेवाधनवृबत्त एवं
                                      े                                       े
                              मृत्यु व उपराटत वी गयी यात्रा, सािारण यात्राओं व धलये
                                                  े
                              धनयम, यात्रा भत्ता व प्रवार, स व से यात्रा वरने हे तु मील
                                                            े
                              भत्ता, मुख्यालय से िाहर रहने व दौरान अवस्र्ान भत्ता, द
                              पद िारव सरवारी सेववों वा यात्रा भत्ता, स्र्ायी माधसव
                              भत्तें, स्र्ानाटतरण पर वी गयी यात्रा, प्रधिक्षण पर िाने हे तु
                                                         े
                              वी गयी यात्रा, जिलाधिवारी व वायाथलय से रे लवे स्टे िन/िस
                              स्टे िन वी दररयों वी ताधलवा, वाहन भत्तों वी सूची, यात्रा
                                          ू
                                     े
                              भत्ता व धनधमत्त धनयंत्रव अधिवारी घ बषत िवये गये
                              अधिवारी, गैर सरवारी व्यबियों एवं अंि वाधलव सरवारी
                              सेवव व यात्रा भत्ता ।
4-   बवततीय
        ्      हस्त                                                    े
                      पुजस्तवा प्राधिवाररयों वी सूची, ि लेणा धनयमावली व प्रय िनों वे
     ण् -पॉच भाग-एव           धलये बवभागाध्यक्ष घ बषत हैं , लेणा सम्िजटित सामाटय
                              धसद्धाटत तर्ा धनयम, रािस्व प्राधप्तयॉ तर्ा उनवी िॉच, वेतन
                              तर्ा भत्ता-सामाटय धनयमावली, स्र्ापना, डवजस्मव व्यय,
                              प्रवीणथ प्रभार, ऋण तर्ा अधग्रम, सामान, धसबवल वायथ, रण-
                              रणाव तर्ा मरम्मत, तुच्छ वायथ (petty Works) वायो वा
                              धनषपादन, भारतीय ररिथव िैंव वा बवप्रेषण, ड्राफ़्ट वा डहरण
                              तर्ा भुनाना, धनक्षेप, स्र्ानीय धनक्षेप, सहायता अनुदान वे
                              धलये सामाटय धनयम, सेवा तर्ा धनधि, लेणा धनयमावली
                                       े         े
                              ्त्यािद व अनुपालन व धलये उत्तरदाधयत्व, पररधिषट, लेणा
                                               े
                              सम्िटिी प्रपत्र व प्रारूप।
5-   बवततीय
        ्      हस्त                                                   े
                      पुजस्तवा व षागार वी सामाटय प्रिवया, भारत सरवार व स्टे ट िैंव वी
     ण् -पॉच भाग-द                  े
                              िाणा व सार् िैंग वायथ वरने वाले व षागार, पेंिन वा
                              भुगतान, धनक्षेप, बिल, बवबवि व्यय, वन बवभाग, ल व धनमाथण
                                                                             े
                              बवभाग, धसंचाई बवभाग, स्र्ानीय धनधियॉ, व षागार व वायथ
                              वे   सम्िटि      में   जिलाधिवारी,    व षाधिवारी,    सहायव
                              व षाधिवारी,    सहायव     व षाधिवारी   (र व ),   लेणावार    वे
                              वतथव्य एवं उत्तरादाधयत्व, व षागार में प्रस्तुत िवये िाने वाले
                              बिल वी प्राधप्त, लेणा वायथ सम्िटिी वतथव्यों एवं दाधयत्वों वे
                              धनषपादन में डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों द्वारा ध्यान दे ने
                              य ग्य मुख्य बिटद, पेंिन सिहत वा उद्धरण, सी0एस0डर0 वा
                                              ु
                                                                 े
                              उद्धरण, साण सीमा एवं िमा साण सीमा व बवधभटन
                                                      े                   े
                              िासनादे ि, राज्य सरवार व वेतन तर्ा अटय बिल व ् त
                                                         े           े
                              पर डयवर वी वटौती तर्ा उसे वटरीय सरवार व णाते में
                                                              35

                                            ालना,     मुख्य     लेणा   िीषथवों    वी   सूची,     बवधभटन   प्रपत्र वं
                                           व षागार प्रपत्र।
6-               ु
      व षागार मैनअल                        समय-समय पर बवधभटन िासनादे िों, महालेणावार एवं भारत
                                            े                            े
                                           व धनयंत्रव व महालेणा परीक्षव व पररपत्र /सामाटय पत्र वा
                                           संवलन।
7-    उत्तराण्                व षागार सरवारी लेणा में अवजस्र्त िन वी अवजस्र्धत, व षागार पर
      धनयमावली-2003                        धनयंत्रण वी सामाटय प्रणाली जिला व षागार/उपव षागार,
                                           सरवारी लेणा में िनों वी अदायगी, सरवारी लेणा से
                                           सम्िजटित या अवजस्र्त िनों वी अधभरक्षा, सरवारी लेणों से
                                           िनों वा प्रत्याहरण, सरवारी लेणा में अवजस्र्त िनों वा
                                                                  े                       ू
                                           अटतरण, प्रत्याहत िनों व धलये उत्तरदाधयत्व, अनुपरव,
                                           राज्यपाल मह दय-उत्तराण्               (स्र्ाबपत 09 नवम्िर 2000)
                                                                      े
                                           तर्ा ररिवथ िैंव डफ ्ज् या व मध्य वरार।
8-           ु
      ििट मैनअल                            बवतत बवभाग द्वारा ििट अनुमान तैयार वरने हे तु धनयंत्रव
                                              ्
                                           अधिवाररयों,        ििट          अधिवारी,     बवभाग       वे     प्रमुण
                                           सधचवों/सधचव व ििट अनुमान तैयार वरने, बवत्तीय वषथ वे
                                           ििट वी िॉच, नयी मांग , प्राधप्तयों एवं भुगतान वी समीक्षा
                                                     ू
                                           वरने, अनुपरव ििट एवं लेणा अनुदान तैयार वरने, माननीय
                                                                                           थ
                                           मुख्य मंत्री/ बवतत मंत्री वा ििट तैयार वरने, पुनबवधन- य ग
                                                            ्
                                                                           थ
                                           वरने, व्ययाधिक्य एवं िचत व सम्पूण, डवजस्मवता धनधि,
                                                                       े
                                           बवत्तीय अधनयधमतता व ढू ढने व सम्िटि में धनयम हैं ।
9-    यू0पी0     ररटायरमेटरा               पेंिन धनयमावली।
      िेधनिफरस रूलस-1961
10-   यू0पी0                                                े
                         ररटायरमेटरस अधिवाररयों/वमथचाररयों व सेवाधनवृबत्त लाभग्रही धनयमावली।
      िेधनिफरस रूल्स-1965
11-   उततर प्रदे ि ररटायरमेटट
        ्                                                         े
                                           अधिवाररयों/वमथचाररयों व सेवाधनवृबत्त लाभग्रही धनयमावली।
      िेधनिफरस      (चतुर्थ        संि -
      िन) धनयमावली-1979
12-   उततर
        ्      प्रदे ि     पेंिन       े
                                      व पेंिन सम्िटिी अधभलेण अद्धयावधिव वरने, प्रेषण वा वायथ
      मामल                                      े
               वी प्रस्तुती वरण, बववरण, समय जिसव भीतर वायथ िवया िाना है एवं वायथ वे
      धनस्तारण और बवलम्ि वा धलये                    उत्तरदायी      व्यबि    वे   सम्िटि    में    धनयमावली      हैं ।
      पररविथन धनयमावली-1995                उत्तराण्      िासन वी अधिसूचना सं0-1033/बवत्त अनु0-
                                                                          े
                                           4/2003, िदनांव 10 नवम्िर 2003 व द्वारा उत्तराण्
                                                  े
                                           पेंिन व मामल वा (प्रस्तुतीवरण, धनस्तारण और बवलम्ि वा
                                           पररविथन) धनयमावली, 2003 िारी वी गयी है ।
                                                              36

13-   उत्तराण्                पेंिन        े
                                          व उत्तराण्      िासन वी अधिसमचना सं0-1033/बवत्त अनु0-
                                                             े
      मामल वा (प्रस्तुती वरण, 4/2003, िदनांव 10 नवम्िर 2003 व द्वारा उत्तराण्
      धनस्तारण और बवलम्ि वा राज्य हे तु पेंिन सम्िटिी अधभलेण अद्धयावधिव वरने, प्रेषण
      पररविथन)                                                 े
                              धनयमावली, वा वायथ बववरण, समय जिसव भीतर वायथ िवया िाना हैं एवं
      2003                                         े                      े
                                             वायथ व धलये उत्तरदायी व्यबि व सम्िटि में धनयमावली
                                             प्रख्याबपत वी गयी हैं ।
14-      ु
      मैनअल      डफ             गवथमेटट            े
                                             िासन व बवधभटन धनयम वा सग्रह।
      ड थस
15-   धसबवल सबवथसेि रे ग्यूलेिन पेंिन सम्िटिी धनयम वी संिहता।
      (सी0एस0डर0)
16-   उततर
        ्           प्रदे ि                            े
                                  वमथचारी सरवारी सेवव व व्यवहार एवं डचरण सम्िटिी मानव तर्ा
      डचरण धनयमावली-1956                     धसद्धाटत।
17-   उत्तराण्                                         े
                                  वमथचारी सरवारी सेवव व व्यवहार एवं डचरण सम्िटिी मानव तर्ा
      डचरण धनयमावली-2002                               े
                                             धसद्धाटत व सम्िटि में उत्तराण्        िासन द्वारा अपने धनयमों
                                             वा प्रख्यापन।
18-   उत्तराण्                   बवभागीय उत्तराण्               े
                                                          िासन व द्वारा धनगथत (ल व सेवा डय ग वी
                                  े                      े
      पदौटनधत सधमधत वा गठन पररधि व िाहर पदों पर पदौटनधत व धलये वी धनयमावली-
      (ल व     सेवा           डय ग     वी 2002
             े      े
      पररधि व िाहर व पदों वे
      धलये धनयमावली, 2002)
19-   उत्तराण्         सरवारी सेवव उत्तराण्                     े
                                                          िासन व द्वारा धनगथत वाधमथव          वी ज्येषठता
      ज्येषठता धनयमावली-2002                 धनयमावली-2002
20-   उत्तराण्                (उत्तराण्      उत्तराण्        िासन      वी   अधिसूचना   संख्या-1098/वाधमथव-
                     े                                                  े
      ल व सेवा डय ग व क्षेत्र 2/2003-55(35)/2003, िदनांव 31 िुलाई 2003 व द्वारा
                        े
      से िाहर समूह ‘ग’ व पदों धनगथत धनयामवली।
      पर     सीिी       भती       धनयमा,
      2003)
21-   उत्तराण्                राज्य       व उत्तराण्
                                           े                    े
                                                          िासन व द्वारा धनगथत उत्तराण्           राज्य वे
      सरवारी            सेववों         वी सरवारी सेववों वी स्र्ायीवरण धनयमावली-2002
      स्र्ायीवरण              धनयामवली-
      2002
22-   उत्तराण्         सरवारी सेवव उत्तराण्                    े
                                                         िासन व द्वारा धनगथत उत्तराण्        सरवारी सेवव
             ू
      (प्रधतवल      वाबषथव                      ू                      े
                                  ग पनीय (प्रधतवल वाबषथव ग पनीय ररपोट व बवरूद्ध प्रत्य वदन और
             े
      ररपोट व बवरूद्ध प्रत्य वदन सहिद्ध मामलों वा धनपटारा) धनयामवली-2002
      और     सहिद्ध           मामलों   वा
                                                        37

      धनपटारा) धनयमावली-2002
23-   उत्तराण्     सरवारी सेवव उत्तराण्                    े
                                                     िासन व द्वारा धनगथत उत्तराण्                      सरवारी सेवव
      (पदौटनधत     द्वारा   भती     े                     े
                                   व (पदौटनधत द्वारा भती व धलये मानद् ) धनयमावली-2004
      धलये मानद् ) धनयमावली-
      2004
24-   उत्तराण्         समूह       ‘घ’ उत्तराण्              े
                                                      िासन व द्वारा धनगथत उत्तराण्                         समूह ‘घ’
      वमथचारी    सेवा धनयमावली, वमथचारी सेवा धनयमावली, 2004
      2004
25-   उत्तराण्     राज्य वमथचारी उत्तराण्                  े
                                                     िासन व द्वारा सामूिहव िीमा धनधि वी प्रिवया,
      सामूिहव      िीमा                                   े
                              य िना प्रपत्र तर्ा दाधयत्व व सम्िटि में धनगथत उत्तराचल राज्य
      धनयमावली-2003                   वमथचारी सामूिहव िीमा य िना धनयमावली-2003
26-   सामानय
           ्       भबवषय       धनधि उत्तराण्            िासन          वे        द्वारा      अधिसूचना              संख्या-
      (उत्तराण्     ) धनयमावली- 186/xxvii{7}/2006                    िदनांव-08           माचथ,    2006       वे      द्वारा
      2006                            नामॉवन, अधभदाता वा लेणा, अधभदान वी िते और दरें ,
                                      अधभदान वी िनराधि, अधभदान वी वसूली, ब्याि, धनधि से
                                      अधग्रम, धनधि से अजटतम प्रत्याहरण, िीमा पाधलधसयों वा पुन:
                                      समनुदेिन, धनधि में सधचंत िनराधियों वा भुगतान, अधभदाता
                                      वी सेवाधनवृबत्त, अधभदाता वी मृत्यु पर प्रिवया, िमा से
                                                                           े
                                      सम्िद्ध िीमा य िना, धनधि में िनराधि व भुगतान वी रीधत,
                                                                                  े
                                      धनधि में संधचत िनराधियों वा अटतरण, प्रिवया व धनयम,
                                                                 े
                                      सामाटय भबवषय धनधि पास िुव व सम्िटि में धनयमावली
                                      प्रख्याबपत वी गयी है ।
27-   उत्तराण्      राज्य     बवत्त   उत्तराण्             े
                                                     िासन व द्वारा उत्तराण्                  राज्य बवत्त सेवा में
      सेवा धनयमावली-2002                                                                े
                                      प्रवेि वी डयु, य ग्यता, धनयुबि प्रिवया, प्रौटनधत व डिार,
                                                            े
                                      सम्वगथ वी संरचना डिद व सम्िटि में धनयमावली प्रख्याबपत
                                      वी गयी हैं ।
28-   उत्तराण्     रािय सहायव उत्तराण्                िासन      वे     द्वारा     उत्तराण्         राज्य          सहायव
      लेणाधिवारी        धनयमावली- लेणाधिवारी सेवा में प्रवेि वी डयु, य ग्यता, धनयुबि, प्रिवया,
      2003                                      े                            े
                                      प्रौटनधत व डिार, सम्वगथ वी संरचना डिद व सम्िटि में
                                      धनचमावली प्रख्याबपत वी गयी है ।
29-   उत्तराण्              व षागार उत्तराण्                े
                                                      िासन व द्वारा अधिसूचना सं0-974/बव0अनु0-
      अिीनस्र्      सम्वगथ        सेवा 4/2003,       िदनांव    08       अगस्त            2003     वे     द्वारा     लेणा
      धनयमावली-2003                   धलबपव/लेणा        धलबपव        (र व ),        सहायव         लेणावार/सहायव
                                      लेणावार        (र व ),    लेणावार/लेणावार                  (र व ),          सहायव
                                      व षाधिवारी/उपव षाधिवारी/सहायव व षाधिवारी (र व ), वे
                                           े
                                      भती व ् त, डरक्षण, अहथ ता, भती वी प्रिवया, धनयुबि,
                                                             38

                                      पररवीक्षा, स्र्ायीवरण, प्रधतभूधत एवं ज्येषठता, वेतन ्त्यािद
                                                  े
                                      तर्ा उपिटि व सम्िटि में धनयमावली प्रख्याबपत वी गयी
                                      हैं ।
30-   उततर
        ्         प्रदे ि                               े                   े
                               पुधलस उततर प्रदे ि िासन व द्वारा पुधलस सेवा व वाधमथव जिनवी
                                       ्
      (असािारण                 पेंिन) सेवारत        रहते     अक्समात ् मृत्यु    ह        िाती    हैं ,     उटहें     दे य
      धनयमावली-1961                   पेंिन/पाररवाररव पेंिन से सम्िजटित धनयमावली प्रध्याबपत
                                      वी      गयी     र्ी।     जिसमें उततर
                                                                        ्       प्रदे ि    (असािारण)              (प्रर्म
                                      संि िन), धनयमावली 1975 िारी िवया गया।
31-   उततर
        ्        प्रदे ि                             े
                            धसबवल उततर प्रदे ि िासन व द्वारा बविेष ि जणम भरे वायथ वरते
                                    ्
      सबवथसेि (एक्स्टा डि थ नरी समय गम्भीर रूप से घायल अर्वा मृत्यु ह ने पर सरवारी
      पेंिन)     (प्रर्म    संि ि) सेववों व धमलने वाली डधर्थव सहायता सम्िटिी धनयमावली
      धनयमावली-1981                   प्रख्याबपत वी गयी। िासनादे ि संख्या-सा-3-1340/दस-88-
                                                                    े
                                      916/88, िदनांव 19 अगस्त 1988 व द्वारा                                  ै
                                                                                                            वत        एवं
                                      िदमाि           से     मुठभे ,   बवदे ि   डक्रमणवाररयों              से       सघषथ,
                                      डतंववादी तत्व               से मुठभे , िहसांत्मव भी             व         धनयंबत्रत
                                      वरना अर्वा धततर बवतर वरते समय, दै वी डपदाओ िैसे
                                      िाढ, भू-स्णलन, भूवम्प ्त्यािदत में सेवा वरते हुये तर्ा
                                      अटय डपातवाल यर्ा डग िुझाते समय अर्वा िीवन रक्षा
                                                   ्
                                      वरते समय, टै िफर धनयंत्रण वरते समय िवसी गा ी वी चपेट
                                      में डने वी जस्र्धत में, म टर गा ी चलाते समय वषाथवाल में
                                                    े
                                      पिहया िफसलने व वारण चालव वी मृत्यु, लेबिल वाधसथग पर
                                                                        े
                                      बिना र िनी वी रे लगा ी से टवराने व वारण मृत्यु एवं
                                      प्रधिक्षण दे ते समय प्रधिक्षार्ी वी चूव से ग ली/ग्रेने                         चल
                                      िाने से प्रधिक्षार्ी वी मृत्यु ह ने पर असािारण पेंिन वी
                                      स्वीवृ धत प्रदान वी गयी हैं ।
32-   उत्तराण्     समूह ‘ण’ सेवा उत्तराण्                    े                 े
                                                       िासन व द्वारा समूह ‘ण’ व अधिवाररयों व दी
      (लघु       िाजस्तय         वा िाने वाली द्              प्रिवया एवं उसवा धनस्तारण हे तु उत्तराण्
      डर पण) धनयमावली-2003            समूह ‘ण’ सेवा (लघु िाजस्तय                 वा डर पण) धनयमावली-
                                      2003 प्रख्याबपत वी गयी।
33-   उततर
        ्        प्रदे ि    सरवारी रािवीय                           अधिवाररयों/वमथचाररयों                             व
      वमथचारी      (धचिवत्सा          सेवारत/सेवाधनवृबत्त/मृतव            डधश्रतों    व      दी           िाने      वाली
      पररचयाथ)   धनयमावली-1946 धचिवत्सा सुबविा हे तु उत्तर प्रदे ि सरवारी वमथचारी (धचिवत्सा
      यर्ा संि धित-1968               पररचयाथ) धनयामवली-1946 यर्ा संि धित-1968 प्रख्याबपत वी
                                      गयी      र्ी।        िासनादे ि    सं0-1180/धच-2-2003-437/2002,
                                                              े
                                      िदनांव 20 िदसम्िर 2003 व द्वारा उत्तराण्                              े
                                                                                                           व सरवारी
                                                                                       े
                                      सेववों वी धचिवत्सा उपचार हे तु अनुमटयता प्रदे ि व भीतर
                                                          39

                                                                      े
                                          धचिवत्सा उपचार एवं प्रदे ि व िाहर बविेषज्ञ धचिवत्सा वे
                                          सम्िटि में िदिा धनदे ि िारी िवये गये।
34-   उत्तराण्            सरवारी सेवव सरवारी वमथचारी द्वारा सेवा से त्यागपत्र दे ने एवं उस पर
      त्याग पत्र धनयमावली-2003 बवभागाध्यक्ष द्वारा अजटतम धनणथय धलये िाने सम्िजटित
                                          उत्तराचंल     सरवारी    सेवव      त्याग    पत्र     धनयमावली-2003
                                          प्रख्याबपत वी गयी।
35-   उततर प्रदे ि सरवारी सेवव उततर प्रदे ि िासन वी अधिसूचना सं0-20/1/74 धनयुबि-3,
        ्                        ्
                                                   े
      (सेवा समाधप्त) धनयमावली- िदनांव 11 िून 1975 व द्वारा अस्र्ायी वमथचाररयों वी सेवा
      1975                                समाधप्त से सम्िजटित उत्तर प्रदे ि सरवारी सेवव (सेवा
                                          समाधप्त) धनयमावली-1975 प्रख्याबपत वी गयी।
36-   उत्तराण्          सेवाओं में भती सरवारी सेवाओं में भती िवये िाने वी डयु से सम्िजटित
      (डयु     सीमा)         धनयमावली- उत्तराण्         सेवाओं में भती (डयु सीमा) धनयमावली-2004
      2004                                प्रख्याबपत वी गयी।
37-   सेवावाल में मृत सरवारी उततर प्रदे ि िासन वी अधिसूचना वी अधिसूचना सं0-
                               ्
      सेवव         वे     अःाधश्रत                                           े
                                      वी 8/12/1973, िदनांव 07 अक्टू िर 1974 व द्वारा सेवावाल में
      भती सेवा धनयमावली-1974                               े
                                          मृत सरवारी सेवव व डधश्रत वी भती सेवा धनयमावली-
                                          1974 प्रख्याबपत वी गयी र्ी। जिसमें समय-समय पर
                                          संि िन िारी हुये। िासनादे ि संख्या-225/वाधमथव-2/2002,
                                                                े
                                          िदनांव 08 फरवरी 2002 व द्वारा उत्तर प्रदे ि सरवारी सेवव
                                          डधश्रत    सेवाधनयमावली-1974        व      उत्तर      प्रदे ि      थ
                                                                                                         पुनगठन
                                                        े
                                          अधिधनयम-2000 व प्राबविान              े
                                                                               व अनुसार उत्तराण्                में
                                          प्रभावी वी गयी।
38-   उततर
        ्          प्रदे ि   लव      सेवा उततर प्रदे ि िासन वी अधिसूचना सं0-1694/सत्रह-बव-1-
                                            ्
                                                                    े
      (िारीररव रूप से बवंवलाग, 1(व)27/1993, िदनांव 30 धसतम्िर 1993 व द्वारा उत्तर
      स्वतंत्रता        सैनाधनयों      े
                                      व प्रदे ि    लव    सेवा    (िारीररव    रूप    से      बवंवलाग,     स्वतंत्रता
                                           े                           े
      डधश्रत और भूतपूवथ सैधनवों सैनाधनयों व डधश्रत और भूतपूवथ सैधनवों व धलये डरक्षण)
      वे           धलये        डरक्षण) डधिधनयम-1993 प्रख्याबपत िवया गया र्ा।
      अधिधनयम-1993
39-                                               े
      उततर प्रदे ि धसबवल पेंिन उततर प्रदे ि िासन व द्वारा राज्य वमथचाररयों व सेवाधनवृबत्त
        ्                        ्
      (वमयुटेिन)                        े                     े
                             रूलस-1940 व उपराटत दे य राधिवरण व सम्िटि में उत्तर प्रदे ि धसबवल
      प्रर्म संि िन धनयमावली- पेंिन (वम्युटेिन) रूल्स-1940 प्रर्म संि िन धनयमावली-
      1984                                1984 प्रख्याबपत वी गयी र्ी
40-   उततर प्रदे ि सरवार धनगमों उततर प्रदे ि िासन वी अधिसूचना सं0-3/4/90-वाधमथव-2-
        ्                         ्
       े                                            े
      व छटनी िुदा वमथचाररयों 91, िदनांव 09 मई 1991 व द्वारा उत्तर प्रदे ि सरवार धनगम
      वा      सरवारी          सेवा         े
                                      में व छटनी िुदा वम्रचाररयों वा सरवारी सेवा में डमेलन
      डमेलन धनयमावली-1991                 धनयमावली-1991 प्रख्याबपत वी गयी र्ी।
                                                       40

41-            ु
      सटामप मैनअल
       ्  ्                          दी ्जट यन स्टाम्प एक्ट-1899 में ्जट यन स्टाम्प तर्ा व टथ
                                               े            े
                                     फीस एक्ट व सम्िटि में वटरीय तर्ा राज्य सरवार एवं
                                     रािस्व पररषद/मुख्य रािस्व डयुक्त द्वारा घ बषत धनयम एवं
                                     डदे ि वा संवलग्न हैं ।
42-   िद           े
              ग वथमटट                                                े           े
                          धसक्य ररटी दी ्जट यन धसक्य ररटी एक्ट-1920 व नाम से यह वटरीय
         ु
      मैनअल                          सरवार वा प्रवािन हैं तर्ा ्समें समय-समय पर संि िन
                                     िारी िवये गये। ्समें प्रधतभूधतयों ि सरवार द्वारा िासवीय
                                     उपय गार्थ रणी िाती हैं , धनगथत प्र मसेरी न रस व सुरजक्षत
                                     रणने, प्रधतभूधतयों वा नवीनीवरण, प्रधतभूधतयों वा समेवन एवं
                                     उपण् , एव प्रधतभूधत वा दसरी में पररवतथन वरने सम्िटिी
                                                             ू
                                                      ु   े
                                     धनयम हैं । ्स मैनअल व धनयमों वा राज्य सरवार द्वारा
                                     पालन िवया िाता हैं ।
43-   बवततीय
         ्         हस्त      पुजस्तवा ्स ण्         में वन बवभाग एवं ल व धनमाथण बवभाग बवत्तीय
      ण् -पॉच                        बवधनयम से सम्िजटित धनयम हैं ।
44-   बवततीय
         ्         हस्त      पुजस्तवा ्न ण्         में समाबवषट वन बवभाग एवं ल व धनमाथण बवभाग
      ण् -छ: एवं सात                  े
                                     व बवत्तीय बवधनयम से प्रभागीय वनाधिवारी एवं अिीक्षण
                                                                    े
                                     अधभयटता, अधििॉसी अधभयटता और उनव अिीनस्र् द्वारा
                                     महालेणावार व प्रस्तुत िवये िाने वाले लेणे से सम्िजटित
                                                                              े
                                     हैं । ये धनयम बवत्तीय धनयमावली, ण् -पॉच व सामाटय लेणा
                                                                              े
                                     धनयमों, ि वन बवभाग एवं ल व धनमाथण बवभाग व प्रधत लागू
                                     ह ते हैं , िि तव िव उनमें िदये गये बवषय अर्वा प्रसंग में
                                      ु       ू
                                     वछ प्रधतवलता न ह अर्वा जिस सीमा तव उटहें ्स ण्
                                     धनयम द्वारा संि धित न िवया गया ह ।
45-   उपव षागार संिहता                                                 े
                                     उपव षागार संिहता में उपव षागारों व प्रय गार्थ एवं िदिा
                                                                              ु
                                     धनदे ि सम्िटिी धनयम है । ्समें बवधभटन मैनअल, पररपत्रों
                                                     े
                                     तर्ा िासनादे ि व सम्िटि में सूचना है । ्समें वतथमान में
                                     ि प्रचलन में हैं तर्ा ि डव्यव हैं उन धनयम वा भी
                                     प्रवािन है ।
46-   वमपाईलेिन
        ्               डफ                े
                               रै िरी यह वटरीय सरवार वा वम्पाईलेिन डफ रै िरी रूल्स हैं ।
      रूल्स                             े
                                     ्सव धनयम                                     े
                                                       वा व षागार द्वारा धनधियों व संचालन में,
                                                                          े
                                     वरै टसी वी स्र्ापना, संचालन, डपूधतथ व सम्िटि में धनयम
                                     हैं , ि िव संसािन धनयम सग्रह में व षागार धनयमावली से
                                     सम्िजटित ह ।
                                                        41
                                                  पररधिषट 24
                                                        ्

                       व षागारों में प्रस्तुत िवये िाने वाले बिलों वी प्राधप्त वी स्वीवृ धत।
                                                   -----------
                                                                                              े
        व षागारों में बवधभटन बवभागीय अधिवाररयों द्वारा प्रस्तुत िवये िाने वाले बवधभटन प्रवार व बिलों वे
                           े                   े
ण िाने तर्ा बिलों व चेवों व अनधिवृ त व्यबियों व हार्ों में प             िाने वी समस्या व दृबि में रणते हुए
                                                                              े
यह डव्यव है िव ि बिल बवभागीय अधिवाररयों द्वारा व षागारों में पाररत िवये िाने व धलये भिे िाते हैं
                                                                                   े
उनवी प्राधप्त व षागार में स्वीवृ त वी िाय, अर्ाथत ् प्रस्तुतवताथ व रसीद दी िाय। ्सव धलए धनम्नधलजणत
प्रिक्रया वा अनुसरण िवया िाना चािहये:
(1)     बिलों अर्वा चेवों व        एव अलग रजिस्टर पर चढावर व षागारों में भेिना िाय और उस पर
                                                  े
        व षागार में बिल प्रा्त वरने वाले वमथचारी व हस्ताक्षर ले धलये िायं। ये हस्ताक्षर बिल पाररत वरने
                                                           े
        वाले धलबपव दें गे। ्सी प्रवार िि बिल पाररत ह िाने व िाद बवभागीय अधिवाररयों व वापस िवये
                                        े
        िाते हैं त वापस पाने वाल व्यबि व हस्ताक्षर भी उसी रजिस्टर में ले धलये िांय तर्ा उस रजिस्टर
        में जिस क्रमांव पर व ई बिल धलणा ह वह क्रमांव बिल रजिस्टर (प्रपत्र-11-सी) पर भी अंिवत वर
                                                                        े
        धलया िाय। िि व ई बिल व षागार से डपबत्त लगावर वापस िवया िाय त उसव समक्ष व षागार
         े
        व बिल पाररत वरने वाले धलबपव ‘Objection’ या ‘डपबत्त िनव’ िब्द स्तम्भ 7 में धलण दें और
                                                      े
        ति िफर उसी स्तम्भ में बवभागीय बिल प्रा्तवताथ व हस्ताक्षर िनवा लें। उपर क्त रजिस्टर वी रूप
        रे णा धनम्न प्रवार ह गी:
       क्र0    धतधर्       बिल          िुद्ध         डहरण             धतधर् सिहत              धतधर् सिहत
        सं0               अर्वा       िनराधि         अधिवारी          बिल पाने वाले            बिल वापस
                         चेव वा                        े
                                                      व पूणथ             व षागार                पाने वाले
                          िीषथव                      हसतारक्षर
                                                       ्                वमथचारी वे             वमथचारी वे
                                                                         हस्ताक्षर              हस्तारक्षर
         1       2          3            4               5                   6                      7


                                                                           े
न ट: यिद डहरण बवतरण अधिवारी उक्त रजिस्टर में बिल व षागार में प्रस्तुत न वरव िवसी अटय
रजिस्टर में बिल प्रस्तुत वरें गे त व षागार द्वारा बिल स्वीवार नहीं िवये िायेंगे।
(2)     ि व्यबि अपना बिल स्वयं प्रस्तुत वरें और उसवी रसीद चाहें त उटहें रसीद स्वयं धलणवर लानी
                                      े
        ह गी जिस पर बिल पाधसथग धलबपव ववल हसताक्षर वर दे गा। उससे ्स समय ि रसीद मांगने पर
                                                       े
        व षागार द्वारा रसीद िदये िाने वी प्रर्ा हैं उसव वायाथटवयन में भी सुबविा ह गी। बिल वापस वरते
        समय बिल पाधसथग धलबपव रसीद प्रा्तवताथ से वापस ले लेगा।
(3)     ि रािपबत्रत अधिवारी अपने बिल धसिे व षागारों वी भेिते हैं वे यिद उटहें बवभागीय रजिस्टरों पर
                   े                       े
        अटय बिलों व सार् चढवावर भेिें त उनव ण ने वी समस्या भी हल ह िायेगी।
(4)                                                                                            े
        ि रािपबत्रत अधिवारी अपने वेतन-बिल िैंव द्वारा व षागारों वी भेिते हैं वे वतथमान प्रर्ा व अनुसार
        ही िैंव से रजिस्टर पर चढवर व षागार में डया वरें गे। ्सी प्रवार ि पेंिनदार सदै व वी भांधत
        अपने पेंिन बिल िैंवों द्वारा व षागारों व भेिते हैं वे भी रजिस्टर पर चढवर िायेंगे। ि पेंिनदार
                                                 42
                    े                                                      ु
      अपने बिल िैव व माध्यम से नहीं भेिते उनवा भुगतान उसी िदन व षागार में वछ घंट में ह
                     े
      िाता हैं और उनव िारे में रसीद लेने दे ने वा प्र्न नहीं उठता।
(5)                                         े                                       ें
      सरवावरी प्रधतभूधतयों पर ब्याि वी रवम व बिलों वी रसीद अि व िागारों द्वारा गवनथमट
                     ु   े                 े
      धसक्य ररटीि मैनअल व अनुच्छे द 46(ए) व अनुसार प्रपत्र िी0एस0एम0/17-ए पर दी िाती है और
      भबवषय में भी ऐसा ह ता रहे गा।
(6)   ररफं   बिल, िैसे बिवी-वर व, स्वलों व अनुदान तर्ा छात्रवृबत्त व बिल, जिनवी पाने वाले िैंव व
                                े    ू    े                         े                           े
                                                                                         े
      द्वारा नहीं भेिते हैं , उटहें डहरण अधिवारी या प्रधत-हस्ताक्षराधिवारी अपने वायाथलय व रजिस्टर पर
                                े                                े
      भुगतान पाने वाले अधिवारी व हस्ताक्षर वरावर उसे प्रमाजणत वरव चढावर व षागारों में भेि वर
      रसीद प्रा्त वर सवते हैं ।
                                                    43
                                       संणया –ए-1-833/दस-10(6)-82
                                          ्

प्रेषव,
                                ु
                 श्री धमधर्लेण वमार,
                    ु
                 संयव्त सधचव,
                 उततर प्रदे ि िासन
                   ्

सेवा में,
                 समसत बवभागाध्यक्ष एवं प्रमुण
                    ्
                 वायाथलयाियक्ष
                          ्
                 उततरा प्रदे ि।
                   ्
                                                         लणनऊ िदनांव 3 िून, 1982
बवषय:- व षागारों में प्रस्तुत िवए िाने वाले बिलों वी प्राधप्त स्वीवृ धत।बवतत लेणा अनुभाग-1
                                                                           ्
मह दय,
                       े
                 िासन व संज्ञान में यह िात डयी है िव व षागारों में बिल प्रसतुत वरने हे तु डहरण एवं
                                                                           ्
बवतरण अधिवाररयों द्वारा िासनादे ि संख्या-2158/16(71)-68/ ी0टी0, िदनांव 07-5-70 द्वारा धनिाथररत
रजिस्टर वा प्रय ग एवं धनदे िों वा अनुपालन नहीं िवया िा रहा है वरन ् प्रत्येव डहरण बवतरण अधिवारी
अपनी सुबविानुसार रजिस्टर िनावर व षागार में बिल प्रस्तुत वरता है । यह अधनय धमतता एवं िासन वे
धनदे ्िों वी अवहे लना है । िासन दसे अप्रसटनता वी दृबि से दे णता है ।
            2-   अत: ्स सम्िटि में मुझे पुन: ्स िात पर िल दे ने वा धनदे ि हुड है िव डप अपने
अिीन समसत डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों व                      स्पषट धनदे ि दे दें िव वे िासनादे ि संख्या
2158/16(71)-68/ ी0टी0, िदनांव 07-5-70 (सुलभ संदभथ हे तु प्रधतधलबप संलग्न) में धनिाथररत प्रारूप वे
रजिस्टर पर ही व षागार में बिल प्रस्तुत वरें तर्ा उसी रजिस्टर पर व षागार से बिल पास वरें । यह भी
स्पषट वर िदया िाय िव यिद डहरण बवतरण अधिवारी उक्त िासनादे ि िदनांव 07-5-70 में धनिाथररत
                                          े
रजिस्टर में व षागार में बिल प्रस्तुत न वरव िवसी अटय रजिस्टर में बिल प्रस्तुत वरते हैं त व षागार द्वारा
बिल स्वीवार नहीं िवये िायेंगे।




                                                                                 भवदीय,

                                                                                       ु
                                                                              धमर्लेि वमार
                                                                                ु
                                                                             संयव्त सधचव।
                                                 44
संणया-ए-1-833(1)/दस-10(6)-82, तद् िदनांव
   ्
                                                                 े
       प्रधतधलबप समस्त व षाधिवाररयों, उत्तर प्ररे ि व ्स धनदे ि व सार् प्रेबषत िव डहरण एवं बवतरण
अधिवाररयों से बिलों व उपन संदधभथत िासनादे ि िदनांव 07-5-70 में प्रस्तुत िवए िाने पर ही स्वीवार िवए
िायें अटयर्ा उटहें व षागार में प्रा्त न िवया िाय। बिल पारण परांत उसी रजिस्टर में डहरण एवं बवतरण
अधिवारी व वापस िवए िायें।
       1-     प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व भी सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत:
       (1)                                                        े
              धनदे िव, व षागार एवं लेणा, उत्तर प्रदे ि, लणनऊ व उनव पत्र संख्या-5179/16 (71)-
                                         े
              68/ ी0टी0, िदनांव 29-3-82 व संदभथ में।
       (2)    समस्त जिलाधिवारी, उत्तर प्रदे ि।
       (3)    महालेणावार-1, 2,तर्ा 3, उत्तर प्रदे ि, ्लाहािाद।
       (4)             े
              सधचवालय व समस्त अनुभाग।




                                                                              डज्ञा से
                                                                                     ु
                                                                           धमधर्लेि वमार,
                                                                              ु
                                                                           संयव्त सधचव।
                                                         45
                                         संणया 2158/16(71)/68/ ी0टी0
                                            ्
प्रेषव,
                  लक्षमीवानत श्रीवास्तव,
                      ्    ्
                  अनु सधचव,
                  उततर प्रदे ि िासन।
                    ्

सेवा में,
                                े
                  उततर प्रदे ि व समस्त
                    ्
                  बवभागाियक्ष तर्ा समस्त
                         ्
                  वायाथलयाियक्ष।
                           ्
                                                              िदनांव, लणनऊ, 7 मई 1970
बवतत (लेणा-1)बवभाग
   ्
बवषय-             व षागारों में प्रस्तुत िवये िाने वाले बिलों वी प्राधप्त वी स्वीवृ धत।
मह दय,
                  मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड है िव व षागारों में बवधभटन बवभागीय उधिवाररयों द्वारा प्रस्तुत
                              े       े                           े                   े
िवये िाने वाले बवधभटन प्रवार व बिलों व ण िाने तर्ा बिलों व चेवों व अनधिवृ त व्यबियों व हार्ों में
प     िाने वी समस्या व दृबि में रणते हुए, राज्यपाल मह दय ने यह डदे ि िदया है िव ि बिल बवभागीय
                                                 े
अधिवाररयों द्वारा व षागारों में पाररत िवये िाने व धलये भेिे िाते हैं उनवी प्राधप्त व षागार में स्वीवृ त वी
                                             े
िाय, अर्ाथत ् प्रस्तुतवताथ व रसीद दी िाय। ्सव धलए धनम्नधलजणत प्रिक्रया वा अनुसरण िवया िाना
चािहये:-
(1)         बिलों अर्वा चेवों व     एवव अलग रजिस्टर पर चढावर व षागारों में भेिा िाय और उस पर
                                          े
व षागार में बिल प्रा्त वरने वाले वमथचारी व हस्ताक्षर ले धलये िांय। ये हस्ताक्षर बिल पाररत वरने वाले
                                             े
धलबपव दें गे। ्सी प्रवार िि बिल पररत ह िाने व िाद बवभागीय अधिवाररयों व वानपस िवये िाते हैं त
                      े
वापस पाने वाले व्यबि व हस्ताक्षर भी उसी रजिस्टर में ले धलये िांय तर्ा उस रजिस्टर में जिस क्रमांव पर
व ई बिल धलणा ह वह क्रमांव बिल रजिस्टर (प्रपत्र-11-सी) पर भी अंिवत वर िदया िाय। िि व ई बिल
                                           े               े
व षागार से डपबत्त लगावर वापस िवया िाय त उसव समक्ष व षागार व बिल पाररत वरने वाले धलबपव
‘Objection’ या ‘डपबत्त िनव’ िब्द स्तभभ 7 में धलण दें और ति िफर उसी स्तम्भ में बवभागीय बिल
            े
प्रा्तवताथ व हस्ताक्षर िनवा लें। उपर क्त रजिस्टर वी रूप-रे णा धनम्न प्रवार ह गी:
          क्र0   धतधर्     बिल अर्वा           िुद्ध          डहरण           धतधर् सिहत    धतधर् सिहत
          सं0            चेव वा िीषथव        िनराधि         अधिवारी        बिल पाने वाले   बिल वापस
                                                               े
                                                              व पूणथ           व षागार      पाने वाले
                                                           हसतारक्षर
                                                             ्               वमथचारी वे    वमथचारी वे
                                                                               हस्ताक्षर    हस्तारक्षर
            1      2            3                4              5                 6             7
                                                     46
(1)        िी व्यबि अपना बिल स्वयं प्रस्तुत वरें और उसवी रसीद चाहें त उटहें रसीद स्वयं धलणवर लानी
                               े
ह गीं जिस पर बिल पाधसथग धलबपव ववल हस्ताक्षर वर दे गा। उससे ्स समय ि रसीद मांगने पर व षागार
                                      े
द्वारा रसीद िदये िाने वी प्रर्ा है उसव वायाथलटत्रयन में भी सुबविा ह गी। बिल वापस वरते समय बिल
पाधसथग धलबपव रसीद प्रापतवताथ से वापस ले लेगा।
                       ्
(2)        ि रािपबत्रत अधिवारी अपने बिल सीिे व षागारों व भेिते हैं वे यिद उटहें बवभागीय रजिस्टरों पर
           े                       े
अटय बिलों व सार् चढवावर भेिें त उनव ण ने वी समस्या भी हल ह िायेगी।
(3)                                                                                             े
           ि रािपबत्रत अधिवारी अपने वेतन-बिल िैव द्वारा व षागारों व भेिते हैं वे वतथमान प्रर्ा व अनुसार
ही िैंवों से रजिस्टर पर चढ वर व षागार में डया वरें गे। ्सी प्रवार िा पेंिनदार सदै व वी भांधत अपने
पेंिन बिल िैंव द्वारा व षागारों व भेिते हैं वे भी रजिस्टर पर चढ वर डयेंगे। ि पेंिनदार अपने बिल िैंव
 े                                                      ु                         े
व माध्यम से नहीं भेिते उनवा भुगतान उसी िदन व षागार में वछ घंट में ह िाता है और उनव िारे में
रसीद लेने दे ने वा प्र्न नहीं उठता।
(4)                                             े
           सरवारी प्रधतभूधतयों पर व्याि वी रवम व बिलों वी रसीद अि व षागारोंद्वारा गवनथमेंट धसक्य ररटीि
   ु   े                  े
मैनअल व अनुच्छे द 46 (ए) व अनुसार प्रपत्र िी0एस0एम0/17-ए पर दी िाती है और भबवषय में भी ऐसा
ह ता।
(5)        ररफं   बिल, िैसे बिक्री-वर व, स्वलों व अनुदान तर्ा छात्रवृबत्त व बिल, जिनव पाने वाले िैंवों व
                                       े    ू    े                         े                            े
                                                                                   े
द्वारा नहीं भेिते हैं , उटहें डहरण अधिवारी या प्रधत-हस्ताक्षराधिवारी अपने वायाथलय व रजिस्टर पर भुगतान
                   े                                 े
पाने वाले अधिवारी व हस्ताक्षर वरा वर उसे प्रमाजणत वरव चढावर व षागारों में भेि वर रसीद प्रा्त
वर सवते हैं ।
                                                                                 भवदीय,
                                                                          लक्षमी वाटत श्रावस्ताव
                                                                              ्
                                                                               अनु सधचव
संणया 2158(1)/16(71)-68/ ी0 ी0 तद् िदनांव
   ्
                                                             े
           प्रधतधलन महालेणावार, उत्तर प्रदे ि, ्लाहािाद व उनव धनदे िव व षागार व सम्ि धित पत्र संख्या
                                                     े
 ी0सम0-1/छ:-236, (चौदह)-46, िदनांव 16 अप्रैंल, 1969 व सटदभथ में सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु
                            े
प्रेबषत। प्रधतधलबप प्रदे ि व समस्त जिलाधिवाररयों तर्ा समस्त व षाधिवाररयों व भी डव्यव वायथवाही हे तु
प्रेबषत।




                                                                                डज्ञा से,
                                                                         लक्षमी वाटत श्रीवास्तव
                                                                             ्
                                                                               अनुसधचव।
                                                     47

                                             पररधिषट—25
                                                   ्
                         प्रदे िीय व षागारों में चेव द्वारा भुगतान वी प्रणाली

चेव प्रणाली तर्ा ्ससे मुक्त बिल-

                                                          े           े
1- (व) व षागारों में अि तव प्रस्तुत बिलों व िांच वर लेने व िाद उटहीं व अिीभाग में धनिदथ षट स्र्ान
                  े                े
पर स्व्टे ट िैंव व नाम व षाधिवारी व द्वारा भुगतान डदे ि िदए िाने वी व्यवस्र्ा लागू है । डहरण एवं
बववरण अधिवारी ्न पाररत बिलों व व षागारों से प्रा्त वर डदे धित िनराधि िैंव से प्रा्त वरते हैं । अि
                            े             े                          े
्स व्यवस्र्ा में पररवतथन वरव भुगतानादे ि व अनुसार िुद्ध दे य िनराधि व धलये चेव धनगथत िवये िायेंगे।
                         े
लेिवन धनम्नांिवत प्रवार व बिलों वा भुगतान व षागारों में चेव प्रणाली से नहीं ह गा:-
(व)      रािसव एवं अटय धनक्षेप।
             ्
(ण)                      े                                    े
         वैयबिव णाते जिनव धलये अलग से चेव अर्वा बविेष प्रवार व प्रपत्र प्रस्तुत ह ते हैं । ्नमें भूधम
         अध्याधप्त भुगतान भी िाधमल हैं ।
(ग)      िासवीय प्रधतभूधतयों वा भुगतान।
(घ)      अनय व ई भुगतान ि िासन द्वारा धनपेधित िवया िाय।
           ्
(ण)                    े
         बविेष प्रवार व वागि पर मुिरत चेव फामथ पर धलणे िायेंगे। यर्ा संभव वई बिलों व धमलावर
         संहत चेव धनगथत िवए िायेंगे। बवत्तीय धनयमावली ण्                    े           े
                                                                  5, भाग-1 व धनयम 45-ई व अटतगथत ये
         ‘नान-धनग धियेबिल’ चेव होंगे।
2-                               े                                                                  ु
         चेव वप्रणाली लागू ह ने व फलस्वरूप व षागार वायाथलय वा वायथ, सुव्यवजस्र्त रूप से धनषपादन हे त,
म टे तौर पर द अनुभागों में बवभाजित िवया िायेगा। सामाटयत: बिल प्राधप्त, उनवा पारण चेव िनाना व
िारी वरने तव वा सभी वायथ ‘बिल तर्ा चेव अनुभाग’ में ह गा तर्ा दै धनव व माधसव लेणों वा िनाना                 व
महालेणावार व धनयमानुसार प्रस्तुत वरने वा वायथ ‘लेणा अनुभाग’ में ह गा।

बिलों वा प्रस्तुतीवरण-

3-       प्रत्येव डहरण व बवतरण अधिवारी बिलों व व षागार भेिने एवं बिलों/चेवों वी प्रा्त वरने हे तु
एव या द धनजित वमथचारी/वमथचाररयों (यर्ा संभव स्र्ायी) व अधिवृ त वरे गा ि अपने पास डहरण
                                                                         ं
अधिवारी से प्रमाजणत फ ट व हस्ताक्षर सिहत ड् े जटटटीवा थ भी रणेंगे। ्स संिि में सधचवालय प्रवेि-पत्र
फ ट सिहत भी साटय ह गा।
                   े                   े         े
4- (व) सभी प्रवार व बिलों व प्रपत्र-1 व रजिस्टर व सार् व षागार वाउं टर पर प्रस्तुत िवया िायगा।
बिल-प्राधप्त-धलबपव बिलों व रजिस्टर से धमलायेगा और दे णेगा िव बिल उसी व षागार पर दे य हैं , डहरण
         े
अधिवारी व हस्ताक्षर बिल पर है तर्ा िुद्ध िनराधि अंवन तर्ा िब्दों में यर्ा-स्र्ान अंिवत हैं । उक्त
             ु   े
बिटदओं पर संतबि व प्चात ् वह बिलों वी प्राधप्त-रसीद वािथन प्र सेस द्वारा द प्रधतयों में प्रपत्र-2 पर िनायेगा।
    ु
चह प्रपत्र               े
             एव रजिस्टर व रूप में ह गा जिनमें प्रत्येव पृषठ वी द प्रधतयां ह गी जिसमें मूल प्रधत धछिदत
ह गी। प्राधप्त धलबपव प्रत्येव बिल पर िदनांव व म हर लगावर उस पर रसीद संख्या व उसवा क्रमांव भी
स्पषटतया अंिवत वर दे गा तर्ा रसीद वी मूल (धछिरत) प्रधत प्रस्तुतवताथ व दे दे गा एवं बिलों व रजिस्टर
                                                     48
 े        ं                                                                          े
व सार् संिधित बिल पारण धलबपव व भेि दे गा। वह बिलों व ले लेगा एवं प्राधप्त-स्वीवृ धत व हस्ताक्षर
               े                                                                             े
रजिस्टर में वरव प्राधप्त धलबपव व लौटा दे गा ्स हे तु प्राधप्त-धलबपव बवधभटन बिल पारण धलबपवों व धलए
           े
प्रपत्र-2 व पृर्व-पृर्व रजिस्टर रणेगा।
(ण) िैंव/संस्र्ायें ि बिल अपनी धनिाथररत       ाविही या प्रपत्र-1 िैसे रजिस्टर में चढावर व षागार में प्रस्तुत
                                              े                              े                ं
वरें गे उटहें स्वीवार िवया िायेगा। श्रेणी एव व अधिवारी एवं गैर सरवारी व्यबि व धलये अपने से संिधित
                                                                               े
बिल व षागार में प्रपत्र-1 पर चढावर प्रस्तुत वरना अधनवायथ न ह गा िवटतु व षागार व धलये सभी व प्रपत्र-
2 पर बिल प्राधप्त रसीद दे ना अधनवायथ ह गा।
                                                        े
(ग) व षागार द्वारा बिलों वा भुगतान चेव द्वारा िवए िाने व फलस्वरूप अि डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों
 े                     े
व धलये प्रत्येव दे यव व सार् प्रपत्र िी0एम0-9 संलग्न वरने वी डव्यवता नहीं ह गी। िी0एम0-9 वे
                                       े
स्र्ान पर अि व षाधिवाररयों द्वारा चेव व सार् चेव जस्लप (प्रपत्र-5) िदया िायेगा जिसवी प्रबवबियों वे
                                                             े
डिार पर डहरण एवं बवतरण अधिवारी अपने बिल रजिस्टर (प्रपत्र-1) व स्तंभों व भरें गे तर्ा उसी वे
                         ै                                             े
डिार पर अपने वायाथलय वी वि िंव वी प्रधतबियों व पूरा वरें गे अर्वा िायेग।
5-(व) बिल पारण धलबपव ्न बिलों वी धनयमानुसार िांच वरे गा। सही बिलों पर भुगतान डदे ि अंिवत
   े   े                                                                                  े
वरव उनव नीचे हस्ताक्षर वरे गा और प्रपत्र-3 में िारटट रजिस्टर पर दिथ वरे गा। भुगतान डदे ि व ठीव
उपर ्न िातों वा उल्लेण वर दे गा िव चेव िवस नाम या पदनाम से िनेगा, ‘क्रास ् ’ ह गा अर्वा नहीं,
                          े                                                            े
अगले माह वी प्रर्म धतधर् व पूवथ दे य नहीं ह गा (यिद ऐसा ह त ) अर्वा अटय व ई चेव लेणवर व धलये
                                                                     े
धनदे ि। तत्प्चपत ् पारण धलबपव उन बिलों व िारटट रजिस्टर सिहत लेणावार व पास भेि दे गा।
                     े                             े
(ण) वायथ वी सहूधलयम व दृबि व ण से डहरण अधिवाररयों व समूह िनावर अलग-अलग वारटट रजिस्टर
रणे िायं जिनवी संख्या प्रधत पारण धलबपव चार रजिस्टर से अधिव न ह । वारटट रजिस्टरों व सुबविा वे
                           े
धलये पारण धलबपव वी संख्या व अनुसार व-1, व-2, व-4, ण-1, ण-2, ण-3, प्रवार से क्रमांव संख्या में
रणा िाय।
                            े     ु
(ग) लेणवार बिलों वी िांच वरव व संतषट ह वर उन पर हस्ताक्षर वरे गा और वारटट रजिस्टर सिहत चेव
                   े
लेणव व डव्यव िांच व िाद चेव धलणने व प्रस्तुत वरने व दे गा। लेणावार वा चेव लेणव पर सीिा
                                                                      े
धनयंत्रण रहे ्सधलये चेव लेणव लेणावार से सम्िद्ध रहें गे तर्ा लेणावार व समीप ही िैंठेगे।
(घ) जिन बिलों व लेणावार डपबत्तिनव समझेगा उन पर डपबत्त अंिवत वरे गा या डपबत्त वा ज्ञापन
                                            े
(मीम ) संलग्न वरे गा, उसवी िाित व षाधिवारी व डदे ि प्रा्त वरे गा तर्ा वारटट रजिस्टर में भी संदभथ
                                                                              े
हे तु िब्द ‘डपबत्त’ धलणा िायगा। डपबत्त वाले बिलों व बिल पारण धलबपव प्रपत्र-4 व रजिस्टर पर दिथ
   े         े
वरव रजिस्टर व सार् बिल प्रा्त धलबपव व भेिेगा। प्राधप्त धलबपव बिल व अपने पास र व लेगा और
                                       े
रजिस्टर में प्राधप्त सूचव हस्ताक्षर वरव उसे पारण धलबपव व लौटा दे गा। प्राधप्त धलबपव प्रपत्र-2 वी अपनी
                                   े                        े
प्रधत पर सिंजटित बिलों वी प्रधतबि व समक्ष ‘डपबत्त’ अंिवत वरव हस्ताक्षर वरे गा। डहरण अधिवारी वे
अधिवृ त समवाहव प्रस्तुतवताथ द्वारा प्रपत्र-2 वी अपनी प्रधत प्रस्तुत िवये िाने पर प्राधप्त धलबपव उस प्रपत्र पर
                                               े                        े
ही पूवथ प्रवार से संिजटित बिलों वी प्रधतबियों व समक्ष ‘डपबत्त’ अंिवत वरव हस्ताक्षर        वरे गा और प्रपत्र-2
                                   े                       े
वी व षागार प्रधत पर उन प्रधतबियों व सम्मुण हस्ताक्षर लेने व प्चात उन बिलों व लौटा दे गा। जिन बिलों
                                                            े
व समाय िन हे तु र व धलया गया िायेगा अर्वा िूटय िनराधि ह ने व वारण चेव धनगथत नहीं ह गा उसवे
                                                                             े
समक्ष भी प्रपत्र-2 पर उपयुक्त िट्पणी अंिवत वर दी िायेगा। डपबत्त लगाये बिलों व पुन: प्रस्तुतीवरण पर
नई रसीद िारी वी िायेगी।
                                                       49


चेव पुजस्तवा एवं सुरक्षा

6-      व षागार में प्रयुक्त ह ने वाले चेवों वा सामाधचव तर्ा वाबषथव मांग पत्र भेिना, सुरक्षा डिद वतथमान ्
                       े
सावथिधनव धनमाथण बवभाग व चेवों वी भांधत ही ह गे। अटतर ्तना ह गा िव                      वल ल व से यव चेव
लेणावर वी मांग पर धनगथत िवये िायेगे तर्ा                                        े                    े
                                                    वल लाव रजिस्टर में लेणावार व हस्ताक्षर धलए िायेंग।
                                             े
लेणावार वी व्यबिगत सुरक्षा में उटहें प्रय ग व धलये रणा िायगा। पधत िदन लेणावार प्रयुक्त अंधतम चेव
                                                       ु
संख्या, ररस्त चेवों वा बववरण तर्ा वास्तव में धलणे गये वल चेवों वी संख्या वा बववरण धलणवर हस्ताक्षर
वरे गा। प्रपत्र-12 (लेणावार वा चेव प्रपत्र   रजिस्टर) में   वल लाव से िदए गए चेव प्रपत्रों वी प्रत्येव प्रधतबि
                                                                                        े
वा तर्ा दै धनव िवाया चेव प्रपत्रों वी संख्या वी प्रधतबि व व षाधिवारी द्वारा डव्यव िांच व उपरांत
हस्ताक्षररत िवया िायेगा। ्सी प्रवार प्रपत्र 12-ए में उन चेव प्रपत्रों वा लेणा प्रत्येव चेव लेणव द्वारा भी
                                                                                  े
रणा िायेगा ि लेणावार द्वारा समय-समय पर उसे िदए िायेंगे। ्स रजिस्टर पर डव्यव िांच व उपरांत
लेणावार द्वारा हस्ताक्षर िवए िायेंगे।

चेव लेणन/टं वण-

7-                                       े   ं
        चेव लेणव द्वारा चेव धलणने/टं वण व संिि में धनम्ननधलजणत बिटदओं वा अनुपालन सुधनजित
                                                                   ु
िवया िायेगा:-

(1)     िनराधि अंवों तर्ा िब्दों में ठीव-ठीव अंिवत हैं ।
(2)     चेव ‘क्रासट’ डिद धनदे िानुसार अंिवत है ।
                  ्
(3)     यिद एव बिल पर एव से अधिव चेव िनाने वी प्रार्थना है त चेव उसी प्रवार िनाये गये हैं ।
(4)     चेव पर चेव रजिस्टर वा क्रमांव, व           संख्या (यिद व ई ह ) ठीव से धलणी गई है । हस्तधलजणत
        चेवों पर वास ्टटी भी वी गई है ।
(5)     मंत्री गणों, बविायवों तर्ा रािपबत्रत अधिवाररयों द्वारा गिटे     बिल फामथ पर डहररत िवए गए बिलों
        से सम्िजटित चेव नाम से धनगथत ह गा और चेव पर क्रमि: मंत्री, ‘बविायव’ अर्वा ‘रािपबत्रत’ वी
                                                    े
        म हर लगायी िायेगी। गैर-सरवारी प्रा्तवताथओं व चेवों पर ‘गैर सरवारी’ वी म हर लगायी िायेगी।
                                                 े                            े
        अरािपबत्रत वमथचाररयों से सम्िजटित बिलों व चेव डहरण एवं बवतरण अधिवारी व पदनाम से
                            े                                    े
        धनगथत ह गे। िैंवों व माध्यम से प्रा्त बिलों पर चेव िैंव व नाम धलणे िायेंगे। नाम एवं पदनाम
        स्पषट एवं धनयमानुसार िुद्ध िब्दों में चेवों पर अंिवत होंगे।
(6)            े
        चेवों व प्रधतपण (वाउं टर फा्ल) पर बिलों वी रसीद संख्या तर्ा उनवी िुद्ध िनराधियों व अलग-
        अलग िदणाया िायेगा और डव्यवतानुसार य ग धनवाल िदया िायेगा।
(7)     यिद चेव व          ाव से भेिना ह अर्वा िैंव, प्रा्वेट व्यबि, संख्या अर्वा फामथ व दे य ह त
                                                                           े
        धनयमानुसार रे जणत (क्रास् ) वर िदया िायेगा। अरािपबत्रत वमथचाररयों व वेतन भत्तों, यात्रा भत्ता,
                                                           े
        मानदे य डिद तर्ा प्रासंधगव व्यय से सम्िजटित बिलों व धलए चेव डहरण अधिवारी वी मांग वे
                                                             े
        अनुसार धनगथत होंगे। यिद डहरण अधिवारी ने अपने पद नाम व अलावा अटय िवसी राज्य
                               े                        े
        वमथचारी/अधिवारी या ठे वदार या गैर सरवारी व्यबि व नाम से चेव मांगा हैं त ऐसे चेव भी
                                                     50
       व षागार द्वारा डहरण अधिवारी व            ही िदए िायेंगे जिससे वह उन चेवों वा बवतरण अपने
                                                           ें
       उत्तरदाधयत्व से सम्िजटित व्यबियों व धनयमानुसार वर सव।
(8)                           े
       बिलों पर भुगतान डदे ि व ठीव उपर िायीं तरफ सम्िजटित चेव वी संख्या एवं िदनांव वा भी
       उल्लेण ह गा।
(9)                े                                            े      े
        चेव धलणने व सार् ही बिलों व सह िाउचरों पर भुगतान डदे ि व िीषथ व पास ‘चेव द्वारा भुगतान
       िवया’ वी म हर लगायी िायगी।
8-     चेव लेणव वािथन प्र सेस द्वारा द प्रधतयों में प्रपत्र-5 पर चेव जस्लप िनाएगा जिस पर वह चेव जिस
                                                             े
       नाम अर्वा पद नाम से धनगथत िवया िायेगा तर्ा जिन बिलों व धलये चेव धनगथत िवया िा रहा है
       उनवी उलग-अलग िुद्ध राधियों व उनवा य ग ि चेव वी राधि ह गी, स्पषट रूप से अंिवत वरे गा।
                              े
       यह प्रपत्र एव रजिस्टर व रूप में ह गा जिसमें प्रत्येव पृषठ वी 2 प्रधतयां ह गी तर्ा जिसमें मूल प्रधत
                                                        े                                 े
       धछिरत ह गी। तत्प्चात ् चेव लेणव चेव व प्रपत्र-6 व रजिस्टर में अंिवत वरे गा और चेव व सार्
       जस्लप व स्टे बपल वर दे गा। ्स रजिस्टर में प्रत्येव पृषठ वी तीन प्रधतयां ह गी जिनमें से द प्रधत
       धछिरत होंगी। चेव                                         े
                            लेणव ्स रजिस्टर तर्ा वारटट रजिस्टर व सार् चेव तर्ा सम्िजटित बिलों व
                े
       लेणावार व माध्यम से व षाधिवारी व प्रस्तुत वरे गा। व षाधिवारी चेव ठीव ह ने वी जस्र्धत में
       बिल व चेव तर्ा रजिस्टरों में हस्ताक्षर वरे गा और बिलों सिहत चेव लेणव व लौटा दे गा। यिद व ई
                                          ं
       बिल डपबत्तिनव पाया िाता है त तत्संििी चेव धनरस्त वर िदया िायगा। चेव लेणव व षाधिवारी
                                                          े
       द्वारा हस्ताक्षररत चेवों व प्रपत्र-5 वी चेव जस्लप व सार् प्राधप्त धलबपव व भेिेगा ि चेव व जस्लप
        े                   े                                     े
       व सार् डहरण अधिवारी व अधिवृ त संवाहव/प्रस्तुतवताथ व दे ने व धलये रण लेगा और प्राधप्त
                                 े
       सूचव हस्ताक्षर प्रपत्र-5 व रजिस्टर में िनावर उसे चेव लेणव व वापस वर दे गा तचा प्रा्त हुए
                                   े                                        े
       चेवों वी प्रधतबि प्रपत्र-2 व रजिसटर में सम्िजटित बिलों व प्रधतबियों व सामने अंिवत वर दे गा।
                                        ्
       िटपपणी-
          ्                                                                        े
                       प्रतयेव चेव-लेणव प्रपत्र-6 वा एव ही रजिस्टर रणेगा। सहूधलयत व दृबिव ण से
                           ्
           े                                 े
प्रपत्र-6 व रजिस्टरों व चेव लेणवों व संख्या व अनुसार च-1, च-2, च-3, डिद क्रमांव संख्या में रणा
                             े
िाय जिससे यह तुरटत मालूम ह सव िव वह रजिस्टर िवस चेव लेणव वा है तर्ा प्रत्येव चेव पर
            े           े            ं                             े
व षाधिवारी व हस्ताक्षर व ठीव नीचे संिधित चेव रजिस्टर वा क्रमांव िैस-च-1/21, च-2/41 अंिवत िवया
िायेगा जिससे िव भुगतान िवए हुए चेव िैंव से वापस डने पर उनवा णारिा लेणा अनुभाग द्वारा लगाने में
सहूधलयत ह ।

चेव बवतरण-

9-     चेवों व प्रा्त वरने वाले अधिवृ त व्यबि प्रपत्र-2 व मूल रूप से प्रस्तुत वरें गे। प्राधप्त धलबपव प्रपत्र-2
 े                                                                                           े
व रजिस्टर पर तर्ा बिल प्रस्तुतवताथ व िदए गए प्रपत्र-2 वी प्रधत पर सम्िजटघत चेवों वी प्रधतबि व समक्ष
                                    े
डहरण अधिवारी द्वारा अधिवृ त संवाहव व हस्ताक्षर लेवर उसे चेव दे दे गा िवटतु प्रपत्र-2 में अंिवत अंधतम
          ं                                 े
बिल से संिधित चेव तभी दे गा िि प्रपत्र-2 उसव पास समबपथत ह िायेगा। रसीद ण िाने पर डहरण
         े                             े                े
अधिवारी व प्रामण-पत्र पर डव्यव छानिीन व िाद व षाधिवारी व डदे िों से चेव दे िदए िायेंगे तर्ा
              े                                                                े
डहरण अधिवारी व प्रमाण-पत्र व ‘रसीद’ वी व षागार प्रधत से धचपवा िदया िायगा। िदन व अंत में प्रपत्र-
                                                     े                           े
2 वी समबपथत प्रधत व प्राधप्त धलबपव द्वारा प्रपत्र-2 व रजिस्टर में व षागार प्रधत व सार् धचपवा िदया
                                                    51
                                            े
िायेगा। लेणावार यह सुधनजित वरे गा िव चेवों व िटने में िवसी प्रवार वा अनाव्यव बिलम्ि न ह ।

वालातीत, द हरे चेवों वा धनगथमन व चेवों वा धनरस्त िवया िाना-

10-                               े              े
          िारी िवए िाने वाले माह व िाद अगले माह व अटत तव चेव दे य ह गे। तत्प्चात ् चेव वालातीत
ह िायेगा ओर िैंव उस पर भुगतान नहीं वरे गा। अत एवं चेव व धनरस्त माना िायेगा। धनरस्तीवृ त चेव
                                                े                     े
पर व षागार में प्रस्तुत िवए िाने पर व षाधिवारी व हस्ताक्षर ह गे। माह व अटत में उनवा बववरण प्रपत्र-7
 े                                                                          े
व रजिस्टर पर िनाया िायेगा। प्रपत्र-7 पर िनायी गई धनरस्तीवृ त चेवों वी सूची व डिार पर महालेणावार
        े                             े
्स माह व भुगतान वी डव्यवतानुसार वम वरव समाय जित वर दे गा। धनरस्त चेवों पर यिद पुन:
                                                                    े
भुगतान प्राधप्त हे तु डवेदन-पत्र प्रा्त ह ते हैं त उटहें प्रपत्र-2 व सार् चेव लेणव व भेि िदया िायेगा। चेव
                े                  े
लेणव प्रपत्र-7 व डिार पर, धमलान वरव, नये धसरे से चेव धनगथत वरने वा वायथ वरे गा। नये चेव वा
                      े
संदभथ पूवथ धनगथत चेव व सामने प्रपत्र-6 व प्रपत्र-7 में भी अंिवत ह गा। एसे चेवों वी सूची अलग से िनेगी।
11-                          े                े                                             े
          प्रधतिदन लेन-दे न व समय वी समाधप्त व प्चात ् प्राधप्त धलबपव एव ताधलवा प्रपत्र-11 व रजिस्टर में
                                        े
िनायेगा। ्स ताधलवा व लेणावार प्रपत्र-2 व रजिस्टर से धमलावर िांच वरे गा और उस पर हसताक्ष्र
वरे गा। प्रा्त चेवों वी सुरक्षा वा उत्तरदाधयत्व ति तव प्राधप्त धलबपव वा ह गा िग तव िव वह प्रेबषत न ह
            े                 े
िाय या िदन व अटत में लेणावार व पास िमा न वर िदया िाय ि उटहें सुरजक्षत रणेगा और दसरे िदन
                                                                                ू
प्रात: प्राधप्त धलबपव व उटहें दे दे गा।

पाररत बिलों व लेणा अनुभाग में भेिा िाना-

12-                                                 ू              ं
          चेव लेणव प्रधतिदन सायंवाल धनगथत िवए गए संपणथ चेवों वी संिधित राधियों वा य ग रजिस्टर
                      े                                  े
प्रपत्र-6 पर अंिवत वरव, उसवी लेणावार से िांच वरावर और उसव हस्ताक्षर उस पर वरावर समस्त बिलों
                   े                  े                       े
व सम्िजटि प्रपत्र व धछिरत द प्रधतयों व सार् क्रमवार नत्र्ी वरव लेणा अनुभाग में भेि दे गा। यिद एव
से अधिव चेव लेणव चेव िनाने वा वायथ वरते हैं त लेणावार प्रधतिदन सायंवाल प्रत्येव चेव लेणव वे
           े
प्रपत्र-6 व डिार पर धनगथत चेवों वा दै धनव सार लेणा भी प्रपत्र-6-ए पर द प्रधतयों में िनायेगा जिसवी एव
                         े
प्रधत बिलों व प्रपत्र-6 व साय लेणा अनुभाग व भेिी िायगी।

लेणा प्रिवया-
13-                                    े                                 े                   े
          लेणा अनुभाग में पाररत बिलों व सार् प्रा्त हुए प्रपत्र-6 व 6-ए व डिार पर प्रपत्र-9 व रजिव्स्टर
में प्रधतिदन धनगथत िवए गए चेवों वी सूची वािथन प्र सेस द्वारा 3 प्रधतयों में िनायी िायेगी। ्स सूची में चेवों
    ु
वी वल संख्या व िनराधियों वा दै धनव य ग क्रमि: प्रपत्र-6 व 6-ए में प्रदधिथत य गों से धमला धलया िायेगा।
                        े
महालेणावार व प्रात्र-9 व सार् प्रपत्र-6 व 6-ए वी प्रधत भी संलग्न वी िायगी। िैंव से भुगतान िव हुए चेव
                  े                                                      े
प्रा्त ह ने पर उनव भुगतान वी धतधर्यां प्रपत्र-6 में सम्िजटित प्रबवबियों व सामने अंिवत वी िायेगी। ्सी
सूची से माह में बिना भुगतान हुए चेवों वी सूची तीन प्रधतयों में िनायी िायेगी जिनमें से 2 सूधचयां
                         े                                         ू
महालेणावार व माधसव लेणे व सार् भेि दी िायंगी। वालातीत चेवों वी अनुसची भी ्सी सूची से िनायी
िायेगी।
                                                          52
14-    लेणा अनुभाग में िैंव द्वारा भुगतान िवए गए सभी चेव तर्ा िैंव स्क्र ल अलग से प्रा्त होंगे। उनवा
                        े
लेणांवन बवत्तीय धनयमों व अनुसार िवया िायेगा। भुगतान िवए हुए चेवों वा अंवन भुगतान सूची में लेणा
िीषथव ‘870-चेक्स ऐ्                           े
                          बवल्स-व षागार चेव’ व अटतगथत प्रपत्र-10 में चेव-वार िवया िायेगा।
15-                   ू                            े      े
       लेणा अनुभाग संपणथ भुगतान हुए बिलों व चेवों व सूची व सार् प्रा्त ह ने पर िांच लेगा तर्ा
दै धनव लेणा बवत्तीय हस्तपुजस्तवा ण्                     े
                                              5, भाग-2 व धनयमानुसार िनायेगा। सभी बिलों वा अंवन प्रपत्र-8
                                            े
(भुगतान िेड्यूल रजिस्टर) पर क्रम में धतधर् व अनुसार िवया िायेगा तर्ा ्सवी धनयमानुसार तीन प्रधतयां
                               ै
िनायी िायेंगी। भुगतान वी सूची वि लेणा, संक्रम रजिस्टर, उप व षागार लेणा वी सभी प्रिक्रयायें यर्ावत
                      े      े             ै                               े
वी िायेंगी। प्रधतिदन व अंवन व िाद लेणावार वििुव पर प्रमाजणत वरे गा िव िदन व धनगथत चेवों वी
             ै                                े
िनराधि तर्ा वि लेणा धमल गया है । धनगथत चेवों व धलये ि प्रपत्र-9 में दै धनव य ग धनवलेगा उसे लेणा
िीषथव ‘870-चेक्स ए्                           े                 ै
                          बवल्स-व षागार चेव’ व अटतगथत प्राधप्त वििुव में अंिवत िवया िायेगा। ्स उचटत
      े         े                                                    े
णाते व समाय िन व अटतगथत प्राधप्त व भुगतान वा अटतर वह िनराधि ह गी जिसव धलए चेव त धनगथत
हुए परटतु वास्तव में िैंव से भुगतान नहीं िवए गए। माह भर में बिना भुगतान हुए चेवों वी सूची समाय िन
हे तु महालेणावार व भेिी िायेंगी।
16-                   ू                             े
       धनम्नांिवत अनुसधचयां (Schedules) माधसव लेणे व सार् महालेणावार व भेिें िायेंगे:-
       (1)                        े
                माह या लेणा सूची व अटतगथत धनगथत चेवों व सूची।
       (2)                        े
                माह या लेणा सूची व अटतगथत िैंव द्वारा भुगतान िवए गए चेवों वी सूची।
       (3)      माह भर में बिना भुगतान हुए चेवों वी सूची।
       (4)                                       े                                          ू
                वालातीत एवं धनरस्त चेवों तर्ा उनव स्र्ान में िारी िवए गए द हरे चेवों वी अनुसची।
17-                                                                   े       े
       व षाधिवारी व षागार-चेव पर हस्तारक्षर वरने वाले सभी अधिवाररयों व नमूने व हस्ताक्षर िैंव व
भेि दे गा। प्रयंक्त िवए िाने वाली चेव-िुव में चेवों वी संख्या तर्ा प्रय गारम्भ वी धतधर् सभी िैंव व
सूधचत िवया िायेगा।
18-                                   े
       सभी डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों व हस्ताक्षर 4 प्रधतयों में व षागार में डयेंगे जिनमें से एव-
                                                        े                     े
एव प्रधत क्रमि: बिल पारण धलबपव लेणावार तर्ा व षाधिवारी व पास वा े क्स धसस्टम व अनुरूप रणे
िायेंगे। िि तव वा े क्स धसस्टम वी व्यवस्र्ा नहीं ह ती उस समय तव वतथमान व्यवस्र्ा चलती रहे गी।
19-    व षागार धलबपवों द्वारा प्रपत्रों में प्रबवबियां                       ें
                                                         ाट पन से भी वी िा सवगी।
20-    बवधभटन प्रपत्रों व व षागार में सुरजक्षत रणने वी अवधि अलग से धनिाथररत वी िायेगी।
53
                                                      प्रपत्र-1
                              व षागार में बिल प्रस्तुत वरने हे तु रजिस्टर

धतधर्    क्रम    बिल वा   िुद्ध िनराधि     डहरण            व षागार धलबपव वे     चेव संख्या व    चेव वी        डहरण
        संख्या    लेणा      रू0 पै0      अधिवारी वे           हस्ताक्षर, रसीद      िदनांव      िनराधि रू0   अधिवारी वे
                 िीषथव                    हस्ताक्षर          संख्या व िदनांव                      पै0        हस्ताक्षर



 1        2        3           4             5                      6                7             8            9
                                                                              55

                                                                           प्रपत्र-2
                                                                      बिल-प्राधप्त रसीद
व षागार वा नाम..................................                                                     रसीद संख्या.............
                 े
धनमनांिवत बववरण व बिलों व प्रा्त िवया-
   ्
    क्र0     डहरण अधिवारी        लेणा िीषथव        िुद्ध िनराधि रू0       पारण धलबपव वे             चेव सं0 व         चेव िनराधि रू0       प्राधप्तवताथ वे
    सं0                                                  पै0                  हस्ताक्षर               िदनांव                    पै0          हस्ताक्षर

     1             2                   3                  4                        5                     6                      7                8
1
2
3
4
5
6
7
8
                                           हसताक्षर व षागार बिल-प्राधप्त धलबपव
                                             ्
9
10
                           व षाधिवारी
                   प्रमाजणत:-                                                             वृ पया चेव/डपंबत्त वाले बिल श्री .............
                          े
           अहारण अधिवारी व हस्ताक्षर                                                          े
                                                                                          जिसव हस्ताक्षर नीचे प्रमाजणत है , व दे दें ।
                व वायाथलयमुहर।                                        े
                                                              समवाहव व हस्ताक्षर
                                                                ्                                                     े
                                                                                                        डहरण अधिवारी व िदनांव सिहत
                                                                                                        हसताक्षर, पदनाम व वायाथलय मुहर।
                                                                                                          ्
                                                                             56

                                                                         प्रपत्र-3
                                                   बिल पारण धलबपव वा वारटट रजिस्टर

पारण          क्रम   बिल वी          डहरण              लेणा    बिल वी             पारण धलबपव       चेव लेणव व          चेव          िनराधि      व षाधिवारी वे
 वी       संख्या      रसीद          अधिवारी/           िीषथव     िुद्ध            व लेणावार वे     लेणावार वे         संख्या                      ्नीधियल्स
धतधर्                संख्या          भुगतान                    िनराधि              ्नीधियल्स       ्नीधियल्स
                                    प्राधप्तवताथ               रू0 पै0
 1             2       3                 4              5         6                    7               8                9             10               11




                                                                         प्रपत्र-4
                                                         डपबत्त वाले बिलों वा रजिस्टर

        िदनांव       बिल वी रसीद             डहरण अधिवारी       लेणा िीषथव            िनराधि रू0             े
                                                                                                     डपबत्त व सार्                             े
                                                                                                                               प्राधप्त धलबपव व हस्ताक्षर
                           संख्या                                                          पै0      लौटाने वी धतधर्
          1                   2                    3                     4                 5               6                               7
                                                                        57



                                                                         प्रपत्र-5

चेव संख्या.........................                                    िनराधि रू0....................
    े
जिसव नाम या पदनाम से िना है ....................................................................

                बिल वी रसीद संख्या                                    बिल वा सूक्ष्म बववरण                                     िनराधि रू0 पै0
                               1                                                      2                                                        3




                                                                                                   य ग......................................

.......................
चेव लेणव                                                                                                              लेणावार
                                                             58



                                                        प्रपत्र-6
                                     पाररत बिलों तर्ा धनगथत चेवों वा रजिस्टर

धतधर्   क्र0   वारनट
                   ्     डहरण      लेणा     बिल        चेव        िनराधि      चेव लेणव    लेणावार वे    व षा-             े
                                                                                                                    िैंव व भुगतान
        सं0    रजिस्टर   अधिवारी   िीषथव   वी िुद्ध   संख्या        रू0 पै0      वे        हस्ताक्षर   धिवारीवे         वी धतधर्
               वी क्रम                     िनराधि                             हस्ताक्षर                हस्तारक्षर
               संख्या                      रू0 पै0


                                                                                                                    प्रर्म        िद्वतीय
                                                                                                                    माह            माह
 1       2       3         4        5         6         7             8          9           10           11                 12
                                        59



                                       प्रपत्र-6-ए
                             धनगथत चेवों वा दै धनव सार-लेणा

धतधर्                चेव लेणव                                 ु
                                              धनगथत चेवों वी वल संख्या   िनराधि
                                                                          रू0
 1                      2                               3                 4
               (1)

               (2)

               (3)

               (4)

                            य ग:-




     लेणावार                           व षाधिवारी
                                                             60



                                                             प्रपत्र-7
                                              े                                  े
                  धनरसतीवृ त व वालातीत चेवों व स्र्ान में िारी हुई द हरे ( ु ्लीवट) चेवों वा बववरण
                      ्

िदनांव   क्र0सं    डहरण     धनरसतीवृ त/ वालातीत
                                ्                   िनराधि रू0     नये चेव वी    िनराधि     हसताक्षर चेव
                                                                                              ्             िटपपीणी यिद
                                                                                                               ्
           0      अधिवारी   चेव संख्या तर्ा धतधर्      पै0         संख्या तर्ा   रू0 पै0   लेणव लेणावार व     वई ह
                                                                         धतधर्               व षाधिवरी
  1        2         3               4                  5                 6        7             8              9
                                                                    61


                                                                     प्रपत्र-8
                                                                 भुगतान धि यूल
      व षागार.........................                                       माह.......................
      लेणा िीषथव.....................

िदनांव       वाउचर         डहरण अधिवारी/ भुगतान          चेव      चेव वी       टांसफर द्वारा भुगतान       वाउचर वी राधि                    ै
                                                                                                                            दै धनव य ग वी वि
             संख्या                      प्राधप्तवताथ   संख्या    राधि रू0          वी गई राधि              रू0       पै0   िुव में ले िाया गया
                                                                    पै0             रू0        पै0
  1             2                             3           4          5                     6                      7                 8
                                                                62


                                                                प्रपत्र-9
                             लेणा िीषथव ‘870-चेक्स ए्                              े
                                                             बवल्स-व षागार चेक्स’ व अटतगथत धनगथत
                                                 चेवों वा दै धनव य ग - रजिस्टर
व षागार........................                              माह..............................


      धतधर्                         ु
                          चेवों वी वल दै धनव    ु                     ै
                                               वल िनराधि (ि प्राधप्त वि िुव           लेणावार व व षाधिवारी   बववरण
                                  संख्या           में ली िायगी) रू0 पै0                     े
                                                                                            व ्नीधियल्स
        1                           2                       3                                    4            5
                                                                 63


                                                                 प्रपत्र-10
                         लेणा िीषथव ‘870-चेक्स ए्                                 े
                                                            बवल्स-व षागार चेक्स’ व अटतगथत भुगतान हुए
                                                      चेवों वा दै धनव लेणा रजिस्टर
व षागार.............................                                                               माह....................

 िदनांव             क्र0 सं0           प्रपत्र-6 वी      चेव संख्या           िनराधि    दै धनव य ग रू0           व षाधिवरी वे
                                        क्र0 सं0                              रू0 पै0        पै0                   ्नीधियल्स
    1                   2                   3                4                  5             6                          7
                                                                        64

                                                                    प्रपत्र-11
                                                      अविेष चेवों वा बववरण


     े
िदन व प्रारम्भ में अविेष चेवों वी संख्या                    .....                 ......                .......               िदनांव ........
िदन में प्रा्त चेवों वी संणया
                           ्                                .....                 ......                .......                     ..........
                                                                                             य ग.............


प्रेबषत चेवों वी संणया
                    ्            ....... ......             ........              ........              ...................
अविेष चेवों वी संणया
                  ्             .........         .......              ........              ........             ...................
                                                                                             य ग.............

                                                                                                                                                           े
                                                                                                                                           प्राधप्त धलबपव व हस्ताक्षर

                िांचा/चेव प्रा्त िवये
                         े
                लेणावार व हस्ताक्षर
                                                                         65

                                                                         प्रपत्र-12
                                                        लेणावार वा चेव-प्रपत्र रजिस्टर

िदनांव    पूवथ       िल लाव         यग   चेव लेणव        लेणावार वे           उपय ग       धनरसत
                                                                                              ्          चेव लेणवों वे     िवाया          लेणावार व
         िवाया       से प्रा्त            व िदए              पास           िवये गए       िवये गए          पास अविेष       प्रपत्रों वी   व षाधिवारी वे
         प्रपत्रों   प्रपत्रों वे        गए प्रपत्रों      अविेष              चेवों वा   चेव प्रपत्रों                    ु
                                                                                                                         वल संख्या         हस्ताक्षर
           वी        क्रमांव व           वा बववरण         प्रपत्रों वी        बववरण       े
                                                                                         व बववरण                          व बववरण
         संख्या       संख्या                                संख्या
  1         2            3          4         5                6                 7            8               9               10              11
                                                                                                         (1) (2) (3)
                                                                     66

                                                                    प्रपत्र-12-ए
                                                      चेव लेणव वा चेव प्रपत्र रजिस्टर

िदनांव   पूवथ िवाया                     े
                         चेव प्रपत्रों व क्रमांव व   वल चेव
                                                      ु             उपय ग िवये     धनरसत िवए गए
                                                                                       ्               िवाया चेव      चेव लेणव व
         चेव प्रपत्रों     संख्या ि लेणावार          प्रपत्रों वा   गये चेवों वे    चेव प्रपत्रों वा   प्रपत्रों वा   लेणावार वे
         वी संख्या            द्वारा िदये गए            यग            बववरण             बववरण           बववरण          हस्ताक्षर
  1           2                     3                     4               5                6                7             8
                                                                           संणया ए-1-1288/दस-10(28)-72
                                                                              ्
प्रेषव,
                   श्री नृपेटर धमश्र,
                      ु
                   संयव्त सधचव,
                   उततर प्रदे ि िासन।
                     ्
सेवा में,
                   बवभागाियक्ष/वायाथलयाख्यक्ष
                          ्
                   (ि िद्वतीय व षागार से सम्िद्ध िवये गए है ),
                   लणनऊ ।
बवषय:-             लणनऊ में िद्वतीय व षागार वी स्र्ापना तर्ा चेव प्रणाली द्वारा भुगतान वी व्यवस्र्ा।
बवतत (लेणा) अनुभाग-1
   ्
मह दय,
                   मुझे डपवा ध्यान उपर क्त बवषयव िासनादे ि संख्या ए-1-1981/ दस-78-5(8)-77, िदनांव
22 िुलाई, 1978 वी ओर डवृ षट वरने वा धनदे ि हुड हैं जिसमें यह वहा गया र्ा िव चेव द्वारा भुगतान
                 े
वी वायथ प्रणाली व सम्िटि में बवस्तृत प्रिक्रया डपव अलग से भेिी िायगी। राज्यपाल मह दय ने प्रदे िीय
                                                                                        े
व षागारों से भुगतान हे तु चेव प्रणाली व अनुम िदत वर िदया है ि संलग्न* हैं । ्स प्रणाली व अनुसार
डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों द्वारा दे यवों व , धनिाथररत रजिस्टर पर चढावर व षागार में प्रस्तुत िवया
                                   े                          े
िायगा और व षागार में भुगतान डदे ि व अनुसार िुद्ध दे य िनराधि व धलए चेव धनगथत िवया िायगा।2-
                                                                          े        े
            िासन ने ्स समय संलग्न चेव प्रणाली द्वारा भुगतान वी व्यवस्र्ा ववल लणनऊ व िद्वतीय
व षागार में लागू वरने वा धनणथय धलया हैं ्से अटय व षागार में लागू वरने वी िाित िाद में डदे ि िारी
                                                                    े
िवए िायेंगे।3- डिा वी िाती है िव िद्वतीय व षागार माह धसतम्िर, 1978 व मध्य से वायथ वरना प्रारम्भ
                                    े
वर दे गा। अत: ्स िीच सलग्न प्रणाली व अटतगथत वायथवाही वी समस्त औपचाररवतायें पूरी वरा ली िाय।
                 े
िद्वतीय व षागार व वायथ प्रारम्भ वरने वी धतधर् वी औपचाररव सूचना अलग से दी िायगी।
4-          बवत्तीय व व षागार धनयमों में डव्यव संि िन यर्ासमय िवये िायेंगे।

                                                                                  भवदीय,
                                                                                नृपेनर धमश्र,
                                                                                     ्
                                                                                 ु
                                                                              संयव्त सधचव।
संणया-ए-1-1288(1)/दस-10(28)-72, तद् िदनांव
   ्
            प्रधतधलबप जिलाधिवारी, लणनऊ व सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत।
                                                                                      डज्ञा से
                                                                               ग पाल प्रसाद अग्रवाल,
                                                                                    उप सधचव।
                                                   68
संणया-ए-1-1288(2)/दस-10(28)-72 तद् िदनांव,
   ्
      प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व भी सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत:-
1-    महालेणावार, उत्तर प्रदे ि 1,2,3, ्लाहािाद।
2-    ररिवथ िैंव डफ ्जट या, प्रिान वायाथलय, िम्िई।
3-    भारतीय स्टे ट िैंव, प्रिान वायाथलय िम्िई तर्ा स्र्ानीय प्रिान वायाथलय,
      वानपुर/नई िदल्ली।
4-    भारतीय स्टे ट िैंव, हिरतगंि िाणा/अि व मागथ िाणा, लणनऊ।
5-    डयुव्त, लणनऊ म् ल लणनऊ।
6-    प स्ट मास्टर िनरल, उत्तर प्रदे ि म् ल, लणनऊ।
7-    सधचव रािस्व पररषद्, उत्तर प्रदे ि म् ल, लणनऊ।
8-    सी0 ी0ए0 (पी0), ्लाहािाद।
9-    धनदे िव, व षागार, उत्तर प्रदे ि, िवाहर भवन, लणनऊ।
10-   वररषठ व षाधिवारी, व षागार (प्रर्म) व (िद्वतीय), लणनऊ।
11-            े
      सधचवालय व समस्त अनुभाग।
12-   उप सधचव एवं राज्य संपबत्त अधिवारी, लणनऊ।
13-                                   े
      प्रिानाचायथ, व षागार प्रधिक्षण वटर, लणनऊ।

14-   उपसधचव एवं वररषठ लेणाधिवारी, ्रला चेव अनुभाग, उत्तर प्रदे ि सधचवालय।
15-   समस्त जिलाधिवारीि, उत्तर प्रदे ि।

                                                                               डज्ञा से
                                                                       ग पाल प्रसाद अग्रवाल
                                                                               उप सधचव।
                                                       69
                                                                              संणया-ए-1-1330/दस-4(1)-70
                                                                                 ्
प्रेषव,
            श्री नृपेटर धमश्र,
            बविेष सधचव
            उततर प्रदे ि िासन।
              ्
सेवा में,
            समसत बवभागाध्यक्ष एवं
               ्
            प्रमुण वायाथलयाध्यक्ष।
            उततर प्रदे ि।
              ्
                                                                               लणनऊ, िदनांव 17 मई,1979।
                                                 े
बवषय:- लेणा वायथ सम्िटिी वतथव्यों एवं दाधयत्वों व धनषपादन में डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों द्वारा
            ध्यान दे ने य ग्य मुख्य िातें।
बवतत (लेणा) अनुभाग-1
   ्
मह दय,
                                                थ
            मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड है िव सतवता डय ग वी सस्तूधतयों व ध्यान में रणते हुये
                         े         े                               े
वायाथलयों में लेणा वायथ व धनषपादन व धलए डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों व पर्-प्रदिथन तर्ा अनुपालन
             थ     थ
हे तु एव चेिवग फामूला िनाया गया है , ि संलग्न है । राज्यपाल मह दय डदे ि दे ते हैं िव संलग्नव में जिन
िातों वा उल्लेण िवया गया है उनवा अनुपालन, डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों द्वारा अपने वायाथलय वे
                                            े                                  थ            े
लेणा वायथ सम्िटिी वत्तथव्यों एवं दाधयत्वों व धन्पादन में बविेष रूप से ध्यान पूवव तर्ा व ाई व सार्
िवया िाय। वृ पया डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों वी िानवारी में ्न डदे िों व तुरटत लाने वा वषट
वरें ।
2-                                                                                े
            राज्यपाल मह दय यह भी डदे ि दे ते हैं िव अत डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों व चररत्र पंजिवाओं
                                                                           े
में वाबषथव प्रबवषट वी िाय त उसमें ्स िात वा भी स्पषट उल्लेण िवया िाय िव उनव द्वारा धनिाथररत
    थ     थ
चेिवग फामूला वा व ाई से अनुपालन िवया गया है ।
                                                                                             भवदीय
                                                                                 नृपेनर धमश्र,बविेष सधचव।
                                                                                      ्
संणया-ए-1-1330(1)/दस-4(1)-70, तद् िदनांव
   ्
                     प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत:-
1-          महालेणावार, उत्तर प्रदे ि, ्लाहािाद व पत्र संख्या रा0 व 0 बव0 1/1/1-26/ण्        छ:/8, िदनांव
                       े
            17-4-1978 व संदभथ में।
2-          धनदे िव, व षागार, उत्तर प्रदे ि, 1018, िवाहर भवन लणनऊ।
3-          समस्त व षाधिवारी, उत्तर प्रदे ि।
4-                   े
            सधचवालय व समस्त अनुभाग।
5-             थ
            सतवता अनुभाग-1।
                                                                                  डज्ञा से
                                                                       ग पाल प्रसाद अग्रवाल,उप सधचव।
                                                     70
                                    ं                            े
                       लेणा वायथ संििी वत्तथव्यों एवं दाधयत्वों व धनषपादन में डहरण एवं
                                                                               ं     थ
                  बवतरण अधिवाररयों द्वारा ध्यान दे ने य ग्य मुख्य िातों वा चेिवग फामूला


1-वेतन बिल

(व)                                                                 े
      ्स िात वा ध्यान रणा िाना चािहए िव वेतन बिल में स्वीवृ त पदों व धलए ही वेतन डहररत िवया
      िा रहा है तर्ा प्रत्येव वमथचारी वा वेतन िासन द्वारा स्वीवृ त वेतन मान में ही धनवाला िा रहा है ।
                                    े
      अस्र्ायी एवं स्र्ायी अधिषठान व धलए अलग-अलग वेतन बिल िनाए िायं एवं अस्र्ाई अधिषठान वे
      वेतन बिल पर िासनादे ि भी अंिवत वर िदया िाय।
(ण)   बवत्तीय हस्त पुजस्तवा, ण्                   े             े
                                        5, भाग-1 व प्रस्तर 137 व अनुसार िहां वेतन वृबद्ध वा प्रमाण-पत्र
                       े
      डव्यव है वह बिल व सार् अव्य लगा िदया िाय।
(ग)                            े                                         े
      रािपबत्रत अधिवाररयों जिनव वेतन वम वा अधिवतम 1,200 रू0 से अधिव न ह व वेतन भत्तों
           े       े           े
      डिद व दावों व सि प्रवार व बिलों वा डहरण वायाथलयाध्यक्ष उसी प्रवार वरें िैसा िव वे
                                                                   े
      अरािपबत्रत अधिषठान वा वरते हैं । लेिवन रािपबत्रत अधिवाररयों व और अरािपबत्रत अधिषठान वे
                                                                    े       े
      दावे अलग-अलग बिलों में डहररत िवये िायं। रािपबत्रत अधिवाररयों व दावों व बिल िि तव िव
      व ई दसरा प्रपत्र धनिाथररत नहीं िवया िाता उसी प्रपत्र पर िनाये िायेंगे जिस पर अरािपबत्रत
           ू
                                                े
      अधिवषठान वा बिल िनाया िाता है । ्न बिलों व उपर पहले पृषठ पर स्पषट िब्दों में ‘श्रेणी-2 वे
      रािपबत्रत अधिवाररयों वा बिल’ अव्य अंिवत िवया िाय।
(घ)                                 ं                           े
      यिद वेतन बिल िवाया वेतन से संिधित ह त िवाया वेतन धनवालने व धलए धनिाथररत प्रमाण-पत्र
      या न ट बिल वी वायाथलय प्रधत में अंिवत वर िदया िाय तािव िवाया िेतन दिारा न धनवाला िा
                                                                         ु
        े                                           े
      सव। यह भी सुधनजित वर िदया िाय िव अविंष दावों व ि टे ल सेवा पुजस्तवा में भी प्रबवषट वर
      िदये गये हैं ।
( )    पुराने अविेष दावों वा भुगतान बवत्तीय हस्त पुजस्तवा, ण्                   े
                                                                      5, भाग 1 व प्रस्तर 74 और 141 वे
      अनुसार िवया िाय।
(छ)   अववाि वेतन तर्ा त्रेिवन पीररय          े           ु               े
                                            व वेतन वा वलवलेिन मेमों बिल व सार् संलग्न ह ना चािहए।
      मेमों से डहररत िवए िा रहे वेतन वी पुबि वर ली िाय। यह भी सुधनजित वर धलया िाय िव
      अववाि अवधि अववाि लेणे में घटा दी गई है ।
(ि)   वेतन बिल में उन पदों वा वेतन नहीं धनवाला िा रहा है जिनवा भुगतान प्रासंधगव व्यय से िवया
      िाता है ।
(झ)             े
      वेतन बिल व सार् िहां डव्यव है फामथ िी0एम0 9 लगा है या नहीं
(ट)                                                              े
      वेतन बिल पर हस्ताक्षर वरते समय डहरण एवं बवतरण अधिवारी व उसव सार्-सार् फामथ 11-सी
      पर भी हस्ताक्षर वरने चािहए।
(ठ)              े                     ं                             े
      वेतन डहरण व उपराटत उसवा बवतरण संिधित वमथचाररयों में िवये िाने व िाद, वेतन पंिी
      (Acquittance Roll) अलग से या बिल वी वायाथलय प्रधत पर धनयमानुसार रणे िाने चािहए। प्रत्येव
                                                े
      वमथचारी द्वारा भुगतान लेते समय हस्ताक्षर व नीचे धतधर् अव्य दी िानी चािहए। ि वमथचारी अपने
                                        े   ू   े                े
      हस्ताक्षर वरने में असमर्थ हों, उनव अंगठे व धनिान लगवावर उनव नीचे धतधर् अंिवत वी िानी
                                                 71
       चािहए।
( )    िि वेतन तीन माह से अधिव समय से बवतररत न ह पाये त उसवी वापसी व षागार में वर दी
       िानी चािहए।
(ढ)    डहरण एवं बवतरण अधिवारी द्वारा वेतन भुगतान वा प्रमाण-पत्र बिल वी वायाथलय प्रधत में, वेतन
       पंिी व दे णवर दे ना चािहए।

                                          े      े
2-प्रासंधगव व्यय बिल- प्रासंधगव व्यय बिल व डहरण व धसलधसले में धनम्न िातों पर बविेष ध्यान िदया
िाना चािहए:-

(व)                                                              ं
       डहरण धनिाथररत प्रपत्र पर िवया िा रहा है अर्वा नहीं। ्स संिि में बवत्तीय हस्तपुजस्तवा ण्      5,
              े   ं
       भाग 1 व संिधित धनयमी व ध्यान में रणा िाना चािहए।
(ण)                                                      े
       प्रासंधगव मद में तभी िन डहररत वरना चािहए, िििव उसव भुगतान वी तुरटत डव्यवता ह
       अर्वा िन स्र्ाई अधग्रम में व्यय ह चुवा ह ।
(ग)    वाउचर धनयमानुसार िने ह ने चािहए।
(घ)    डहरण एवं बवतरण अधिवारी व यह दे ण लेना चािहए िव प्रसंधगव मद में ि िन डहररत िवया
                                             े
       िा रहा है वह बवधनय ग (एप्र बप्रयेिन) व अटतगथत है अर्वा नहीं और डहररत िवए िा रहे िन वे
       धलए डय-व्ययव में उधचत िनराधि वा प्राबविान है अर्वा नहीं।
( )    णचें वी स्वीवृ धत धनयमानुसार प्रा्त वर ली गई है , ्सवा घयान रणा िाय।
(च)                 े
       ि वाउचर बिल व सार् संलग्न िवए िा रहे हैं उन पर भुगतान डदे ि धनयमानुसार धलणा गया है
       अर्वा नहीं और बिल पर बवल्      ए्     ै
                                            वजटसल्    वी म हर लगी है अर्वा नहीं यह दे ण धलया िाना
       चािहए।
(छ)                       े              े
       1,000 रू0 से अधिव व सि िाउचर बिल व सार् संलग्न ह ना चािहए और उससे वम िनराधि वे
       िाउचर वायाथलय में सुरजणत रणे िाने चािहए।
(ि)                                                                    ं
       प्रासंधगव बिल में जिन-जिन मदों वा डहरण िवया िा रहा है , उनसे संिधित वाउचर दे णने वे
       उपराटत ही प्रासंधगव बिल डहरण एवं बवतरण अधिवारी द्वारा हस्ताक्षररत िवया िाना चािहए।
(झ)                                      े
       फामथ िी0 एम0 9 िहां डव्यव है बिल व सार् संलग्न है , यह सुधनजित वर धलया िाय।
(ट)    प्रासंधगव बिल वा धमलान प्रासंधगव बिल रजिस्टर से वरना चािहये ि           फामथ 13 पर बवत्तीय
       हस्तपुजस्तवा ण्             े          े
                         5, भाग-1 व पैरा 173 व अटतगथत रणा िाता है ।
(ठ)    डहरण एवं बवतरण अधिवारी व            यह सुधनजित वरना चािहए िव प्रासंधगव व्यय हे तु ि          िन
                                          ं
       डहररत िवया गया है , उसवा भुगतान संिधित भुगतान प्रा्त वताथओं व समय से वर िदया गया है
       तर्ा उनसे भुगतान प्रा्त वरने वी रसीद प्रा्त वर वायाथलय में सुरजक्षत रणी गयी है अर्वा नहीं।
( )    ऐसे प्रासंधगव बिल जिनवा प्रीडि ट ह ना है तुरटत ही महालेणावार वायाथलय व प्रेबषत िवये िायं।
                    े                े
       बवत्तीय वषथ व अटत तव उटहें र व न रणा िाय।

3-यात्रा भत्ता बिल

(व)    बिल धनिाथररत प्रपत्र पर डहररत िवया िाना चािहये।
                                                      72
(ण)     डहरण एवं बवतरण अधिवारी व यह सुधनजित वर लेना चािहए िव ि यात्रा भत्ता बिल डहररत
                                                                           े
        िवया िा रहा है वह सम्िजटित वमथचारी व दे य है , बिल यात्रा समाधप्त व िदनांव से एव वषथ वे
        अटदर ही दावेदार द्वारा प्रस्तुत िवया गया है , वतथमान स्वीवृ त दरों पर डिाररत है तर्ा उसमें से यिद
        व ई यात्रा भत्ता अधग्रम स्वीवृ त िवया गया ह त उसवा समाय िन वर धलया गया है अर्वा नहीं।
(ग)                                  ं               े
        सभी यात्रा भत्ता बिलों पर संिधित वमथचाररयों व िदनांव सिहत हस्ताक्षर न ट ह ने चािहये तािव
                                               ें
        प्रस्तुत वरने वी धतधर् सुधनजित वी िा सव।
(घ)                                े
        ि यात्रा भत्ता बिल एव वषथ व िाद प्रस्तुत िवये िायं उटहें न त स्वीवार िवया िाय और न ही
        महालेणावार व भेिा िाय।
( )                                                                ं
        िहां पर वाहन भत्ता दे य है यह सुधनजित वर लेना चािहये िव संिधित वमथचारी ने सामाटय
                       े
        धनिाथररत सीमा व डगे यात्रा वी है ।
(च)     यह िांच वर लेना चािहये िव सरवारी वमथचारी व व ई िफक्स               यात्रा भत्ता नहीं िदया िाता है ।
(छ)     यात्रा भत्ता बिल वा चेव रजिस्टर ठीव से वायाथलय में रणा िा अर्वा नहीं यह दे ण िदया िाय।
        उनवी प्रवबि 11-सी0 रजिस्टर में वी िाय।
(ि)     डहरण एवं बवतरण अधिवारी व बिल हस्ताक्षररत वरते समय चेव रजिस्टर पर हस्ताक्षर वरने
                                  ं
        चािहये और यात्रा भत्ता संििी उन सभी धनयमों वा पालन वरना चािहए ि बवत्तीय हस्तपुजस्तवा,
        ण्     3 में िदये गये हैं ।

4-      रव            ै                                          े
                वही (वि िुव)- बिलों व िनाने तर्ा उनवी िांच वरने व धलये उपर क्त म टी-म टी िातों वी
                े
ध्यान में रणने व अधतररक्त डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों व बवधभटन बिलों द्वारा डहररत वी गई िराधि
                       े             ु
व लेणों में धलये िाने व बवषय में भी वछ डव्यव िातों पर व्यबिगन                    ध्यान दे ना चािहये। वायाथलय वी
रव                                        े
      िही में डहररत बिलों वी िनराधि डहरण व तुरटत िाद दिथर्ी िानी चािहये। र व                       े
                                                                                              िही व रण-रणाि
 े
व बवषय में धनम्न िातें ध्यान दे ने य ग्य हैं :-
(व)                                                ं
        एव वायाथलय में समस्त सरवारी लेन-दे न से संिधित एव वी र व                 िही रणी िानी चािहये।
(ण)     रव                                                                  े
                वही वा प्रय ग िवये िाने से पहले डहरण एवं बवतरण अधिवारी व उसव पृषठों व गणना
           े   े                                          े
        वरव उसव िुरू में पृषठ वी गणना प्रमाणव हस्ताक्षरी व अटतगथत दे ना चािहये। पृषठों पर यिद
        संख्या न छपी ह त उनवी धलणना चािहये।
(ग)     नई र व       िही में पुरानी र व                                 ै
                                          िही से ि िनराधि लाई िाती है (वरे                  े
                                                                                    ओिर) उसव धलये नई र व
                                                       े             े
        वही में एव प्रमाण-पत्र डहरण एवं बवतरण अधिवारी व हस्ताक्षरीं व अटतगथत धलया िाना चािहये
        िव पुरानीं र व     िही से सही िनराधि नई र व        िही में लाई गई है ।
(घ)     रव      वही र िाना भरी और िटद वी िानी चािहये। यिद िवसी िदन लेन-दे न न ह त उस िदन वा
        िहसाि रणना डव्यव नहीं है । र व                          े
                                                  वही िटद वरने व उपराटत डहरण एवं बवतरण अधिवारी वी
                      े ू                    ं
        उसी िदन वा उसव दसरे िदन उसवी िांच संिधित बिल , रसीद ििहयों तर्ा िाउचरों वी सहायता से
        वर लेनी चािहये और उसे हस्ताक्षररत वरना चािहये। डहरण एवं बवतरण अधिवारी व यह सुधनज्चत
        वर लेना चािहये िव ि भी प्रबवबियां र व                                      ं             े
                                                      िही में वी गई हैं , उनमें संिधित वरगिात उनव द्वारा
        दे णे िाते हैं ।
( )          े
        माह व अटत में माधसव अविेष र व                                                े
                                                     िही में डहरण एवं बवतरण अधिवारी व हस्ताक्षर वे
                                                    73
       अटतगथत भौधतव सत्यापन वर उसवा प्रमाण-पत्र अंिवत वरना चािहये। यह ध्यान रहे िव माह वे
            े       े
       अटत व अविेष व पूणथ बववरण र व                         े
                                               िही में माह व अटत में दे िदये िाय। ि मदें अधतररक्त रणी
                  े          े
       गई हों, उनव सम्मुण उनव डहरण वी धतधर् भी धलणी िानी चािहए तािव डहरण अधिवारी व
                    े
       यह ज्ञात ह सव िव ववे मदें वि से वायाथलय में अबवतररत प ी हुई हैं ।
(च)                                                                  े
       डहरण एवं बवतरण अधिवारी व चह सुधनजित वर लेना चािहये िव णिाटची व हार् में अविेष
                                                                                    ै
       िनराधि उसवी धनिाथररत िमानत से अधिव त नहीं हैं । यिद िवसी िदन ऐसा ह त उस िदन वि
       चेस्ट वी चाभी डहरण एवं बवतरण अधिवारी व स्वयं अपने पास रणनी चािहये और ्स वायवाथही
        े
       व धलये एव िट्पणी र व          िही में अंिवत वर लेनी चािहये।
(छ)    रव     िही में, वाट-छाट वरना, ओवर रा्िटग वरना, ्रे जिंग अःािद नहीं वरना चािहये। डहरण एवं
       बवतरण अधिवारी व ्स िात वा ध्यान रणना चािहये िव ि वमथचारी र व                       िही वा रण-रणाि
                    े
       वरता है , उसव द्वारा उसमें वाट-छांट, ओिर रा्िटं ग, ्रे जिंग नहीं िवया िाता है और यिद ऐसा
                         े
       िवया िाता है त उसव बवषय में डहरण एवं बवतरण अधिवारी व अंिवत वी गई िनराधि वी िांच
          ं
       संिधित अधभलेणों से स्वयं वर लेनी चािहये।
(ि)    िैंव                                                                                          ं
              ड्राफ़्ट वायाथलय में प्रा्त ह ते हों अर्वा वायाथलय से िाहर भेिे िातें हों, उनवा अंवन संििी
               े
       धनयमों व अनुसार र व      िही में लाल स्याही से अव्य वरना चािहये।
(झ)    रव          े
              िही व र व                            े
                           स्तम्भ (Money Columns) व य ग वी िांच डहरण एवं बवतरण अधिवारी व
       र िाना स्वयं वर लेनी चािहये। (त)        डहरण एवं बवतरण अधिवारी व चािहये िव व षागार से
       फामथ िी0एम0-9 प्रा्त ह ने पर िह र व          िही से उनवा धमलान वर ले। पूवथ माह में जितने भी
       डहरण िवये गये हों उनवा धसलान िी0एम0-9 से वरना चािहये और यिद व ई तुिट पाई िाय त
                                           े
       उसवा धनवारण व षागार से परामिथ वरने व प्चात ् तुरटत वर लेना चािहये। यिद िवसी मद वा
                                          े
       िी0एम0-9 प्रा्त न हुड ह त उन मदों व डहरण वर धसलान व षागार अधभलेण से वरना सुरक्षा
       वी दृबि से वांछनीय ह गा।
(र्)   डहरण एवं बवतरण अधिवारी वा यह सुधनजित वर लेना चािहए िव ि ध्यान डहररत िवया गया
                        ं
       ह उसवा भुगतान संिधित भुगतान प्रा्तवत्ताथओं व िी्र ाधतिी्र  वर िदया िाय। िहां तव ह सवे
                े ै
       वायाथलय व वि चेस्ट में वम से वम िन रणा िाय।
(द)    यिद वायाथलय में प्राधप्तयां िवसी महीने में 1,000-00 रू0 से अधिव वी ह िाय त डहरण एवं
       बवतरण अधिवारी व चािहये िव वे व षागार से उनवी एव सूची प्रा्त वर लें और उनवा धमलान
       अपनी र व     िही से वर लें।
(ि)                                                                    े
       दे यवों पर पेईि ि स्चािथ टू दी िैंव और टे िरी हस्ताक्षररत वरने व उपराटत उटहें र व             े
                                                                                                    व समान
       समझना चािहये। ऐसे दे यवों व िवसी जिम्मेदार व्यबि जिनवी पररभाषा बवत्तीय हस्त पुजस्तवा
       ण्               े                                                   े
              5, भाग-1 व पररधिषट-17 में दी गई है , व ही भुगतान प्रा्त वरने व धलये सौंपना चािहए।
                                             े
       जिस वमथचारी व ऐसे दे यव सौंपे िायं उसव हस्ताक्षर बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण्                5, भाग-1 वे
       पैरा 47-ए में िदए गये प्रपत्र पर ले धलए िायं और समय-समय पर उसवी िांच डहरण एवं बवतरण
       अधिवारी द्वारा वी िानी चािहए।
(न)    डहरण एवं बवतरण अधिवारी व र व              िही िांचते समय प्राधप्त-सा्   में वायाथलय में नवद प्राधप्तयां
                                 ं
       वी प्रधतबियों वा धमलान संिधित प्राधप्त रसीद से वरना चािहये और यह सुधनजित वर लेना चािहए िव
                                         74
जिस िदन वी र व     िही वी वे िांच वर रहे हों, उस िदन ि भी नवद िनराधि वायाथलय में प्रा्त
                              े
हुई ह , उन सभी वी प्रबवबियों व सम्भुण रसीद संख्या अंिवत वर दी गई है । रसीदों पर डहरण एवं
बवतरण अधिवारी द्वारा उसवी प्रबवबि र व                                                ै
                                        िही में िवए िाने हे तु प्रधतबि ‘्नट थ ्न टू वि िुव’
                                                                          ्
वर दी िाय। िि व ई रसीद िुव पूरी ह िाय त उसवी िांच वर यह प्रमाणव िारी िवया िाय िव
             े
्स रसीद िुव व सभी प्रधतपणो व प्राधप्तयों व लेणों में ले धलया गया ।
                                                 75
                                                                          संणया-2912/बव0सं0िा0/2001
                                                                             ्
प्रेषव,
                ् ु
              ्नद ु वमार पाट े
              सधचव, बवत्त
              उत्तराण्    िासन।
सेवा में,
              धनदे िव
              व षागार एवं बवत्त सेवायें
              उत्तराण्    दे हरादन।
                                 ू
बवतत अनुभाग
   ्                                                           दे हरादन, िदनांव 26 मई, 2001
                                                                      ू
बवषय:-        उत्तराण्    बवत्त सेवा वा गठन।
मह दय,
                  थ
              उपयुव्त बवषय पर मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड है िव श्री राज्यपाल मह दय तत्वाधलव
प्रभाव से उत्तराण्                                     े
                     बवत्त सेवा वा गठन वरने तर्ा पदों व धनिाथरण पर सहषथ अनुमधत प्रदान वरते हैं ।
                     े                     े
पूवोततर उत्तर प्रदि व बवत्त एवं लेणा सेवा व उत्तराण्
     ्                                                          राज्य में समािहत अधिवाररयों व पूवथ वी
              े                                े
वररषठता सूची व क्रम में पात्रता एवं उपयुक्तता व डिार पर रणा िायेगा। उत्तराण्              बवत्त सेवा वे
                  े
बवधभटटवेतन मानों व पदों वी संख्या धनम्न प्रवार धनिाथररत िवया िाता है :-
                  क्रमांव वेतनमान                     संवगीय               े
                                                                 धनयमावली व अनुसार       यग
                                                       पद           अधिवतम ् 50%
                                                                      प्रधतधनयुबि
1- अधतवाल वेतन रू0 18400-22400                          2                  1              3
संि धित वेतनमान
(37400-67000 एवं ग्रे    वेतन 10000.00)

2-    उचच वेतनमान रू0 16400-20000
        ्                                               8                 4               12
संि धित वेतनमान
(37400-67000 एवं ग्रे    वेतन 10000.00)
3-बविेष वेतनमान रू0 14300-18300                        10                 5               15
संि धित वेतनमान
(37400-67000 एवं ग्रे    वेतन 10000.00)
4- ियेषठ वेतनमान श्रेणी 1 रू0 12000-16500
    ् ्                                                 16                8              24
संि धित वेतनमान
(15600-39100 एवं ग्रे   वेतन 7600.00)
5- ियेषठ वेतनमान श्रेणी 2 रू0 10000-15200
    ् ्                                                20                 10             30
संि धित वेतनमान
(15600-39100 एवं ग्रे   वेतन 6600.00)
                                                      76

6- सािारण वेतनमान रू0 8000-13500                             30               15                  45
संि धित वेतनमान
(15600-39100 एवं ग्रे      वेतन 5400.00)
                          य ग:-                              86               43                  129
2-     उक्त   पदों   वे    सापेक्ष   संवगीय   पदों   वी    सूची   संलग्नव   ‘व’    पर    उपलब्ि     हैं   िि   िव
                      े
धन:संवगी/प्रधतधनयुबि व पदों वा बववरण सलग्नव ‘ण’ पर उपलब्ि है जिसे िासन द्वारा यर्ा डव्यव
                    े                              े                                      े
पंररवधतथत िवया िा सवगा िवटतु धन:संवगथ/प्रधतधनयुबि व पदों वी संख्या िवसी भी दिा में संवगथ व पदों
           े
वी संख्या व 50 प्रधतित से अधिव न ह गी।
3-                                                     े
       सलग्नव में उजल्लजणत पदनामों तर्ा बवभाग/संस्र्ा व पदनामों में धभटनता ह ने पर बवभाग/संख्या
वा पदनाम ही माटय ह गा।
                                                                                    भवदीय,
                                                                                                     े
                                                                                                    व0सी0धमश्र
     िासनासदे ि संख्या 2912/बव0सं0िा0/2001, िदनांव 26 मई 2001 वा संलग्नव ‘व’                        अपर सधचव
                                                                                        बवत्त
उत्तराण्               े
           बवत्त सेवा व वेतनमानवार                                सवंगीय पद
1-     वेतनमान रू0 18400-22400           (37400-67000 एवं ग्रे      वेतन 10000.00)           ु
                                                                                           (वल द पद)
व-     धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें,सह-सटे ट ्टटरनल डि टर
                                             ्                                             (एव पद)
ण-     धनदे िव लेणा एवं हवदारी                                                             (एव पद)
2-     वेतनमान रू0 16400-20000           (37400-67000 एवं ग्रे      वेतन 10000.00)           ु
                                                                                           (वल 8 पद)
व-     अपन धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें, सह स्टे ट ्टटरनल डि टर धनदे िालय(2 पद)
ण-     अपन धनदे िव लेणा एवं हवदारी धनदे िालय                                               (2 पद)
ग-     अपर सधचव बवत्त                                                                      (1 पद)
घ-     बवत्त धनयंत्रव स्तर-1 (ल 0धन0बव0वन तर्ा धचिव0 स्वा0 एवं प0 वल्याण                   (3 पद)
3-     वेतनमान रू0 14300-18300           (37400-67000 एवं ग्रे      वेतन 10000.00)           ु
                                                                                           (वल 10 पद)
व-        ु
       संयक्त सधचव- श्री राज्यपाल, बविान सभा, ्रलाचैव                                      (3 पद)
ण-     बवभागीय बवत्त धनयंत्रव–धिक्षा, वृ बष, णाघ पुधलस, धसचाई, ग्राम्य बववास,
       डयुव्त वर, वायाथलय                                                                  (7 पद)
4-     वेतनमान रू0 12000-16500           (15600-39100 एवं ग्रे     वेतन 7600.00)             ु
                                                                                           (वल 16 पद)
व-        ु
       संयक्त धनदे िव (द व षागार धनदे िालय तर्ा द लेणा एवं हवदारी धनदे िालय) (4 पद)
ण-     मुख्य व षाधिवारी (पौ ी, दे हरादन एवं नैनीताल)
                                      ू                                                    (3 पद)
ग-     ििट अधिवारी बवत्त बवभाग                                                             (1 पद)
घ-     मुख्य बवत्त अधिवारी-सहावाररता, पयथटन, ग्रामीण अधभयंत्रण एवं लघु धसंचाई,
                          े
       िलागम धनदे िालय, एव े गी डफ ए धमधनस्टे िन नैनीताल, अिवारी
                                        ु
       एवं रािस्व, श्रम एवं सेवाय िन-1 वल                                                  (8 पद)
5-     वेतनामान रू0 10000-15000 (15600-39100 एवं ग्रे              वेतन 6600.00)             ु
                                                                                           (वल 20)
व-     वररषठ व षाधिवारी                                                                    (10 पद)
                                               77
ण-   उप धनिटिव स सायटीि/धचट्स                                                 (2 पद)
ग-   सम्भागीय वररषठ बवत्त्अधिवारी                                             (2 पद)
घ-   उप धनदे िव (व षागार एवं बवत्त सेवायें, तर्ा लेणा एवं हवदारी धनदे िालय)
     वररषठ बवत्त अधिवारी पिुपालन
         ्                                                                    (6 पद)
6-   वेतमान रू0 8000-13500 (15600-39100 एवं ग्रे     वेतन 5400.00)              ु
                                                                              (वल 30 पद)
व-   व षाधिवारी                                                               (7 पद)
ण-   जिलास्तरीय बवत्त अधिवारी धिक्षा बवभाग                                    (13 पद)
ग-   बवत्त अधिवारी िासवीय मुरणालय, स्टाम्प एवं पंिीवरण, अलप िचत, समाि
                                                          ्
     वलयाण, सैधनव वल्याण, िेल बवभाग, प्रधिक्षण संस्र्ान धसंचाई, सहायव धनिनिव,
       ्                                                                  ्
     भुगतान एवं लेणा वायाथलय – नई िदल्ली, एन0 सी0 सी0 एवं युवा वल्याण         (10 पद)
                                                                        य ग:- 86 पद
                                                                         े
                                                                        व0सी0धमश्र
                                                                         अपर सधचव बवत्त
                                                     78
                                                                             संणया 971/बव0अनु0-4/2003,
                                                                                ्

प्रेषव,
                     ् ु
                   ्नर वमार पा् े य,
                   प्रमुण सधचव बवत्त,
                   उत्तराण्   िासन।
सेवा में,
                   धनदे िव,
                   व षागार एवं बवत्त सेवायें,
                   उत्तराण् , दे हरादर।
                                     ू
बवतत अनुभाग-4
   ्                                                      दे हरादर, िदनांव 21 अगस्त, 2003
                                                                 ू
                                                                                 े
बवषय:-धनदे िायल व षागार एवं बवत्त सेवायें, सह स्टे ट ्टटरनल डि ट हे तु नये पदों व सृिन बवषयव।
महादे य,
                       थ         े
                   उपयुव्त बवषय व सम्िटि में मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड हैं िव धनदे िालय व षागार एवं
                                     े                                                        े
बवत्त सेवयों, सह स्टे ट ्टटरनल डि ट व वादों/दावों वा धनस्तारण तर्ा रक्षा पेंिन वी प्रधतपूधतथ व धलये
        े
नई मॉग व माध्यम से स्वीवृ त सहायव व षाधिवारी वेतनमान रू0 6500-10500 एवं लेणावार वेतनमान
               े                   ु
रू0 5000-8000 व क्रमि: 03 तर्ा 02 वल 05 अस्र्ाई पदों वी िदनांव 28-02-2004 तव सृिन िवये
िाने वी महामिहम श्री राज्यपाल सहषथ स्वीवृ धत प्रदान वरते हैं ।
2-          अक्त समस्त पदों पर धनयुबियों प्रधतधनयुबि/सेवा स्र्ानाटतरण/ररि पलायमेंट अर्वा संगत सेवा
                                                                           ्
          े          े
धनयमावली व अिीन चयन व डिार पर वी िायेगी।
3-                                                                    थ
            सृजित पदों पर धनयुक्त िवये िाने वाले वधमथयों वी धनयुबि पूणत: अस्र्ाई ह गी तर्ा बिना िवसी
पूवथ सूचना वभी भी समा्त वी िा सवती है । ्स सम्िटि में पृर्व से डदे ि िारी नहीं िवये िायेंगे।
4-                                                         े
            ्स सम्िटि में ह ने वाला व्यय अनुदान संख्या-07 व लेणा िीषथव 2054-णिाना तर्ा लेणा
                                                                            े   ं
प्रिासन-095 लेणा तर्ा णिाना धनदे िालय-03-व षागार एवं बवत्त सेवायें अधिषठान व सुसगत               मानव मदों
से वहन िवया िायेगा।
                                                                                 भवदीय,
                                                                              ् ु
                                                                            ्नर वमार पा् े य,
                                                                            प्रमुण सधचव बवत्त।
संणसा 971/बव0अनु0-4/2003, िदनांव तद् िदनांव
   ्
            प्रधतधलबप धनम्नांिवत व सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही प्रेबषत :-
1-          महालेणावार, उत्तराण् , ओिरॉच म टतथ बवजल् ं ग,सहारनपुर र , मािरा, दे हरादन।
                                                                                    ू
2-          धनदे िव, लेणा एवं हवदारी, उत्तराण् ।
3-          वररषठ व षाधिवारी, दहे रादन।
                                     ू
                                                                                 डज्ञा से
                                                                                े
                                                                               व0सी0 धमश्र
                                                                               अपर सधचव।
                                                      79
                                                                           संणया 5098/बव0सं0िा0/2001
                                                                              ्
प्रेषव,
                     ् ु
                   ्नर वमार पा् े य
                   सधचव बवत्त
                   उत्तराण्   िासन
सेवा में,
                   धनदे िव,
                   व षागार एवं बवत्त सेवायें,
                   उत्तराण् , दे हरादन।
                                     ू
बवतत अनुभाग
   ्                                                            दे हरादन, िदनांव 19 िून 2001
                                                                       ू
बवषय:-                                                                       े
                   धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें, सह स्टे ट ्टटरनल डि ट व वायाथलय वा संगठनात्मव
                   ढॉचा।
मह दय,
                   उत्तराण्                                       ं
                               राज्य में व षागार एवं उपव षागार संििी अधिषठान, स्र्ानीय धनधि लेणा-परीक्षा,
सहवाररता एवं पंचायतें लेणा-परीक्षा,                              ं           े      े    े
                                          ाटा सेटटर तर्ा सेवा संििी अधिषठान व वायो व पयथवक्षणा, धनयंत्रण
डिद हे तु श्री राज्यपाल मह दय व षागार एवं बवत्त सेवायें, सह स्टे ट ््टरनल डि टर धनदे िालय वी
स्र्ापना हे तु सहषथ स्वीवृ धत प्रदान वरते हैं तर्ा ्स धनदे िालय में धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें, सह
                                                               े
स्टे ट ्टटरनल डि टर वा एव पर तर्ा प्रस्तर-3 में उजल्लजणत पदों व सृजित वरने वी अनुमधत प्रदान
वरते हैं ।
2-              थ
            उपयुक्त बवषयव वायो हे तु धनदे िव व बवभागाध्यक्ष एवं ििट धनयंत्रव अधिवारी घ बषत िवया िाता
है ।
3-                   े            े                                                     ु
            धनदे िव व अिीन संवगथ व अनुसार 2 अपर धनदे िव (वेतनमान रू0 16400-20000), 4 संयक्त
                                     े
धनदे िव/उप धनदे िव (वेतनमान पद िारव व अनुरूप), 1 वैयबिव सहायव (वेतनमान रू0 6500-10500),
               ं
4 डिुधलबपव सह वस ल डपरे टर (वेतनमान रू0 4000-6000), 3 लेणावार सह वररषठ                   ाटा ्टरी डपरे टर
(वेतनमान रू0 5000-8000), 2 वररषठ सम्प्रेक्षव सह- ाटा, प्रेधसधिंग अधसस्टें ट(वेतनमान रू0 5000-8000),
5 वायाथलय सहायव सह            ाटा ्टरी डपरे टर (वेतनमान रू0 4000-6000), 4 वाहन चालव (वेतनमान रू0
3050-4590), 6 चपरासी (वेतनमान रू0 2550-3200) सह वम््यूटर वक्ष सहायव अटे ट े टट सह                ाव वाहव
         े                   े
सह फरधि व पद होंगे। वगथ ‘घ’ व पद अनुिटि अर्वा ररि ्लागमेटट द्वारा भरे िायेंगे।
4-                                 थ
            व षागारों वी संरचना पूववत ह गी।
5-          जिला अर्वा संस्र्ा में स्र्ानीय धनधि लेणां परीक्षा तर्ा सहवाररता एवं पंचायतें, लेणा-परीक्षा वा
                     थ                            े
संगठनात्मव स्वरूप पूववत धनिाथररत पवथतीय उप-संवगथ व अनुसार रहे गा।
6-          व षागार एवं पेंिन, स्र्ानीय धनधि लेणा परीक्षा, सहवाररता एवं पंचायतें लेणा परीक्षा वे
क्षेत्रीय/मं लीय वायाथलय धनदे िालय में समािहत िवये िायं।
7-                                        े                      े
            वररषठता, पात्रत एवं उपलब्िता व डिार पर लेणा परीक्षा व द प्रमुण संवगो यर्ा स्र्ानीय धनधि
लेणा परीक्षा तर्ा सहवाररता एवं पंचायतें लेणा-परीक्षा धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरनल
       े                                                            ु
डि टर व अिीन एव पद अपर धनदे िव तर्ा अलग-अलग संवगथ हे तु एव-एव पद संयक्त/उप धनदे िव वा
                                                  80
धनयुक्त िवये िाय।
8-                                                                                     े
       चयन तर्ा धनयुबि प्रिक्रया पूवोत्तर उत्तर प्रदे ि में लागू बवधभटन सेवा धनयमावली व अनुसार िवया
िाय, िि तव उत्तराण्      राज्य वी तद् बवषयव धनयमावधलयों नहीं िन िाती हैं ।
              उपर व् त डदे ि, तत्वाल प्रभाव से लागू होंगे।
                                                                            भवदीय,
                                                                         ु
                                                                    ्टर वमार पा् े य
                                                                      सधचव बवत्त ।
संणया 5098/बव0सं0िा0/2001
   ्
       प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत:-
1-     समसत प्रमुण सधचव/सधचव उत्तराण्         िासन।
2-     महालेणावार उत्तराण् , 5 र्ानथ िहल र      सत्यधनषठा भवन, ्लाहािाद ।
3-     समस्त बवभागाध्यक्ष/वायाथलयध्यक्ष उत्तराण् ।
4-      ु
       वलबपत, समस्त बव्वबवघालय उत्तराण् ।
5-     समस्त जिलाधिवारी, उत्तराण् ।
6-     समस्त व षागार अधिवारी, उत्तराण् ।




                                                                              डज्ञा से
                                                                             े
                                                                            व0सी0धमश्र0
                                                                            अपर सधचव
                                                                81
                                                                                         संणया 125/बव0अनु0-4/2001
                                                                                            ्
प्रेषव,
                        े
                       व0सी0 धमश्र,
                       अपर सधचव
                       उततरांचल िासन।
                         ् ्
सेवा में,
                       धनदे िव,
                       व षागार एवं बवत्त सेवायें,
                       उत्तराण्      दे हरादन।
                                            ू
बवतत्त अनुभाग-4
    ्                                                                दे हरादन िदनांव 07-नवम्िर, 2001
                                                                            ू
बवषय:-                                                     े
                       धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें व संगठनात्मव ढांचे में डिुधलबपव सह वटसोंल
                                                           े   ं
                       डपरे टर वा एव अधतररक्त पद वा सूचना व संिि में।
मह दय,
                           थ
                       उपयुव्त बवषय पर मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड है िव धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें,
धनदे िालय हे तु िासनादे ि सं0-5098/ बव0सं0िा0/ 2001 िदनांव 19 िून, 2001 द्वारा धनम्नधलजणत पदों वा
सृिन िवया गया हैं -
 क्र0                   पद वा नाम                  वेतनमान           सृजित पदों   पुनरीजक्षत वेतन      ग्रे   वेतन
 सं0                                                (रू0 में)         वी सं0
   1      धनदे िव                                18400-22400             1        34700-67000       10000.00
  2       अपर धनदे िव                            16400-20000             2        34700-67000       8900.00
  3       संयुव्त धनदे िव                        12000-16500            01        15600-39100       7600.00
  4       उप धनदे िव                             10000-15200            01        15600-39100       6600.00
  5       मुख्य प्र ग्रामर                       10000-15200            01        15600-39100       6600.00
  6       प्र ग्रामर                             8000-13500             01        15600-39100       5400.00
  7       सहायव व षाधिवारी                       7500-12000             03        9300-34800        4800.00
  8       सहायव लेणाधिवारी                       7500-12000             01        9300-34800        4800.00
  9       लेणावार                                 6500-11500            04        9300-34800        4200.00
  10      सहायव लेणावार                           4500-7000             04        5200-20200        2800.00
  11      वैयबिव सहायव                            6500-11500            01        9300-34800        4200.00
  12        प्रिासधनव अधिवारी ग्रे -2            5500-10500             01        9300-34800        4200.00
  13        वररषठ      ाटा ्टरी डपरे टर           5000-8000             01        9300-34800        4200.00
  14        मुख्य सहायव                           4500-7000             01        5200-20200        2800.00
  15         ाटा ्टरी डपरे टर                     4000-6000             01        5200-20200        2400.00
  16        प्रवर सहायव                           4000-6000             01        5200-20200        2400.00
  17        डिुधलबपव                              4000-6000             01        5200-20200        2400.00
  18        वधनषठ सहायव                           3050-4590             01        5200-20200        1900.00
  19        वाहन चालव                             3050-4590             01        5200-20200        1900.00
  20        चपरासी                                2550-3200             01         4440-7440        1300.00
                                                          82
2-                                                             ं
        व षागार एवं बवत्त सेवायें धनदे िालय हे तु डिुधलबपव सह वस ल डपरे टर वेतनमान रू0 4000-
6000 व एव अधतररव् त पद एवं एव पद वम््यूटर-प्र ग्रामर वेतनमान रू0 8000-13500 व सृजित िवये
िाने वी श्री राज्यपाल सहषथ स्वीवृ धत प्रदान वरते हैं ।
3-      िासनादे ि संख्या 5098/बव0सं0िा0-4/2001 िदनांव 19 िून 2001 वी तव संि धिन समझा िाय।
                                                                                       भवदीय,
                                                                                   े
                                                                                  व0सी0धमश्र
                                                                                 अपर सधचव।
संणया (1)/बव0अनु0-4/2001 तद् िदनांव
   ्
        प्रधतधलबप   धनम्नधलजणत     व     सूचनार्थ   एवं    डवियव
                                                              ्    वायथवाही    हे तु    प्रेबषत   :-1-महालेणावार,
उत्तराण् ,5-ए, िानथिहल र , सत्यधनषठा भवन, ्लाहािाद
2-      समस्त बवभागाध्यक्ष/वायाथलयाध्यक्ष, उत्तराण् ।
3-      वलपधत समस्त बव्वबवघालय, उत्तराण्
4-      समस्त जिलाधिवारी उत्तराण्
5-      समस्त व षागार अधिवारी, उत्तराण्

                                                                               डज्ञा से
                                                                           े
                                                                         (व0 सी0 धमश्र)
                                                                              अपर सधचत
                                                     83
                                                                            संणया 623/बव0अनु0-4/2002
                                                                               ्
प्रेषव,
                     ् ु
                   ्नद ू वमार पा् े ,
                   प्रमुण सधचव,
                   उत्तराण्    िासन।
सेवा में,
                   धनदे िव,
                   व षागार एवं बवतत सेवायें
                                  ्
                   उत्तराण् , दे हरादन।
                                     ू

बवतत अनुभाग-4
   ्                                               दे हरादन, िदनांव 16 धसतम्िर, 2002
                                                          ू

बवषय:-                                      े                        े
                   सहायव व षाधिवारी (र व ) व पदों वा सृिन िवये िाने व सम्िटि में।

महादे य,
                                  े                                                 े
                   उपर व् त बवषय व सटदभथ में मुझे वहने वा धनदे ि हुड है िव व षागार व मुख्य र वि या
 े                     े                                              े
व पद से सम्िजटित पूवथ व सभी िासनादे िों व अधतक्रधमत वरते हुए प्रदे ि व व षागारों में प्रत्येव व षागार
                     ु          े
हे तु एव पद अर्ाथतू वल 17 पदों व सृिन हे तु र्ी राज्यपाल सहषथ स्वीवृ धत प्रदान वरते हैं । िासनादे ि
संख्या-एस-3-2616/दस-2000, िदनांव 5 अक्टू िर, 2000 द्वारा मुख्य र वि या वा वेतनमान 5000-8000
                                                                            े
व पररवधतथत वर वेतनमान रू0 6500-10500 वर िदया गया है 1 ि सहायव/उपव षाधिवारी व समान है ।
अत: सम्यव् बवचार पराटत मूख्य र वि या वा पद नाम सहायव व षाधिवारी (र व ) िवया िाता है ।
2-                                            े                      े
            पूवथ में प्रख्याबपत सेवाधनयमावली व अनुसार मूख्य र वि या व धनयुबि प्राधिवारी सम्िजटित म् ल
 े
व म् ला युक्त र्े, अि िासन द्वारा सम्यव् बवचार पराटत यह भी धनणथय धलया गया है िव उक्त पद वे
नाम व                             े                                   े
              पररवधतथत िवये िाने व उपराटत अि सहायव व षाधिवारी (र व ) व धनयुबि प्राधिवारी
बवभागाध्यक्ष धनदे िव व षागार एवं बवतवव सेवायें, उत्तराण्
                                    ्                          व एततद्वारा घ बषत िवया िाता है । यह ्स
     े
ितथ व डिार पर अनुभधत प्रदान वी िाती िव तत्सम्िटिी संि िन सजम्मधलत सेवा धनयमावली में यर्ा
स्र्ान अंिवत िवया िायेगा।

3-                                                                  े
            उपयुक्त सृजित पदों में ह ने वाला व्यय अनुदान संख्या-07 व लेणा िीषथव-2054 लेणा एवं णिाना
                                                                      े
तर्ा लेणा प्रिासन-डय िनागत-00-97-णिाना स्र्ापाना-03- व षागार अधिषठान व नामे               ाला िायेगा।

                                                                                 भवदीय,
                                                                                   ् ु
                                                                                 ्नर वमार पा् े
                                                                                  प्रमुण सधचव


संणया 623(1)/बव0अनु0-4/2002 तद् िदनांव
   ्
            प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत:-
                                        84
1-                ु
     म् लायुक्त, वमॉयू/गढवाल।
2-   समस्त जिलाधिवारी, उत्तराण्     ।
3-   समस्त व षाधिवारी, उत्तराण् ।
                                              डज्ञा से
                                              े
                                             व0सी0 धमश्र
                                             अपर सधचव।
                                                       85
                                                                                      413/XXVII(1)/2004
प्रेषव,
                   रािा रतू ी,
                   सधचव,
                   उत्तराण्      िासन।
सेवा में,
                   धनदे िव
                   व षागार एवं बवत्त सेवायें,
                   उत्तराण् , दे हरादन।
                                     ू
बवतत अनुभाग-4
   ्                                               दे हरादन, िदनांव 30 नवम्िर, 2004
                                                          ू
बवषय:-                              े
                   व षागार लेणावार व 17 डस्र्धगत पदों व पूवथ वी भॉधत िनाये रणे िाने वी स्वीवृ धत वे
                   सम्िटि में।
मह दय,
                       थ         े
                   उपयुव्त बवषय व सटदभथ में मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड है िव िासनादे ि संख्या-
                                                                   े
623/बव0अनु0-4/2002 िदनांव 16 धसतम्िर, 2002 द्वारा व षागार लेणावार व 17 पदों व डस्र्धगत
                      े                                               े
(Abeyance) रणते हुए, व स्र्ान पर उपव षाधिवारी वेतनमान रू0 6500-10500 व 17 अस्र्ाई पदों वा
                                                                                           े
सृिन िवया गया र्ा, परटतु व षागारों में एवीवृ त भुगतान एवं लेणा प्रणाली, राज्य बवघुत पररषद व पेंिनसथ
                             े         े     े                           े
तर्ा िेधसव धिक्षा पररषद डिद व पेंिनसथ व भार व सार्-सार् भबवषय धनधि दाता व स्वतंत्र दे यव तर्ा
          े                                            े
श्रेणी घ व वमथचाररयों वी भबवषय धनधि णाता संख्या एवं उनव रण-रणाव वा धनयंत्रण व षागार स्तर से ही
                                            े                                        े
िवए िाने पर वायथ में अत्यधिव िढ त्तरी ह ने व फलस्वरूप पूवथ से सृजित व षागार लेणावार व 17
डस्र्धगत पदों व यर्ावत वायथिील रणे िाने वी एततद्वारा स्वीवृ धत प्रदान वी िारी है ।
                                                                                         भवदीय,
                                                                                        रािा रतू ी
                                                                                         सधचव।

संणया 413(1)/ XXVII(4)/2004, तद् िदनांव
   ्
            प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व सूचनार्थ एवं डवियव वायथवाही हे तु प्रेबषत :
                                                   ्
1-                       ु
            म् लायुक्त, वमॉउ/गढवाल म् ल।
2-          समसत जिलाधिवारी, उत्तराण्       ।
3-          धनदे िव, लेणा एवं हवदारी, उत्तराण् ।
4-          समस्त व षाधिवारी, उत्तराण्      ।
5-          गा थ फा्ल।
                                                                                         डज्ञा से
                                                                                      टी0एन0 धसंह
                                                                                       अपर सधचव।
                                                       86
                                                                               संणया 224/ XXVII(6)/2006
                                                                                  ्
प्रेषव,
                   रािा रतू ी
                   सधचव,
                   उत्तराण्      िासन।
सेवा में,
                   धनदे िव,
                   व षागार एवं बवत्त सेवायें,
                   उत्तराण् , दे हरादन।
                                     ू
बवतत अनुभाग-6
   ्                                                        दे हरादन, िदनांव 29 िून, 2006
                                                                   ू
बवषय:-             10 उच्चीवृ त उपव षागारों में व षाधिवारी वेतनमान (रू0 8000-13500 (संि धित वेतन
                   15600-39100 एवं ग्रे                े
                                           वेतन 5400) व पद वा सृिन बवषयव।
मह दय,
                       थ
                   उपयुव्त बवषयव िासनादे ि संख्या-1093/बवत्त अनु0-4/2003 िदनांव 08 िदसम्िर 2003
 े                                                      े
व अनुक्रम में मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड है िव प्रदे ि व 10 उच्चीवृ त उपव षागार यर्ा-चवराता, पुर ला,
वणथप्रयाग, र्राली, िूमाव ट, हल्द्वानी, रानीणेत, धभिवयासैण,        ी ीहाट तर्ा िेरीनाग में व षाधिवारी वेतनमान
रू0 8000-275-13500               े              ु
                                व क्रमि: एव-एव वल 10 अस्र्ायी पद व िदनांव 28 फरवरी, 2007 तव वे
धलए, ििते        ये पद ्ससे पूवथ समा्त न वर िदये िाय, सृजित िवये िाने वी श्री राज्यपाल सहषथ स्वीबि
प्रदान वरते है ।
            े
2- उक्त पद व पदिरव व िासन द्वारा समय-समय पर स्वीवृ धत मंहगाई भत्ता व अटय भत्ते, ि भी
धनयमानुसार अनुमटय ह , भी दे य ह गे।
3-          सृजित िवये िाने वाले पद पर ह ने वाला व्यय भार चालू बवत्तीय वषथ 2006-07 में अनुदान संख्या-
    े
07 व अटतगथत मुख्य लेणािीषथव 2054-णिाना तर्ा लेणा प्रिासन डयािनेत्तर-97-णिाना स्र्ापना-03
                      ं           े
व षागार अधिषठान वी सुसगत मानव मद व नामे                 ाला िायेगा।
                                                                                      भवदीय,
                                                                                    रािा रतू ी सधचव।
संणया 224(4)/2006 तद् िदनांव
   ्
प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत:-
1-          महालेणावार, उत्तराण् , ओिराय बिजल् ग, मािरा, दे हरादन।
                                                                ू
2-          प्रमुण सधचव, वाधमथव बवभाग, उत्तराण्       िासन।
3-          धनदे िव, लेणा एवं हवदारी, उत्तराण्    ।
4-          समसत जिलाधिवारी, उत्तराण्       ।
5-          समस्त व षाधिवारी, उत्तराण् ।
6-          गा थ फा्ल।                                                           डज्ञा से
                                                                                एल0एम0 पनत
                                                                                         ्
                                                                                 अपर सधचव।
                                                      87


                                            उत्तराण्        िासन
                                             बवतत अनुभाग-4
                                                ्
                                       संणया 1114/बवत्त अनु0-4/2003
                                          ्
                                      दे हरादन, िदनांव 31 िदसम्िर, 2003
                                             ू

1.         िदल्ली में उत्तराण्     सरवार वा ‘वे ए्         एवाउटट’ वायाथलय स्र्ाबपत िवये िाने सम्िटिी
                                                                                       े
िासनादे ि संख्या 396/बव0अनु0-4/2002-2003, िदनांव 05 अप्रैल, 2002 द्वारा धनगथत डदे िों व क्रम में
‘महालेणावार उत्तराण्          े
                             व पत्र संख्या लेणा/डर0िी0डई0/116, िदनांव 23-08-2002 द्वारा पे ए्
एवाउटट डिफस उत्तराण्              े
                                 व नाम से नई िदल्ली में णाता ण लने वी अनुभाधत व दृबि में रणते हुए
राज्यपाल मह दय उत्तराण्                े
                                 िासन व चाणक्यपुरी, ि रद लाई मागथ, नई िदल्ली जस्र्त उत्तराण्        धनवास में
01 िनवरी, 2004 से पे ए्          एवाउटट डिफस स्र्ाबपत िवये िाने वी स्वीवृ धत सहषथ प्रदान वरते हैं ।
2.                                               े
           िदनांव 01 िनवरी, 2004 से राज्य सरवार व िदल्ली जस्र्त स्र्ाधनव डयुक्त, उत्तराण्              धनवास
वायाथलय तर्ा अटय उत्तराण्                   े
                                     राज्य व बवभागीय वायाथलयों सम्िटिी सभी भुगतानों एवं प्राधप्तयों वी
व्यवस्र्ा िदल्ली जस्र्त पे ए्                   े                                   े
                                   एवाउटट डिफस व माध्यम से वी िायेगी। ्स व्यवस्र्ा व लागू ह ने से
स्र्ाधनव डयुक्त, उत्तराण्         धनवास एवं अटय वायाथलयों से सम्िजटित भुगतानों वी वतथमान व्यवस्र्ा
समा्त ह        िायेगी। िदनांव 01 िनवरी, 2004 से िदल्ली जस्र्त उत्तराण्                     े
                                                                                    सरवार व वायाथलयों से
सम्िजटित प्राधप्त एवं भुगतान हे तु धनम्नधलजणत व्यवस्र्ा अपनाई िायेगी:-
(1)-       उत्तराण्           े
                       सरवार व पे ए्                     े
                                            एवाउनट डिफस व प्रभारी अधिवारी (बवत्त अधिवारी/सहायव
                                                 ्
                                                             े
व षाधिवारी) व भारतीय ररिवथ िैंव नई िदल्ली पर चैव डहररत वरने व धलए अधिवृ त िवया िाता है । पे
ए्     एवाउटट डिफस द्वारा वही चैव प्रय ग िवये िायेंगे ि पे ए्                          े
                                                                          एवाउनट डिफस व धलए धनिाथररत
                                                                               ्
िवया गया है तर्ा ऐसे चैव पर ररिवथ िैंव द्वारा धनगथत व         अंिवत िवया गया ह । पे ए्       एवाउटट डिफस
में अटय प्रपत्र वही प्रय ग होंगे ि उत्तराण्      े
                                                व व षागारों हे तु धनिाथररत िवये गये हैं । व षागारों वी भॉधत पे
ए्     एवाउटट डिफस द्वारा भी रािवीय मुरणालय, रू वी से धनिाथररत प्रपत्र प्रा्त िवये िायेंगे।
(2)-       पे ए्                                             े                         े
                   एवाउटट डिफस नई िदल्ली द्वारा राज्य सरवार व िदलली जस्र्त वायाथलायों व वेतन, भत्तों
                                                                 ्
                          े                                                             े
एवं अटय प्राषंधगव व्ययों व दे यवों वी िॉच, बवत्तीय एवं अटय सम्िजटित धनयमों एवे डदे िों व अटतगथत
                                 े
वरें गे तर्ा डहरण-बवतरण अधिवारी व रूप में भारतीय ररिवथ िैंव, पाधलथयामेंट स्रीट, नई िदल्ली पर
                  े                       े
धनिाथररत प्रणाली व अनुसार चैव धनगथत वरें ग:
(3)-       उत्तराण्          े
                      सरवार व िदल्ली जस्र्त वायाथलयों से सम्िजटित प्राधप्तयों भारतीय ररिवथ िैंव में िमा वी
िायेंगी:
(4)-       भारतीय ररिवथ िैंव, नई िदल्ली द्वारा दै धनव स्क्रॉल्स वी मूल प्रधत सीिी महालेणावार उत्तराण् ,
सहारनपुर र , ओिराय म टर बिजल् ग, मािरा, दे हरादन व भेिी िायेंगी तर्ा स्क्रॉल्स वी दसरी प्रधतधलबप
                                               ू                                   ू
(पे    चैव एवं चालानों सिहत) वे ए्      एवाउटट डिफस व दै धनव डिार, पर भेिी िायेगी:
(5)-       पे ए्   एवाउटट डिफस द्वारा भारतीय ररिवथ िैंव से प्रा्त स्क्रॉल्स (पे   चैव एवं चालानों सिहत) वी
िॉच वी िायेगी तर्ा अपने अधभलेणों से धमलान िवया िायेगा। स्क्रॉल्स में व ई त्रुिट ह ने पर यह उसवा
समािान/ धनरावरण भारतीय ररिवथ िैंव से वरें गे:
                                                    88
(6)-                                                                                   े
          पे ए्उ एवाउटट डिफस द्वारा माधसव लेणें, भारतीय ररिवथ िैंव से प्रा्त स्क्रॉलस व डिार पर
                                      े
तैयार िवये िायेगे (प्रत्येव प्रबवषटी व समक्ष सम्िजटित चैव व चालान वी संख्या भी अंिवत वी िायेगी)
तर्ा पे    चैव, चालान तर्ा पे      वाउचसथ सिहत अमले माह वी 05 तारीण तव माहलेणावार उत्तराण् ,
दे हरादन व
       ू          लेणा भेिा िायेगा एवं धनिाथररत ्नपुट, धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें, उत्तराण् ,
दे हरादन व भेिा िायेगा:
       ू
(7)-      पे ए्     एवाउटट डिफस में लेणा िनाने हे तु वम््यूटर पर डिाररत, सॉक्टवेयर बववधसत िवया गया
                                                                                    े
है , अत: व षागार वी भॉधत सभी प्रपत्र वम््यूटर से धनवाल वर मूल चैव, वाउचर एवं चालान व सार्
माहालेणावार व प्रेबषत िवये िायेंगे।
3.        पे ए्                                                                          े
                    एवाउटट डिफस नई िदल्ली में वायथरत प्रभारी बवत्त अधिवारी अपने वायाथलय व धलए
वायाथलयाध्यक्ष तर्ा उत्तराण्                                      े                   े
                                   धनवास हे तु प्रिासधनव अधिवारी व रूप में वायथ वरने व सार् –सार्
उत्तराण्             े
              राज्य व िदल्ली जस्र्त समस्त वायाथलयों हे तु डहरण-बवतरण अधिवरी भी होंगे तर्ा अपने
                     े                      े                               े       े
अिीनस्र् वमथचाररयों व यात्रा भत्ता दे यवों व धलए धनयंत्रव अधिवारी होंगे। उनव स्वयं व यात्रा दे यवों वे
धलए स्र्ाधनव डयुक्त नई िदल्ली धनयंत्रव अधिवारी होंगे।
4.        उत्तराण्            े                          े
                       राज्य व जिन बवभागों/लेणा िीषथवों व अिीन भुगतान पे ए्          एवाउटट डिफस नई
िदल्ली से िवया िाना ह ऐसे बवभाग धनयमानुसार ििट डंवटन बवतत अधिवारी पे ए्
                                                        ्                               एवाउटट डिफस
                                                                  ु   े             े
उत्तराण् , नई िदल्ली व वरें गे तर्ा बवत्त अधिवारी प्रधतमाह ििट मैनअल व प्राबविानों व अनुसार
िी0एम0-8 पर सम्िजटित बवभाग व व्यय बववरण सूधचत वरे गा।
5.        उत्तराण्            े                                                            े
                       राज्य व पेंिनर ि अपनी पेंिन नई िदल्ली से लेना चाहते हैं ऐसे पेंिनर व अधभलेण
       े                                                               े
राज्य व एव व षागार से दसरे व षागार में स्र्ानाटतररत ह ने वी प्रिक्रया व अिीन पे ए्
                       ू                                                                एवाउटट डिफस
नई िदल्ली स्र्ानाटतररत वर सवते हैं तर्ा पे ए्                                             े
                                                     एवाउटट डिफस प्रधतमाह 25 से 28 तारीण व मध्य
                              े
चैव तैयार वर सम्िजटित पेंिनर व णाते में िमा वरावेंगे तािव पहली तारीण व सम्िजटित िैंव पेंिन वी
                                        े                  े
िनराधि भारतीय ररिवथ िैंव से वलेक्ट वर सव। स्र्ाबपत धनयमों व अिीन नई िदल्ली में रहने वाले पेंिनर
प्रत्येव वषथ नवम्िर माह में पे ए्      एवाउटट डिफस से उपजस्र्त ह वर अपने िीबवत ह ने वा प्रमाण-पत्र
दें गे तािव पेंिन भुगतान वी धनरटतरता िनी रहे ।
6.        पे ए्                 े
                   एवाउटट डिफस व धलए अटय व षागारों वी भॉधत धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें, ििट
                                                         े
धनयंत्रव अधिवारी होंगे तर्ा ्स वायाथलय हे तु सृजित पदों व धनयुबि प्राधिवारी भी होंगे। धनदे िव व षागार
                                                                              े             े
एवं बवत्त सेवायें डव्यवतानुसार ्न पदों व रीि ्लॉयमेटट द्वारा अर्वा सीिी भीती व द्वारा भरने व धलए
                                     े
सक्षम होंगे। वाहन चालव तर्ा वायाथलय व सफाई          ाव बवतरण एवं अटय वायो हे तु एव वाहन चालव एवं
                                       े
एव अनुचर अनुिटि पर स्र्ाबपत प्रिक्रया व अिीन रणा िायेगा।
7.        पे ए्     एवाउटट डिफस नई िदल्ली सम्िटिी ह ने वाला व्यय अनुदान संणया 7, लेणा िीषथव
                                                                           ्
2054-णिाना तर्ा लेणा प्रिासन, 097-णिाना स्र्ापना, 043-उत्तराण्           धनवास नई िदल्ली में वेतन एवं
                            े          ं
भुगतान वायाथलय वी स्र्ापना व अटतगथत सुसगत मानव मदों से वहन िवया िायेगा।
                                                                    डज्ञा से
                                                                       ु
                                                                ्टद ु वमार पा् े ,
                                                               प्रमुण सधचव, बवत्त।
                                                 89
      प्रधतधलबप धनम्नधलजणत व सूचनार्थ एवं डव्यव वायथवाही हे तु प्रेबषत :-
1.    महालेणावार उत्तराण् , ओवरॉय म टर बिजल् ग, सहारनपुर र , मािरा, दे हरादन।
                                                                           ू
2.    समस्त प्रमुण सधचव/सधचव, उत्तराण्       िासन।
3.    प्रमुण स्र्ाधनव डयुक्त/स्र्ाधनव डयुक्त उत्तराण् , नई िदल्ली।
4.    धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें, उत्तराण् , 23-लक्ष्मी र ,   ालनवाला दे हरादन।
                                                                                     ू
5.    महालेणा धनयंत्रव, भारत सरवार, बवत्त मंत्रालय, व्यय बवभाग, ल व नायव भवन, 8वॉ तल, णान
         े
      मावट, नई िदल्ली।
6.                        े
      भारतीय ररिवथ िैंव, वटरीय वायाथलय, व्यय एवं लेणा बवभाग, मुम्िई।
7.    भारतीय ररिवथ िैंव, पाधलथयामेटट स्रीट, नई िदल्ली।
8.    पे ए्   एवाउटट डिफस उत्तराण् , िारद लाई मागथ, चाणक्यपुरी, नई िदल्ली।
9.    धनदे िव, रािवीय मुरणालय, रू वी, जिला हररद्वार।
10.   समस्त व षागार अधिवारी, उत्तराण् ।
11.   बवत्त अनुभाग-4।
12.   वररषठ प्रिटि अधिवारी उत्तराण्     धनवास, िारद लाई मागथ, चाणक्यपुरी, नई िदल्ली।

                                                                             डज्ञा से
                                                                          टी0 एन0 धसंह,
                                                                           अपर सधचव।
                                                                         90

                                                              उत्तराण्           िासन
                                                              बवतत अनुभाग-4
                                                                 ्
                                                        संणया 498/बवत्त अनु0-4/2002
                                                           ्
                                                       दे हरादन, िदनांव 03 अगसत, 2002
                                                              ू               ्
                                                                    अधिसूचना
                                                                       प्रवीणथ
                                   े               े                                       े
                          संबविान व अनुच्छे द 309 व परटतुव द्वारा प्रदत्त िबि वा प्रयाग वरव और ्स बवषय पर समस्त
                                                        े
                बवघमान धनयमों और डदे िों वा अधतक्रमण वरव राज्यपाल, उत्तराण् , बवत्त सेवा में भती और उसमें
                                                                 े
                धनयुक्त व्यबियों वी सेवा वी ितो व बवधनयधमत वरने व धलये धनम्नधलजणत धनयमावली िनाते हैं :-
                                                   उत्तराण्      बवत्त सेवा धनयमावली, 2002
                                                                 भाग एव-सामाटय
संजक्षपत नाम
       ्
                1. (1) यह धनयमावली, उत्तराण्           बवत्त सेवा धनयमावली, 2002 वही िायेगी।
और प्रारम्भ
                     (2) यह तुरटत प्रवृत्त ह गी।
सेवा वी         2.        उत्तराण्                                                       े
                                     बवत्त सेवा एव राज्य सेवा है जिसमें समूह ‘व’ और ‘ण’ व पद समाबवषट है ।
प्राजस्र्धत
                3.                                                 ू
                          िि तव िव बवषय या सटदभथ में व ई िात प्रधतवल न ह ्स धनयमानवली में-
                (व)       ‘धनयुबि प्राधिवारी’ वा तात्पयथ राज्यपाल से है :
पररभाषायें
                (ण)                                                              े       े
                          ‘भारत वा नागररव’ वा तात्पयथ ऐसे व्यबि से है ि संबविान व भाग-द व अिीन भारत वा
                नागररत समझा िाय:
                (ग)       ‘डय ग’ वा तात्पयथ उत्तराण्       ल व सेवा डय ग से है :
                (घ)       ‘संबविान’ वा तात्पयथ ‘भारत वा संबविान’ से है :
                (ि )      ‘सरवार’ वा तात्पयथ उत्तराण्      वी राज्य सरवार से है :
                (च)       ‘राियपाल’ वा तातपयथ उत्तराण्
                              ्           ्                     े
                                                               व राज्यपाल से हैं :
                (छ)                                        े
                          ‘सेवा वा सदस्य’ वा तात्पयथ सेवा व संवगथ में िवसी पद पर ्स          धनयमावली या ्स धनयमावली वे
                              े                                 े         े
                प्रारभभ ह ने व पूवथ प्रवृत्त धनयमों या डदे िों व उपिटिों व अिीन मौधलव रूप से धनयुक्त व्यबि से है :
                (ि)       ‘सेवा’ वा तात्पयथ उत्तराण्     बवत्त सेवा से है :
                (झ)                                       े
                          ‘म धलव धनयुबि’ वा तात्पयथ सेवा व संवगथ में िवसी पद पर ऐसी धनयुबि से है ि धनयम वे
                            े                                              े
                अनुसार चयन व प्चात ् वी गयी ह और यिद व ई धनयम न प्रिक्रया व अनुसार वी गयी ह :
                (ञ)       ‘भती वा वषथ’ वा तात्पयथ िवसी वले् र वषथ वी पहली िुलाई से प्रारम्भ ह ने वाली िारह मास वी
                अवधि से है ।
                                                                      े
                4. (1) सेवा वी सदस्य संख्या और उसमें प्रत्येव श्रेणी व पदों वी संख्या उतनी ह गी जितनी राज्यपाल द्वारा
सेवा वा संवगथ
                समय-समय पर अविाररत वी िाय।
                (2)                            े                   े
                          िि तव िव उपधनयत (1) व अिीन पररवतथन वरने व डदे ि न िदये िाएं, सेवा वी सदस्य संख्या
                                          े                                            े
                और उसमें प्रत्येव श्रेणी व पदों वी संख्या उतनी ह गी जितनी ्स धनयमावली व पररधिषट में दी गयी है :
                          परनतु:-(एव) धनयुबि प्राधिवारी िवसी ररक्त पद व बिना भरे हुए छ
                             ्                                                                   सवता है या राज्यपाल उसे
                डस्र्धगत रण सवते हैं जिससे व ई व्यबि प्रधतवार वा हवदार न ह गा,
                                                               91
                    (द ) राज्यपाल ऐसे अधतररक्त स्र्ायी या अस्र्ायी पदों वा सृिन वर सवते हैं , जिटहें वह उधचत
           समझें।
                                                          भाग तीन-भती
   भती वा 5.                                े
                    सेवा में सािारण श्रेणी व पदों पर भती धनम्न श्र तों से वी िायेगी:-
      ् त (व) सीिी भती द्वारा:
           (ण) मौधलव रूप से धनयुबि-
                    (एव) सहायव लेणाधिवाररयों:
                    (द ) सहायव/उप व षाधिवाररयों में से पद टनधत द्वारा: और
                    (तीन) मुख्य र वि या (सहायव व षाधिवाररयों-र व ) (मूत संवगथ समा्त ह ने तव)
                                                                                 े
                           परनतु भती ्स प्रवार वी िायेगी िव धभटन-धभटन श्रेजणयों व व्यबियों द्वारा संवगथ में िृत
                              ्
                                                                  े
                    पदों वी संख्या यर्ा सम्भव धनम्नधलजणत प्रधतित व अनुसार ह गी:-
                    (1)    सहायव लेणाधिवारी                                        20 प्रधतित
                    (2)    सहायव उप व षाधिवारी                                     25 प्रधतित
                    (3)    मुख्य र वि या (सहायव व षाधिवारी र व )                   5 प्रधतित
                    (4)    सीिी भती                                                50 प्रधतित
                    परनतु यह और िव यिद पदों वी िवसी श्रेणी (सहायव लेणाधिवारी या सहायव व षाधिवारी डिद)
                       ्
                                                          े
                    से 50 प्रधतित वी सीमा में से पद टनधत व धलये उपयुक्त पात्र व्यबि उपलब्ि न ह त पद सीिी
                    भती द्वारा भरा िा सवता है ।

  डरक्षण   6.       अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय श्रेजणयों व अभयधर्थयों व धलये
                        ू                ू                               े            े                      े
                                                                                                        भती व समय
                           े         े
           प्रवृत्त सरवार व डदे िों व अनुसार िवया िायेगा।
                                                        भाग चार-अहथ तायें
           7.             े
                    सेवा व धलये यह डव्यव हैं िव अभयर्ी:-
राषरीयता
   ्
           (व)      भारत वा    ह , या
           (ण)                                                   े                              े
                    धतििती िरणार्ी ह , ि भारत में स्र्ायी धनवास व अधभप्राय से पहली िनवरी, 1962 व पूवथ भारत
                       ्
                    डया ह , या
           (ग)                                                                 े
                    भारतीय उदभव वा ऐसा व्यबि ह , जिसने भारत में स्र्ायी धनवास व अधभप्राय से पािवस्तान, िमाथ,
                                                         े
                    श्रीलंवा, या िवसी पूवी अफ्रीवी दे ि-वटया, युगा् ा या यूना्टे                             थ
                                                                                    ररपजब्लव डफ तटिाधनया (पूववती
                    तांगाधनवा और िंिीिार) से प्रव्रिन िवया ह :
                                     थ                      े                                   े
                           परनतु उपयुक्त श्रेगी (ण) या (ग) व अभयर्ी व ऐसा व्यबि ह ना चािहये जिसव पक्ष में
                              ्
                    राज्य सरवार द्वारा पात्रता वा प्रमाण-पत्र िारी िवया गया ह :
                                                      े
                           परनतु यह और िव श्रेणी (ण) व अभयर्ी से यह भी अपेक्षा वी िायेगी िव वह पुधलस उप
                              ्
                    महाधनरीक्षव, अधभसूचना िाणा, उत्तराण्      से पात्रता वी प्रमाण-पत्र प्रा्त वर ले:
                                                             थ
                           परनतु यह भी िव यिद व ई अभयर्ी उपयुक्त श्रेणी (ग) वा ह ता पात्रता वा प्रमाण-पत्र एव
                              ्
                                      े
                    वषथ से अधिव अवधि व धलये िारी नहीं िवया िायेगा और ऐसा अभयर्ी                  एव वषथ वी अवधि वे
                    डगे सेवा में ्स ितथ पर रहने िदया िायेगा िव वह भारत वी नागररवता प्रा्त वर ले।
                    िटपपणी:-ऐसे अभयर्ी व जिसे मामले में पात्रता वा प्रमाण-पत्र डव्यव ह , िवटतु न त वह िारी
                       ्
                                                                  92
                        िवया गया ह और न दे ने से ्टवार िवया गया ह , िवसी परीक्षा, या साक्षात्वार में सजम्मधलत िवया
                        िा सवता है और उसे ्स ितथ पर अनजटतम रूप से धनयुक्त भी िवया िा सवता है िव डव्यव
                                       े                                े
                        प्रमाण-पत्र उसव द्वारा प्रा्त वर धलया िाय या उसव पक्ष में िारी वर िदया िाय।
               8.                          े
                        सेवा में सीिी भती व धलये यह डवियव है िव अभयर्ी भारत में बवधि द्वारा स्र्ाबपत िवसी
                                                       ्
                                                                  े
                     बव्वबवघालय वी या राज्यपाल द्वारा ्स प्रय िन व धलये माटयता प्रा्त िवसी अटय बव्वबवघालय वी
िैजक्षव अहथ तायें
                     स्नातव उपाधि रणता ह ।
               9.       ऐसे अभयर्ी व जिसने-
अधिमानी        (व) प्रादे धिव सेना में टयूनतम द वषथ वी अवधि तव सेवा वी ह , या
                           ै                                                       े
               (ण) राषरीय व े ट व र वा ‘िी’ प्रमाण-पत्र प्रा्त िवया ह , अटय िातों व समान ह ने पर सीिी भती वे
               मामले में अधिमान िदया िायेगा।
               10.                े                                              े
                        सीिी भती व धलये अभयर्ी वी डयु, जिसे वषथ डय ग द्वारा भती व धलये ररबियॉ बवज्ञाबपत वी
  डयु
                                                                   े
               िाय, उस वले् र वषथ वी पहली िुलाई व जिसमें सीिी भती व धलये ररबियॉ डय ग द्वारा बवज्ञाबपत वी
               िायं, ्व् वीस वषथ वी ह िानी चािहये और पैंतीस वषथ से अधिव नहीं ह नी चािहये, अर्वा समय-समय पर
               सरवार द्वारा अधिसूधचत अधिवतम डयु-
                         ू                ू                                   े
               परनतु अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और ऐसी अटय श्रेजणयों व ि सरवार द्वारा समय-समय पर
                  ्
               अधिसूधचत वी िायं, अभयधर्थयों वी दिा में उच्चतर डयु सीमा उतने वषथ अधिव ह गी,
                                   ्                                                                  जितनी
               बवधनिदथषट वी िाय।
               11.                                    े
                        सेवा में िवसी पद पर सीिी भती व धलये अभयर्ी वा चररत्र ऐसा ह ना चािहये िव वह सरवारी सेवा
                              े                               े
                में सेवाय िन व धलये सभी प्रवार से उपयुव्त ह सव। धनयुबि प्राधिवारी ्स सम्िटि में अपना समािान
    चररत्र
                वर लेगा।
                िटपपणी:- संघ सरवार या िवसी राज्य सरवार या िवसी स्र्ानीय प्राधिवारी द्वारा या संघ सरवार या िवसी
                   ्
                            े
               राज्य सरवार व सवाधमतवािीन या धनयंत्रणािीन िवसी धनगम या धनवाय द्वारा पदच्युत वयबि सेवा में िवसी
                              ्    ्                                                        ्
                             े                                      े                 े
               पद पर धनयुबि व धलये पात्र नहीं होंगे। नैधतव अक्षमता व धलये िवसी अपराि व धलये द ष धसद्ध व्यबि भी
               पात्र नहीं      होंगे।
वैवािहव        12.                                  े
                        सेवा में िवसी पद पर धनयुबि व धलये ऐसा पुरूष अभयर्ी पात्र नहीं ह गा, जिसवी एव से अधिव
प्राजस्र्धत    पजियॉ िीधतत हों या ऐसी मिहला अभयर्ी पात्र न ह गी जिसने ऐसे पुरूष से बववाह िवया ह , जिसवी पहले
                                              ्
               से व ई पत्नी िीबवत ह
                                                 े            ू
               परनतु सरवार िवसी व्यबि व ्स धनयम व प्रवतथन से छट दे सवती है , यिद उसवा यह समािान ह िाय
                  ्
                            े
               िव ऐसा वरने व धलये िेष वारण बवघमान हैं ।
िारीररव        13.      िवसी अभयर्ी व सेवा में िवसी पद पर तभी धनयुक्त िवया िायेगा िि मानधसव और िारीररव दृबि
सवसर्ता
 ् ्           से उसवा स्वास्थ्य अच्छा ह और वह िवसी ऐसे िारीररव द ष से मुक्त ह जिससे उसे अपने वतथव्यों वा
                                 थ                                                               े
                        दक्षतापूवव पालन वरने में िाघा प ने वी सम्भावना ह । िवसी अभयर्ी व धनयुबि व धलये अजटतम
                                                                                  ्
                                          े
               रूप से अनुम िदत िवये िाने व पूवथ उससे यह अपेक्षा वी िायेगी िव वह धचिवत्सा पररषद् द्वारा धचिवतसा
                                                                                                            ्
               परीक्षा में सफल पाया िाय: परनतु पद टनधत द्वारा भती िवये गये अभयर्ी वी जस्र्धत में धचिवत्सा
                                            ्
                        पररषद् द्वारा धचिवत्सा परीक्षा वी डव्यवता नहीं ह गी।
                                                                       93


                                          भाग-पांच-सीिी भती वी प्रिक्रया
ररबियों वी       14.                                े     े
                             धनयुबि प्राधिवारी भती व वषथ व दौरान भरी िाने वाली ररबियों वी संणया और ्स धनयमावली व
                                                                                             ्                  े
अिारणा                   े         ू                ू                               े            े
                 धनयम-6 व अिीन अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय श्रेजणयों व अभयधर्थयों व धलये
                                                                                     े
                 डरजक्षत वी िाने वाली ररबियों वी संख्या भी अविाररत वरे गा। सीिी भती व धलये ररबियों वी सूचना
               डय ग व दी िायेगी।
               15.        (एव) प्रधतय धगता परीक्षा में सजम्मधलत ह ने वी अनुज्ञा डवेदन-पत्र डय ग द्वारा िारी िवये गये
               बवज्ञापन में बविहत प्रपत्र में डमंबत्रत िवये िायेंगे।
सीिी भती                  (द ) िवसी भी अभयर्ी व परीक्षा में ति तव सजम्मधलत नहीं ह ने िदया िायेगा िि तव िव उसवे
वी प्रिक्रया   पास डय ग द्वारा िारी िवया गया प्रवेि-पत्र न हों।
                          (तीन) डय ग, धलजणत परीक्षा वा पररणाम प्रा्त ह ने और सारणीिद्ध              े
                                                                                              वरने व प्चात ् धनयम-6 वे
                       ू                ू
               अिी अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय अभयधर्थयों व सम्यव प्रधतधनधित्व सुधनजित
               वरने वी डव्यवता व ध्यान में रणते हुये उतने अभयधर्थयों व
                                                            ्                                      े
                                                                                       साक्षातवार व धलये िुलायेगा जितने
                                                                                              ्
                              े        े
               धलजणत परीक्षा व पररणाम व डिार पर डय ग द्वारा ्स सम्िटि में धनिाथररत स्तर पर पहुंचे हों।
                                                                                  े
               साक्षातवार में प्रत्येव अभयर्ी व िदये गये अंव धलजणत परीक्षा में उसव द्वारा प्रा्त अंवों में ि
                      ्                                                                                             िदये
               िायेंगे।
                          (चार) डय ग, अभयधर्थयों वी, उनवी प्रवीणता क्रम में, िैसा िव धलजणत परीक्षा और साक्षात्वार में
                                                    े
               प्रत्येव अभयर्ी द्वारा प्रा्त अंवों व य ग से प्रवट ह , एव सूची तैयार वरे गा और उतनी संख्या में अभयधर्थयों
                                                                                                                ्
                                  े
               व जितने वह धनयुबि व धलये उधचत समझे, संस्तुत वरे गा। यिद द या अधिव अभयर्ी य ग में िरािर-
               िरािर अंव प्रा्त वरें त धलजणत परीक्षा में अधिव अंव प्रा्त वरने वाले अभयर्ी वा नाम सूची में उच्चतर
               स्र्ान पर रणा िायगा। सूची में नामों वी संणया ररबियों वी संख्या से अधिव (िवटतु पच्चीस प्रधतित से
                                                         ्
               अनधिव) ह गी। डय ग सूची धनयुबि प्राधिवारी व अग्रसाररत वरे गा।
                       16.                                                               े
                                सेवा में सािारण श्रेणी में पदे टनधत द्वारा भती, य ग्यता व डिार पर, समय-समय पर
पद ननधत द्वारा
    ्
                       यर्ासंि धित उत्तराण्                                                             े
                                               ल व सेवा डय ग वी सपरामिथ चयन टनधत (प्रिक्रया) धनयमानवली व अनुसार
भती वी प्रिक्रया
                       वी िायेगी।
                   17.                                                                          े
                              ज्येषठता वेतनमान में चयन अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुये ज्येषठता व डिार पर चयन
   ियेषठ
    ् ्
                                                       े
                   सधमधत वी संस्तुधत पर सािारण श्रेणी व ऐसे मौधलव रूप से धनयुक्त अधिवाररयों में से िवया
  वेतनमान
                   िायेगाजिटहोंने उस वले् र वषथ वी पहली िुलाई व , जिसमें चयन िवया िाये, उस रूप में पांच वषथ वी
   श्रेणी-द
                   सेवा पूरी वर ली ह । चयन सधमधत धनम्न प्रवार गिठत वी िायेगी:-
               (1)               े             े
                          सरवार व बवत्त बवभाग व, यर्ाजस्र्धत, प्रमुण सधचव या सधचव            (अध्यक्ष)
               (2)               े              े           े
                          सरवार व वाधमथव बवभाग व सधचव या उसव द्वारा नाम धनिदथ षट
                                       ु
                          अधिवारी ि संयक्त सधचव से धनम्न स्तर वा न ह                         (सदस्य)
               (3)        धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें अर्वा धनदे िव, लेणा एवं
                          हवदारी, उत्तराण्                                                   (सदस्य)
                                                                                               े
                          परनतु सरवार बविेष पररजस्र्धतयों में ज्येषठ वेतनमान श्रेणी-द में चयन व धलये धनयत सेवा सीमा
                             ्
               व धिधर्ल वर सवती हैं ।
                                                                 94
 ियेषठ
  ् ्         18.                                                                                 े
                       ज्येषठ वेतनमान श्रेणी-एव में चयन, अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुये ज्येषठता व डिार पर चयन
वेतनमान                                                     े
              सधमधत वी संस्तुधत पर ज्येषठ वेतनमान श्रेणी-द व मौधलव रूप से धनयुक्त ऐसे अधिवाररयों में से िवया
श्रेणी-1      िायेगा जिटहोंने उस वले् र वषथ वी पहली िुलाई व , जिसमें चयन िवया िाय ि ज्येषठ वेतनमना श्रेणी-2
              में चार वषथ वी सेवा पूरी वर ली ह , वायथ वर धलया ह अर्वा ज्येषठ वेतनमान श्रेणी-2 में एव वषथ से
                            ु
              वायथरत ह एवं वल 10 वषथ वी सेवा पूरी वर ली ह । चयन सधमधत धनम्न प्रवार गिठत वी िायेगी:-

                         े             े
              (1) सरवार व बवत्त बवभाग व, यर्ाजस्र्धत, प्रमुण सधचव या सधचव                        (अध्यक्ष)
                         े              े           े
              (2) सरवार व वाधमथव बवभाग व सधचव या उसव द्वारा नाम धनिदथषट
                                    ु
                       अधिवारी ि संयक्त सधचव से धनम्न स्तर वा न ह                                (सदस्य)
              (3) धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें अर्वा धनदे िव, लेणा एवं हवदारी, उत्तराण्    (सदसय)
                                                                                                     ्
                       परनतु सरवार बविेष पररजस्र्धतयों
                          ्                                                                    े
                                                         में ज्येषठ वेतनमान श्रेणी-एव में चयन व धलये धनयत सेवा सीमां
              व धिधर्ल वर सवती है ।
              19.                                      े
                       (व) चयन वेतन में चयन, ज्येषठता व डिार पर, चयन सधमधत वी संसतुधत पर ज्येषठ वेतनमान
                                                                                 ्
चयन
                         े
              श्रेणी-एव व मौधलव रूप से धनयुक्त ऐसे अधिवाररयों में से िवया िायेगा जिटहोंने उस वले् र वषथ वी पहली
वेतनमान
                                                ु
              िुलाई व , जिसमें चयन िवया िाय, ि वल 15 वषथ वी सेवा तर्ा ियेषठ वेतनमान श्रेणी-एव में 2 वषथ वी
                                                                       ् ्
              सेवा पूरी वर ली ह ।
                                                   े
              (ण) बविेष वेतनमान में चयन, श्रेषठता व डिार पर, चयन सधमधत वी संस्तुधत पर चयन वेतनमान मौधलव
              रूप से धनयुक्त ऐसे अधिवाररयों में से िवया िायेगा, जिनहोंने उस वले् र वषथ िव पहली िुलाई व , जिसमें
                                                                   ्

     बविेष
                    चयन िवया िाय, 20 वषथ वी सेवा तर्ा चयन वेतनमान में 1 वषथ वी सेवा पूरी वर ली ह ।
   वेतनमान
                     चयन वेतनमान तर्ा बविेष वेतनमान हे तु चयन सधमधत धनम्न प्रवार      गिठत वी िायेगी:-

                                         े
              (1) बवत्त बवभाग में सरवार व, यर्ाजस्र्धत, प्रमुण सधचव या सधचव                      (अध्यक्ष)
                                          े           े
              (2) वाधमथव बवभाग में सरवार व सधचव या उसव द्वारा नाम धनिदथषट
                                 ु
                    अधिवारी ि संयक्त सधचव से धनम्न स्तर वा न ह                                   (सदस्य)
              (3) धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवयों अर्वा धनदे िव, लेणा एवं हवदारी, उत्तराण्             (सदस्य)
                                                                         े
              परनतु सरवार बविेष पररजस्र्धतयों में बविेष वेतनमान में चयन व धलये धनयत सेवा सीमा व धिधर्ल वर
                 ्
              सवती है ।
                        20.                                े                     े
                               अधतवाल वेतनमान (सुपरटा्म स्वल) में चयन, श्रेषठता व डिार पर चयन सधमधत वी
अधतवाल वेतनमान
(सुपरटा्म स्वल)
             े                                     े
                        संस्तुधत पर बविेष वेतनमान व मौधलव रूप से धनयुव्त अधिवाररयों में से िवया िायेगा। चयन
                        सधमधत धनम्न प्रवार गिठत वी िायेगी:
                         े
              (1) सरवार व मुख्य सधचव                                                     (अध्यक्ष),
                                         े
              (2) बवत्त बवभाग में सरवार व, यर्ाजस्र्धत प्रमुण सधचव या सधचव               (सदस्य)
                                          े
              (3) वाधमथव बवभाग में सरवार व सधचव                                          (सदस्य)
संयुव्त चयन     21.                े
                          यिद भती व िवसी वषथ में धनयुबि सीिी भती और पद टनधत द नों प्रवार से वी िाय त एव
     सूची          ु                                                े
                संयक्त चयन सूची तैयार वी िायेगी, जिसमें अभयधर्थयों व नाम िहॉ तव सम्भव ह , ्स प्रवार रणे
                                          े
                िायेंगे िव धनयम 15 और 16 व अिीन तैयार वी गयी सूधचयों से सीिी भती और पद टनधत अभयधर्थयों
                                                                 95
               वा बविहत प्रधतित िना रहे , पहला नाम पद टनधत द्वारा चुने गये अभयर्ी वा ह गा:
                        ु
               परनतु संयक्त चयन सूची में डये हुये सहायव/उप व षाधिवाररयों, मुणय र वि या (सहायव व षाधिवारी
                  ्                                                          ्
                                                                                             े
               र व ) और सहायव लेणा अधिवाररयों में से पद टनधत द्वारा भती िवये गये अभयधर्थयों व नाम ्स प्रवार रणे
                                                                                            े     े
               िायेंगे िव सहायव/उप व षाधिवाररयों में से पद टनधत द्वारा भती िवये गये अभयर्ी व नाम व िाद सहायव
                                                                           े     े
               लेणाधिवाररयों में से पद टनधत द्वारा भती िवये गये अभयधर्यों व नाम व िाद मुख्य र वि या/ सहायव
               व षाधिवारी र व                                           े                                      े
                                 वा नाम प्रस्तर-5 में िदये गये प्रधतित व अनुपात में रणे िायेगे, और ्सी प्रवार व क्रम
               में डगे भी ज्येषठता क्रम वी धनरटतरता रणी िायेगी।
                                      भाग छ:-धनयुबि, पररवीक्षा, स्र्ायीवरण और ज्येषठता
धनयुबि         22.     मौधलव ररबियॉ ह ने पर, धनयुबि प्राधिवारी, अभयधर्थयों वी धनयुबियॉ उसी क्रम में वरे गा जिसमें
                  े                                   े
               उसव नाम, यर्ाजस्र्धत धनयम-15,16 या 21 व अिीन तैयार वी गयी सूधचयों में हों।
पररवीक्षा      23.                                                                         े
                       (1) सेवा में िवसी पद पर मौधलव रूप से धनयुक्त व्यबि व द वषथ वी अवधि व धलये पररवीक्षा पर
               रणा िायेगा।
               (2) धनयुबि प्राधिवारी, ऐसे वारणों से ि अधभधलजणत िवये िायेंगे, अलग-अलग मामलों में, पररवीक्षा अवधि
               व िढा सवता हैं जिसमें वह िदनांव बवधनिदथषट िवया िायेगा, िि तव अवधि िढाई िाय:
                                            े
               परनतु,डपवािदव पररजस्र्धतयों व धसवाय, पररवीक्षा अवधि एव वषथ से अधिव और िवसी भी पररजस्र्धत में
                  ्
               द वषथ से अधिव नहीं िढाई िायेगी।
                                                                  े                        े
               (3) यिद पररवीक्षा उवधि या िढाई गयी पररवीक्षा अवधि व दौरान िवसी भी समय या उसव अटत में धनयुबि
               प्राधिवारी व यह प्रतीत ह िव पररवीक्षािीन व्यबि में अपने उवसरों वा पयाथ्त उपय ग नहीं िवया है या
                                                                 े
               संत ष प्रदान वरने में अटयर्ा बवफल रहा है त उसे उसव मौधलव पद पर, यिद व ई ह , प्रत्यावधतथत िवया
               िा सवता है और यिद उसवा िवसी पद पर िारणधिवारी न ह त उसवी सेवायें समापत वी िा सवती हैं ।
                                                                                   ्
                               े
               (4) उप धनय (3) व अिीन जिस पररवीक्षािीन व्यबि व प्रतयावधतथत िवया िाय या जिसवी सेवायें समा्त
                                                                  ्
               वी िायें, वह िवसी प्रधतवर वा हवदार न ह गा।
               (5) धनयुबि प्राधिवारी संवगथ में सजम्मधलत िवसी पद पर या िवसी अटय समवक्ष या उच्चतर पद पर
                                                                                                 े
               स्र्ानापटन या अस्र्ायी रूप से िव गयी धनरटतर सेवा व पररवीक्षा अवधि वी संगणना वरने व प्रय िनार्थ
                      धगने िाने वी अनुमधत दे सवता हैं ।
प्रधिक्षण और          24.                                     े
                             सीिी भती द्वारा सेवा में धनयुबि व धलये चुने गये सभी अभयधर्थयों से ऐसे प्रधिक्षण पूरा वरने
बवभागीय परीक्षा       और ऐसी बवभागीय परीक्षा उत्तीणथ वरने वी अपेक्षा वी िायेगी ि सरवार द्वारा समय-समय पर बविहत
                      वी िाय। पद ननधत द्वारा सेवा में प्रवेि वरने वाले अजभ्यर्यों से सरवार ऐसा प्रधिक्षण पूरा वरने और
                                  ्
                ऐसी बवभागीय परीक्षा उत्तीणथ वरने वी भी अपेक्षा वर सवती हैं , ि वह समीचीन समझे।
सर्ायीवरण
 ्              25.                       े         े
                         (1) उप धनयम (2) व उपिटिों व अिीन रहते हुए िवसी पररवीक्षािीन वयबि व पररवीक्षा अवधि
                                                                                      ्
                                                 े
                     या िढाई गयी पररवीक्षा अवधि व अटत में, उसवी धनयुबि में स्र्ायी वर िदया िायगा। यिद-

               (व) उसने बविहत बवभागीय परीक्षा उत्तीणथ वर ली ह :
                                                थ
               (ण) उसने बविहत प्रधिक्षण सफलतापूवव प्रा्त वर धलया ह ;
               (ग) उसवा वायाथ और डचरण संत षिनव िताया िाय;
               (घ) उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत वर दी िाय; और
                                                               96
                                                                              े
            ( ) धनयुबि प्राधिवारी व यह समािान ह िाये िव वह स्र्ायी िवये िाने व धलये अटयर्ा उपयुक्त हैं ।
                           े                                      े         े
            (2) िहॉ राज्य व सरवारी सेववों वी स्र्ायीवरण धनयमावली व उपिनिों व अनुसार स्र्ायीवरण डव्यव
                                                                       ्
                                   े                                     ं
            न ह त वहॉ ्स धनयमावली व अिीन यह घ षणा वरते हुये डदे ि, िव संिधित वयबि ने पररवीक्षा
                                                                              ्
                    थ
            सफलतापूवव पूरी वर ली है , स्र्ायीवरण वा डदे ि समझा िायेगा।
ियेषठता
 ् ्        26.       सेवा में मौधलव रूप से धनयुक्त व्यबियों वी ियेषठता समय-समय पर यर्ासंि धित सरवारी सेवव
                               े
            ज्येषठता धनयमावली व अनुसार अविाररत वी िायेगी।

                                                   भाग सात-वेतन ्त्यािद


वेतनमान     27.       सेवा में िवसी पद पर धनयुक्त व्यबियों वा अनुमटय वेतनमान ऐसाह गा िैसा-

            (1) सरवार द्वारा समय-समय पर अविाररत िवया िाय।
                             े                           े
            (2) ्स धनयमावली व प्रारम्भ पर प्रवृत्त सेवा व वेतनमान में िदये गये है ।

पररवीक्षा अवधि
                    28.                                       ू        े
                           (1) फ् ामेंटल रूल्स में िवसी प्रधतवल उपिटि व ह ते हुए भी पररवीक्षािीन व्यबि व , यिद
                    वह पहले से स्र्ायी सरवारी सेवा में न ह , समय मान में उसवी प्रर्म वेतनवृबद्ध, तभी दी िायेगी िि
                    उसने एव वषथ वी संत षिनव सेवा पूरी वर ‘ली ह , बवभागीय परीक्षा उततीणथ वर ली ह और प्रधिक्षण,
                                                                                   ्
            िहां बविहत ही, पूरा वर धलया ह                                               े
                                                   और िद्वतीय वेतनवृबद्ध द वषथ वी सेवा व प्चात ् तभी दी िायेगी
            िि        उसने पररवीक्षा अवधि पूरी वर ली ह और उसे स्र्ायी भी वर िदया गया ह :


                                                        े
                      परनतु यिद संत ष प्रदान न वर सवने व वारण पररवीक्षा अवधि िढाई िाय त ्स प्रवार िढाई
                         ्
                                         े
            गयी अवधि वी गणना वेतनवृबद्ध व धलये नहीं वी िायेगी िि तव िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा धनदे ि न
            दें ।
                                              े
            (2) ऐसे व्यबि वा ि पहले से सरवार व अिीन व ई पद घारण वर रहा ह , पररवीक्षा अवधि में वेतन
               ं
            सुसगत फ् ामेंटल रूल्स द्वारा बवधनयधमत ह गा:
                                              े
            परनतु यिद संत ष प्रदान न वर सवने व वारण पररवीक्षा अवधि िढाई िाने त ्स प्रवार िढाई गयी अवधि
               ्
                                े
            वी गणना वेतनवृबद्ध व धलये िि तव नहीं वी िायेगी िि तव िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा धनदे ि न दें ।
            (3) ऐसे व्यबि वा ि पहले से स्र्ायी सरवारी सेवा में ह , पररवीक्षा अवधि में वेतन राज्य वे

दक्षतार व पार                     े   ं                                                 ं
                      वायथवलापों व संिि में सेवारत सरवारी सेववों पर सामाटय तर्ा लागू सुसगत धनयमों द्वारा
वरने वा मानद्         बवधनयधमत ह गा।
                                              े                                  े
                      (4) यिद पररवीक्षा अवधि व दौरान िवसी अधिवारी वी वेतनवृबद्ध ववल बवभागीय परीक्षा उत्तीणथ
                                े
            वरने में असफल रहने व वारण र व दी िाये त बवभागीय परीक्षा उत्तीणथ वरने पर उसे वेतनवृबद्ध वी
                                                           े           े
            अनुमधत, जिस मास में परीक्षा डय जित वी िाये, उसव डगामी मास व प्रर्म िदनांव से प्रदान वी िायेगी
                                े                                                   े
            और ऐसी अवधि वी, जिसव दौरान वेतनवृबद्ध र वी िाय, समय मान में वेतनवृबद्ध व धलये गणना वी
            िायेगी।
            29.             े
                      सेवा व ऐसे सदस्य व दक्षतार व पार वरने वी अनुमधत नहीं दी िायेगी िि तव िव उसवा वायथ
            और डचरण संत षप्रद न पाया िाय         और उसवी सतयधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।
                                                                         97




                                                      भाग डठ-अटय उपिटि


 पक्ष समर्थन          30.                    े
                                  ्न धनयमों व अिीन अपेजक्षत धसफाररि से धभटन िवसी अटय धसफाररि पर, चाहे धलजणत ह या
                                                                                          े
                      मौजणव, बवचार नहीं िवया िायेगा। िवसी अभयर्ी वी ओर से अपनी अभयधर्थता व धलये प्रत्यक्ष या
                                                                                                      े
                 अप्रतयक्ष रूप से या िवटही अटय सािनों से समर्थन प्रा्त वरने वा व ई प्रयास उसे धनयुबि व धलये अनहथ
                      ्
                 वर दे गा।
                 31.                         े   ं
                                 ऐसे बवषयों व संिि में ि बवधनिदथ षट रूप से ्स धनयमावली या                  े
                                                                                            बविेष डदे िों व अटतगथत न डते
 बवषयों वा
                                                                                                              े
                 हों, सेवा में धनयुक्त व्यबि ऐसे धनयमों, बवधनयमों और डदे िों द्वारा धनयंबत्रत होंगे, ि राज्य व वायथवलापों
यमन
                           े   ं
                          व संिि में सेवारत सरवारी सेववों पर सामाटयतया लागू ह ते है ।
 सेवा ितों में            32.      िहॉ राज्य सरवार वा समािान ह िाय िव सेवा में धनयुक्त व्यबियों वी सेवा वी ितो व
 धिधर्लता                                               े
                          बवधनयधमत वरने वाले िवसी धनयम व प्रवतथन से िवसी बवधिषट मामले में अनुधचत विठनाई ह ती है , त
                                   े                                                  े
                          वह डय ग व परामिथ से, उस मामले में लागू धनयमों में िवसी िात व ह ते हुए भी, डदे ि द्वारा उस
                                                                     े
                          धनयम वी अपेक्षाओं व उस सीमा तव और ऐसी ितो व अिीन रहते हुए, जिटहें वह मामले में टयायसंगत
                                                     े
                 और साम्युक्त रीधत से वायथवाही वरने व धलये डव्यव समझे, अधभलुपत या धिधर्ल वर सवती है ।
                 33.             ्स धनयमावली वी िवसी िात वा व ई प्रभाव ऐसे डरक्षण और अटय ररयायतों पर नहीं प े गा,
                                   ं                                       े           ू
                 जिनवी सरवार ्स संिि में समय-समय पर िारी िवये गये डदे िों व अनुसार अनुसधचत िाधतयों,
                     ू                                     े          े
                 अनुसधचत िनिाधतयों और अटय बविेष श्रेजणयों व व्यबियों व धलये उपिटि िवया िाना अपेजक्षत ह ।
                                                                     पररधिषट
                                                                           ्
 वयावृबत्त
  ्
                                                          (धनयम 4 (1) तर्ा 4 (2) दे जणये)
                  क्र0             पद वा नाम                       वेतनमान                  संवगीय   50%प्रधतधनयुबि    ु
                                                                                                                      वल
                  सं0                                                                        पद         े
                                                                                                       व सापेक्ष      पद
                                                                                                      संवगीय पद
                      1                 2                            3                        4            5          6
                 (व)            अधतवाल वेतनमान      18400-500-22400 (रूपये)                   2            1          3
                 1.                          े
                                (सुपरटा्म स्वल)     संि धित वेतन   (37400-67000 एवं ग्रे
                                                    वेतन 10000.00)
                 2.             बविेष वेतनमान-1     16400-450-20000 (रूपये)                   9            4          13
                                                    संि धित वेतन   (37400-67000 एवं ग्रे
                                                    वेतन 10000.00)
                 3.             चयन वेतनमान-2       14300-400-18300 (रूपये)                  10            5          15
                                                    संि धित वेतन   (37400-67000 एवं ग्रे
                                                    वेतन 10000.00)
                 4.             ियेषठ
                                 ् ्        वेतनमान 12000-375-16500 (रूपये)                   15           8          23
                                                             98

      श्रेणी-1                      संि धित वेतन        (15600-39100 एवं ग्रे
                                    वेतन 7600.00)
5.    ियेषठ
       ् ्             वेतनमान 10000-325-15200 (रूपये)                             20              10   30
      श्रेणी-2                        संि धित    वेतन      (15600-39100    एवं
                                    ग्रे   वेतन 6600.00)
6.    सािारण वेतनमान                8000-275-13500 (रूपये)                         30              15   45
                                    संि धित वेतन        (15600-39100 एवं ग्रे
                                    वेतन 5400.00)
      संवगथ      वे    पदों    वी                                                  86              43   129
       ु
      वल संख्या
(ण)   प्रधतधनयुबि डरजक्षत
1.            े
      (संवगथ व पदों वी
      संख्या          वा       50
      प्रधतित)
2.                  ु
      प्रधिक्षण और छट्टी                                                            7                   7
      डरजक्षत         (संवगथ   वे
      पदों वी संख्या वा 8
      प्रधतित)
             े ु
      संवगथ व वल पदों                                                               7                   136
      वी संख्या

                                                                                        डज्ञा से
                                                                                         ु
                                                                                 (्टद ु वमार पा् े )
                                                                                   प्रमुण सधचव।
                                                       99


                                            उततर प्रदे ि सरवार
                                              ्
                                         बवतत (सेवायें) अनुभाग-3
                                            ्
                                         संणया एस-3-2483/दस-100-74
                                            ्
                                           लणनऊ, 6 अगस्त, 1979
                                                     अधिसूचना
                                                      प्रवीणथ
                  े               े                                         े
         संबविान व अनुच्छे द 309 व परटतुव द्वारा प्रद्धधत िाबि वा प्रय ग वरव और ्स बवषय पर वतथमान
                                       े
समस्त धनयमों और डदे िों वा अधतक्रमण वरव राज्यपाल उत्तर प्रदे ि व षागार धनदे िालय धलबपव वगथ सेवा
                                                                  े
में भती और उसमें धनयुक्त व्यबियों वी सेवा वी ितो व बवधनयधमत वरने व धलये धनम्नधलजणत धनयमावली
िनाते हैं :-
                  उततर प्रदे ि व षागार धनदे िालय धलबपव वगथ सेवा धनयमावली, 1978
                    ्
1- संजक्ष्त नाम और प्रारम्भ
         (1)     यह धनयमावली उत्तर प्रदे ि व षागार धनदे िालय धलबपव वगथ         सेवा धनयमावली, 1978 वही
                 िायगी।
         (2)     यह तुरटत प्रवृत्त ह गी।
2-       सेवा वी प्राजस्र्धत पररभाषाएं
         उततर प्रदे ि व षागार धनदे िालय धलबपव वगथ सेवा एव अिीरस्र् धलबपव वगथ सेवा है जिसमें
           ्                                                                                       समूह
     े
‘ग’ व पद सजम्मधलत हैं ।
3-                                         ू
         िि तव बवषय या संदभथ में व ई प्रधतवल िात न ह , ्स धनयमावली में-
         (व)     ‘धनयुबि प्राधिवारी’ वा तात्पयथ व षागार धनदे िव से है ;
         (ण)                                                              े       े
                 ‘भारत वा नागाररव’ वा तात्पयथ ऐसे व्यबि से हैं ि संबविान व भाग द व अिीन            भारत
                 वा नागररव ह या समझा िाय;
         (ग)                                 े
                 ‘संबविान ‘ वा तात्पयथ भारत व संबविान से है ;
         (घ)     ‘धनदे िव) वा तात्पयथ व षागार धनदे िव, उत्तर प्रदे ि से है ;
         ( )     ‘धनदे िालय’ वा तात्पयथ व षागार धनदे िालय उत्तर प्रदे ि सह है ; (च)   ‘सरवार’ वा तात्पयथ
                 उत्तर प्रदे ि राज्य सरवार से है ;
         (छ)                                         े
                 ‘राियपाल’ वा तात्पयथ उत्तर प्रदे ि व राज्यपाल से है ;
                     ्
         (ि)     ‘सेवा वा सदस्य’ वा तात्पयथ ऐसे व्यबि से हैं ि ्स धनयमावली या ्स धनयमावली          वे
                           े                                 े           े
                 प्रारम्भ व पूवथ प्रवृत्त धनयमों यह डदे िों व अिीन सेवा व संवगथ में िवसी पद पर मौधलव
                 रूप में धनयुक्त िवया गया ह ; और
         (झ)     ‘भती वा वषथ’ वा तात्पयथ िवसी वले् र वषथ वी पहली िुलाई से प्रारम्भ ह ने वाली       िारह
                 मास वी अवधि से है ;
                                                      100
                                                 भाग-द संवगथ
4-        सेवा वा संवगथ-
          (1)                                                    े
                  सेवा वी सदस्य संख्या और उसमें प्रत्येव श्रेणी व पदों वी संख्या उतनी ह गी जितनी
                  राज्यपाल द्वारा समय-समय पर अविाररत वी िाय,
          (2)                                                    े
                  सेवा वी सदस्य संख्या और उसमें प्रत्येव श्रेणी व पदों वी संख्या िि तव िव उपधनयम (1)
                   े                         े
                  व अिीन उसमें पररवतथन वरने व डदे ि न िदये िायें, उतनी ह गी जितनी पररधिषट ‘व’ में
                  दी गयी है ,
परनतु:-
   ्
          (1)     धनयुबि प्राधिवारी िवसी ररक्त पद व बिना भरे छ        सवता हैं या राज्यपाल उसे डस्र्धगत
                  रण सवते हैं , ्ससे व ई व्यबि प्रधतवर वा हवदार न ह गा, और
          (2)     राज्यपाल समय-समय पर ऐसे अधतररक्त स्र्ायी या अस्र्ायी पदों वा सृिन वर सवते हैं ,
                  िैसा वह उधचत समझें।
                                                     भाग-तीन भती
5- भती वा ् त
                                     े
          सेवा में बवधभटन श्रेजणयों व पदों पर भती धनम्नधलजणत ् तों से वी िायेगी:-
          (1)     प्रिान धलबपव
                  सर्ायी ज्येषट उपलेणव-प्रालेणवों में से अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुये ज्येषठता व
                   ्                                                                              े
          डिार पर पद टनधत द्वारा,
          (2)     ज्येषठ उपलेणव-प्रालेणव
                  सर्ायी वधनषठ उपलेणव-प्रालेणवों, अधभणपाल और धनदे ि धलबपव में से अनुपयुक्त वी
                   ्
                                      े
          अस्वीवार वरते हुए ज्येषठता व डिार पर पद टनधत द्वारा:
                                     े
                  परनतु यिद पद टनधत व धलए उपयुक्त व्यबि उपलब्ि न ह त पद व िवसी अटय सरवारी
                     ्
          बवभाग से ििट, लेण और अधिषठान वायथ वा अनुभव रणने वाले वमथचारी व स्र्ानाटतररत वरवे
          भरा िा सवता है ।
          (3)     वधनषठ उपलेणव प्रालेणव/अधभलेण पाल और धनदे ि धलबपव
                  सर्ायी प्रेषण धलबपव/पंिीपाल/टं वव और धनदे िालय में समान वेतनमान में अटय पद िारण
                   ्
                                                                                      े
          वरने वाले स्र्ायी पद िारवों में से अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुए, ज्येषठता व डिार पर
          पद टनधत द्वारा:
                  परनतु
                     ्                    े
                             यिद पद टनधत व धलए उपयुक्त व्यबि उपलब्ि न हों त पद व िवसी अटय
          सरवारी बवभाग में ििट, लेणा और अधिषठान वायथ वा अनुभव रणने वाले वमथचारी व स्र्ानाटतररत
             े
          वरव भरा िा सवता है ।
          (4)                                         े
                  प्रेषण धलबपव/टं वव और समान वेतनमान व अटय पद
                  (एव)      सीिी भती द्वारा।
                  (द )                                         े
                            ररबियों वा 10 प्रधतित तव समूह ‘घ’ व उन स्र्ायी वमथचाररयों में से जिटहोंने
                                                                          ू
                            माध्यधमव धिक्षा पररषद उत्तर प्रदे ि वी हाई स्वल परीक्षा उत्तीणथ वी ह , पद टनधत
                            द्वारा।
                                                        101



      (5)           डिुलेणव - सीिी भती द्वारा
      (6)           डिुलेणव चयन श्रेणी
                    सर्ायी डिुलेणवों में से अनुपयुक्त व
                     ्                                                                       े
                                                                अस्वीवार वरते हुए, ज्येषठता व डिार पर
      पद टनधत द्वारा।
6-              ू                ू                                े           े
      डरक्षणअनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों, और अटय श्रेजणयों व अभयधर्यों व धलये डरक्षण
           े                    े         े
      भती व समय प्रवृत्त सरवार व डदे िों व अनुसार िवया िायगा।

                                                  भाग-चार-अहथ ताएं

7-    राबष्ट्रयता
                                    े
      सेवा में िवसी पद पर सीिी भती व धलए यह डव्यव हैं िव अभयर्ी-
      (व)           भारत वा नागररव ह :
      (ण)                                                                     े
                    धतब्िती िरणार्ी ह , ि भारत में स्र्ायी रूप से धनवास वरने व अधभप्राय से 1 िनवरी,
                          े
                    1962 व पूवथ भारत डया ह , या
      (ग)                                                                                े
                    भारतीय उदभव वा ऐसा व्यबि ह जिसने भारत में स्र्ायी रूप से धनवास वरने व अधभप्राय
                                                     े
                    से पािवस्तान, वमाथ, श्रीलंवा या वधनया, युगाट ा और युना्टे    ररपजब्लव डफ तंिाधनया
                        थ                         े
                    (पूववती तांगधनवा और िंिीवार) व िवसी पूवं अफ्रीवी दे ि से प्रव्रिन िवया ह :परटतु
                        थ                                                         े
                    उपयुक्त श्रेणी (ण) या (ग) वा अभयर्ी ऐसा व्यबि ह ना चािहये जिसव पक्ष में राज्य
                    सरवार द्वारा पात्रता वा प्रमाण-पत्र िारी िवया ह :
                                 े
      परनतु यह और िव श्रेणी (ण) व अभयर्ी से यह भी अपेक्षा वी िायगी िव वह पुधलस उप
         ्
      महाधनरीक्षव, गु्तचर िाणा उत्तर प्रदे ि से पात्रता वा प्रमाण-पत्र प्रा्त वर ले:
                                        थ
      परनतु यह भी िव यिद व ई अभयर्ी उपयुक्त श्रेणी (ग) वा ह त पात्रता वा प्रमाण-पत्र एव वषथ से
         ्
                 े                                                         े
      अधिव अवधि व धलए िारी नहीं िवया िायेगा और ऐस अभयर्ी व एव वषथ वी अवधि व डगे
      सेवा में तभी रहने िदया िायेगा यिद उसने भारतीय नागररवता प्रा्त वर ली ह ।

                           े
िटपपणी:-ऐसे अभयर्ी व , जिसव मामले में पात्रता वा प्रमाण-पत्र डव्यव ह िवटतु न त वह िारी िवया
   ्
      गया ह और न दे ने से ्ं वार िवया गया ह , िवसी परीक्षा या साक्षात्वार में सजम्मधलत िवया िा
        े                                                     े
      सवगा और उसे ्स ितथ पर अजटतम रूप से धनयुक्त भी िवया िा सवगा िव डव्यव प्रमाण-पत्र
                                 े
      या त वह प्रा्त वर ले या उसव पक्ष में िारी वर िदया िाय।
                                                    102
8-     िौजक्षव अहथ ता
                                         े
       सेवा में बवधभटन पदों पर सीिी भती व धलए िवसी अभयर्ी वी धनम्नधलजणत अहथ ताएं ह नी चािहए:-
           पद                                                   अहथ ता
पंिीपाल/प्रेषण    धलबपव िैसा िव अिीनस्र् वायाथलय धलबपव वगथ (सीिी) धनयमावली, 1975, में बविहत हैं ।
और टं वव
डिुलेणव                      (1) माध्यधमव धिक्षा पररषद् उत्तर प्रदे ि वी ््टरमीि एट परीक्षा या राज्यपाल
                                       े
                             द्वारा उसव समवल माटयता प्रा्त व ई परीक्षा उत्तीणथ ह नी चािहये।
                             (2) िहटदी टं वण और डिुधलबपव में वमि: 30 और 80 िब्द प्रधत धमनट
                             टयुनतम गधत ह नी चािहये।

9-     अधिवमानी अहथ ताएं
       ऐसे अभयर्ी व , जिसने-
       (एव)      प्रादे धिव सेवा में द वषथ वी टयूनतम अवधि तव सेवा वी ह , या
       (द )             ै
                 नेिनल व ै टव र वा ‘िी’ प्रमाण-पत्र प्रा्त िवया ह :
                  े                       े
       अनत िातों व समान ह ने पर सीिी भती व मामले में अधिमान िदया िायगा।
         ्
10-        ै ्                                  े             े
       डयुनतयव श्रेणी धलबपव/टं वव/प्रेषण धलबपव व पद सीिी भती व धलए अभयर्ी वी डयु अिीनस्र्
                                                                       े
       वायाथलय धलबपव वगथ (सीिी भती) धनयमावली, 1975 में बविहत डयु सीमा व अटतगथत ह नी चािहए।
                े    े   ं               े
       डिुलेणव व पद व संिि में सीिी भती व धलए यह डव्यव हैं िव अभ्यर्ी वी डयु जिस वषथ
       भती वी िानी ह उस वषथ वी 1 िनवरी, व यिद पर 1 िनवरी और 30 िून वी अवधि में बवज्ञाबपत
       िवये िायं और 1 िुलाई, व यिद पद 1 िुलाई और 31 िदसम्िर, वी अवधि में बवज्ञाबपत िवये िायं,
       21 वषथ वी ह                                                                 ू
                             िानी चािहये और 27 वषथ से अधिव न ह नी चािहये।परटतु अनुसधचत िाधत,
           ू                                े
       अनुसधचत िनिाधत और ऐसी अटय श्रेजणयों व, ि सरवार द्वारा समय-समय पर अधिसूधचत वी
       िायं, अभयधर्यों वी दिा में उच्चतर डयु सीमा उतने वषथ अधिव ह गी जितनी बवधनिदथषट वी िाय।
11-                                         े
       चाररत्रसेवा में िवसी पद पर सीिी भती व धलये अभयर्ी वा चाररत्र ऐसा ह ना चािहये िव वह सरवारी
                        े                               े       ं
       सेवा में धनय िन व धलये सभी प्रवार से उपयुक्त ह सव। ्स संिि में धनयुबि प्राधिवारी अपना
       समािान वरे गा।
       िटपपणी:- संघ सरवार द्वारा या िवसी राज्य सरवार द्वारा या संघ सरवार या िवसी राज्य सरवार व
          ्                                                                                   े
       स्वाधमत्व या धनयंत्रण में िवसी स्र्ानीय प्राधिवारी या िवसी धनगम या धनवाय द्वारा पदच्युत व्यबि
                                   े                               े            े
       सेवा में िवसी पद पर धनयुबि व धलए पात्र न ह गा। नैधतव अघमता व िवसी अपराि व धलए द ष
       धसद्ध व्यबि भी पात्र न ह गें।
12-    वैवािहव प्राजस्र्धत
                                   े
       सेवा में िवसी पद पर धनयुबि व धलए ऐसा पुरूष अभयर्ी पात्र न ह गा जिसवी एव से अधिव
       पजियां िीबवत हों या ऐसी मिहता अभयर्ी पात्र न ह गी जिसने ऐसे पुरूष से बववाह िवया ह जिसवी
       पहले से एव पत्नी िीबवत है :
                                            े            ू
       परनतु राज्यपाल िवसी व्यबि व ्स धनयम व प्रवतथन से छट दे सवते हैं , यिद उनवा यह समािान
          ्
                          े
       ह िाय िव ऐसा वरने व धलए बविेष वारण बवद्यमान है ।
                                                     103
13-     िारीररव स्वस्र्ता
        व ई अभयर्ी सेवा में िवसी पद पर ति तव धनयुक्त नहीं िवया िायगा िि तव िव मानधसव और
        िारीररव दृबि से उसवा स्वास्थ्य अच्छा न ह और वह ऐसे िारीररव द षों से मुक्त ह जिनसे उसे
                                  थ
        अपने वतथव्यों वा दक्षतापूवव पालन वरने में िािा प ने वी सम्भावना ह । िवसी अभयर्ी व
                े                                े                            े
        धनयुबि व धलए अंधतम रूप से अनुम िदत वरने व पूवथ उससे फ् ामेंटल रूल 10 व अिीन िनाये
        गये और फा्नेजटियल है ् िुव ण्                          े                              े
                                              द , भाग द , चार व अध्याय 3 में िदये गये धनयमों व अनुसार
        स्वस्र्ता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत वरने वी अपेक्षा वी िायेगी:
        परनतु पद टनधत द्वारा भती िवये गये िवसी अभयर्ी से स्वस्र्ता प्रमाण-पत्र वी अपेक्षा नहीं वी
           ्
        िायेगी।
                                              भाग पांच-भती वी प्रिक्रया

14-     ररबियों वा अविारण
                               े                                                 े
        धनयुबि प्राधिवारी वषथ व दौरान भरी िाने वाली ररबियों वी संख्या और धनयम 6 व अिीन
    ू             ू                            े            े
अनुसधचत िाधत, अनुसधचत िनिाधत और अटय श्रेजणयों व अभयधर्थयों व धलए डरजक्षत वी िाने वाली
                                         े   े    े
ररबियों वी संख्या भी अविाररत वरे गा। डिुलणव व पद व सम्िटि में ररबियों वी सूचना सेवाय िन
                                             े   ं
वायाथलय व और पंिीपाल, प्रेषण धलबपव और टं वव व संिि में अिीनस्र् वायाथलय धलबपव वगथ (सीिी
                     े
भती) धनयमावली, 1975 व अनुसार जिला चयन सधमधत व दी िायगी।
15-                                   े
        पंिीपाल, प्रेषण धलबपव, टं वव व पद पर सीिी भती वी प्रिक्रया
                                      े
        पंिीपाल, प्रेषण धलबपव, टं वव व पदों पर भती अिीनस्र् वायाथलय धलबपव वगथ (सीिी भती)
                                       े
धनयमावली, 1975 में धनिाथररत प्रिक्रया व अनुसार वी िायेगी।
16-              े
        डिुलेणव व पद पर सीिी भती िव प्रिक्रया
(1)              े                  े
        डिुलेणव व पदों पर सीिी भती व प्रय िनार्थ एव चयन सधमधत वा गठन िवया िायगा जिसमें
धनम्नधलजणत ह गें:-
        (एव)      धनदे िव, व षागार,
        (द ) अपर धनदे िव, व षागार,
        (तीन) उपधनदे िव, व षागार।
(2)     चयन सधमधत डवेदन पत्रों वी संवीक्षा वरे गी और पात्र अभयधर्थयों से प्रधतय धगता परीक्षा और
साक्षात्वार में सजम्मधलत ह ने वी अपेक्षा वरे गी।
िटपपणी:-
   ्              प्रधतय धगता परीक्षा वा पाठय बववरण और उसवी प्रिक्रया पररधिषट ‘ण’ में दी गई है ।
(3)     चयन सधमधत अभयधर्थयों द्वारा धलजणत परीक्षा में प्रा्त िवये गये अंवों व साररणीिद्ध वर धलये िाने
         े            े           ू                ू
        व प्चात धनयम व अनुसार अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय श्रेजणयों वे
        अभयधर्थयों वा सम्यव् प्रधतधनधित्व सुधनजित वरने वी डव्यवता व ध्यान में रणते हुए साक्षात्वार
         े                                                                े        े
        व धलये उतनी संख्या में अभयधर्थयों व िुलायेगी जितने धलजणत परीक्षा व पररणाम व डिार पर ्स
           ं                                           े
        संिि में सधमधत द्वारा धनिाथररत मानव तव पहुंच सव हों। प्रत्येव अभयर्ी व साक्षात्वार में िदये
                                     े
        गये अंव धलजणत परीक्षा में उसव द्वारा प्रा्त अंवों में ि े िायेंगें।
(4)                                                                                           े
        चयन सधमधत अभयधर्थयों वी य ग्यता क्रम में, िैसा िव धलजणत परीक्षा और साक्षात्वार में उनव द्वारा
                                                  104
                             े ु
      प्रा्त िवये गये अंवों व वल य ग से प्रवट ह एव सूची तैयार वरे गी। यिद द या अधिव अभयर्ी
      समान अंव प्रा्त वरे त धलजणत परीक्षा में अपेक्षावृ त अधिव अंव प्रा्त वरने वाले अभयधर्थयों वे
      नाम उच्चतर स्र्ान पर रणें िायेंगे। सूची में नामों वी संख्या ररबियों वी संख्या से अधिव ह गी
             ु ु
      िवटतु दगनी से अधिव न ह गी।
17-   पद टनधत द्वारा भती वी प्रिक्रया
      (1)      (एव) वधनषठ उपलेणव-प्रालेणव/अधभलेणपाल/धनदे ि धलबपव
               (द ) ज्येषठ उपलेणव-प्रालेणव
                                                           े
               (तीन) प्रिान धलबपव और डिुलेणव (चयन श्रेणी) व पद पर पद टनधत द्वारा भती धनयम 16
                                       े
               में धनिदथ षट चयन सधमधत व माध्यम से अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुए ज्येषठता वे
               डिार पर वी िायेगी।
      (2)                                  े
               धनयुबि प्राधिवारी ज्येषठता व क्रम में अभयधर्थयों वी एव पात्रता सूची तैयार वरे गी और उसे
                                              ं                   े
               उनवी चररत्र पंजियों और उनसे संिधित ऐसे अटय अधभलेण व सार्, ि उधचत समझे िायं,
                          े
               चयन सधमधत व समक्ष रणेगा।
      (3)                                                 े                    े
               चयन सधमधत उपधनयम (2) में धनिदथषट अधभलेणों व डिार पर अभयधर्थयों व मामलों पर
               बवचार वरे गी और यिद वह डव्यव समझे त वह अभयधर्थयों वा साक्षात्वार भी वर सवती
               है ।
      (4)                                                 े
               चयन धसमधत चुने गये अभयधर्थयों वी ज्येषठता व क्रम में एव सूची तैयार वरे गी और उसे
               धनयुक्त प्राधिवारी व अग्रसाररत वरे गी।

                          भाग छ-धनयुबि, पररवीक्षा, स्र्ायीवरण और ज्येषठता

18-   (1)      मौधलव ररबियां ह ने पर धनयुबि प्राधिवारी अभयधर्थयों व उस क्रम से लेवर जिसमें उनवे
                                          े
      नाम, यर्ाजस्र्धत धनयम, 15 16 या 17 व अिीन तैयार वी गयी सूची में ह , धनयुबियां वरे गा।
      (2)      धनयुबि प्राधिवारी अस्र्ायी और स्र्ानापत्र ररबियों में भी उपधनयम (1) में धनिदथषट सूधचयों से
      धनयुबियां वर सवता है । यिद ्स सूधचयों वा व ई अभयर्ी उपलब्ि न ह त वह ऐसी ररबियों में
                   े             े
      ्स धनयमावली व अिीन धनयुबि व धलये पात्र व्यबियों में से धनयुबियां वर सवता है । ऐसी
      धनयुबियां-
      (व)      पंिीपाल, प्रेषण धलबपव, और टं वव वी दिा में छ: मास, और
      (ण)      अटय पदों वी दिा में एव वषथ,
                              े
               से अनधिव अवधि व धलए या अगला चयन िवये िाने तव, ्नमें ि भी पहले ह वी
      िायगी।

               19-    पररवीक्षा
      (1)                                               े
               सेवा में िवसी पद पर मौधलव ररबि में या उसव प्रधत धनयुबि िवये िाने पर व ई व्यबि द
                            े
               वषथ वी अवधि व धलए पररवीक्षा पर रणा िायगा।
      (2)      धनयुबि प्राधिवारी ऐसे वारणों से ि        अधभधलजणत िवये िायेंगे, अलग-अलग मामलों में
               पररवीक्षा अवधि व िढा सवता है , जिसमें ऐसा िदनांव बवधनिदथ षट िवया िायगा िि तव िव
                                                  105
                 अवधि िढाई िाय।
                                          े
                 परनतु डवािदव पररजस्र्धत व धसवाय पररवीक्षा अवधि एव वषथ से अधिव और िवसी भी
                    ्
                 पररजस्र्धत में द वषथ से अधिव नहीं िढाई िायगी।
          (3)                                                  े                        े
                 यिद पररवीक्षा अवधि या िढाई गई पररवीक्षा-अवधि व दौरान िवसी भी समय या उसव अटत
में धनयुबि प्राधिवारी व यह प्रतीत ह िव पररवीक्षािीन व्यबि ने अपने अवसरों वा पय ्त उपय ग नहीं
                                                               े
िवया हैं या संत ष प्रदान वरने में अटयर्ा बवफल रहा हैं त उसे उसव मौधलव पद पर, यिद व ई ह ,
प्रत्यावधतथत िवया िा सवता हैं और यिद उसवा िवसी पद परन िारणाधिवार न ह त उसवी सेवायें समा्त
वी िा सवती है ।
          (4)                                            े
                 ऐसा पररवीक्षािीन व्यबि जिसे उपधनयम (3) व अिीन प्रत्यावधतथत िवया िाय या जिसवी
सेवायें समा्त वी िायं, िवसी प्रधतवर वा हवदार नहीं ह गा।
          (5)    धनयुबि प्राधिवारी संवगथ में सजम्मधलत िवसी पद पर या िवसी अटय समवक्ष या उच्च पद
                                                                                      े
पर स्र्ानापत्र या अस्र्ायी रूप से वी गयी धनरटतर सेवा वी पररवीक्षा-अवधि वी सगणना वरने व प्रय िनार्थ
गणना वरने वी अनुमधत दे सवता है ।
20-                                                                                      े
          स्र्ायीवरण िवसी पररवीक्षािीन व्यबि व पररवीक्षा अवधि या िढाई गई पररवाक्षा-अवधि व अटत में
          उसवी धनयुबि में स्र्ायी वर िदया िायगा, यिद-
          (व)    उसवा वायथ और डचरण संत षिनव िताया गया ह ,
          (ण)    उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत वर दी गयी ह , और
          (ग)                                                           े
                 धनयुबि प्राधिवारी वा यह समािान ह िाय िव वह स्र्ायीवरण व धलए अटयर्ा उपयुक्त है ।
21-       ज्येषठता
                                   े                                    े
          सेवा में िवसी भी श्रेणी व पद पर ज्येषठता मौधलव रूप से धनयुबि व िदनांव से अविाररत वी
          िायेगी और यिद द या अधिव व्यबि एव सार् धनयुक्त िवये िायं त उस क्रम से अविाररत वी
                           े            े
          िायेगी जिसमें उनव नाम धनयुबि व डदे ि में रणे गये हों:
परनतु:-
   ्
          (1)                                                                               े
                 सेवा में सीिे धनयुक्त िवये गये व्यबियों वी परस्पर ज्येषठता वही ह गी ि चयन व समय
          अविाररत वी िाय।
          (2)    सेवा में पद टनधत द्वारा धनयुक्त िवये गये व्यबियों वी परस्पर ज्येषठता वही ह गी ि
                   े       े
          पद टनधत व समय उनव द्वारा िृत मौधलव पद पर रही ह ।
िटपपणी:-
   ्
          सीिे भती िवया गया व ई अभयर्ी अपनी ज्येषठता ण सवता हैं , यिद िवसी ररक्त पद वा उसे
                                                    े
          प्रस्ताव िवये िाने पर वह बवधिमाटय वारणों व बिना वायथभार ग्रहण वरने में बवफल रहे । वारणों वी
                     े
          बवधिमाटयत व सम्िटि में धनयुबि प्राधिवारी वा बवधन्चय अंधतम ह गा।

                                          भाग सात- वेतन डिद
22-                                             े
          वेतनमान(1) सेवा में बवधभटन श्रेजणयों व पदों पर चाहे मौधलव या स्र्ानापत्र रूप में यह अस्र्ायी
          डिार पर धनयुक्त व्यबियों वा अनुमटय वेतनमान ऐसा ह गा ि सरवार द्वारा समय-समय पर
          अविाररत िवया िाय।
                                                   106
                 े      े
(2) ्स धनयमावली व िारण व चयन वेतनमान नीचे िदये गये है :-
23-                                         ु        े
          (।) फट ामेटल रूल्स में िवसी प्रधतवल उपिटि व ह ते हुए, भी, पररवीक्षािीन व्यबि व , यिद वह पहले से स्र्ाय
           क्र0          पद वा नाम                                      वेतनमान
          पु
           सं0
          री
          1     डिुलेणव (चयन श्रेणी)           400-20-500 द0 र 0-20-600 रू0
          2
          व     प्रिान धलबपव                     400-15-475-द0 र 0-15-550 रू0
          3
          र     डिुलेणव                          300-8-324-9-360-द0 र 0-10-440-द0र 0-12-500 रू0
          4     ियेषठ उपलेणव प्रालेणव
                 ् ्                             25-7-285-द0 र 0-9-375-द0 र 0-10-425 रू0
          5
          ली    वधनषठ
                    ्     उपलेणव     प्रालेणव/ 230-6-290-द0 र 0-9325-द0 र 0-10-385 रू0
                अधभलेणपाल       और      धनदे ि

          ह     धलबपव
          6     मैतयव श्रेणी धलबपव, टं वव, 200-5-250-द0 र 0-6-280-द0 र 0-8-320 रू0
                   ्

          औ     पंिीपाल और प्रेषण धलबपव

          र उसे स्र्ायी भी वर िदया गया ह :

                                            े
          परनतु यिद संत ष प्रदान न वर सवने व वारण पररवीक्षा अवधि िढाई िाय त ्स प्रवार िढाई गई
             ्
                          े
अवधि दी गणना वेतन-वृबद्ध व धलए ति तव नहीं वी िायेगी िि तव िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा धनदे ि
न दें ।
                                            े
          (2) ऐसे व्यबि वा ि पहले से सरवार व अिीन व ई पर िारण वर रहा ह , पररवीक्षा अवधि में
        ं
वेतन सुसगत फट ामेटटल एल्स द्वारा बवधनयधमत ह गा:
                                  े
परनतु यिद संत ष प्रदान न वर सवने व वारण पररवीक्षा अवधि िढाई िाय, त ्स प्रवार िढाई गयी अवधि
   ्
                     े
वी गणना वेतन-वृबद्ध व धलए ति तव नहीं िव िायगी िि िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा धनदे ि न दें ।
          (3) ऐसे व्यबि वा, ि पहले से स्र्ायी सरवारी सेवा में ह , पररवीक्षा अवधि में वेतन राज्य वे
           े   ं                                            ं
वायाथलयों व संिि में सामाटयत:सेवा सरवारी सेवायों पर लागू सुसगत धनयमों द्वारा बवधनयधमत ह गा।
24-                                                    े
          (1) डिुलेणव (चयन श्रेणी) और प्रिान धलबपव पद व धलए िवसी व्यबि व दक्षतार व पर वरने
          वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायगी िि तव िव यह न पाया िाय िव उसने िीरतया और अपनी
          सवोततम य ग्यता से वायथ िवया है , वह उपने वत्तथव्यों वा ि उसे सौंपे िायं, अपनी य ग्यता,
              ्
                                                    थ
          डचरण और पूरी ईमानदारी से पालन वरने में पूणतया समर्थ है और िि तव िव उसवी सत्यधनषठा
          प्रमाजणत न वर दी िाय।
                                े
(2) ज्येषठ उपलेणव-प्रालेणव, डिुलणव, वधनषठ उपलेणव-प्रालेणव, अधभलेणपाल, धनदे ि           धलबपव, टं वव,
                         े    े
पंिीपाल और प्रेषण धलबपव व पद व धलए िवसी व्यबि व -
          (एव) प्रर्म दक्षतार व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायगी िि तव िव यह न पाया
िाय िव उसने िीरतया और अपनी सवोत्तम य ग्यता से वायथ िवया हैं और िि तव िव उसवी सत्यधनषठा
प्रमाजणत न वर दी िाय।
           (द ) िद्वतीय दक्षतार व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायगी िि तव िव वह अपने
                                                                                  थ
वत्तथव्यों व ि सौंपे िायं अपनी य ग्यता, डचरण और पूरी ईमानदारी से पालन वरने में पूणतया समर्थ न
                                                 107
ह और िि तव िव उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।

                                         भाग डठ-अटय उपिटि

25-      पक्ष समर्थन-                                      े
                          सेवा में िवसी पद पर लागू धनयमों व अिीन अपेजक्षत धसफाररि     से धभटन पक्ष
समर्थन िवसी धसफाररि पर, चाहे धलजणत ह या मौजणव, बवचार नहीं िवया िायगा। अभयर्ी वी ओर से
                े
अपनी अभयधर्थता व धलये प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन प्रा्त वरने वर व ई प्रयास उसे धनयुबि वे
धलये अनहथ वर दे गा।
26-      अनय बवषयों वा बवधनयमन’
           ्                                      े   ं
                                      ऐसे बवषयों व संिि में, ि बवधनबवषट रूप से ्स धनयमावली या
                          े                                                े          े   ं
बविेष अटय बवषयों डदे िों व अटतगथत न डते हों, सेवा में धनयुक्त व्यबि राज्य व वायथवलाप व संिि में
वा बवधनयमन सेवारत सरवारी सेववों पर सामाटयतया लागू धनयमों, बवधनयमों और डदे िों द्वारा धनयबत्रत
होंगे।
27-      सेवा वी ितों में धिधर्लता-   िहां राज्य सरवार वा यह समािान ह िाय िव सेवा में धनयुक्त
                                                        े
व्यबियों वी सेवा व ितो वी बवधनयधमत वरने वाले िवसी धनयम व प्रवतथन से िवसी बविेष मामले में
                                                                      े
अनुधचत विठनाई ह ती है , वहां वह उस मामले में लागू धनमों में िवसी िात व ह ते हुए भी, डदे ि द्वारा उस
                                           े
धनयम वी अपेक्षाओं व उस सीमा तव और ऐसी ितो व अिीन रहते हुए, जिटहें वह मामले में टयायसंगत
                                    े
और साम्यपूणथ रीधत से वायथवाही वरने व धलस डव्यव समझे, अधभमुक्त या धिधर्ल वर सवती है ।
28-      वयाव़बत्त-
          ्               ्स धनयमावली वी िवसी िात वा ऐसे डरक्षण और अटय ररयायतों पर व ई प्रभाव
                                           ं                                       े
नहीं प े गा जिनवी राज्य सरवार द्वारा ्स संिि में समय-समय पर िारी िवये गये डदे िों व अनुसार
                     ू                                     े
अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय बविेष श्रेजणयों व व्यबियों           े
                                                                              व धलये व्यस्थ्या वरना
अपेजक्षत ह ।

                                             पररधिषट ‘व’
                                                   ्
                                         सेवा वी सदस्या संख्या

                      पद वा नाम                        सर्ाई
                                                        ्             असर्ायी
                                                                        ्                  यग
1-       डिुलेणव (चयन श्रेणी)                            1                                  1
2-       प्रिान धलबपव                                    1                2                 3
3-       डिुलेणव                                         1                2                 3
4- ियेषठ उपलेणव-प्रालेणव
    ् ्                                                 5                 1                 6
5- वधनषठ उपलेणव-प्रालेणव
       ्                                                3                                   3
     धनदे ि धलबपव और                                    2                                  21
     अधभलेणपाल                                           1
6- नैतयव श्रेणी धलबपव-
      ्
                                                         1                -                 1
     पंिीपाल
                                                         1                -                 1
     प्रेषण धलबपव
                                                        2                 1                 3
     टं वव
                                                108


                                            पररधिषट ‘ण’
                                                  ्
                                                 े
                                डिुधलबप परीक्षा व धलए पाठय-बववरण

परीक्षा वा बवषय और प्रत्येव बवषय में अधिवतम अंव धनम्नधलजणत होंगे -
1-डिुधलबप और टं वण (िहटदी)                  ------    -----   -----                100 अंव
2-िहटदी धनिंि                               ------    -----   -----                50 अंव
3-साक्षात्वार                               ------    -----   -----                50 अंव
2-      डिुधलबप परीक्षा में 5 धमनट तव िहटदी गिांि वा श्रुतलेण 80 िब्द प्रधतधमनट वी गधत से िायगा।
                     े                                े
श्रुतलेण वी डिुधलबप व अधभलेण वी अनुधलबप और टिवत वरने व धलये एव घंटे वा वर िदया िायगा।
                                       े
गिांि वा चयन अभयधर्थयों व डिुधलबप में ववल उनवी गधत वा परीक्षण वरने दृबि से ही नहीं वतन ्
             े                            े
िहटदी में उनव अच्दी और मुहावरे दार िहटदी व ज्ञान वी दृबि से भी िवया िायगा। ऐसे अभयर्ी व धनय िन
 े
व धलये अहथ नहीं समझा िायगा जिसवी परीक्षा में पांच प्रधतित से अधिव श्रुिटयां हों।
3-      िहटदी धनिटि वी परीक्षा द घंटे वी ह गी। अभयधर्थयों से एव पत्र और/या िवसी बवषय वर धनिटि
धलणने वी अपेक्षा वी िायेगी।
                                                                            डज्ञा से
                                                                         श्री भुवन प्रसाद
                                                                          बवतत सधचत।
                                                                             ्
                                                      109

                                           उततर प्रदे ि सरवार
                                             ्
                                       बवतत (सेवायें) अनुभाग-3
                                          ्
                                       संणया एस-3-4281/दस-502-59
                                          ्
                                          लणनऊ, 29 अगस्त, 1978
                                                   अधिसूचना
                                                     प्रवीणथ
                  े               े                                       े
         संबविान व अनुच्छे द 309 व परटतुव द्वारा प्रदत्त िबि वा प्रय ग वरव और ्स बवषय पर सभी
                                        े
वतथमान धनयमों और डदे िों वा अधतक्रमण वरव राज्यपाल, उत्तर प्रदे ि व षागार धलबपव वगीय सेवा में
                                                              े
भती और उसमें धनयुक्त व्यबियों वी सेवा वी ितो व बवधनयधमत वरने व धलये धनम्नधलजणत धनयमावली
िनाते हैं -
                        उततर प्रदे ि व षागार धलबपव वगीय सेवा धनयमावली, 1978
                          ्
                                                    भाग 1
                                                   सामानय
                                                        ्
1-       संजक्षपत नाम और प्रारम्भ-(1) यह धनयमावली ‘उततर प्रदे ि व षागार धलबपव वगीय सेवा धनयमावली,
                ्                                    ्
         1978 वही िायगी ।
         (2) यह तुरटत प्रवृत्त ह गी।
2-       सेवा वी प्राजस्र्धत
         उततर प्रदे ि व षागार धलबपव वगीय सेवा एव अिीनस्र् धलबपव वगीय सेवा है जिसमें वगथ ‘ग’ व
           ्                                                                                 े
         पद सजम्मधलत है ।
3-                                                ू
         पररभाषािि तव बवषय या सटदभथ में व ई प्रधतवल िात न ह , ्स धनयमावली में-
         (व)     ‘धनयुव्त प्राधिवारी’ वा तात्पयथ नैत्यव श्रेणी धलबपव , ज्येष् श्रेणी धलबपव और सहायव
                                       े      े
                 व षागार प्रिान धलबपव व पदों व सम्िटि में जिलाधिवारी से है और व षागार प्रिान
                                                    े      े
                 धलबपव और उपर व षागार प्रिान धलबपव व पदों व सम्िटि में डयुक्त से है ,
         (ण)     ‘पररषद्’ वा तात्पयथ रािस्व पररषद् उत्तर प्रदे ि से है ,
         (ग)                                                             े       े
                 ‘भारत वा नागाररव’ वा तात्पयथ ऐसे व्यबि से है ि संबविान व भाग-2 व अिीन भारत
                 वा नागररव ह या समझा िाय,
         (घ)                                             े
                 ‘डयुव्त’ वा तात्पयथ िवसी रािस्व प्रभाग व डयुक्त से है ,
         ( )                              े
                 संबविान वा तात्पयथ भारत व संबविान से है ,
         (च)     सरवार वा तात्पयथ उत्तर प्रदे ि सरवार से है ,
         (छ)                                         े
                 ‘राियपाल’ वा तात्पयथ उत्तर प्रदे ि व राज्यपाल से है ,
                     ्
         (ि)     ‘सेवा वा सदस्य’ वा तात्पयथ ऐसे व्यबि से है ि ्स धनयमावली र्ा ्स धनयमावली वे
                           े                                 े           े
                 प्रारम्भ व पूवथ प्रवृत्त धनयमों या डदे िों व अिीन सेवा व सम्वगथ में िवसी पद पर मौधलव
                 रूप में धनयुक्त िवया गया है ,

         (झ)’    सेवा वा तात्पयथ’ उत्तर प्रदे ि व षागार धलबपव वगीय सेवा से है , िवटतु ्समें सरवारी
                                                      110
                 व षाध्यक्ष वा वमथचारी वगथ सजम्मधलत नहीं है ,
          (स)    ‘व षागार अधिवारी’ वा तात्पयथ ऐसे अधिवारी से है ि फा्नेजटियल है ् िुव ण्              5 भाग-
                    े          े
                 2 व पैरा-405 व अिीन िवसी व षागार वा प्रभारी ह और ्समें अपर व षागार अधिवारी
                 सजम्मधलत है ,
          (ट)    ‘भती वा वषथ’ वा तात्पयथ िारह मास वी उस अवधि से है ि िवसी वले् र वषथ वी पहली
                 िुलाई से प्रारम्भ ह ती है ।
                                                     भाग-2
                                                     समवगथ
                                                       ्
1-        सेवा वा सम्वगथ         (।)                                     े
                                          सेवा और उसमें प्रत्येव श्रेणी व पदों वी संख्या उतनी ह ती जिसवी
राज्यपाल द्वारा समय-समय पर अविाररत वी िाय।
          (2)                                   े                                     े
                 सेवा और उसमें प्रत्येव श्रेणी व पदों वी संख्या, िि तव िव उपधनयम (1) व अिीन उसमें
              े
पररवतथन वरने व डदे ि न िदये िायें, उतनी ह गी, जितनी पररधिषट ‘व’ में दी गयी है :-
परनतु:-
   ्
          (।) िवसी ररक्त पद व धनयुबि प्राधिवारी बिना भरे छ            सवता हैं और राज्यपाल डस्र्धगत रण
सवते हैं जिससे व ई व्यबि प्रधतवर वा हवदार न ह गा।
          (2) राियपाल ऐसे अधतररक्त स्र्ायी या अस्र्ायी पदों वा सृिन वर सवते हैं , िैसा व उधचत समझें।
                 ्
                                                     भाग-3
                                                      भती
5-        भती वा श्र त
                                     े
          सेवा में बवधभटन श्रेजणयों व पदों पर भती धनम्नधलजणत श्र तों से वी िायगी ,
(व)       नैतयव श्रेणी धलबपव:
             ्
          (एव) सीिी भती द्वारा।
          (द )                 े                               े
                 समिद्ध जिलों व व षागार/व षागारों में वगथ ‘घ’ व वमथचाररयों में
                   ्                                                                       से 10 प्रधतित तव
                 वी पद टनधत द्वारा।
(ण)       ज्येषठ श्रेणी धलबपव:
                        े
          समिद्ध जिलों व व षागार/व षागारों में स्र्ायी नैत्यव श्रेणी धलबपवों में से
            ्                                                                           पद टनधत द्वारा।
(ग)       सहायव व षागार प्रिान धलबपव:
                        े
          समिद्ध जिलों व व षागार/व षागारों में स्र्ायी ज्येषठ श्रेणी धलबपवों में से पद जटटत द्वारा।
            ्
(घ)       अपर व षागार प्रिान धलबपव/व षागार प्रिान धलबपव:
          ऐसे स्र्ायी सहायव व षागार प्रिान धलबपवों, स्र्ायी ज्येषठ श्रेणी धलबपवों और स्र्ायी नैत्यव श्रेणी
                                                   े                                 े
          धलबपवों में से, जिटहोंने सम्िद्ध प्रभाग व व षागार में नैत्यव श्रेणी धलबपव व रूप में 12 वषथ वी
          टयूनतम धनरटतर सेवा वी ह , पद टनधत द्वारा।


                            े         े          ु
          िटपपणी:- पद ननधत व प्रय िन व धलए एव संयक्त ियेषठता सूची तैयार वी डयगी जिसमें
             ्         ् ्                            ्
                                                                                        े
          सहायव व षागार प्रिान धलबपवों, ज्येषठ श्रेणाःी धलबपवों और नैत्यव श्रेणी धलबपव व नाम उक्त पद
                                                     111
                        े        े
        पर धनरटतर सेवा व िदनांव व डिार पर ऐसे क्रम में रणे िायेंगे िव उससे िवसी जिले में िवसी भी
                े
        श्रेणी व पदों पर व्यबियों वी परस्पर ज्येषठता में नािा न प े गी।
6-      डरक्षण
            ू                ू                               े            े
        अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय श्रेजणयों व अभयधर्थयों व धलए डरक्षण भती वे
                           े         े
        समय प्रवृतत सरवार व डदे िों व अनुसार िवया िायगा।
                  ्
                              े          े                    े
        िटपपणी:- ्स धनयमावली व प्रारम्भ व समय प्रवृत्त सरवार व डदे िों वी प्रधतयां पररधिषट (ण) में
           ्
        दी गई है ।
                                                  भाग -4
                                                   अहं तायें
7-                                            े             े
        राषरीयतासेवा में िवसी पद पर सीिी भती व धलये अभयर्ी व धलए यह डव्यव है िव वह :-
(व)     भारत वा नागररव ह , या
(ण)     धतििती िराणार्ी ह , ि भारत में स्र्ायी रूप से धनवास वरने व
           ्                                                      े             अधभप्राय से 1 िनवरी, 1962
         े
        व पूवथ भारत डया ह , या
(ग)     भारतीय उदभव                                                                  े
                            वा ऐसा व्यबि ह जिसने भारत में स्र्ायी रूप से धनवास वरने व अधभप्राय से
                                      े
        पािवस्तार, वमाथ, श्रीलंवा या वधनया, युगा् ा और युना्टे                                     थ
                                                                          ररपजब्लव डफ तंिाधनया (पूववती
                               े
        तांगाधनवा और िंिीवार) व िवसी पूवी अफ्रीवी दे ि से प्रििन िवया ह -
                  थ                                                            े
        परनतु उपयुक्त श्रेणी (ण) या (ग) वा अभयर्ी वा अभयर्ी ऐसा व्यबि ह गा जिसव पक्ष में राज्य
           ्
        सरवार द्वारा पात्रता वा प्रमाण-पत्र िारी िवया गया ह ,
                                   े
        परनतु वह और िव श्रेणी (ण) व अभयर्ी से यह भी अपेक्षा वी िायेगी िव वह पुधलस उप
           ्
        महाधनदे िव, गु्तचर िाणा, उत्तर प्रदे ि से पात्रता वा प्रमाण-पत्र प्रा्त वर लें,
                                      थ
        परनतु यह भी िव यिद अभयर्ी उपयुक्त श्रेणी (ग) वा ह त पात्रता वा प्रमाण-पत्र एव वषथ से
           ्
                   े                                                          े
        अधिव अवधि व धलये िारी नहीं िवया िायगा और ऐसे अभयर्ी व एव वषथ वी अवधि व डगे
        सेवा में तभी रणा िायगा यिद उसने भारतीय नागररवता प्रा्त वर ली ह ।
                          े
िटपपणी:- ऐसे अभयर्ी व जिसव मामले में पात्रता वा प्रमाण-पत्र डव्यव ह , िवटतु व त वह िारी िवया
   ्
                                                                                          े
गया ह और न दे ने से ्टवार िवया गया ह , िवसी परीक्षा या साक्षात्वार में सजम्मधलत िवया िा सवगा
                                                    े
और उसे ्स ितथ पर अनजटतम रूप से धनयुक्त भी िवया िा सवगा िव डव्यव प्रमाण-पत्र या द वह
                   े
प्रा्त वर ले या उसव पक्ष में िारी वर िदया िाय।
िैजक्षव अहथ ताएं:-
8-      िैजक्षव अहथ ताएं-
                            े                े            े
        नैतयव श्रेणी धलबपव व पद पर सीिी भती व धलय अभयर्ी व अहथ ताएं ऐसी ह नी चािहये िैसा िव
           ्
अिीनस्य वायाथलय धलबपव वगथ (सीिी भती) धनयमावली, 1975 में धनिहत है ।
9-      अधिमानी अहथ ताएं-ऐसे अभ्यर्ी व जिसमें:-
(एव) प्रादे धिव सेवा में द वषथ वी टयूनतम अवधि तव सेवा वी ह , या
(द )           ै                                                    े                     े
        नैतयव व े ट निर व र वर ‘िी’ प्रमाण-पत्र िवया ह , अटय िातों व नमान ह नें पर, सीिी व बवषय
           ्
        में अधिमानता दी िायगी।
                                                      112
10-       डयु-
                              े                े                       े
          नैतयव श्रेणी धलबपव व पद पर सीिी भती व धलए अभयर्ी वी डयु भती व वषथ वी पहली िुलाई
             ्
                                                                 ू                ू
द 18 वषथ ह िानी चािहये और 27 वषथ से अधिव न ह नी चािहये परटतु अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत
                                े
िनिाधतयों और ऐसी अटय श्रेजणयों व ि सरवार द्वारा समय-समय पर अधिसधनत वी वर, अभसधर्थयों वी
                                            े
जस्र्धत में उच्च डयु सौपा वषथ अधिव ह ती जिसव वी धनिदथषट वी िाय।
11-       चाररत्र
                                        े
          सेवा में िवसी पद पर सीिी भती व धलये अभयर्ी वा चाररत्र ऐसा ह ना चािहये िव वह सरवारी सेवा
            े                               े       ं
में धनय िन व धलये सभी प्रवार से उपयुक्त ह सव। ्स संिि में धनयुबि प्राधिवारी अपना समािान वरे गा।
          िटपपणी:- संघ सरवार द्वारा या िवसी राज्य सरवार द्वारा या संघ सरवार या िवसी राज्य सरवार व
             ्                                                                                   े
स्वाधमत्व या धनयंत्रण में िवसी स्र्ानीय प्राधिवारी या िवसी धनगम या धनवाय द्वारा पदच्युत व्यबि सेवा में
                   े                               े            े
िवसी पद पर धनयुबि व धलए पात्र न ह गा। नैधतव अघमता व िवसी अपराि व धलए द ष धसद्ध व्यबि भी
पात्र न ह गें।
12-       वैवािहव प्राजस्र्धत
                                      े
          सेवा में िवसी पद पर धनयुबि व धलए ऐसा पुरूष अभयर्ी पात्र न ह गा जिसवी एव से अधिव
पजियां िीबवत हों या ऐसी मिहता अभयर्ी पात्र न ह गी जिसने ऐसे पुरूष से बववाह िवया ह जिसवी पहले से
एव पत्नी िीबवत है :
                                               े            ू
          परनतु राज्यपाल िवसी व्यबि व ्स धनयम व प्रवतथन से छट दे सवते हैं , यिद उनवा यह समािान
             ्
                   े
ह िाय िव ऐसा वरने व धलए बविेष वारण बवद्यमान है ।
13-       िारीररव स्वस्र्ता
          व ई अभयर्ी सेवा में िवसी पद पर ति तव धनयुक्त नहीं िवया िायगा िि तव िव मानधसव और
िारीररव दृबि से उसवा स्वास्थ्य अच्छा न ह और वह ऐसे िारीररव द षों से मुक्त ह जिनसे उसे अपने
                     थ                                                               े
वतथव्यों वा दक्षतापूवव पालन वरने में िािा प ने वी सम्भावना ह । िवसी अभयर्ी व धनयुबि व धलए
                            े                            े
अंधतम रूप से अनुम िदत वरने व पूवथ उससे फ् ामेंटल रूल 10 व अिीन िनाये गये और फा्नेजटियल
है ् िुव ण्                          े                              े
                    द , भाग द , चार व अध्याय 3 में िदये गये धनयमों व अनुसार स्वस्र्ता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत
वरने वी अपेक्षा वी िायेगी:
          परनतु पद टनधत द्वारा भती िवये गये िवसी अभयर्ी से स्वस्र्ता प्रमाण-पत्र वी अपेक्षा नहीं वी
             ्
िायेगी।
                                                    भाग -5
                                                भती वी प्रिक्रया,
14-       ररबियों वी अविारणा-
                                 े                                                  े
          धनयुबि प्राधिवारी वषथ व दौरान भरी िाने वाली ररबियों वी संख्या और धनयम 16 व अिीन
    ू                ू                               े            े
अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय श्रेजणयों व अभयधर्थयों व धलये डरजक्षत वी िाने वाली
                                                             े
ररबियों वी संख्या भी अविाररत वरे गा। वह नैत्यव श्रेणी धलबपव व पदों वी ररबियों वी संख्या वी सूचना
                                                      े
अिीनस्र् वायाथलय धलबपव वगथ (सीिी भती) धनयमावली, 1975 व अनुसार जिला चयन सधमधत व दे गा।
15-                             े
          नैजत्यव श्रेणी धलबपव व पद पर सीिी भती पद टनधत द्वारा भती वी प्रिक्रया-
                              े
          नैतयव श्रेणी धलबपव व पद पर भती अिीनस्र् वायाथलय धलबपव वगीय (सीिी भती) धनयमावली,
             ्
                                                  113
      े
1975 व अनुसार वी िायगी।
16-                                                                     े
         (1) पद टनधत द्वारा भती अनुउयुक्त व पंिीवृ त वरने हुए ज्येषठता व डिार पर धनम्नधलजणत रूप
                       े
में गिठत चयन सधमधतयों व माध्यम से वी िायगी।
                                                  े      े
ियेषठ श्रेणी धलबपव और सहायव व षागार प्रिान धलबपव व पक्ष व धलए
 ् ्
(1)      जिला अधिवारी।
(2)      व षागार अधिवारी।
(3)      जिलाधिवारी द्वारा नाम धनबवषट ऐसा अधिवारी न ि ्टी वलेक्टर ने
         धनमन पद वा न ह ।
            ्
                                                  े    े
व षागार प्रिान धलबपव और अपर व षागार प्रिान धलबपव व पद व धलए
(1)      डयुव्त।
(2)      व षागार धनदे िव।
(3)      डयुव्त द्वारा नामधनबवषट बवत्त बवभाग वा व ई अधिवारी जिसवा वेतनमान टयूनतम 900 रूपया
या अससे अधिव ह ।
(4)                                                  े
         धनयुव्त प्राधिवारी अभयधर्थयों वी, ज्येषठता व क्रम में, एव पात्रता सूची तैयार वरे गा और उसे उनवी
                       ं                   े                                े
चररत्र पंजियां उनवी संिधित ऐसे अटय अधभलेण व सार् ि उधचत समझा िाय चयन सधमधत व समक्ष
रणेगा।
(5)                                                   े                    े
         चयन सधमधत उप धनयम (2) में धनिदथ षट अधभलेणों व डिार पर अभयधर्थयों व मामले पर बवचार
वरे गी और यिद डव्यव समझे त अभयधर्थयों वा साक्षत्वार भी वर सवती है ।
(6)      चयन सधमधत चयन िवये गये अभयधर्थयों वी ज्येषठता-क्रम में एव सूची तैयार वरे गी और उसे
धनयुबि प्राधिवारी व अग्रसाररत वरे गी।
                                                 भाग 6
                                धनयुबि, पररवीक्षा, स्र्ायीवरण और ज्येषठता
17-      धनयुबि
                                                                                               े
         (1) मौधलव ररबियां ह ने पर, धनयुबि प्राधिवारी अभयधर्थयों व उस क्रम में लेवर, जिसमें उनव नाम
                           े
यर्ाजस्र्धत धनयम 15 या 16 व अिीन तैयार वी गयी सूची में ह , धनयुबियों वरे गा।
         (2) धनयुबि प्राधिवारी अस्र्ायी और स्र्ानापत्र ररबियों में भी उपधनयम (1) में धनिदथषट सूची से
धनयुबियां वर सवता है । यिद ्न सूधचयों वा व ई अभयर्ी उपलब्ि न ह त वह ऐसी ररबियों में, ्स
          े             े
धनयमावली व अिीन धनयुबि व धलए पात्र व्यबियों में से धनयुबियां वर सवता है 1 ऐसी धनयुबि एव वषथ से
              े
अधिव वी अवधि व धलए या अगला चयन िवये िाने तव ि भी पहले ह , वी िायगी।
18-      पररवीक्षा-
         (1) सेवा में िवसी पद पर िवसी मौधलव ररबि में या उस पर धनयुक्त व्यबि व द वषथ वी अवधि वे
धलये पररवीक्षा पर रणा िायगा।
         (2) धनयुबि प्राधिवारी ऐसे वारणों, से ि अधभधलजणत िवये िायेंगे, अलग-अलग मामलों में पररवीक्षा
                                     े
अिीन व ऐसा िदनांव बवधनिदथ षट वरते हुय, िि तव िव अवधि िढायी िाय, िढा सवता है ,
         परनतु डपवािदव पररजस्र्धतयों व छ वर पररवीक्षा अवधि एव वषथ से अधिव नहीं िढायी िायगी
            ्
और िवसी भी जस्र्धत में द वषथ से अधिव नहीं िढायी िायगी।
                                                  114
                                                             े                        े
          (3) यिद पररवीक्षा अवधि या िढायी भती पररवीक्ष अवधि व दौरान िवसी भी समय या उसव अटत
में धनयुबि प्राधिवारी व यह प्रतीत ह िव पररवीक्षािीन व्यबि ने अपने अवसरों वा पयाथ्त उपमान नहीं
िवया है या संत ष प्रदान वरने में अटयसर्ा है और यिद उसवा िवसी पद पर व ई िारणाधिवार न ह त
उसवी सेवायें समा्त वी वा िा सवती है ।
                                                        े
          (4) ऐसा पररवीक्षािीन व्यबि, जिसे उप धनयम (3) व अिीन प्रत्यावधतथत िवया िाय या जिसवी
सेवायें, समा्त वी िाय, िवसी प्रधतवर वा हवदार न ह गा।
                                       े
          (5) धनयुबि प्राधिवारी, सेवा व सम्वगथ में सजम्मधलत िवसी पद पर या िवसी समवक्ष या उच्च पद
                                                                                       े
पर स्र्ानापत्र यह अस्र्ायी रूप में वी गई धनरटतर सेवा वी पीरवीक्षा अवधि वी संगणना वरने व प्रयािनार्थ
गणना वरने वी अनुज्ञा दे सवता है ।
19-       सर्ायीवरण-
           ्
                                                                           े
          पररवीक्षािीन व्यबि व पररवीक्षा अवधि या िढायी गयी पररवीक्षा अवधि व अटत में उसवी धनयुबि
पर स्र्ायी वर िदया िायेगा, यिद
          (व) उसवा वायथ और डचरण संत षिनव िताया िाय
          (ण) उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत वी िाय, और
                                                                     े
          (ग) धनयुबि प्राधिवारी वा यह समाछान ह िाय िव वह स्र्ायीवरण व धलये अटयर्ा उपयुक्त है ।
20-       ियेषठता-
           ् ्
                                                                                     े
          (1) नैधतव श्रेणी धलबपव, ज्येषठ श्रेणी धलबपव और सहायव व षागार श्रेणी धलबपव व पदों पर
ज्येषठता सूधचयां जिलावार रणी िायेगी और व षागार प्रिान धलबपव और अपर व षागार प्रिान धलबपव वे
पद पर ज्येषठता सूधचयां प्रभागचार रणी िायगी।
                           े                           े                          े
          (2) उप धनयम (1) व अिीन रहते हुए िवसी श्रेणी व पद पर ज्येषठता तव धनयुबि व िदनांव से
अविाररत वी िायेगी और यिद द या अधिव व्यबि सार् धनयुक्त िवये िाय त उस वम से जिस वम में
   े
उनव नाम धनयुबि4 डदे ि में गये हों, अविाररत वी िायेगी।
परनतु:-
   ्
          (1) सेवा में सीिे धनयुक्त व्यबियों वी परस्पर ज्येषठता वही ह गी ि चयन अविाररत वी गयी ह ।
                                                                                       े
          (2) पद टनधत द्वारा सेवा में धनयुक्त व्यबियों अपनी ज्येषठता वही ह गी पद टनधत व समय उनवे
द्वारा िृत मौथ्लव पद पर रही ह ।
िटपपणी:- सीिे भती िवया गया व ई अभयर्ी अपनी ज्येषठता ण े सवता है यिद िवसी ररक्त पर उसवा
   ्
                                          े
प्रस्ताव िवये िाने पर वह बवधिमाटय वारणों व बिना वायथभार ग्रहण वरने में बवफल रहे । वारणों वी बवधि
        े
माटयता व सम्िटि में धनयुबि प्राधिवारी वा बवधन्चय अजटतम ह गा।
                                          भाग-सात-वेतन डिद
21-       वेतनमान-
                                     े
          सेवा में बवधभटन श्रेजणयों व पदों पर मौधलव या स्र्ानापत्र रूप में या अस्र्ायी डिार पर धनयुक्त
          े
व्यबियों व धलये अनुमटय वेतनमान ऐसा ह गा ि सरवार द्वारा समय-समय अविाररत िवया िाय।
                     पद वा नाम                                     वेतनमान
(व) व षागार प्रिान धलबपव/ अपर व षागार 450-25-575-द0 र 0-25-700 रू0
प्रिान धलबपव
                                                  115

(ण) सहायव व षागार प्रिान धलबपव                  250-7-285-द0 र 0-9-375-द0 र 0-10-425 रू0
(ग) ज्येषठ श्रेणी धलबपव                         230-6-290-द0 र 0-9-335-द0 र 0-10-385 रू0
(घ) नैधतव श्रेणी धलबपव                          200-5-250-द0 र 0-6-280-द0 र 0-8-320
पररवीक्षा अवधि में वेतन-
                                             ू        े
          (1) फ् ामेटटल रूल्स में िवसी प्रधतवल उपिटि व ह ते हुए भी पररवीक्षा पर िवसी व्यबि व , यिद
वह पहले से स्र्ायी सरवारी सेवा में   न ह , समयमान में उसवी प्रर्म वेतनवृबद्ध में भी दी िायेगी िि उसने
                                                  े      े
एव वषथ वी संत षप्रद सेवा पूरी वर ली ह त और द वषथ व सेवा व प्चात िद्वतीय वेतनवृबद्ध तभी भी दी
डयेगी िि उसने पररवीक्षा अवधि पूरी वर ली ह और उसे स्र्ायी भी वर िदया गया ह :
                                         े
          परनतु यिद संत ष प्रदान न वरने व वारण पररवीक्षा अवधि िढायी िाय त ्स प्रवार िढायी गयी
             ्
                         े
अवधि वी गणना वेतनवृबद्ध व धलये ति तव नही वी िायगी िि तव िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा धनदे ि
न दें ।
                                            े
          (2) ऐसे व्यबि वा ि पहले से सरवार व अिीन िवसी पद पर रहा ह , पररवीक्षा अवधि में वेतन
   ं
सुसगत फ् ामेटटल रूल्स द्वारा बवधनयधमत ह गा:
                               े
परनतु यिद संत ष प्रदान न वरने व वारण पररवीक्षा अवधि िढायी िाय त ्स प्रवार िढायी गयी अवधि
   ्
                    े
वी गणना वेतनवृबद्ध व धलये ति तव नहीं िव िायेगी िि तव िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा धनदे ि न दें ।
                                                                                                े
          (3) ऐसे व्यबि वा ि पहले ने स्र्ायी सरवारी सेवा में ह , पररवीक्षा अवधि में वेतन राज्य व वायथ-
      े                                                     ं
वलाप व सम्िटि में सामाटयतया सेवारत सरवारी सेववों पर लागू सुसगत धनयमों द्वारा बवधनयधमत ह गा।
23-                            े
          दक्षता र व पार वरने व धलये मापद् -
(व) व षागार प्रिान धलबपव/अपर व षागार प्रिान धलबपव - व षागार प्रिान धलबपव/अपर व षागार प्रिान
धलबपव वी दक्षता र व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायेगी, िि तव िव वह अपने वत्तथव्यों और
                           थ
उत्तरदाधयत्वों वा दक्षतापूवव पालन वरने में समर्थ न ह                                           थ
                                                             िाय, वह धनयमों और प्रिक्रया से पूणतया
सुपररधचत न ह िाय और उसवा अपने अिीनस्र् वमथचाररयों पर प्रभावपूणथ धनयंत्रण न ह और उसवी
सत्यधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।
(ण) सहायव व षागार प्रिान धलबपव
          (एव) सहायव व षागार प्रिान धलबपव व प्रर्म दक्षतार व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी
                            े                              थ
िायेगी िि तव िव वह व षागार व धभटन-धभटन वा उटटर पर दक्षतापूवव वायथ वरने में समर्थ न ह िाय,
                                            े                    ु
वह अपने वधनषठ वमथचाररयों वा मागथदिथन न वर सव और ल व व्यवहार में विल न ह और उसवी
सत्यधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।
          (द ) सहायव व षागार प्रिान धलबपव व िद्वतीय दक्षतार व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी
                                                                   े
िायेगी ति तव िव वह अपने वत्तथव्यों और उत्तरदाधयत्वों वा पालन वरने व धलये समर्थ न पाया िाय,
           े
िैसा िव उसव वायथ और डचरण से प्रवट ह और उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।
(ग) ज्येषठ श्रेणी धलबपव
          (एव) ज्येषठ श्रेणी धलबपव व प्रर्म दक्षता र व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायेगी ति
                        ं              थ                                      े
तव िव उसे अपने पद से संिधित वायथ से पूणतया सुपरधचत न पाया िाय और अटय बवभागों व वमथचाररयों
         े
और िनता व सार् उसवा व्यवहार अच्छा न ह और उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।
          (द ) ज्येषठ श्रेणी धलबपव व िद्वतीय दक्षता र व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायेगी िि
                                                  116
                                                             थ
तव िव यह न पाया िाय िव उसने उपने वत्तथव्यों वा पालन दक्षतापुवव ईमानदारी से और धनषठा और
          े
दरदधिथना व सार् िवया है और उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।
 ू
(घ) नैधतव श्रेणी धलबपव
           (एव) नैधतव श्रेणी धलबपव व प्रर्म दक्षतार व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायेगी िि
तव िव यह न पाया िाय िव असने िीरतया धनषठा से और अपनी भत्सव य ग्यता से वायथ िवया है और
             े                      े
अटय बवभागों व वमथचाररयों तर्ा िनता व सार् उसवा व्यवहार अच्छा है और उसवी सत्यधनषठ प्रमाजणत
वर दी गयी ह ।
           (द ) नौधतव श्रेणी धलबपव व िद्वतीय दक्षतार व पार वरने वी अनुमधत ति तव नहीं दी िायेगी िि
                                          थ                           े
तव िव वह अपने वत्तथव्यों वा पालन दक्षतापूवव, ईमानदारी से और दरदधिथता व सार् वरने में समर्थ न
                                                             ू
                    े                                                          ं
पाया िाय िैसा िव उसव वायथ और डचरण से प्रवट ह और ्नमें उसे सौंपे गये वायथ से संिधित धनयमों
और प्रिवया िव िानवारी भी सजम्मधलत है और िि तव िव उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत न वर दी िाय।
                                         भाग-डठ-अटय उपिटि
24-        पक्ष समर्थन-
                                                                               े
           िवसी भी ऐसी धलजणत या मौजणव धसफाररण पर, ि पद या सेवा पर लागू धनयमों व अिीन
                                                                                        े
अपेजक्षत धसफाररि से धभटटह , बवचार नहीं िवया िायेगा। िवसी अभयर्ी वी ओर से अपनी अभयर्थता व धलये
                                                                            े
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन प्रा्त वरने वा व ई प्रयास उसे धनयुबि व धलये अनहथ वर दे गा।
25-        अनय बवषयों वा बवधनयमन-
             ्
                      े                                                     े
           उन बवषयों व सम्िटि में ि बवधिषटतया ्स धनयमावली या बविेष डदे िों व अटतगथत न डते हों,
                                                                                       े
सेवा में धनयुक्त व्यबि ऐसे धनयमों, बवधनयमों और डदे िों द्वारा धनयंबत्रत होंगे ि राज्य व वायथ-वलाप वे
सम्िटि में सेवारत सरवारी सेवावों पर सामाटयतया लागू ह ते हैं ।
26-        सेवा वी ितों में धिधर्लता-
           िहां राज्य सरवार वा समािान ह िाय िव सेवा में धनयुक्त व्यबि वी सेवा वी ितो व बवधनयधमत
                     े
वरने वाले िवसी धनयम व प्रवतथन से िवसी बवधिषट मामले में अनुधचत विठनाई ह ती है वहां वह उस मामले
                                        े
में लागू ह ने वाले धनयमों में िवसी िात व ह ते हुए भी डदे ि द्वारा उस धनयम वी अपेक्षाओं व उस सीमा
               े
तव और ऐसी ितो व अिीन रहते हुए, जिटहें वह उस मामले में टयाय संगत साम्यपूणथ रीधत से वायथवाही
      े
वरने व धलये डव्यव समझे, अधभमुक्त या धिधर्ल वर सवती है ।
                                                                             डज्ञा से
                                                                          बवभुवन प्रसाद,
                                                                          बवतत सधचव।
                                                                             ्
                                             पररधिषठ ‘व’
                                                   ्
                                         सेवा वी सदस्य संणया
                                                          ्
क्र0 सं0       पद वा नाम                                              सर्ायी
                                                                       ्           असर्ायी
                                                                                     ्         ु
                                                                                              वल य ग
1              व षागार प्रिान धलबपव अपर व षागार प्रिान धलबपव          67                      67
2              सहायव व षागार प्रिान धलबपव                             2            3          5
3              ियेषठ श्रेणी धलबपव
                ् ्                                                   173          151        324
4              नैधतव श्रेणी धलबपव                                     1040         245        1285
                                                  117

                                          उत्तराण्         िासन
                                           बवतत अनुभाग-4
                                              ्
                                     संणया 974/बवत्त अनु0-4/2003
                                        ्
                                     दे हरादन, िदनांव 08 अगसत, 2003
                                            ू               ्
                                               अधिसूचना
                                                 प्रवीणथ
                 े               े                                       े
        संबविान व अनुच्छे द-309 व परटतुव द्वारा प्रदत्त िबि वा प्रय ग वरव और ्स बवषय पर समस्त
                                         े
बवघामान धनयमों और डदे िों वा अधतक्रमण वरव, राज्यपाल उत्तराण्              व षागार अिीनस्र् संवगथ में भती
      े                                                 े
और उसव धनयुक्त व्यबियों वी सेवा वी ितो व बवधनयधमत वरने व धलए धनम्नधलजणत धनयमावली िनाते
है :-
                          उत्तराण्   व षागार अिीनस्र् संवगथ धनयमावली, 2003
                                           भाग एव-सामाटय
1-      संजक्ष्त नाम और प्रारम्भ:
        (1) यह धनयमावली उत्तराण्       व षागार अिीनस्र् सेवा धनयमावली, 2003 वही िायेगी।            (2)
यह तुरटत प्रवृत्त ह गी।
2-      सेवा वी प्राजस्र्धत:
         उत्तराण्     व षगार अिीनस्र् संवगथ एव रािपबत्रत/अरािपबत्रत सेवा है जिसमें समूह ‘ण’ एवं ‘ग’
 े
व पद समाबवषट है ।
3-      पररभाषाएं:
                                          ू
        िि तव बवषय या संदभथ में व ई प्रधतवल िात न ह , ्स धनयमावली में-(व) ‘धनयुबि प्राधिवारी’ वा
तात्पयथ लेणा धलबपव, लेणा धलबपव (र व ), सहायव लेणावर, सहायव लेणावार (र व ), लेणावार व
                 े      े
लेणावार (र व ), व पदों व धलये सम्िजटित ‘जिलाधिवारी’ तर्ा सहायव/उपव षाधिवारी एवं सहायव
                   े
व षाधिवारी (र व ) व धलये ‘धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें, उत्तराण्       दे हरादन’ से है ;
                                                                                   ू
                                                                    े       े
        (ण) ‘भारत वा नागाररव’ वा तात्पयथ ऐसे व्यबि से है ि संबविान व भाग-द व अिीन भारत वा
नागररव ह या समझा िाय;
                                       े
        (ग) ‘संबविान’ वा तात्पयथ भारत व संबविान से है ;
        (घ) ‘सरवार’ वा तात्पयथ उत्तराण्     वी राज्य सरवार से है ;
        ( ) ‘राियपाल ‘ वा तात्पयथ उत्तराण्
                ्                                े
                                                व राज्यपाल से है ;(ग) ‘सेवा वा सदस्य’ वा तात्पयथ सेवा
 े                                                 े               े
व संवगथ में िवसी पद पर ्स धनयमावली या ्स धनयमावली व प्रारम्भ ह ने व पूवथ प्रवृत्त धनयमों या
         े
डदे िों व अिीन ‘मैधलव रूप से धनयुक्त’ व्यबि से है ;
        (ि) ‘सेवा’ वा तात्पयथ उत्तराण्    व षागार अिीनस्र् सेवा से है ;
                                            े
        (झ) ‘मौधलव धनयुबि’ वा तात्पयथ सेवा व संवगथ में िवसी पद पर ऐसी धनयुबि से है ि धनयमों वे
            े
अनुसार चयन व प्चात ् वी गयी ह और यिद व ई धनयम न ह त सरवार द्वारा िारी िवये गये वायथ
                                      े
चालव अनुदेिों तत्समय बविहत प्रिक्रया व अनुसार वी गयी ह ;
                                                118
        (स) ‘भती वा वषथ’ वा तात्पयथ िवसी वले् र वषथ वी पहली िुलाई से प्रारम्भ ह ने वाली िारह मास
वी अवधि से है ।
                               भाग द -संवगथ
4-      सेवा वा संवगथ:-
        सेवा वी सदस्यं संख्या-(1) सेवा वी सदस्य संख्या उतनी ह गी जितनी राज्यपाल द्वारा समय-समय
पर अविाररत वी िाय।
                              े                   े
        (2) िि तव उपधनयम (1) व अिीन पररवतथन वरने व डदे ि न िदये िायें, सेवा वी सदस्य संख्या
                             े
उतनी ह नी जितनी ्स धनयमावली व पररधिषट ‘व’ में बवधनिदथषट है :
        परनतु:-(एव) धनयुबि प्राधिवारी िवसी ररव् त पद व बिना भरे हुए छ
           ्                                                              सवता है जिससे व ई व्यबि
प्रधतवर वा हवदार न ह गा।
        (द ) राज्यपाल ऐसे अधतररक्त स्र्ायी या अस्र्ायी पदों व सृिन वर सवते हैं , जिटहें यह उधचत
समझे।
                               भाग तीन-भती
5-      भती वा ् त:-
                                             े
        भती वा ् त:- सेवा में बवधभटन श्रेणी व पदों पर भती धनम्नधलजणत श्र तों से वी िायेगी-
(व) लेणा धलबपव/लेणा धलबपव (र व ):
        1. सीिी भती द्वारा; अर्वा
                 े                                                े
        2. जिले व व षागार/व षागारों एवं उपव षागारों में समूह ‘घ’ व वमथचाररयों में से उत्तराण्
िासन से समय-समय पर िारी धनिाथररत प्रधतित तव वी पद टनधत द्वारा
(ण) सहायव लेणावार/सहायव लेणावार (र व ):
              े
        जिले व व षागार/व षागारों एवं उपव षागारों में से स्र्ायी लेणा धलबपव/ लेणा धलबपव पदिारवों में
                                            े                                         े
से अनुपयुक्त व उस्वीवार वरते हुये ज्येषठता व डिार पर पद टनधत वरते हुये, जिटहोंने भती व वषथ में
                                                             े                      े
्स रूप में वम से पांच वषथ वी सेवा पूणथ वर ली :परटतु पद टनधत व धलए पात्र अभयधर्थयों व उपलब्ि न
                                       े
पर सहायव लेणावार/सहायव लेणावार (र व ) व पदों व सीिी भती से भरा िायेगा।
(ग) लेणावार/लेणावार (र व ):
              े                                                               े
        जिले व व षागार/उपव षागारों में स्र्ायी सहावय लेणा/ सहायव लेणा (र व ) व पदिारवों में से
                                        े
अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुए ज्येषठता व डिार पर पद टनधत जिटहोंने ्स रूप में वम से वम तीन
वषथ वी सेवा पूणथ वर ली ह ।
                                                          े
        िनपद में सृजित सहायव लेणावार/सहायव लेणावर (र व ) व पद वा 80 प्रधतित/20 प्रधतित वा
                                े
अनुपाल सुधनजित वरते हुए लेणावर व पदों पर पद टनधत िवया िायेगा अर्वा पदों वी संख्या हे तु समय-
                                    े
समय पर िासन स्तर पर धलये गये धनणथय व अनुसार पदनाम एवं संख्या (अनुपात) धनिाथररत िवया िायेगा।
(घ) सहायव व षाधिवारी/उपव षाधिवारी/सहायव व षाधिवारी (र व ):
                     े                                                                े
        समिद्ध जिले व व षागार/व षागारों में से व षागर लेणावार/व षागार लेणावार (र व ) व पदिारवों
          ्
                                                े                 े            े
में से अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुये ज्येषठता व डिार पर पद टनधत व द्वारा, जिसव रूप में वम से
वम पांच वषथ वी सेवा पूणथ वर ली ह ।
                                                   119
िटपपणी:-1
   ्
                                         ै                            े
(1) पररधिषट ‘ण’ में प्रदधिथत वतथमान में वि िाणा में वायथतर मृत संवगथ व पदिारव यर्ा सहायव
र वि या व लेणा धलबपव (र व ) उपर वि या व सहायव लेणावार (र व ) र वि या व व षागार लेणावार
(र व ) तर्ा मुख्य र वि या व सहायव व षाधिवारी (र व ) पदनाम िवया गया है । मृत संवगथ घ बषत
             े
वम्रचाररयों व सेवाधनवृत्त ह ने तव ्नवी अपने-अपने प षव संवगथ में परस्पर ज्येषठता वही ह गी ि ्स
          े
धनयमावली व लागू ह ने वी धतधर् व ‘उततर प्रदे ि व षागार (र व
                                   ्                                 िाणा) धलबपव वगथ सेवा धनयमावली
       े
1987’ व अनुसार अपने-अपने प षव संवगथ में रही है परटतु प्र टनधत द्वारा भती वी प्रिक्रया ्स धनयमावली,
 े                                े          े                         े
व अिीन धनयम-5 एवं धनयम-16 तर्ा ्नव उपधनयमों व अिीन स्र्ाबपत प्रिक्रया व अनुसार पूणथ वी
                   े                               े
िायेगी। मृत संवगथ व उच्च पदों पर सभी वी पद टनधत वरव भरे िाने पर धनयले क्रम में ररक्त पद स्वत:
ही समा्त ह िायेंगे।
            ै                            े                         े
       (2) वि िाणा में वायथरत मृत संवगथ व सहायव व षाधिवारी (र व ) व पद व पद टनधत द्वारा,
                                                                                       ै
यिद व षागार लेणावार (र व ) मृत संवगथ में उपलब्ि न हों अर्वा अहथ न हों, वी जस्र्धत में वि िाणा वे
मृत संवगथ में वायथरत   ऐसे सहायव लेणावार (र व ) जिटहोंने ्स रूप में वम से वम 7 वषथ वी सेवा पूणथ
                  े
वर ली ह ज्येषठता व डिार पर अनुपयुक्त व अस्वीवार वरते हुये भरा िायेगा।
                                                                   ै                  े
       (3) भबवषय में धनयुबियों वा ् त एव ह गा परटतु लेणा िाणा एवं वि िाणा में तैनाती व अनुसार
वमथचारी वा पदनाम ह गा और ऐसे पदिारवों वा प षव संवगथ अलग-अलग न ह वर सजम्मधलत रूप से एव
ही प षव संवगथ ह गा।
           ू                ू                            े            े
डरक्षण:अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और अटय श्रेणी व अभयधर्थयों व धलए डरक्षण
             े                        े
भती/पद टनधत व समय प्रवृत िासनादे िों व अनुसार ह गा।
                                             भाग चार-अहथ तायें
राषरीयता:
   ्
                                     े
       सेवा में िवसी पद पर सीिी भती व धलये यह डव्यव है िव अभयर्ी:-(व) भारत वा नागाररव ह ;
या
                                                         े                            े
       (ण) धतब्िती िरणार्ी ह , ि भारत में स्र्ायी धनवास व अधभप्राय से 01 िनवरी, 1962 व पूवथ
भारत डया ह ; या
                                                                    े
       (ग) भारतीय उदभव वा ऐसा व्यबि ह जिसने भारत में स्र्ायी धनवास व अधभप्राय से पािवस्तान,
                                          े
िमाथ, श्रीलंवा या िवसी पूवी अफ्रीवी दे ि वटया, युगां ा और यूना्टे              ं                थ
                                                                    ररपजब्लव डफ तंिाधनया या (पूववती)
                                                  थ
तांगाधनवा और िंिीवार से प्रविथन िवया ह :परटतु उपयुक्त श्रेणी (ण) या (ग) वा अभयर्ी ऐसा व्यबि ह ना
           े
चािहये जिसव पक्ष में राज्य सरवार द्वारा पात्रता वा प्रमाण-पत्र िारी िवया गया ह :
                                  े
       परनतु यह और िव श्रेणी (ण) व अभयर्ी से यह अपेक्षा वी िायेगी िव वह पुधलस उप महाधनरीक्षव,
          ्
गु्तचर िाणा, उत्तराण्     से पात्रता वा प्रमाण-पत्र प्रा्त वर ले:
                                         थ
       परनतु यह भी िव यिद व ई अभयर्ी उपयुक्त श्रेणी (ग) वा ह त पात्रता वा प्रमाण-पत्र एव वषथ से
          ्
           े                                                           े
अधिव अवधि व धलये िारी नहीं िवया िायेगा और ऐसे अभयर्ी व एव वषथ वी अवधि व डगे सेवा में ्स
ितथ पर रहने िदया िायेगा िव वह भारत वी नागररवता प्रा्त वर ले।
िटपपणी-2
   ्
                        े
       ऐसे अभयर्ी व जिसव मामले में पात्रता वा प्रमाण-पत्र डव्यव ह , िवटतु न त वह िारी िवया
                                                120
गया ह और न दे ने से ्टवार िवया गया ह , िवसी परीक्षा या साक्षात्वार में सजम्मधलत िवया िा सवता है
                                                                                  े
और उसे ्स ितथ पर अनजटतम रूप से धनयुक्त भी िवया िा सवता है िव डव्यव प्रमाण-पत्र उसव द्वारा
                         े
प्रा्त वर धलया िाय या उसव पक्ष में िारी वर िदया िाय।
8-      िैजक्षव अहथ ता:
                                          े                े
        (1) लेणा धलबपव/लेणा धलबपव (र व ) व पद पर सीिी भती व धलये अभयर्ी वाजणज्य में
                       े
््टरमीि एट एवाउटटे सी व सार् उत्तीणथ ह ना चािहए, उसे दै वनागरी धलबप में पढने एवं धलणने वा ज्ञान
              े              े                            े       े
ह ना चािहए ्सव अलावा अभयर्ी व पास वम््यूटर में वायथ वरने व ज्ञान व सार्-सार् वम््यूटर पर
डिाररत वा प्रमाण-पत्र भी ह ना चािहए। वम््यूअर पर 4000 ‘वी ि प्रि’ प्रधत घंटा वी गधत ह नी चािहए।
                                                े                             े
        (2) सहायव लेणावार/सहायव लेणावार (र व ) व पद पर सीिी भती हे तु अभयर्ी व पास
             े
एवाउटटे टसी व सार् िवसी माटयताप्रा्त बव्वबवघालय से वाजणज्य में स्नातव वी उपाधि ह नी चािहए, और
                                                             े              े
उसे दे वानागारी धलबपव पढने एवं धलणने वा ज्ञान ह ना चािहए। ्सव अलावा अभयर्ी व पास वम््यूटर में
           े
वायथ वरने व ज्ञान सार्-सार् वम््यूटर पर डिाररत वायथ वा प्रमाण-पत्र भी ह ना चािहए। वम््यूटर पर
4000 ‘वी ि प्रेिन प्रधत घंटा वी गधत’ ह नी चािहए; अर्वा
        (3) (1)                                                           े
                   िवसी माटयताप्रा्त बव्वबवघालय से गजणत या भौधतव िास्त्र व सार् स्नातव वी उपाधि
वाले अभयर्ी जिन दे वनागारी धलबप में पढने एवं धलणने वा ज्ञान ह और वम््यूटर में प स्ट ग्रेज्युऐट अर्वा
                            े
वम््यूटर में ‘ओ लेबिल या ्सव समवक्ष वा व सथ िवसी माटयताप्रा्त संस्र्ा से िवया ह अर्वा वम््यूटर
बवषय ्टिीधनयररं ग उपाधि ह ।
9-      अधिमानी अहथ ता:
                   े                                    े
        अनय िातों व समान ह ने पद ऐसे अभयर्ी व सीिी भती व मामले में अधिमान िदया िायेगा।
          ्
जिसने –
        (एव) प्रादे धिव सेना में द वषथ वी टयूनतम अवधि तव सेवा वी ह ; या
                     ै
        (द ) राषरीय व े ट व र वा ‘िी’ प्रमाण-पत्र प्रा्त िवया ह या बव्वबवघालय से एन0एस0एस0 वा
प्रमाण-पत्र प्रा्त िवया ह ;                                     े
                              (तीन) वम््यूटर वा ‘ओ’ लेबिल या ्सव समवक्ष वा व सथ माटयताप्रापत
संस्र्ा से िवया ह ।
10-     डयु:
                  े
        सीिी भती व धलए अभयर्ी वी डयु जिस धनयुबि वषथ में ररबियां बवज्ञाबपत वी िाएं, उस वषथ पहली
िुलाई 21 वषथ ह िानी चािहए और अधिवतम डयु 35 वषथ से अधिव नहीं ह नी चािहए:
                  ू                ू                                   े
        परनतु अनुसधचत िाधतयों, अनुसधचत िनिाधतयों और ऐसी अटय श्रेजणयों व, ि सरवार द्वारा समय-
           ्
समय पर अधिसूधचत वी िांच, ऐसे अभयधर्थयों वी जस्र्धत में उच्चतर डयु सीमा उतने वषथ अधिव ह गी,
जितनी बवधनिदथ षट वी िाय।

11-     चररत्र:
                                      े
        सेवा में िवसी पद पर सीिी भती व धलए अभयर्ी वा चररत्र ऐसा ह ना चािहए िव वह सरवारी सेवा
                                         े                         ं
में धनय िन धलए सभी प्रवार से उपयुक्त ह सव। धनयुबि प्राधिवारी ्स संिि में अपना समािान वर लेगा।
िटपपणी-3
   ्
        संघ सरवार या िवसी राज्य सरवार या िवसी स्र्ानीय प्राधिवारी द्वारा या संघ सरवार या िवसी
                                                     121
राज्य सरवार स्वाधमत्व में या धनयंत्रणािीन िवसी धनगम या धनवाय द्वारा पदच्युत व्यबि सेवा में िवसी पद
           े                               े            े
पर धनयुबि व पात्र नहीं होंगे। नैधतव अिमता व िवसी अपराि व धलये द ष धसद्ध व्यबि भी पात्र नहीं होंगे।
12-    वैवािहव प्राजस्र्धत:-
                                   े
       सेवा में िवसी पद पर धनयुबि व धलये ऐसा पुरूष अभयर्ी पात्र नहीं ह गा जिसवी एव से अधिव
पजियां िी हों और ऐसी मिहला अभयर्ी पात्र नहीं ह गी जिसने िवसी ऐसे पुरूष से बववाह िवया ह जिसवी
पहले से व ई िीबवत रही ह :
                                         े            ू
       परनतु सरवार िवसी व्यबि व ्स धनयम व प्रनतथन से छट दे सवती है , यिद उसवा समािान ह
          ्
                 े
िाय िव ऐसा वरने व धलये बविेष वारण बवघमान हैं ।
13-    िारीररव स्वास्र्ता:-
       िवसी भी अभयर्ी व सेवा में िवसी पद पर तभी धनयुक्त िवया िायेगा िि मानधसव और िारीररव
दृबि से उसवा स्वास्थ्य अच्छा ह और यह ऐसे सभी िारीररव द ष से मुक्त दी जिससे उसे अपने वत्तथ्यों
            थ                                                                    े
वा दक्षतापूवव पालन वरने में िािा प ने वी सम्भावना ह । िवसी अभयर्ी व सीिी धनयुबि व धलये
                                 े
अजटतम रूप से अनुम िदत िवये िाने व पूवथ उससे यह अपेक्षा वी िायेगी िव:-
                                   े
       (व) यह यह फ् ामेटटल रूल 10 व अिीन िनाये गये और बवत्तीय बवयम संग्रह ण्                     द , भाग
     े                                े
तीन व अध्याय तीन में िदये गये धनयमों व अनुसार स्वस्थ्यता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत वरे ।
                                           भाग पांच-भती वी प्रिक्रया
14-    ररबियों वा अविारण:
                              े                                                 े
       धनयुबि प्राधिवारी वषथ व दौरान भरी िाने वाली ररबियों वी संख्या और धनयम 6 व अिीन
    ू               ू                            े            े
अनुसधचम िाधतयों/अनुसधचत िनिाधतयों और अटय श्रेणी व अभयधर्थयों व धलये डरजक्षत वी िाने वाली
ररबिया वी संख्या भी अविाररत वरे गा।
15-    सीिी भती वी प्रिक्रया:
                                                                                   े
       (1) लेणा धलबपव/लेणा धलबपव (र व ) व सहायव लेणावार तर्ा सहायव लेणावार (र व ) व पद
                                          े
पर सीिी भती सम्िद्ध जिले वा जिलाधिवारी ्नव धलये धनयुबि प्राधिवारी ह गा तर्ा िासन द्वारा धनिाथररत
                                  े                                            े
व ई बविेष प्रिक्रया यिद लागू ह उसव अिीन अर्वा जिला स्तर पर स्र्ाबपत प्रिक्रया व अंतगथत वी िायेगी।
                                                                           े
यिद राज्य सरवार द्वारा अलग से व ई प्रिक्रया धनिाथररत न वी िाय ति सीिी भती व प्रवरण में द व्यापव
        े
प्रसार व समाचार पत्रों में सीिी भती से ररक्त पदों व भरे िाने हे तु बवज्ञधप्त प्रवाधित वी िाय तर्ा धनिाथररत
                                   ं े
िैजक्षव य ग्यता में प्रा्त प्रा्ताव व प्रधतित तर्ा प्रत्येव उच्च ि ग्री ि उस बवषय से सम्िजटित ह में
प्रा्त प्रा्ताव वा दस प्रधतित ि     वर अंव िदया िाय तर्ा वम््यूटर से संिजटित य ग्यता हे तु वम््यूटर
                                                           े
बविेषज्ञ द्वारा अधिवतग ् 50 अंव में मूल्यांवन िवया िाय। ्सव अधतररक्त 20 अंव वा साक्षात्वार लेवर
          े
श्रेषठता व डिार पर चयन प्रिक्रया पूरी वी िाय।
16-    पद टनधत द्वारा भती वी प्रिक्रया:-
       (1) लेणा धलबपव/लेणा धलबपव (र व ), सहायव लेणावार/सहायव लेणावार (र व ) हे तु धनयम-5
     े
(ण( व अनुसार तर्ा
                                                    े                     े            े
       (2) लेणावार/लेणावार (र व ) हे तु धनयम-5 (ग) व अनुसार सम्िद्ध जिले व जिलाधिवारी व द्वारा
                                  े                  े
धनम्न प्रवार से चयन सधमधत गिठत वरव सीिी भती/पद टनधत व द्वारा भती वी िायेगी-
                                                   122
                              े
चयन सधमधत:- धनयम-16(1) व (2) व धलये:
                       े
1- जिलाधिवारी अर्वा उनव द्वारा नाधमत मुख्य/वररषठ व षाधिवारी/ व षाधिवारी (अध्यक्ष)
2- यिद जिलाधिवार स्वयं अध्यक्षत वरें ति मुख्य/वररषठ व षाधिवारी/ व षाधिवारी (सदस्य)
                      े                         े    ू
3- धनयुबि प्राधिवारी व द्वारा नाम धनिदथषट जिले व अनुसधचत िाधत वा रािपबत्रत अधिवारी ि श्रेणी रून से
धनम्नतर न ह         (सदस्य)
4- वम््यूटर तवनीिव ज्ञान रणने वाले वम से वम श्रेणी-ण वा रािपबत्रत अधिवारी (सदस्य)
                                                                                     े
         (3) सहायव व षाधिवारी/उपव षाधिवारी/सहायव व षाधिवारी (र व ) हे तु धनयम-5 (घ) व अनुसार
धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें उत्तराण्        े
                                                 व स्तर पर धनम्न प्रवार से चयन सधमधत गिठत वरवे
पद टनधत व भती पूणथ वी िायेगी-
                        े
चयन सधमधत:-धनयम-16 (3) व धलये:
1-       धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें       (अध्यक्ष)
2-                                                                                     े
         प्रमुण सधचव, बवत्त/सधचव, बवत्त द्वारा नाम धनिदथषट अधिवारी ि िासन में उप सधचव व स्तर से
         धनम्नतर न ह     (सदस्य)
3-                                                ू
         धनयुबि प्राधिवारी द्वारा नाम धनिदथषट अनुसधचत िाधत वा रािपबत्रत अधिवारी ि श्रेणी ‘व’ से
         धनम्नतर न ह (सदस्य)
(4) धनयुबि प्राधिवारी अभयर्ी वी पात्रता सूची समय-समय पर यर्ा संि धघत उत्तराण्           प्रदे ि (ल व सेवा
      े         े      े                            े
डय ग व क्षेत्र व िाहर व पदों पर) चयन टनधत धनयमावली व अनुसार तैयार वरे गा और उसे उनवी चररत्र
                   ं                     े                                  े
पंजियों और उनसे संिधित ऐसे अटय अधभलेणों व सार्, ि उधचत समझे िाये चयन सधमधत व समक्ष
रणेगा-
         परनतु िहां द या अधिव प षव संवगथ ह -
            ्
                                                                े
         (व) धभटन-धभटन वेतनमान ह ने पर उच्च वेतनमान वाले संवगथ व अभयधर्थयों व पात्रता सूची में
उपर रणा िायेगा।
                                              े       े
         (ण) समान वेतनमान ह ने पर अभयधर्थयों व नाम उनव अपने-अपने अधिषठान में प षव संवगथ में
                       े        े
मौधलव धनयुबि/प्र ननधत व िदनांव व क्रम में पात्रता सूची में रणे िायेंगे। िवटतु यिद द या अधिव
            े        े
अभयधर्थयों व िदनांव व अनुसार ज्येषठताक्रम में अभयर्ी वी पात्रता सूची तैयार वी िायेगी।
                                                े                    े
(5) चयन सधमधत उपधनयत (2) में धनिदथ षट अधभलेणों व डिार पर अभयधर्थयों व मामलों पर बवचार वरे गी
और यिद वह डव्यव समझे अभयधर्थयों वा साक्षात्वार भी वर सवती है ।
(6) चयन सधमधत चयन िवये गये अभयधर्थयों वी ज्येषठता क्रम में एव सूची तैयार वरे गी और उसे धनयुबि
प्राधिवारी व अग्रसाररत वरे गी।
                        भाग छ:-धनयुबि, पररवीक्षा, स्र्ाईवरण, प्रधतभूधत एवं ज्येषठता
17-      धनयुबि:-
                                           े                                         े
         (1) धनयुबि प्राधिवारी अभयधर्थयों व नाम उसी क्रम में लेवर जिसमें वे धनयम-16 व उपधनयम (4)
 े
व अिीन तैयार वी गयी सूची में डये हों, धनयुबि वरे गा।
                              े                   े
         (2) यिद िवसी एव चयन व सम्िटि में धनयुबि व एव से अधिव डदे ि िारी िवये िायं त एव
   ु                                              े                               े
संयक्त डदे ि भी िारी िवया िायेगा जिसमें व्यबियों व नामों वा उल्लेण प्रवीणता सूची व क्रम में िवया
िायेगा िैसा िव उस संवगथ में ह जिसमें से उटहें पद टनधत िवया िाय।
                                                 123
18-    पररवीक्षा:-
                                                      े
       (1) सेवा में िवसी पद पर स्र्ायी ररबि में या उसव प्रधत मौधलव रूप से धनयुबि िवये िाने पर
                              े
प्रत्येव व्यबि द वषथ वी अवधि व धलए पररवीक्षा पर रणा िायेगा।
       (2) धनयुबि प्राधिवारी ऐसे वारणों से ि अधभधलजणत िवये िायेंगे, अलग-अलग मामलों में पररवीक्षा
      े
अवधि व िढा सवता है , जिसमें ऐसा िदनांव बवधनिदथषट िवया िायेगा िि तव िव अवधि िढाई िाय:
                                               ्
                                    े
       परनतु डपवािदव पररजस्र्धतयों व धसवाय पररवीक्षा अवधि एव वषथ से अधिव और िवसी भी
          ्
पररजस्र्धत में द वषथ से अधिव नहीं िढाई िायेगी।
                                                         े                        े
       (3) यिद पररवीक्षा अवधि या िढाई गई पररवीक्षा अवधि व दौरान िवसी भी समय या उसव अटत में
धनयुबि प्राधिवारी व यह प्रतीत ह िव पररवीक्षािीन व्यबि ने अपने उवसरों वा पयाथ्त उपय ग नहीं िवया
है , त उसे मौधलव पद पर यिद व ई ह , प्रत्यावधतथत िवया िा सवता है और यिद उसवा िवसी पद पर
िारणधिवार न ह त उसवी सेवायें समा्त वी िा सवती है ।
                                                    े
       (4) ऐसा पररवीक्षािीन व्यबि, जिसे उपधनयम (3) व अिीन प्रत्यावधतथत िवया िाय या जिसवी
सेवायें समा्त वी िायं, िवसी प्रधतवर वा हवदार नहीं ह गा।
       (5)                           े
             धनयुबि प्राधिवारी सेवा व संवगथ में सजम्मधलत िवसी पद पर या िवसी अटय समवक्ष या उच्च
पद पर स्र्ानापटन या अस्र्ायी रूप से वी गयी धनरटतर सेवा वी पररवीक्षा अवधि वी संगणना वरने वे
प्रय िनार्थ गणना वरने वी अनुमधत दे सवता है ।
19-    स्र्ायीवरण:
                                                                           े
       िवसी पररवीक्षािीन व्यबि व पररवीक्षा अवधि या िढाई गई पररवीक्षा अवधि व अटत में उसवी
धनयुबि में स्र्ायी वर िदया िायेगा, यिद-
(व)                                              थ
       उसने बविहन प्रधिक्षण, यिद व ई द , सफलतापूवव प्रा्त वर धलया ह ;
(ण)    उसने बविहत बवभागीय परीक्षा, यिद व ई ह , उत्तीणथ वर ली ह ,
(ग)    उसवा वायथ और डचरण संत षिनव पाया िाय,
(घ)    उसवी सत्यधनषठा प्रमाजणत वर दी िाय;
(ि )                                                                े
       धनयुबि प्राधिवारी व यह समािान ह िाय िव वह स्र्ायी िवये िाने व धलए अटयर्ा अपयुक्त है ।

20-    प्रधतभूधत:-
       पदिारवों व    रव        े
                              व वायथ वा अपना पदभार ग्रहण वरने से पहले बविहत िंि-पत्र/प्रधतभूधत
धनषपािदत वरना ह गा। िैसा िव िासन द्वारा समय-समय पर धनिाथररत िवया िाय।
21-    ज्येषठता:-
                                 े
       एतद्पिचात ् यर्ा उपिजटित व धसवाय उत्तराण्
             ्                                                                             े
                                                          ज्येषठता धनिाथरण धनयमावली, 2002 व अिीन
                        े                                         े       े
रहते हुये, िवसी श्रेणी व पद पर व्यबियों वी ज्येषठता मौधलव धनयुबि व डदे ि व िदनांव से और यिद द
                                                               े            े
या अधिव व्यबि ऐ सार् धनयुक्त िवये िांय त उस क्रम से िैसे िव उनव नाम धनयुबि व डदे ि में रणे
गये हों, अविाररत वी िायेगी:
                         े                                                             थ
       परनतु यिद धनयुबि व डदे ि में िवसी व्यबि वी मौधलव रूप से धनयुबि वा व ई बवधिषट पूववती
          ्
                                                       े
िदनांव बवधनिदथ षट िवया िाय त उस िदनांव व मौधलव धनयुबि व डदे ि वा िदनांव समझा िायेगा, और
                                                  े
अटय मामलों में उसवा तात्पयथ डदे ि िारी िवये िाने व िदनांव से ह गा:
                                                     124
                                         े   ं             े
         परनतु यह और िव यिद िवसी एव चयन व संिि में धनयुबि व एव से अधिव डदे ि िारी िवये
            ्
                                    े                  े
िांय त ज्येषठता वही ह गी ि धनयम-17 व उपधनयम (1) व (2) व अिीन िारी िवये गये धनयुबि वे
   ु
संयक्त डदे ि में उजल्लजणत ह ।
(2) पद टनधत द्वारा धनयुक्त िवये गये व्यबियों वी परस्पर ज्येषठता वही ह गी ि प षव संवगथ में रही ह ।
             े                                                                         े
(3) प्रदे ि व व षागारों/उप व षागारों में मौधलव रूप से धनयुक्त लेणावार/ लेणावार (र व ) व पद पर
प्रदे ि स्तरीय एव ज्येषठता सूची, उत्तराण्                                      े
                                              ज्येषठता धनिाथरण धनयमावली, 2002 व अिीन रहते हुये उनवी
              े
मौधलव धनयुबि व िदनांव से धनदे िव, व षागार एवं बवत्त सेवायें, उत्तराण्      द्वारा तैयार वी िायेगी। यिद
                                 े
एव से अधिव लेणावारों वी लेणावार व पद पर धनयुबि एव ही धतधर् व हुई ह त सहायव लेणावार/
                      े
सहायव लेणावार (र व ) व पद पर पहले धनयुक्त व्यबि उससे ज्येषठ माना िायेगा।
                                           भाग सात-वेतन ्त्यािद
22-      वेतनमान:
                                         े
         सेवा में व षागार अिीनस्र् सेवा व पदों पर चाहे मौधलव या स्र्ानापटन रूप में ह या अस्र्ायी
डिार पर, धनयुक्त व्यबियों वा अनुमटय वेतनमान ऐसा ह गा, िैसा सरवार द्वारा समय-समय पर अनिाररत
िवया िाय।
23-      पररवीक्षा अवधि में वेतन:
                                              ू        े
         (1) फण ् ामेंटल रूल्स में िवसी प्रधतवल उपिटि व ह ते हुए भी पररवीक्षािीन व्यबि व , यिद वह
पहले से स्र्ायी सरवारी सेवा में न ह , समयमान में उसवी प्रर्म वेतन वृबद्ध तभी दी िायेगी िय उसनव
एव वषथ वी सटत षिनव सेवा पूरी वर ली ह ; िहां बविहत ह , बवभागीय परीक्षा उत्तीणथ वर ली ह और
                                                                े
प्रधिक्षण प्रा्त वर धलया ह । िद्वतीय वेतन वृबद्ध द वषथ वी सेवा व प्चात ् तभी दी िायेगी िि उसने
पररवीक्षा अवधि पूरी वर ली ह और उसे स्र्ायी भी वर िदया गया ह :
                                            े
         परनतु यिद सटत षिनव सेवा न वर सवने व वारण पररवीक्षा अवधि िढायी िाय त ्स प्रवार
            ्
                                    े
िढायी गयी अवधि वी गणना वेतन वृबद्ध व धलये नहीं िव िायेगी िि तव िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा
धनदे ि न दें ।
                                             े
         (2) ऐसे व्यबि व ि पहले से ही सरवार व अिीन व ई पद िारण वर रहा ह पररवीक्षा अवधि में
        ं
वेतन सुसगत फ् ामेंटल रूल्स द्वारा बवधनयधमत ह गा:
                                            े
         परनतु यिद सटत षिनव सेवा न वर सवने व वारण पररवीक्षा अवधि िढायी िाय त ्स प्रवार
            ्
                                    े
िढायी गयी अवधि वी गणना वेतन वृबद्ध व धलये नहीं वी िायेगी, िि तव िव धनयुबि प्राधिवारी अटयर्ा
धनदे ि न दें ।
         (3) ऐसे व्यबि वा ि पहले से स्र्ायी सरवारी सेवा में ह , पररवीक्षा अवधि में वेतन राज्य वे
          े   ं                                               ं
वायथवलाप व संिि में सेवारत सरवारी सेववों पर सामाटयतया लागू सुसगत धनयमों द्वारा बवधनयधमत ह गा।
                                भाग डठ-अटय उपिटि
24-      पक्ष समर्थन:-
                     े   ं                       े
         पद या सेवा व संिि में लागू ्स धनयमावली व अिीन अपेजक्षत धसफाररि से धभटन िवसी अटय
                                      े          े   ं
धसफाररि पर, चाहे धनयुक्त व्यबि राज्य व वायथवलाप व संिि में सेवारत सरवारी सेववों पर सामाटयतया
लागू धनयमों, बवधनयमों और डदे िों द्वारा धनयंबत्रत होंगे।
                                                        125
25-      अटय बवषयों वा बवधनयमन:-
                     े   ं                                                       े
         ऐसे धनयमों व संिि में ि बवधनिदथ षट रूप से ्स धनयमावली या बविेष डदे िों व अटतगथत न डते
                                   े          े   ं
हों, सेवा में धनयुक्त व्यबि राज्य व वायथवलाप व संिि में सेवारत सरवारी सेववों पर सामाटयतया लागू
धनयमों, बवधनयमों और डदे िों द्वारा धनयंबत्रत होंगे।
26-      सेवा वी ितो में धिधर्लता:-
         िहां राज्य सरवार वा यह समािान ह िाय िव सेवा में धनयुक्त व्यबियों वी सेवा वी ितो व
                              े
बवधनयधमत वरने वाले िवसी धनयम व प्रवतथन से िवसी बवधिषट मामले में अनुधचत विठनाई ह ती है वहां वह
                                       े
उस मामले में लागू धनयमों में िवसी िात व ह ते हुए भी, डदे ि द्वारा उस सीमा तव और ऐसी ितो वे
                                                                                े
अिीन रहते हुए जिटहें वह मामले में टयाय संगत और साम्यपूणथ रीधत से वायथवाही वरने व धलए डव्यव
समझे उस धनयम वी अपेक्षाओं से अधभमुबि दे सवती है या उसे धिधर्ल वर सवती है :
                           े
परनतु िहां, व ई धनयम डय ग व परामिथ से िनाया गया ह वहां उस धनयम वी अपेक्षाओं से अधभमुबि दे ने
   ्
                    े
या उसे धिधर्ल वरने व पूवथ डय ग से परामिथ िवया िायेगा।
27-      व्यावृबत्त:
         ्स धनयमावली वी िवसी िात वा व ई प्रभाव ऐसे डरक्षण और अटय ररयायतों पर नहीं प े गा
            ं                                                    े           ू
जिनवा ्स संिि में सरवार द्वारा समय-समय पर िारी िवये गये डदे िों व अनुसार अनुसधचत िाधतयों,
    ू                                                 े            े
अनुसधचत िनिाधतयों और व्यबियों वी अटय बविेष श्रेजणयों व अभयधर्थयों व धलये उपिटि वरना अपेजक्षत
ह।
                                                 पररधिषट ‘व’
                                                       ्
                                           (धनयम 4 (2) वा संलग्नव )
 क्र0            पद वा नाम                            वेतनाम                  पदों वी स्वीवृ धत     यग    अभयुबि
                                                                                                            ्
 सं0                                                                                 संख्या

                                                                              असर्ाई
                                                                                ्         सर्ाई
                                                                                           ्
     1                 2                                3                        4            5      6      7
 1       लेणा          धलबपव/लेणा 3050-4950संि धित                    वेतन       9            8     17
         धलबपव (र व )               (5200-20200          एवं   ग्रे    वेतन
                                    1900.00)
 2       सहायव             लेणावार 4000-6000            संि धित       वेतन      49            74    123
         /सहायव            लेणावार (5200-20200           एवं   ग्रे    वेतन
         (र व )                     2400.00)
 3       व षागार                    5000-8000                                   75            217   292
         लेणावार/व षागार            संि धित वेतन        (9300-34800 एवं
         लेणावार(र व )              ग्रे   वेतन 4200.00)
 4       सहायव व षाधिवारी/उप 1500-12000                                         45            55    100
         व षाधिवारी/       सहायव संि धित वेतन           (9300-34800 एवं
         व षाधिवारी (र व )          ग्रे   वेतन 4800.00)
                                                          126

    यग                                                                          178        354        532
                                                     पररधिषट ‘ण’
                                                           ्
                 े                  े
धनयम-5 िट्पणी-1 व अनुसार मृत संवगथ व पद ि अटतत: पररधिषट ‘व’ वा भा ह गा
क्र0      पद वा                वेतनमान                    पदों वी स्वीवृ धत    यग                 अभयुबि
                                                                                                    ्
सं0           नाम                                               संख्या
                                                          असर्ाई
                                                            ्        सर्ाई
                                                                      ्
    1         2                      3                      4            5     6                      7
1        सहायव      3050-4950                               8            34    42      िासन दि            संख्या-एस-3-
         र वि या    संि धित              वेतन (5200-                                   2429/दस-2000-
                    20200      एवं        ग्रे     वेतन                                100(39)/93, िदनांव 22-
                    1900.00)                                                           09-2000      े
                                                                                                   व द्वारा उत्तर
2        र वि य     4000-6000                              24            53    77                              ै
                                                                                       प्रदे ि में व षागार वी वि
                    संि धित     वेतन             (5200-                                िाणा संवगथ व लेणा िाणा
                    20200      एवं        ग्रे     वेतन                                                      ै
                                                                                       संवगथ में संबवलीन वर वि
                    2400.00)                                                           िाणा संवगथ व         मृत संवगथ
3        उप         5000-8000                              03            09    12      घ बषत      िवया       गया    है ।
         र वि या    संि धित     वेतन             (9300-                                उत्तराण्       में   ्से    लागू
                    34800      एवं        ग्रे     वेतन                                                   े
                                                                                       वरते हुए ्स संवगथ व पदों
                    4200.00)                                                           व     ्स       धनयमावली       वे
4        मुणय
            ्       6500-10500                             08            09    17      अनुसार नाम िदया
         र वि या    संि धित     वेतन             (9300-
                    34800      एवं        ग्रे     वेतन
                    4200.00)
    यग                                                     43            105   148
                                                                                       डज्ञा से
                                                                                     ् ु
                                                                                   ्नद ु वमार पा् े
                                                                               प्रमुण सधचव, बवत्त।
                                                   127




                                      बवततीय सांख्यवीय प्रभाग
                                         ्
              े                                                         े          े
        रािय व समस्त बवभागों में मुख्यालय एवं िनपद स्तर पर ििट सािहत्य व अनुरूप उनव द्वारा
           ्
                                                                      े
िवये गये डहरण ि बवधभटन य िनाओं, पररय िनाओं एवं मानव संसािन एवं बववास व धलये िवये गये हों,
                                        े                                े        े
वा लेणा व षागारों से प्रधतमाह प्रापत वरव उसव डव्यवतानुसार बवधभटन प्रवार व डउटपुट व रूप में
         े                              े
तैयार वरव िासन स्तर पर तर्ा महालेणावार व स्तर पर तर्ा समय-समय पर माननीय मुख्य मंत्री िी वे
                                                                               े
स्तर पर वी िाने वाली समीक्षा िैठवों में उपय ग हे तु वैज्ञाधनव ढं ग से तैयार वरव बवत्तीय सांख्यवीय
प्रभाग द्वारा प्रस्तुत िवया िाता है । ्ससे राज्य वी बवत्तीय समीक्षा एवं डव्चवतानुरूप संसािनों वा
                                         े
उपय ग प्रभाविाली ढं ग से वराने एवं व्यय व धनयंत्रण में निदीवी दृबि से धनयंत्रण में सहायता ह ती है ।
        िासनादे ि   संख्या   डई0एफ0/प्राबवधिव-3-73-1301,       िदनांव   30   अप्रैल,    1973   द्वारा   बवत्तीय
                                                   े
साख्ंयवीय धनदे िालय वी स्र्ापना धनम्नधलजणत उ्े ्य व धलये हुयी र्ी:-
1-                 े           े                           े      े
        व षागारों व लेणा वायथ व भार व िासवीय डिार सामग्री वटर पर वटरीययटत्रीवरण द्वारा वम
वरना,
2-            े
        भारत व धनयंत्रव महालेणा परीक्षा, महालेणावार उत्तर प्रदे ि और बवत्त बवभाग, उत्तर प्रदे ि िासन
                  े                                               ं
द्वारा व षागारों व लेणों पर िारी िवये गये धनदे िों और वायथबवधि संििी डदे िों पर व षागारों व अघावधिव
             े           े       े                ु थ
मागथ दिथन वरव व षागारों व लेणों व सुिार वराना और दवगीवरण व वम वरना,
3-                                  े
        व षाधिवाररयों और व षागारों व स्टाफ व                      े
                                                      भारत सरवार व धनयंत्रव महालेणावार परीक्षव वी
             े                                     े         े
लेणािीषथवों व य िना से भली भॉधत पररधचत वराना और उनव अनुपालन व धलये प्रेररत वरना तािव
व षागार लेणों में                             े                        े
                       उपर क्त प्राधिवाररयों व वतथमान स्र्ायी डदे िों व अनुसार डय िनेत्तर और
               े
डय िनागत व्यय व डंव ों व             स्पषटत: अलग-अलग िदणाया िाय और उस व्यय वी डगे लघु
लेणािीषथववार, बवस्तृत लेणािीषथवावार, प्रार्धमव ्वाईवार, य िनावार और डहरण-बवतरण अधिवारी वार
                    े
बवघिटत भी िवया िा सव,
4-                                                                           े                े
        व षागारों और चेव िारी वरने वाले बवभागों से वास्तबवव प्राधप्त व व्यय व डंव े प्रा्त वरव िासन
व उपलब्ि वराना तािव बवत्त बवभाग द्वारा िेहतर व्यय धनयंत्रण और उपलब्ि िनराधि वा िेहतर प्रय ग
          े
िवया िा सव,
5-                                 े
        वमपयूटर द्वारा ििट अनुमान व मौधलव डंव े तैयार वरना और
          ् ्
6-                                                   े
        अनय बवभागों, िेसे धिक्षा, पुधलस, पररवहन डिद व डिार सामग्री बविायन वरना।
          ्
        िासनादे ि संख्या-ए-3/1061/दस-सा0प0/प्राबवधिव/102-7-सा0प0/76, िदनांव 10 माचथ, 1976 वे
                                                                   े
द्वारा बवत्तीय सांख्वीय धनदे िालय स्तर से साण सीमा सम्िजटित लेणों व धलये व             डंवटन वा अधिवार भी
प्रदत्त हुड र्ा। उत्तराण्                                                           े
                             राज्य में उक्त धनदे िालय व षागार धनदे िालय में एव सेल व रूप में स्र्ाबपत है ।
                                                   128




                          अधिवाररयों और वमथचाररयों वी िबियों और वतथव्य


        िवसी भी सरवारी संगठन व िक्रयािील िवये िाने हे तु संबविान में प्राबविाधनत अनुच्छे द , िाराओ
               े               े
एवं उप िाराओं व अिीन उस संगठन व धलये पाररत अधिधनयमों, धनधमथत धनयमों तर्ा समय-समय पर
                                     े
िासन द्वारा धनगथत िासनादे िों में उसव धलये अधिवारों एवं वतथव्यों वा धनिाथरण िवया िाता है ।
                                                   ु
        िबियों, अधिधनयमों, धनयमों, धनयमावधलयों, मैनअलों एवं समय-समय पर धनगथत िासनादे िों में
                                                            े                         े   ै
धनणाथयव धनणथय हे तु अधिवार स्वरूप प्रदत्त रहती है , ि भारत व संबविान एवं संघ राज्यों व संविाधनव
        े                                                 े
अधिवार व तहत प्रदत्त ह ने वाले अधिवार हैं । िबियों संगठन व अधिवाररयों व ही प्रदत्त रहती है ।
                                           ु                                      े
        अधिधनयमों, धनयमों, धनयमावधलयों, मैनअलों एवं समय-समय पर िासन द्वारा संगठन व संचालन हे तु
                                           े                    े
धनगथत िासनादे िों तर्ा िासन स्तर पर संगठन व वायो एवं दाधयत्वों व धलये समीक्षात्मव िैठवों में धलये
                                                े            े
गये धनणथयों वा अनुपालन पारदधिथता एवं ििािदे ही व सार् संगठन व प्रत्येव स्तर पर सुधनजित वराना
संगठन वा वतथव्य ह ता है ।
उत्तराण्         राज्य   गठन   वे   प्चात    धनदे िालय   वा   संगठनात्मव    ढांचा   िासनादे ि     संख्या-
5098/बव0सं0िा0/2001, िदनांव 19 िून, 2001 द्वारा धनगथत हुड। ्स संगठनात्मव ढांचे में व षागार एवं
उपव षागार अधिषठान, स्र्ानीय धनधि लेणा परीक्षा, सहवारी सधमधतयॉ एवं पंचायतें लेणा परीक्षा,        ाटा सेटटर
                           े      े
तर्ा सेवा सम्िटिी अधिषठान व वायो व पयथवेक्षण, धनयंत्रण डिद हे तु श्री राज्यपाल मह दय द्वारा धनदे िव
                                                                              े
व धनदे िालय वा बवभागाध्यक्ष एवं ििट धनयंत्रव अधिवारी घ बषत िवया गया। धनदे िव व अिीन सवंगथ वे
अनुसार 2 अपर धनदे िव (वेतनमान रूपये 16400-20000),
     ु                                       े    े
4 संयक्त धनदे िव/उपधनदे िव (वेतनमान पद िारव व पद व अनुरूप), 1 वैयबिव सहावय (वेतनमान रूपये
6500-10500), 3 लेणावार सह वररषठ             ाटा ्टरी डपरे टर (वेतनमान रूपये 5000-8000), 2 वररषठ
सम्प्रेक्षव सह                                                               ं
                    ाटा ्टरी डपरे टर (वेतनमान रूपये 5000-8000), डिुधलबपव सह वस ल डपरे टर
(वेतनमान रूपये 4000-6000), 5 वायाथलय सहायव संह           ाटा ्टरी डपरे टर (वेतनमान रूपये 4000-6000),
                                                                          े
4 वाहन चालव (वेतनमान रूपये 305-4590), 6 चपरासी (वेतनमान रूपये 2550-3200) व पद रणे गये।
                                                            े                  े
िासनादे ि संख्या 125/बव0अनु-4/2001, िदनांव 07 नवम्िर, 2001 व द्वारा धनदे िालय व धलये 1 प्र ग्रामर
वेतनमान (8000-13500), वा पद व 1 पद वायाथलय सहायव सह                  ाटा ्टरी डपरे टर (वेतनमान रूपये
4000-6000), वा सृजित िवया गया। रक्षा लेणा वी प्रधतपूधत मुवदमों वी स्र्ायी पैरवी तर्ा व षागार वे
                े        े              े                                          े
प्राबवधिव वायो व धनवथहन व धलये धनदे िव व अिीन धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें व धलये
मुख्यालय स्तर पर 3 सहायव व षाधिवारी (वेतनमान रूपये 7450-11500) तर्ा 2 लेणावार (वेतनमान रूपये
5000-8000) अधतररक्त रूप से सृजित हुए ।
                                        े            े
        व षागारों में समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ व समस्त पदों व धलये सम्िजटित जिलाधिवारी धनयुबि प्राधिवारी
हैं । उत्तराण्                                           े
                   व षागार अिीनस्र् सेवा धनयमावली, 2003 व अनुसार सहायव /उपव षाधिवारी संवगथ वे
धनयुबि प्राधिवारी धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें है । िासनादे ि संख्या 535/ बव0अनु-4, िदनांव 15
             े
िूलाई, 2002 व द्वारा उत्तराण्                                                  े
                                    राज्य में 17 तहसीलों में िहॉ उपव षाधिवारी व पद सृजित नहीं र्े, में
                                                        129
              े                                         े
उपव षाधिवारी व 17 पद धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें व धनयंत्रणािीन सृजित हुए। सदर उपव षागार
दे हरादन में एव पद उपव षाधिवारी वा सृजित िवया गया। तयूनी, दटया एवं दे घाट वी बवषम पवथतीय
       ू
                                                                                        े
भौग धलव संरचना व दे णते हुए यहॉ नये उपव षागारों वी स्र्ापना वरते हुए 3 पद उपव षाधिवारी व सृजित
हुए। नई िदल्ली में उत्तराण्                े                             े
                                    राज्य व सरवारी संगठनों एवं पेंिनरों व रािवीय भुगतान वी सुबविा हे तु
                                                           े
िासनादे ि संख्या 515/बव0अनुऋ-4/2002 िदनांव 06 िुलाई, 2002 व द्वारा भुगतान एवं लेणा वायाथलय वी
                                                       े
स्र्ापना वरते हुए वायाथलय हे तु अधिवाररयों/वमथचाररयों व पद सृजित िवये गये तर्ा िासनादे ि संख्या
                                             े
1114/बव0अनु0-4/2003 िदनांव 31 िदसम्िर, 2003 व द्वारा 01 िनवरी, 2004 से िक्रयािील िवये िाने एवं
            े                             े
्स वायाथलय व ििट धनयंत्रव एवं सृजित पदों व धनयुबि प्राधिवारी धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें
                                                                        े
घ बषत हुए। िासनादे ि संख्या-623/बव0अनु-4/2002, िदनांव 16 धसतम्िर, 2002 व द्वारा उत्तराण्                        े
                                                                                                               व 17
व षागारों में प्रत्येव में 1 मुख्य र वि या (वेतनमान रूपये 6500-10500) वा पद सृजित वरते हुए ्सवा
पद नाम सहायव व षाधिवारी (र व )                        े                                 े
                                          तर्ा ्स पद व धनयुबि प्राधिवारी सम्िजटित म् ल व म् लायुक्त
 े
व स्र्ान पर धनदे िव व षागार एवं बवतत सेवायें घ बषत िवये गये। ्स प्रवार उत्तराण्
                                   ्                                                                     में धनदे िव
                           े                                                                 े
व षागार एवं बवत्त सेवायें व मुख्यालय में सृजित 01 पद प्र ग्रामर सिहत समस्त समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ व और
17   व षागारों    एवं    उत्तराण्      भुगतान     एवं   लेणा    वायाथलय    नई     िदल्ली   में   सृजित     ु
                                                                                                          वल    107
सहायव/उपव षाधिवारी तर्ा 17 सहायव व षाधिवारी र व                    े      े
                                                                  व पदों व धनयुबि प्राधिवारी धनदे िव व षागार
एवं बवत्त सेवायें है ।
        उततर प्रदे ि में बवत्त एवं लेणा सेवा
          ्                                       जिसे उत्तराण्                                     े
                                                                      में बवत्त सेवा संवगथ वहा गया व समूह ‘ण’
 े            े
व अधिवाररयों व स्र्ानाटतरण, भवन धनमाथण, भवन मरम्मत तर्ा वाहन अधग्रम वी स्वीवृ त हे तु 60 िदन
तव अजिथत अववाि, बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण्                 2, 2 से 4 में धचिवत्सा अववाि से सम्िजटित मूल
                 े
धनयम/सहायव धनयम व अिीन धचिवत्सा अववाि एवं अववाि वेतन स्वीवृ त वरने वा अधिवार िासनादे ि
                                                     े
संख्या एस-5282/दस-30(79)/84/िदनांव 31 अक्टू िर 1984 व द्वारा धनदे िव व षागार व है । यह अधिवार
उत्तराण्     में धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें व प्रदत्त हैं । िासनादे ि संख्या-एस-5365/दस-33(72)-
                 े                                          े                  े
89, िदनांव 1989 व द्वारा उत्तर प्रदे ि बवत्त एवं लेणा सेवा व समूह ‘व’ एवं ‘ण’ व सभी अधिवाररयों व
   े                                                           े
उनव सामाटय भबवषय धनवाथह धनधि से िी0पी0एफ रूल्स 13(4) और 16(1) व अटतगथत डवेिदत
अधग्रमों/अंधतम धनषवासनों वी स्वीवृ धत वी व्यवस्र्ा धनम्न प्रवार वी गयी है :-
1-      सामाटय      भबवषय    धनवाथह    धनधि     धनयमावली,      1985   वे   उक्त   धनयमों    वे   अटतगथत     अस्र्ायी
                                                  े                       ू
अधग्रम/अंधतम धनषवासन वी स्वीवृ धत, उक्त धनयमावली व धनयम 13 वी िद्वतीय अनुसची में उजल्लजणत
                                   े       े                          े
सम्िजटित अधिवाररयों द्वारा दी िा सवगी, जिनव अिीन बवत्त एवं लेणा सेवा व अधिवारी, स्वीवृ धत वे
समय वायथरत ह ,
2-                                               े               े
        सामाटय भबवषय धनवाथह धनधि धनयमावली, 1985 व धनयम 20 से 23 व अटतगथत डवेिदत भुगतानों
वी स्वीवृ धत धनदे िव व षागार द्वारा दी िायेगी।
3-                                े                                               े
        िाहय सेवा पर प्रधतधनयुबि व अिीन वायथरत सभी अधिवाररयों द्वारा उक्त धनयमों व अटतगथत िदये
                                                       ं
गये प्रार्थना पत्रों वी स्वीवृ धत तर्ा डगणन सीट वी चैिवग धनदे िव व षागार द्वारा वी िायेगी।
4-                           े                   े                े
        बवत्त एवं लेणा सेवा व बवभागाध्यक्ष स्तर व अधिवाररयों व उनव सामाटय भबवषय धनवाथह धनधि से
                    े                                 े
उक्त धनयमावली 1985 व धनयम 13(4), 16(1) तर्ा 20 से 23 व अनतगथत डवेिदत भुगतानों वी स्वीवृ धत
                                                 130
िासन द्वारा दी िायेगी तर्ा डगणन िीट वी चैंिवग धनदे िव व षागार द्वारा वी िायेगी। उत्तराण्               में
उक्तानुसार धनिाथररत अधिवारी धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें उत्तराण्   दे हरादन में धनिहत हैं ।
                                                                                ू
                                                                                े
                 िासनादे ि संख्या एस-5520/दस-92-87(279)/78, िदनांव 14 मई, 1993 व द्वारा बवत्त एवं
           े                             े                              े
लेणा सेवा व अधिवाररयों एवं अटय श्रेणी-2 व अधिवाररयों द्वारा भारत सरवार व अिीन पूवथ में वी गयी
सेवा व                 े                                                         े
          राज्य सरवार व अिीन वतथमान सेवा में पेंिन तर्ा अटय सेवाधनवृबत्तव लाभों व प्रय िनार्थ
सजम्मधलत िवये िाने तर्ा ्सवी प्रधतबि समिजटित अधिवाररयों वी सेवापुजस्तवा एवं अटय संगत अधभलेणों
                                       ्
में िवये िाने वा अधिवार धनदे िव व षागार व प्रधतधनिाधनत िवया गया है , ि उत्तराण्               में धनदे िव
व षागार एवं बवत्त सेवायें में धनिहत हैं ।
                                                               े
         िासनादे ि संख्या एस-4548/दस-9, िदनांव 12 िुलाई, 1994 व अिीन बवत्त एवं लेणा सेवा वे
            े                             ु                            े                     े
श्रेणी ‘व’ व मुख्यालय में अपर धनदे िव, संयक्त धनदे िव, एवं उप धनदे िव व रूप में वायथरत हों, व वाबषथव
                े
ग पनीय प्रबवबि व धलये धनदे िव व षागार व                            े
                                                प्रधतवेदव अधिवारी व रूप में डख्या अंवन वरने वे
                                                                             े
अधिवारी हैं । िासनादे ि संख्या-एस-3-3081/दस-97-14(17)/िदनांव 13 िनवरी, 1998 व तहत मुख्या
                                   े             े
व षाधिवाररयों/वररषठ व षाधिवाररयों व वाबषथव वायो व मूल्यांवन हे तु समीक्षव अधिवारी वा अधिवारी
धनदे िव व षागार में धनिहत हैं । िासनादे ि संख्या एस-2-797/दस-2000-33(58)/99, िदनांव 29 फरवरी,
      े                                          े            े                  े
2000 व द्वारा धनदे िव व षागार व बवत्त लेणा सेवा व श्रेणी ‘ण’ व समस्त अधिवाररयों व वाबषथव वायो
 े
व मूल्यांवन हे तु स्वीवृ ताधिवारी वा अधिवारी प्रदत्त है । उक्त सभी अधिवार उत्तराण्            में धनदे िव
व षागार एवं बवत्त सेवायें में संधनिहत हैं ।
         सर्ानीय धनधि लेणा परीक्षा एवं सहवारी सधमधतयॉ एवं पंचायतें लेणा परीक्षावा वा संगठनात्मव
          ्
          थ                            े                                    े
स्वरूप पूववत धनिाथररत पवथतीय उप संवगथ व अनुसार रणा गया। उत्तर प्रदे ि िासन व िासनादे ि संख्या
डि ट-1999/दस-2000-101 (64)/97, िदनांव-18 अगस्त, 2000 स्र्ानीय धनधि लेणा परीक्षा प्रभाग में
                 े
पवथतीय उप संवगथ व अिीन धचजटहत एवं उत्तराण्                               े ु
                                                  व डंविटत बवधभटन सवंगो व वल 206 पद तर्ा िाद
                             े ु
में 13 पद हररद्वार एवं िनपद व वल 213 पद सृजित एवं डवंिटत हैं । उत्तराण्              े
                                                                                गठन व िाद ्स प्रभाग
 े                                                                    े
व धलये िासनादे ि संख्या 572/बव0अनु0-1/2002, िदनांव 08 अक्टू िर, 2002 व द्वारा िनपद बपर्ौरागढ
                                                    ु
एवं चम ली में द नये जिला वायाथलयों वी स्र्ापना एवं वल 12 पद तर्ा िासनादे ि संख्या-2084/बव0अनु0-
                                 े
1/2003, िदनांव 03 धसतम्िर, 2003 व वृ बष उत्पादन म् ी पररषद, उिमधसंह नगर और वन बववास
                 े                           ु                                      े
धनगम नरे टर नगर व वायाथलयों वी स्र्ापना एवं वल 7 पद सृजित हुए। ्स प्रवार ्स प्रभाग व धलये
       ु                                                               े            े
सृजित वल 246 पदों में जिला सम्प्रेक्षाधिवारी से लेवर समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ व समस्त पदों व धनयुबि
प्राधिवारी वा अधिवार धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरनल डि ट में संधनिहत हैं ।
                                            े
         सहवरी सधमधतयॉ एवं पंचायतें प्रभाग व धलये उत्तर प्रदे ि िासन द्वारा िासनादे ि संख्या डि ट-
1641/दस-2000-101 (18) /98, िदनांव 17 मई, 2000 में पवथतीय उपं संवगथ में धचजटहत एवं डवंिटत
              े ु                                        े
बवधभटन संवगो व वल 403 एवं िाद में हररद्वार िनपद वायाथलय व 21 पद ्स धनदे िालय में ्स प्रभाग वे
हैं । उत्तराण्        े                  े
                 गठन व उपराटत ्स प्रभाग व धलये िनपद रूरप्रयाग, िागे्वर एवं चम्पावत में िनपद
                         ु                                             ु
वायाथलय वी स्र्ापना एवं वल 12 पद सृजित हुए। ्स प्रवार ्स प्रभाग हे तु वल 436 पदों वा सृिन हुड
                                                                        े      े
है । ्समें भी जिला लेणा परीक्षा अधिवारी से लेवर समस्त समूत ‘ग’ एवं ‘घ’ व पदों व धनयुबि प्राधिवारी
वा अधिवारी एवं धनदे िव व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरनल डि टर में संधनिहत है ।
                                                131
               े         े               े                े                       े
         भारत व संबविान व अनुच्छे द-309 व अिीन धनदे िालय व धनयंत्रणािीन प्रभागों व वाधमथवों
     े                                                                   े
(जिनव धनयुबि प्राधिवारी धनदे िव है ) वी सेवा सम्िजटित मामलों में संबविन व अनुच्छे 311 में धनिहत
िाबियों यर्ा लागू सेवा धनयमाधलयों (उत्तराण्    में ि अभी अनुम दन हे तु िासन में बवचारािीन हैं ) में
धनयुबि प्राधिवारी वी िबि, उत्तराण्                                                   े
                                      सरवारी सेवव (अनुिासन एवं अपील) धनयमावली, 2003 व अिीन
द्   दे ने वी िबि, उत्तराण्                                         े
                               सरवारी सेवव ज्येषठता धनयमावली, 2002 व अिीन धनयंत्रणािीन वाधमथवों
वी ज्येषठता धनिाथररत वी िबि, उत्तराण्                                          े
                                            राज्य वमथचारी डचरण धनयमावली, 2002 व अिीन धमस
          े
वट े क्ट व प्रवरणों पर द्     धनिाथरण िबि, उत्तराण्                                       े
                                                      सरवारी सेवव (वाबषथव ग पनीय ररप टों व बवरूद्ध
                                                         े
प्रत्यावेदन और सहिद्ध मामलों वा धनपटारा) धनयमावली, 2002 व अिीन स्वीवृ ताधिवारी वा िबि मुख्य
िबियॉं                  ु                                                े
           हैं । ििट मैनअल, बवत्तीय हस्त पुजस्तवाओं, सी0एस0डर0 अधिवारों व प्रधतधनिायन में
बवभागाध्यक्ष वी वजणथत िबियॉं तर्ा समय-समय पर िासन द्वारा धनगथत िासनादे िों, अधिधनयमों में
              े                                                 े                  ु
बवभागाध्यक्ष व धलये वजणथत िबियॉं प्रदत्त है । धनदे िव में उक्त व अधतररक्त, चेररटे िल ए् ाउमेटट एक्ट
                               े
1890 (एक्ट डफ 1890) वी िारा 3 व अिीन उत्तराण्               वी भौग धलव सीमा में जस्र्त टयासों वी
             े
सम्पबत्तयों व व षपाल वी िबि भी धनिहत है ।

              े
ििट धनयंत्रव व रूप में उत्तरदाधयत्व एवं वतथव्य

                                                                    े
         धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरलन डि ट व मुख्यालय, 17 व षागारों तर्ा
उत्तराण्                                                                                  े
            भुगतान एवं लेणा वायाथलय नई िदल्ली वायाथलय, स्र्ानीय धनधि लेणा परीक्षा प्रभाग व 13
                                                                       े
िनपदीय/राज्य स्तरीय वायाथलयों एवं सहवारी सधमधतयॉं एवं पंचायतें प्रभाग व 13 िनपदीय वायाथलयों वे
                                                                       े             े
धलये ििट धनयंत्रव अधिवारी वा अधिवार धनदे िव व प्रदत हैं । ्न अधिवारों व तहत धनदे िव व द्वारा
       े                                           े
प्रत्यव बवत्तीय वषथ में सभी प्रभागों एवं मुख्यालय व धलये पयाथ्त ििट वी व्यवस्र्ा हे तु अनुमाधनत डय-
                                                                                  ु  े
व्ययव वी गणना वरते हुए िासन व डगामी बवत्तीय वषथ हे तु ििट प्राबविान हे तु ििट मैनअल व पैरा
               े                                             े
24 और 55 (िी) व अिीन धनिाथररत प्रपत्र िी0एम0-1 में औधचत्यों व सार् प्रस्ताव िासन में प्रिासधनव
बवभाग (बवत्त बवभाग) व प्रत्येव वषथ 15 अक्टू िर से 15 िदसम्िर तव भेिने वा दाधयत्व है । चालू बवत्तीय
                                                                                  े
वषथ में व्यय अधिक्य एवं ििट वा बववरण पत्र धनयंत्रणािीन वायाथलयों से बपछले माह तव व वास्तबवव
              े               े       ु   े                े
व्यय एवं िचत व डंव े संवलन वरव ििट मैनअल व पैरा 54 और 140 व अिीन िी0एम0-4 में तैयार
   े
वरव बवलम्ितम 25 नवम्िर तव प्रिासधनव बवभाग व भेिने वा दाधयत्व है । समय-समय पर नई मदों वे
                थ
डवतथव एवं अनावंतव व्यय वी िनराधि व सजम्मधलत वरते हुए डगामी डय-व्ययव में व्यय वी नई मदों
 े                        ु   े         े                           े
व रूप में प्रस्ताव ििट मैनअल व पैरा-69 व अिीन िी0एम0-5 में तैयार वरव िासन व बवलम्ित रूप से
                                                                                      े
15 अक्टू िर और प्रधतवषथ 30 नवम्िर तव भेिने वा दाधयत्व है । चालू बवत्तीय वषथ में व्यय व डंव ों व
       ु   े                 े                                      े
ििट मैनअल व पैरा 116 और 118 व अनुसार रजिस्टर में प्रपत्र-िी0एम0-11 व रूप में प्रत्येव माह वी 20
                                                      े                                   े
तारीण तव तैयार वरने वा दाधयत्व है । धनयंत्रव अधिवारी व रूप में उक्तानुसार व्यय वी िनराधि व डंव ों
                                                                 े
वा धमलान िी0एम0-8 से वरते हुए प्रपत्र िी0एम0-12 में ्से तैयार वरव प्रत्येव माह महालेणावार व
बवलम्ितम ् रूप से अगले माह वी 20 तारीण तव उपलब्ि वराने तर्ा व षागार स्तर से महालेणावार व
              े
प्रेबषत व्यय व डंव ों ि महालेणावार में पुस्तांिवत हैं से ित प्रधतित रूप से धमलान वा दाधयत्व है । ििट
          े                                 े                                े
धनयंत्रव व रूप में िी0एम0-11 एवं िी0एम0-12 व डंव ों व िी0एम0-13 में तैयार वरव प्रत्येव माह
                                                  132
िासन में प्रिासधनव बवभाग (बवत्त बवभाग) अगले माह वी 20 तारीण तव भेिने वा दाधयत्व है । चालू
                                      े           े
बवत्तीय वषथ में ििट धनयंत्रव अधिवारी व दाधयत्वों व रूप में अंधतम व्यय अधिक्य एवं िचतों वा बववरण
       ु   े          े                े
ििट मैनअल व पैरा-140 व अिीन िी0एम0-14 व रूप में िासन में प्रिासधनव बवभाग (बवत्त बवभाग) व
                                                                           े
प्रत्येव वषथ 20 माचथ तव उपलब्ि वराने वा दाधयत्व है । िासन द्वारा पेंिनरों व पेंिन एवं धचिवत्सा प्रधतपूधतथ
 े                                                े
व दावों वी िनराधि वा भुगतान मुख्य लेणािीषथव 2071 व अिीन िवये िाने हे तु धनदे िालय व ििट
                                                     े
डवंिटत िवया िाता है । डवंिटत ििट व व षागारों व मॉंग व अनुसार डवंिटत वरने वा दाधयत्व एवं
           े                   े
डगामी वषथ व धलये अनुमाधनत ििट व अनुमान वा बववरण िासन व भेिने हुए ििट वा प्राबविान वराने
वा दाधयत्व है ।

बवततीय उत्तरदाधयत्व/वतथव्य
   ्

                                           े                  े                           े
        धनदे िालय एवं धनयंत्रणीन प्रभागों व िनपदीय वायाथलयों व धलये ििट धनयंत्रव अधिवारी व दाधयत्व
 े                                    े                        े
व तहत मुख्यालय सिहत प्रत्येव वायाथलय व डहरण बवतरण अधिवारी व उनव औधचत्यपूणथ मॉंग वे
अनुसार मानवमद िार ििट वा डवंटन िवया िाता है । धनदे िालय व षागार में व षागार एवं बवत्त सेवायें
         े
अधिषठान व धलये बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण्                 े       े
                                               5 भाग 1 व 47 िी व तहत डहरण बवतरण अधिवारी वा
           ु
दाधयत्व संयक्त धनदे िव/उप धनदे िव व षागार व सौंपा गया है । व षागारों, स्र्ानीय धनधि लेणा परीक्षा
प्रभाग एवं सहवारी सधमधतयॉं एवं पंचायतें प्रभाग में तैनात मुख्य/वररषठ व षाधिवारी/व षाधिवारी, जिला
सम्प्रेक्षा अधिवारी, जिला लेणा    परीक्षा अधिवारी, सहायव धनदे िव िैसा िव                 े
                                                                                    डगे व चैपटर        में
                                                         थ
प्रभागवार/िनपदवार अधिवाररयों वा बववरण िदया गया है , व पूववती राज्य से चली ड रही व्यवस्र्ा एवं
        े
अधिवार व रूप में बवत्तीय    हस्त पुजस्तवा ण् -1 में अधिवारों वा प्रधतधनिायन एवं बवत्तीय हस्त पुजस्तवा
             े              े                              े
ण् -5 भाग 1 व पैरा 12 ( ी) व तहत वायाथलयाध्यक्ष एवं 47 िी व तहत डहरण बवतरण अधिवारी वा
अधिवार अपने-अपने वायाथलय हे तु प्रदत हैं । डहरण बवतरण अधिवारी वा दाधयत्व है िव बवधभटन बवत्तीय
                    ु              ु
धनयमावधलयों, ििट मैनअल, बवभागीय मैनअल तर्ा भबवषय धनधि धनयमावली, पेंिन धनयमावली, डयवर
                                  े
अधिधनयम में उजल्लजणत संगत धनयमों व सार्-सार् बवत्त बवभाग द्वारा समय-समय पर िदये गये धनदे िों वा
                    े                                 े
भली-भॉंधत अध्ययन वरव उनवा पालन वरना है । बवत्त बवभाग व महत्वपूणथ िासनादे िों में से िासनादे ि
संख्या ए-1-1330/दस-4 (1)-70, िदनांव 17 मई, 1979 बविेष रूप से अवल वनीय एवं अनुवरणीय है । उक्त
                      े        े
अधिवार एवं दाधयत्वों व अिीन उनव द्वारा सम्पािदत वायो वा पयथवेक्षण एवं धनयंत्रण वा दाधयत्व
                                       े      े                        े
बवभागाध्यक्ष वा है । िनपदीय वायाथलयों व वायो व पयथवेक्षण एवं मुख्यालय व वायो हे तु श्री म हन राम
       ु
डयथ संयक्त धनदे िव व वायाथलयाध्यक्ष वा अधिवार प्रधतधनिाधनत िवया गया है ।
                                        े
        धनदे िालय स्तर पर िनपद वायाथलय व अधिवाररयों द्वारा वायाथलयाध्यक्ष एवं डहरण बवतरण
         े                                              े                              े
अधिवारी व बवत्तीय/प्रिासधनव दाधयत्वों वा धनवथहन धनयमों व तहत िवया िा रहा है । या नहीं व धलये
                  े
बवत्तीय धनयंत्रण व धलये प्रत्येव माह व्यय वा माधसव व्यय बववरण िी0एम0-8 मानवमद वार प्रा्त वरवे
्सवा परीक्षवण धनदे िालय स्तर से अनुदानवार एवं मानव मद वार डवंिटत ििट से िवया िाता है ।
                                        े
        मुणयालय स्तर से लेवर िनपद स्तर व अधिवाररयों द्वारा वी गयी िासवीय यात्रा वा परीक्षण
           ्
                                                     े               े
बवत्तीय धनयम संग्रह ण् -3 ि िव िासवीय यात्रा धनयमों व धलये िनी है , व डिार पर िासनादे ि संख्या
                                        े
4-395/दस-99-600/99 िदनांव 11 िून, 1999 व अिीन िवया िाता है ति यर्ा वायाथलयाध्यक्ष एवं
                                                  133
बवभागाध्यक्ष व                                        े                          े
                   ्स वायथ हे तु प्रधतधनिाधनत अधिवार व तहत ्से धनयंत्रव अधिवारी व रूप में
प्रधतहस्ताक्षररत िवया िाता है ।
                                                         े          े                   े
        मुणयालय स्तर पर वायाथलायध्यक्ष एवं बवभागाध्यक्ष व अधिवारों व तहत मुख्यालय स्तर व समस्त
           ्
                         े
वाधमथवों तर्ा िनपद स्तर व अधिवाररयों वा अववाि बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -2 भग 2 से 4 में
धनिहत मूल धनयम 58 से 104 तर्ा सहायव धनयम 35 से 172 तर्ा समय-समय पर िासन द्वारा धनगथत
             े
िासनादे िों व अिीन िवया िाता है ।
                                                           े       े
        सरवारी सेववों अर्वा संगठन से िु े बवधभटन भुगतानों व दावों व वालातीत ह िाने पर अविेष
                                                        े
दावों वी पूवथ सम्परीक्षा मुख्यालय स्तर पर बवभागाध्यक्ष व द्वारा िासनादे ि संख्य-ए-1-3959/दस-5/1/61-
65 िदनांव 23 िनवरी, 1986 तर्ा िासनादे ि संख्या-ए-1-1162/दस-98-3/1(6)/65, िदनांव 29 िुलाई,
      े                         े
1998 व अिीन धनिाथररत प्रिक्रया व तहत िवया िाता है ।
                               े            े
        मुणयालय एवं िनपद स्तर व श्रेणी ‘ण’ व समस्त अधिवाररयों एवं समस्त वमथचाररयों व भवन
           ्
                   े                                                        े
धनमाथण/क्रय/मरम्मतव धलये अधग्रम 50 मास वा मूल वेतन (पंचम वेतनमान लागू ह ने व पूवथ अनुमटय
वेतनमान में डवेदन वी धतधर् में पररवजल्पत प्रा्त वेतन) अर्वा रूपये 7,50,000/- ि वम ह उसवी
ब्याि सिहत वसूली अधिवतम 240 िवस्तों में िवये िाने वा दाधयत्व िासनादे ि संख्या 537/बव0अनु0-
                               े
1/2004, िदनांव 16 िुलाई, 2004 व द्वारा िवये िाने वा दाधयत्व है । भवन मरम्मत अधग्रम उपर क्त
           े
िासनादे ि व अिीन ही 50 मास वा मूल वेतन या रूपये 1,80,000/- ि वम ह व स्वीवृ त वरने वा
दाधयत्व है ।
                               े            े
        मुणयालय एवं िनपद स्तर व श्रेणी ‘ण’ व समस्त अधिवाररयों एवं समस्त वमथचाररयों व बवत्तीय
           ्
                           े                                  े
हस्त पुजस्तवा ण् -5 भाग 1 व प्रस्तर, 245, 246, 246ए तर्ा 247 व अिीन तर्ा िासन द्वारा धनगथत
                                                           े
िासनादे ि संख्या 538/बव0अनु0-1/2004 िदनांव 16 िुलाई, 2004 व अनुसार म पे /डट साईिवल/म टर
          ू
साईिवल/स्वटर/म टर वार क्रय अधग्रम वी स्वीवृ धत वा दाधयत्व है ।
        मुणयालय एवं
           ्                                       े
                        िनपदीय वायाथलयों में वायो व सम्पादन हे तु उपय गार्थ बवधभटन प्रवार वी सामधग्रयों
                                   े                                          े
व वायाथलयाध्यक्ष एवं बवभागाध्यक्ष व धलये प्रधतधनिाधनत सीमा एवं व्यय वी वैिता व अटतगथत क्रय वे
                            ु   े
धलये िन वी व्यवस्र्ा ििट मैनअल व डिार पर वरते हुए बवत्तीय धनयम संग्रह ण् -1 में प्रधतधनिाधनत
                  े                                      े              े
बवत्तीय अधिवारों व तहत स्ट र क्रय-बव0धन0सं0 ण् -5 भाग 1 व पररधिषट XVII व धनयम 13, स्टे िनरी
क्रय िासनादे ि संख्या 3639/पी0एस0-18-8-90-21 (2) पीएस- 90, िदनांव 15-2-90, बवदे ि से क्रय वी
                    े
दिा में भारत सरवार व धनयम/ ी िी एस ए्                     ु   े               े        े
                                                     ी मैनअल व अनुसार संबवदा व धनयमों व डिार
बव0ह0पु0 ण् -1 पररधिषट XIX भ् ार वा रणरणाव एम0िी0ओ0 अध्याय-72, भ् ार वा धनस्तारण
                                          े                  े                    े
बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -1 पररधिषट XIXD व अनुसार िवये िाने व मूल दाधयत्व है । ्सव अधतररक्त
                                  े                                          े
िासन द्वारा भ् ार क्रय एवं स्ट र व सम्िटिम में समय-समय पर धनगथत िासनादे िों व अनुसार व्यय वी
                         े
धनिाथररत सीमा एवं वैिता व अनुसार क्रय वी वायथवाही वरने वा दाधयत्व है ।
                                               े
        भबवषय धनवाथह धनधि धनयमावली 1985 एवं ्सव प्चात प्रर्म संि िन धनयमावली, 1997 व
            ्                                                                       े
                                                                                 े         े
अनुसार वायाथलयाध्यक्ष एवं बवभागाध्यक्ष व िदये गये डहरण वी स्वीवृ धत प्रदान वरने व दाधयत्व व तहत
                                                  े                                    े
अिीनस्र् वाधमथवों अधग्रम स्वीवृ त वरना तर्ा धनधि व लेणे वा रण-रणाव धनिाथररत प्रिक्रया व अनुसार
अघावधिव रणने वा दाधयत्व है ।
                                                      134
          वेतन धनिाथरण से सम्िजटित दाधयत्वों वा धनवथहन बवत्तीय हस्त पुजस्तवा ण् -2, भाग 2 से 4 वे
अिीन यर्ा लागू मूल धनयम एवं 22, 26, 30, 31 एवं 35 तर्ा समय-समय पर वेतन धनिाथरण हे तु िासन
                      े
से धनगथत िासनादे िों व अिीन िवया िाता है ।
                                             े
          मुणयालय एवं धनयंत्रणािीन प्रभागों व अिीनस्र् अधिवाररयों/वमथचाररयों व प्रधतवर पेंिन, अिक्ता
             ्
                                                                                                    े
पेंिन, अधिवषथता पेंिन एवं स्वैजच्छव सेवाधनवृबत्त पेंिन वी स्वीवृ त वायाथलयाध्यक्ष एवं बवभागाध्यक्ष व रूप में
                                                             े
िासनादे ि संख्या 3-2085:दस-907-76, िदनांव 13-12-1997 तर्ा ्सव प्रपत्रों वी तैयारी एवं सेवापुजस्तवा
व अघावधिव िवये िाने सम्िजटित (प्रस्तुतीवरण, धनस्तारण और बवलम्ि वा पररविथन) धनयमावली, 2003
                                                       े
संख्या 1033/बवत्त अनु0-4/2003, िदनांव 10 नवम्िर, 2003 व अनुसार पूणथ वराने वा दाधयत्व है ।

                  े
व षागार वाधमथयों व उत्तरदाधयतव एवं वतथव्य
                             ्

                                         े
          वयय धनयंत्रण एवं ििट धनयंत्रण व धलये व षागारों में वम््यूटर पर वायथ वरने वाले व्यबियों व
           ्
                                                                   े
तीन व िटयों में वगीवृ त िवया गया है । 1-प्रिासव (सुपर यूिर), 2-पयथवक्षव (सुपर वा्िर), 3- ाटा ्टरी
डपरे टर ( ाटा ्टरी डपरे टर) । सुपर यूिर वा वतथव्य है िव वह ििट फी                           े
                                                                                वरने एवं ्सव सापेक्ष हुए
व्यय पर धनयंत्रण हे तु ऐ ग पनीय पासव थ रणेगा। िि वभी सुपरवा्िर स्तर से वायथ हे तु ्से ण लने वा
अनुर ि िवया िायेगा तभी उसे अपने सम्मुण ण लेगा तर्ा बिल पारण एवं चेव धनगथमन वी प्रिक्रया पूरी ह ने
                                        े
पर पुन: िंद वरे गा। डहरण बवतरण अधिवारी व द्वारा दे यव प्रस्तुत वरने पर बिलों वी प जस्टग, दे यवों वा
           ं                  े          े
परीक्षण सुसगत बवत्तीय धनयमों व तहत वरने व उपराटत बिल पारण, चेव बप्रंिटं ग वा दाधयत्व              ाटा ्टरी
डपरे टर     (व षागार    लेणावार)   वा    है ।   बिल    पारण   वे    अिीन        ं
                                                                             पेमट    ्टरी,   ररसीट    ्टरी,
सी0सी0एल0/ ी0सी0एल0, पी0एल0ए0, ििट ्टरी, पुनबवथधनय ग वी ्टरी एवं पेंिन वी ्टरी वा वायथ है
ि व षागार में वायथरत व षागार लेणावार एवं व षागार सहायव लेणावार वा दाधयत्व है । चेव धनगथम वा
                                                 े                                      े
वायथ वही डपरे टर वरे गा जिसे सुपरवा्िर द्वारा ्सव धलये अधिवृ त िवया गया ह । वम््यूटर पैवि में यह
                     े            ं  े                                      े
सुबविा है िव बवपत्र व डन ला्न चेिवग व समय यिद प्रस्तुत िवये गये बवपत्र ििट व बवरूद्ध व ई
भुगतान प्रस्तुत ह ता है त ििट से िवस रूप में धभटन है ्सवा संदेि भी वम््यूटर सक्रीन पर प्रदधिथत ह ता
                                                                              ्
रहता है अत: बिल पारण वरने वाले वमथचारी वा वतथव्य है िव वह ्स पर बविेष धनगाह रणे। व षागार वा
                                               े
दाधयत्व है िव प्रत्येव माह डहरण बवतरण अधिवारी व व                     से हुए डहरण वी बवस्तृत सूचना
ररवटसाईलेिन स्टे ट मेंट (िी0एम0-9ए) प्रत्येव डहरण बवतरण अधिवारी व                   माह वी 7 तारीण तव
उपलब्ि वरावर ्स पर यह प्रमाण पत्र लेना िव ्स ररवटसाईलेिन स्टे ट मेंट में अनुदान, मुख्य लेणा
िीषथव, उपिीषथव एवं मानव मदवार व्यय उसी डहरण बवतरण अधिवारी से सम्िजटित है तर्ा ्सवी
िनराधि उसी सीमा तव सही है जिस सीमा तव सम्िजटित दे यव पारण हे तु व षागार में प्रस्तुत हुड र्ा।
                                                                         े        े
          व षागार वा दाधयत्व है िव प्रारजम्भव लेणे िुद्ध रूप से तैयार वरव उस माह व अगले माह वी 5
                                                    े
तारीण तव लेणा महालेणावार व प्रा्त वराये तर्ा ्नपुट व रूप में धनिाथररत ्नपुटों में बवधभटन प्रवार वे
भुगतान एवं प्राधप्तयों वा लेणा बवत्तीय सांख्यवीय सेल व तर्ा रक्षा लेणा व धनदे िालय में उपलब्ि वराये।
                                                        े                         े
          व षागार स्तर पर दबवथधनय गों वी घटनाओं से िचन व धलये डहरण बवतरण अधिवारी व स्तर से
                           ु
व षागार में पुस्तुत दे यवों वा परीक्षण एवं पारण बवत्त बवभाग से धनगथत महत्वपूणथ िासनादे ि संख्या िी-1-
                                                      135
1195/दस-16/94, िदनांव 6 िून 1994 में धनिाथररत ििट धनयंत्रण एवं बिल पारण वी बवस्तृत व्यवस्र्ा वा
ितप्रधतित रूप से पालन िवये िाने वा उत्तरदाधयत्व है ।
                         े                                                          ु
        व षागारों में ्सव अधतररक्त स्टाम्पों वी डपूधतथ-बवतरण एवं रण-रणाव स्टाम्प मैनअल में िदये गये
             े
प्राबविानों व अिीन िवये िाने वा वी व्यवस्र्ा एवं उत्तरदाधयत्व है तािव िनपद में िुि धियल एवं नान
                                                           े
िुि धियल डिद स्टाम्पों वी वमी न रहे एवं डम िनता व डव्यवता व समय सदै व उपलब्ि रहे ।
                                                                                        े
        माह में व षागार से पाररत हुए दे यवों वा भुगतान भारतीय स्टे ट िैंव से िवये िाने व प्चात ऐसे
                                            े             े
भुगतानों वा स्क्रौल दै धनव रूप से प्रा्त वरव भुगतान पक्ष व रजिस्टर ्सवा धमलान वरना एवं माह में ऐसे
                                                 े                               े
भुगतानों वा बववरण-िी0 ी0एम0एस0 िैंव से प्रा्त वरव व षागार में पुस्तांिवत भुगतान व डंव ों से
धमलान िवया िाता है और िवसी प्रवार वी धभटनता पर भारतीय ररिवथ               िैंव एवं भारतीय स्टे ट िैंव से ्स
धभटता व दर वराये िाने वा दाधयत्व भी व षागार वा है ।
         ू
        व षागार से ह ने वाले बवत्तीय-प्रिासधनव प्रिटिन एवं धनयंत्रण हे तु अद्धथ िासवीय पत्र संख्या-एस-3-
1690/दस-1999, िदनांव-02 िून, 1999, िासनादे ि संख्या-एस-3-3343/दस-99, िदनांव, 20 अक्टू िर,
1999 एवं उत्तराण्                            े
                            में बवत्त बवभाग व द्वारा प्रवाधित एवं प्रचाधलत उत्तराण्    े
                                                                                      व व षागारों हे तु मागथ
दधिथवा एवं धनरीक्षण चेव धलस्ट में वजणथत व्यवस्र्ा वा अनुपालन व षागार स्तर पर सुधनजित ह ना अधनवायथ
है और धनदे िव वा दाधयत्व है ्सवा अनुसार व षागारों/उपव षागारों वा धनरीक्षण िवया िाय एवं ्सवा
अनुपालन वराया िाय।
        उत्तराण्            े     े                                              े
                     राज्य व गठन व तुरटत िाद उत्तर प्रदे ि पुनगथठन अधिधनयम-2000 व प्राबविानों वे
                                      े
अिीन रािवीय भुगतानों एवं प्राधप्तयों व सम्िटि में समुधचत बवत्तीय प्रिटिन एवं धनयंत्रण हे तु बवत्त बवभाग
से धनगथत महत्वपूणथ िासनादे ि संख्या म म -1/पी0एस0/बवत्त बवभाग/2000, िदनांव 09 नवम्िर, 2000
                           ै
एवं िासनादे ि संख्या 0002/वम्प/स0बव0/ििट/2000-01, िदनांव 10 नवम्िर, 2000 में धनिहत प्रिक्रया
एवं व्यवस्र्ा वा अनुपालन व षागार एवं धनदे िालय स्तर से वराये िाने वा उत्तरदाधयत्व धनदे िव व षागार
एवं बवत्त सेवायें वा है ।

                      े
बवततीय सांख्यवीय सेल व उत्तरदाधयत्व एवं वतथव्य
   ्

1-                 े           े                           े      े
        व षागारों व लेणा वायथ व भार व िासवीय डिार सामग्री वटर पर वटरीययटत्रीवरण द्वारा वम
        वरना।
2-            े
        भारत व धनयंत्रव महालेणा परीक्षा, महालेणावार उत्तर प्रदे ि और बवत्त बवभाग, उत्तर प्रदे ि िासन
                          े
        द्वारा व षागारों व लेणों पर िारी िवये गये धनदे िों और वायथ बवधि सम्िटिी डदे िों पर व षागारों व
                             े           े                          ु थ
        अघावधिव मागथ दिथव वरव व षागारों व लेणों में सुिार वराना और दवगीवरण व वम वरना।
3-                                  े
        व षाधिवाररयों और व षागारों व स्टाफ व                         े
                                                         भारत सरवार व धनयंत्रव महालेणावार परीक्षव वी
        समय-समय पर परर्वृ त वम््यूटराईज्                                         े             े
                                                   लेणा प्रणाली और प्रदे ि िासन व बवत्त बवभाग व वाबषथव
                              े                                      े         े
        डय-व्ययव लेणािीषथवों व य िना से भली भॉंधत पररधचत वराना और उनव अनुपालन व धलये
        प्रेररत वरना।
                                                  136
4-                                                                          े                े
       व षागारों और चेव िारी वरने वाले बवभागों से वास्तबवव प्राधप्त व व्यय व डंव े प्रा्त वरव िासन
       व उपलब्ि वराना तािव बवत्त बवभाग द्वारा िेहतर व्यय धनयंत्रण और उपलब्ि िनराधि वा िेहतर
                        े
       प्रय ग िवया िा सव,
5-                                े
       वमपयूटर द्वारा ििट अनुमान व मौधलव डंव े तैयार वरना और
         ् ्
6-                                                  े
       अनय बवभागों, िेसे धिक्षा, पुधलस, पररवहन डिद व डिार सामग्री बविायन वरना।
         ्
7-     िासनादे ि संख्या-ए-3/1061/दस-सा0प0/प्राबवधिव/102-75- सा0प0/76, िदनांव 10 माचथ, 1976 वे
                                     े
       अिीन साण सीमा सम्िजटित लेणों व धलये व            डंवटन वा अधिवार।

                    े
सटे ट ्टटरनल डि टर व उत्तरदाधयत्व एवं वतथव्य
 ्

       वतथमान में बवधभटन रािवीय बवभागों, धनगमों, स्र्ानीय धनवायों तर्ा बव्वबवघालयों डिद में िदन
                                       े                             े   े
प्रधतदन िढते हुए वायथवलाप एवं य िनाओं व स्वरूप एवं बवत्तीय अधिवारों व बववटरीवरण व ध्यान में
रणते हुए डंधतररव सम्परीक्षा संगठन वा महत्व अधिव िढ गया है । उत्तराण्            में धनदे िव व षागार एवं
                                                      े                े
बवत्त सेवायें व स्टे ट ्टटरनल डि टर घ बषत वरते हुए ्सव उत्तरदाधयत्वों व धनवथहन वा दाधयत्व सौंपा
                                                                                         े
गया है । उत्तर प्रदे ि में पहले िासनादे ि संख्या डि ट-452/X-2001, िदनांव 29 िनवरी, 2001 व द्वारा
सभी बवभागों में वम से वम 10 प्रधतित डंतररव लेणा परीक्षा वराये िाने वी व्यवस्र्ा वी गयी तर्ा 15
िनवरी, 2003 व बवभागीय लेणा धनदे िालय व ्सवा दाधयत्व सौंपते हुए ्सवा नाम डटतररव लेणा
परीक्षा धनदे िालय िवया गया। उत्तराण्      में धनदे िालय में अधिवाररयों/वमथचाररयों वी टयूनतम उपलब्िता
 े        े           े
व वारण ्सव दाधयत्वों व अनुसार डटतररव लेणा परीक्षा वा वायथ प्रारम्भ नहीं ह सवा है । अत: िफलहाल
                          े                                                               े
बवधभटन संस्र्ाओं/बवभागें व वायथवलापों में अधनयधमतताओं वी धिवायतें प्रा्त ह ने पर या िासन व िवसी
        े                                                  े
धनदे ि व प्रा्त ह ने पर तद् समय एव ्टटरनल डि ट टीम गिठत वरव सम्िजटित बवभागों/संसर्ाओं में
                                                                                ्
                                                                                 े
डंतररव लेणा परीक्षा वराये िाने वी प्रिक्रया अपनायी गयी है । डटतररव लेणा परीक्षा व धलये सभी सरवारी
बवभागों में लेणा परीक्षा सम्पटन वराने हे तु वाबषथव वायथ य िना/वाबषथव वले् र व अंधतम रूप िदया िाना
ह ता है तर्ा ्स वायथ य िना में उच्च ि जणत वाले क्षेत्रों व धचजटहत िवया िाता है । डटतररव लेणा परीक्षा
में लगे वाधमथवों व    लेणा परीक्षा में डिुधनव तवनीव अपनाने हे तु बवधभटन स्तरीय प्रधिक्षण, जिसमें
वम््यूटर प्रधिक्षण, स्र्ानीय धनधि लेणा, धनदे िव पंचायती राि लेणा, सहवारी सधमधतयॉं एवं पंचायतें लेणा
परीक्षा तर्ा ग्राम्य बववास बवभाग   से लेणा परीक्षा वा परीक्षण एवं धनयमों वी िानवारी एवं लेणा परीक्षा वी
उत्पादवता एवं उपय धगता पर प्रजक्षण िदया िाना डव्यव है । डटतररव लेणा परीक्षा                में बवभाग वे
डधर्थव वायथवलापों वा धनरटतर धनरीक्षण िवया िाता है तर्ा ्सवा उददे ्य ए वा्िरी और सुिारात्व ह ता
                                          े
है । डंतररव परीक्षा गहराई से चेव ्वा्ं ट व डिार पर लेणा वा धनरीक्षण एवं िॉंच वराना है । डंतररव
                                                          े                             ं
सम्परीक्षा में ्ं धगत डपबत्तयों वा पररपालन सुधनजित वराने व सार्-सार् बव्लेषणात्मव व अनुसिानात्मव
                        े
बवचार प्रवट वरना है जिसव फलस्वरूप बवभागीय वायथ वलापों व संचालन में बवभागों व सहय ग एवं मागथ
दिथन प्रा्त ह ता है । डंतररव लेणा परीक्षव वा दाधयत्व है िव बवभागों द्वारा िवये गये व्यय तर्ा लक्ष्यों वी
अनुपाधतव भौधतव प्राधप्त बवधभटन स्तरों द्वारा िरती गयी दक्षता एवं उदासीनता वा ब्यौरा रतगधत से प्रा्त वर
                                                                                     ु
उसमें सुिार लाने हे तु िासन व ररप टथ भेिे।
                                                   137




         बवधनिचय वरने वी प्रिक्रया में पालन वी िाने वाली प्रिक्रया जिसमें पयथवेक्षण
              ्
                                              े
                             और उत्तरदाधयत्व व माध्यम सजम्मधलत है .

                        े                                                             े
         प्रतयेव बवभाग व मुख्यालय वा अपना अलग दाधयत्व ह ता है , जिसवा धनवथहन संबविान व अटतगथत
             ्
                                                              े           े
बविान म् ल द्वारा पाररत अधिधनयमों तर्ा संवल्पों (ररि ल्यूिन) व अिीन िासन व वायथवारी डदे िों वे
          ु                                            े
द्वारा व वछ मामलों में परम्परागत धनिाथररत प्रिक्रयाओं व अिीन धनणथय लेवर िवया िाता है । धनणथय वरने
वी यही प्रिक्रया धनदे िालय व षागार एवं बवत्त सेवायें सह स्टे ट ्टटरनल डि ट में भी अपनायी िा रही है ।
                                                      े
धनदे िालय में वायथरत समस्त अधिवाररयों एवं वमथचाररयें व मध्य धनदे िालय से व्यवहररत ह ने वाले समस्त
वायो वा डवंटन िवया गया है । सौपें गये वायथ एवं दाधयत्व व सम्िजटित वमथचारी एवं अधिवारी द्वारा
                                  ं               े
स्र्ाबपत प्रिक्रया, धनयमों एवं सुसगत िासनादे िों व अिीन सम्पािदत िवया िाना अपेजक्षत ह ता है ।
         डमतौर पर मुख्यालय में प्रा्त ह ने वाले सभी पत्रों व    ाव   ायरी/ ाव धनस्तारण पटल में तैनात
         े                              े
वमथचारी व द्वारा ण ला िाता है (धनदे िव व नाम से एवं ग पनीय पत्रों व छ वर) तर्ा सभी पत्रों व
           े   ु            े                                               े
धनदे िालय व संयक्त धनदे िव व समक्ष प्रस्तुत िवया िाता है । सामाटय प्रवृ धत व पत्रों व मुख्यालय वे
   ु
संयक्त धनदे िव वे                                     े               े
                     द्वारा सम्िजटित अधिवारी/वमथचारी व नाम से मागथ वरव सािारण तर्ा सम्िजटियों व
उपलब्ि वराने हे तु   ाव     ायरी वाले वमथचारी व वापस भेि िदया िाता है और ि पत्र महत्वपूणथ प्रवृ धत वे
                                         े               े         े
ह ते हैं उटहें सम्िजटित अधिवारी/वमथचारी व नाम से वामथ वरव धनदे िव व अवल वनार्थ रणा िाता है ।
                                       े                              े
धनदे िव द्वारा ऐसे पत्रों वा अवल वन वरव पत्रों पर वायथवाही िवये िाने व धलये धनदे ि अंिवत वरते हुए
सम्िजटितों व उपलब्ि वराने हे तु     ाव   ायरी वाले वमथचारी व वापस भेि िदया िाता है ।
                  े     े
         धनदे िव व नाम व पत्र एवं ग पनीय पत्रों व धनदे िव द्वारा स्वंय ण ल वर उस पर डव्यव
                               े
वायथवाही हे तु धनदे ि अंिवत वरव सम्िजटित अधिवारी व उपलब्ि वराने हे तु        ाव   ायरी वाले वमथचारी व
भेि िदया िाता है ।     ाव                                                         े
                             ायरी वाला वमथचारी समस्त पत्रों व पंजिवा में अंिवत वरव क्रमांव नम्िर एवं
िदनांव                                                                    े
          ालवर ्से उन सभी अधिवाररयों/वमथचाररयों व उपलब्ि वरा दे ता है जिनव स्त्र से ्न पत्रों पर
प्रारजम्भव वायथवाही वी िानी अपेजक्षत ह ती है ।
                             े                                                        े
         उपर व् त प्रिक्रया व अनुसार ऐसे बवचारािीन पत्र वायाथलय में तैनात वमथचाररयों व मध्य सौंपे गये
                  े                                 े
वायथ एवं दाधयत्व व क्रम में प्रा्त ह ने पर वायाथलय व वमथचाररयों वा उत्रदाधयत्व है िव उटहें ि वायथ एवं
                          े                           े
दाधयत्व सौंपे गये है , उसव अिीन ऐसे बवचारािीन पत्रों व प्रा्त ह ते ही तत्वाल ्स पर वायथवाही वरते हुए
                   े
पत्र वा परीक्षण वरव सम्िजटित पत्रावली में अपनी िट्पणी में उन सभी तथ्यों और धनयमों डिद वा उल्लेण
                            े           ं                         े                         े
वरते हुए, ि बवचारािीन पत्र व बवषय से सुसगत ह पत्रावधलयॉं अपने पयथवक्षव व प्रस्तुत वरे । पयथवक्षव
                                                                           े
द्वारा वायाथलय से प्रस्तुत ह ने वाली समस्त पत्रावधलयों में बवचारािीन पत्र व बवषय से सम्िजटित समस्त
तथ्यों    एवं धनयमों ि वायाथलय द्वारा पत्रावली वी िट्पणी में प्रस्तुत िवया गया है , वा परीक्षण स्र्ाबपत
                         ं               े                                      े
प्रिक्रया, धनयमों एवं सुसगत िासनादे िों व क्रम में िवया िाता है । ्स प्रिक्रया व तहत पत्रावधलयों में रणे
                                                    138
                े                                                    े
बवचारािीन पत्र व सम्िटि में वायाथलय से प्रस्तुत िट्पणी पर पयथवेक्षव व सहमत ह ने पर पत्रावली
             ु
उपधनदे िव/संयक्त धनदे िव व                                                ु
                                 अवल वनार्थ भेिी िाती है । उप धनदे िव /संयक्त धनदे िव पत्रावली में
                               े                                             े
प्रस्तुत टीप वा गहन परीक्षण वरव बवषय वस्तु वी वास्तबवव जस्र्धत वा परीक्षण वरव उधचत धनणथय एवं
               े                       े                                        ु
अधभमत अंिवत वरव अनुम दन हे तु धनदे िव व समक्ष प्रस्तुत वरते हैं । उप धनदे िव/संयक्त धनदे िव वा
उत्तरदाधयत्व है िव उटहें प्रस्तुत ह ने वाली पत्रावधलयों में रणे बवचारािीन पत्र पर वायाथलय एवं सम्िजटित
पयथवेक्षव द्वारा प्रस्तुत डख्या/अधभमत पर अपना स्पषट धनणथय/अधभमत ि धनयमों, िासनादे िों अधिधनयमों,
   ु           ं
मैनअलों एवं सुसगत       तथ्यों पर डिाररत ह , अंिवत वरते हुए अंधतम धनणथय हे तु पत्रावली धनदे िव व
                                        े                       े
प्रस्तुत वरें । धनदे िव बवचारािीन पत्र व क्रम में ्स प्रिक्रया व अटतगथत प्रस्तुत ह ने वाली पत्रावधलयों पर उप
           ु
धनदे िव/संयक्त धनदे िव द्वारा अंिवत धनणथय/अधभमत व             अधिधनयमों, धनयमों, िासनादे िों, िासन वे
                                                                          े
वायथवारी डदे िों एवं स्र्ाबपत प्रिक्रया में उसे धनिहत िाबि एवं दाधयत्वों व मानव पर परणते हुए अपना
धनणथय अंिवत वरते है ।
       संक्षेप में यह वहा िा सवता है िव यघबप अधिवांि मामलों में अंधतम धनणथय धनदे िव द्वारा धलया
                                                े
िाता है , धनणथय लेने में उनवी सहायता धनदे िालय व सभी अधिवारी एवं वमथचारी वरते हैं तर्ा ्स प्रवार
धनणथय लेने वी प्रिक्रया में सभी वी भागीदारी रहती है । जिन मामलों में धनणथय लेने वा अधिवार धनदे िव व
प्रधतधनिहत नहीं है उटहें अपनी संस्तुधत सिहत धनदे िव द्वारा िासन व संदजक्षथत िवया िाता है ।
                                                                 139




                                                                                     सं0ए-01-78/दस-02-10(14)-85
प्रेषव,
                     श्री भ ला नार् धतवारी,
                     प्रमुण सधचव, बवत्त, उततर प्रदे ि िासन।
                                           ्
सेवा में,
                     समसत बवभागाध्यक्ष एवं प्रमुण वायाथलयाध्यक्ष,
                        ्
                     उततर प्रदे ि।
                       ्
                                                                                   लणनऊ, िदनांव 20 िनवरी, 1992
बवषय:-                                          े                                                   े
                     1 अप्रैल, 1992 से प्रदे ि व व षागारों में वतथमान में प्रचाधलत दे यव प्रपत्रों व स्र्ान पर नव
                     धनिाथररत दे यव प्रपत्रों वी लागू िवया िाना।
मह दय,
                         थ                                                                े
                     उपयुव्त बवषय पर मुझे यह वहने वा धनदे ि हुड है िव वतथमान में प्रदे ि व व षागारों में
दे यव डहरण हे तु बवत्तीय धनयम संग्रह ण्                                  े                  े             े
                                                               5, भाग-1 व बवधभटन प्रस्तरों व प्राबविानों व अटतगथत
धनिाथररत दे यव प्रपत्रों वा प्रय ग िवया िा रहा है , जिनवा बववरण संलग्न पररधिषट-1 में िदया हुड है । ्न
                              े                                      े
प्रपत्रों वी संणया में वमी वरव नये सरल प्रारूप िनाने तर्ा प्रपत्रों व नये प्रारूप एवं उनव भरे िाने वी
                ्
सुगम बवधि प्रस्ताबवत वरने डिद हे तु िासन द्वारा एव सधमधत वा गठन िवया गया र्ा जिसने प्रापत्रों वा
सूक्ष्यता से अध्ययन वर डव्यवतानुसार उनवी संख्या व वम से वम वरने वा धनणथय धलया तर्ा ्स पर
          े
भी ध्यान वजटरत रणा िव व षागारों में वम््यूटर वा प्रय ग िवये िाने वी जस्र्धत में यह नये दे यव प्रपत्र ही
                      ें
्नपुट वा भी वायथ वर सव और                   े टा ्टरी वरने हे तु पृर्व से व ई    े टा ्टरी िीट लगाने वी डव्यवता
                                                          े           े
न रहे । सधमधत द्वारा वतथमान प्रचाधलत सभी दे यव प्रपत्रों व स्र्ान पर ववल धनम्नांिवत 6 दे यव प्रपत्रों वा
प्रय ग िवये िाने वी संस्तुधत वी गयी:-

 (1)        वेतन दे यव प्रपत्र ररवा थ व       संख्या                                      101
 (2)        यात्रा भत्ता दे यव प्रपत्र                                                    102
 (3)        डवजस्मव दे यव प्रपत्र                                                         103
 (4)        धनक्षेप, धनक्षेप वापसी, प्रधतपूधतथ दे यव प्रपत्र                              104
 (5)        सामानय दे यव प्रपत्र
                 ्                                                                        105
 (6)                ृ
            सेवा नैवबत्तव लाभ दे यव प्रपत्र                                               106
2-                                                                                  े
            सधमधत द्वारा प्रस्ताबवत उक्त 6 नये दे यव प्रपत्रों में अपेजक्षत संि िन व प्चात ् उक्त प्रपत्रों वी
िासन द्वारा अंजटतम रूप िदया गया तर्ा उन पर महालेणावार उत्तर प्रदे ि वा अपेजक्षत/परामिथ/सहवधतपत्र
संख्या, टी0 एम0-1/97, िदनांव 21 धसतम्िर, 1990 में प्रा्त ह चुवने पर िासन द्वारा सम्यव् बवचार पराटत
यह धनणथय धलया गया है िव ्न नव धनिाथररत 6 दे यव प्रपत्रों व िदनांव 1 अप्रैल, 1992 से लागू िवया
                   े              े        े                                    े
िाय। ्न प्रपत्रों व प्रारूप भी डपव तर्ा डपव अिीनस्र् डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों व सूचनार्थ एवं
                                                140
                                 े
डव्यव वायथवाही हे तु ्स पररपत्र व सार् संलग्न िवये िा रहे है । ्न प्रपत्रों व वतथमान में प्रचधलत जिन
           े
प्रपत्रों व स्र्ान पर धनिाथररत िवया गया है उनवा बववरण भी सलग्न पररधिषट-। में ही सुबविा एवं िानवारी
हे तु िदया गया है ।
3-      ्न नव धनिाथररत दे यव प्रपत्रों व समय से लागू वरना सुधनजित वरने हे तु धनदे िव व षागार, उत्तर
प्रदे ि ्न प्रपत्रों व रािवीय मुरणालय से मुिरत वरावर सभी व षागारों व उक्त धतधर् से पूवथ उपलब्ि वरा
दें गे। सभी डहरण एवं बवतरण अधिवारी ्न नये दे यव प्रपत्रों व डव्यवतानुसार प्रारम्भ में अपने िनपद
 े
व सम्िजटित व षागार से प्रा्त वर प्रय ग वर लेंगे तर्ा िाद में रािवीय मुरणालय द्वारा ्न प्रपत्रों वी
                                                              े
डपूधतथ मांग पत्र पर वी िायेगी। ्न नये दे यव प्रपत्रों व भरने व सम्िटि में बिटदवार िदिा धनदे ि संलग्न
                                                                              ु
                                                           े
पररधिषट-2 में िदये हुए है । ्न नये दे यव प्रपत्रों व भरने व सम्िटि में डव्यवतानुसार प्रधिक्षण एवं
मागथदिथन सभी व षाधिवाररयों व धनदे िव व षागार, उत्तर प्रदे ि द्वारा एवं डहरण एवं बवतरण अधिवाररयों
व सम्िजटित व षाधिवारी द्वारा िदया िायेगा। ्स सम्िटि में यिद व ई विठनाई डती है त उसवा
                                                                                      े
धनरावरण धनदे िव, व षागार, उत्तर प्रदे ि, लणनऊ से िवया िा सवता है । वृ पया ्न डदे िों व सम्िटि में
डव्यव वायथवाही हे तु अपने अिीनस्र् सभी सम्िजटित अधिवाररयों/वमथचाररयों व तत्वाल अवगत वराने
वा वषट वरे ।
4-                              े           े
        ्न नये दे यव प्रपत्रों व लागू ह ने व फलस्वरूप बवत्तीय धनयमों में अपेजक्षत संि िन यर्ा-समय
िवया िायेगा।
संलगनव: यर् परर।
    ्
                                                                            भवदीय,
                                                                       भ ला नार् धतवारी,
                                                                      प्रमुण सधचव, बवतत।
                                                                                      ्
3-      धनदे िव, व षागार उत्तर प्रदे ि, 1001-िवाहर भवन, लणनऊ व             े      ं
                                                                        उनव पत्राव 1(10)42-5- ी0
                                          े                       े
        टी0/2081, िदनांव 28 धसतम्िर 1991 व संदभर ् में ्स अनुर ि व सार् प्रेबषत िव वं ्न नयं बिल
        प्रपत्र व रािवीय मुरणालय से मुिरत वरावर सभी व षागार व धनिाथररत धतधर् िदनांव 1 अप्रैल,
        1992 से पूवथ उपलब्ि वराना सुधनजित वरें तर्ा समस्त व षाधिवारी उत्तर प्रदे ि व डव्यव
        प्रधिक्षण एवं मागथदिथन वी व्यवस्र्ा वरने वा वषट वरें । ्न नये दे यव प्रपत्रों व लागू वरने वे
        फस्वरूप बवत्तीय धनयमों में संि िन वरना ह गा। अत: वृ पया बवत्तीय धनयमों में अपेजक्षत संि िन
                                               े
        हे तु बवस्तुत सुस्पषट प्रस्ताव एव माह व अटदर िासन वा उपलब्ि वराने वा भी वषट वरें ।
4-      धनदे िव, बवत्तीय सांख्यवीय, धनदे िालय िवाहर भवन, लणनऊ।
5-      समस्त व षाधिवारी उत्तर प्रदे ि।
6-               े                             े                 े
        सधचवालय व समस्त प्रमुण सधचव/सधचव व (उनव अधिवषठान अनुभाग व प्रय गार्थ)
7-      समस्त जिलाधिवारी उत्तर प्रदे ि।
8-      बविान सभा/पररषद् सधचवालय (लेणा अनुभाग)।
9-      राज्यपाल सधचवालय उत्तर प्रदे ि।
                                                                                  डज्ञा से,
                                                                               नारायण धतवारी
                                                                                  ु
                                                                               संयव्त धनदे िव
                                                            141




                                               पररधिषट-1
                                                     ्

                                       े
       वतथमान प्रचधलत दे यव प्रपत्रों व स्र्ान पर धनिाथररत नये दे यव प्रपत्रों वा बववरण

क्र0                वतथमान प्रचधलत प्रपत्र संख्या एवं प्रस्तर                  धनिाथररत गये प्रपत्र
सं0                                                                            संणया
                                                                                  ्           ररवा थ व
 1                                     2                                          3              4
 1       प्रंपत्र संख्या-5 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा        प्रपत्र संख्या-11     101
         अध्याय 6, प्रस्तर-108                                            (संि धित)
 2       प्रंपत्र संख्या-11 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
         अध्याय 7, प्रस्तर-131
 3       प्रंपत्र संख्या-6 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -6, भाग-1 वा
         अध्याय 6, प्रस्तर -118
 4       प्रंपत्र संख्या-12 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा       प्रपत्र संख्या-12     102
         अध्याय 7, प्रस्तर 145                                            (संि धित)
 5       प्रंपत्र संख्या-12-ए (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1
         वा अध्याय 7, प्रस्तर -145-ए
 6       प्रंपत्र संख्या-12-िी (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -6, भाग-1
         वा अध्याय 7, प्रस्तर -146-ए
 7       प्रंपत्र संख्या-12-सी (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1
         वा अध्याय 7, प्रस्तर -146-ए
 8       प्रंपत्र संख्या-14 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा       प्रपत्र संख्या-14     103
         अध्याय 8, प्रस्तर -178                                           (संि धित)
 9       प्रंपत्र संख्या-15 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
         अध्याय 8, प्रस्तर -180
10       प्रंपत्र संख्या-16 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
         अध्याय 8, प्रस्तर -182
11       प्रंपत्र संख्या-17 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
         अध्याय 8, प्रस्तर -187
12       प्रंपत्र संख्या-18 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
         अध्याय 8, प्रस्तर -187
13       प्रंपत्र संख्या-19 (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा       प्रपत्र संख्या-19     104
         अध्याय 9, प्रस्तर -194                                           (संि धित)
                                                              142
14     प्रंपत्र संख्या-6-ए (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा        प्रपत्र संख्या-6ए       105
       अध्याय 11, प्रस्तर -251                                            (संि धित)
15     प्रंपत्र संख्या-6िी (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
       अध्याय 11, प्रस्तर -251
16     प्रंपत्र संख्या-6सी (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
       अध्याय 11, प्रस्तर -251
17     प्रंपत्र संख्या-6 ी (बवत्तीय हस्तर पुजस्तवा ण् -5, भाग-1 वा
       अध्याय 11, प्रस्तर -251
18     प्रंप